सरकारी बैंक

Nagaon: A farmer ploughs his field using bullocks at Bamuni village, in Nagaon, Tuesday, July 02, 2019. (PTI Photo) (PTI7_2_2019_000076B)

देश में पिछले 10 साल में माफ़ हुआ 4.7 लाख करोड़ रुपये का कृषि क़र्ज़

हालांकि किसानों की ये क़र्ज़ माफ़ी वास्तविकता के बजाय काग़ज़ों पर ही अधिक हुई हैं. इनमें से 60 प्रतिशत से अधिक क़र्ज़ माफ़ नहीं किए जा सके हैं. सबसे ख़राब प्रदर्शन मध्य प्रदेश का रहा है. मध्य प्रदेश में महज़ 10 प्रतिशत क़र्ज़ माफ़ किए गए हैं.

The Reserve Bank of India (RBI) seal is pictured on a gate outside the RBI headquarters in Mumbai July 30, 2013. India's central bank left interest rates unchanged on Tuesday as it supports a battered rupee but said it will roll back recent liquidity tightening measures when stability returns to the currency market, enabling it to resume supporting growth.  REUTERS/Vivek Prakash (INDIA - Tags: BUSINESS LOGO) - RTX124GY

सरकारी बैंक अधिकारियों ने चंदा कोचर मामले में रिज़र्व बैंक की नीयत पर सवाल उठाया

सार्वजनिक बैंकों के अधिकारियों के एक धड़े का कहना है कि रिज़र्व बैंक निजी बैंकों पर अधिक नियंत्रण का दावा करता है लेकिन आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन ऋण मामले में बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई करने में असफल रहा.

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किसान क़र्ज़ माफ़ी के ख़िलाफ़ शोर कॉर्पोरेट जगत के इशारे पर हो रहा है: कृषि विशेषज्ञ

कृषि मामलों के विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि किसान क़र्ज़ माफ़ी के हकदार हैं. इससे निश्चित तौर पर किसानों को राहत मिली है लेकिन यह थोड़ी ही है, किसानों के लिए देश में बहुत कुछ और करने की आवश्यकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई)

किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख करोड़ देने पर चुप्पी

सरकार सरकारी बैंकों में एक लाख करोड़ रुपये क्यों डाल रही है? किसान का लोन माफ़ करने पर कहा जाता है कि फिर कोई लोन नहीं चुकाएगा. यही बात उद्योगपतियों के लिए क्यों नहीं कही जाती?

Mumbai: Union Finance Minister, Piyush Goyal addresses a press conference organised by State Bank of India, in Mumbai on Friday, June 08, 2018. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad)(PTI6_8_2018_000154B)

नए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ‘बैड बैंक’ की स्थापना क्यों चाह रहे हैं?

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा फरवरी 2018 में जारी एक सर्कुलर उसके और नरेंद्र मोदी सरकार के बीच तकरार की वजह बन गया है. जिसमें कहा गया है कि सभी बड़े कॉरपोरेट समूह, जो बैंकों से लिए गए ऋण की पुनअर्दायगी करने में नाकाम रहते हैं, उन्हें 1 अक्टूबर, 2018 से दिवालिया घोषित किए जाने की प्रक्रिया में शामिल होना पड़ेगा.

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (फोटो: पीटीआई)

सरकारी बैंकों को हुए घाटे से 13 अरब डॉलर की पूंजी डूबी

वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान 21 में से 19 सार्वजनिक बैंकों को घाटा हुआ. बैंकों का औसत एनपीए 14.5 प्रतिशत तक बढ़ा है. आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक का एनपीए 25 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया.

(फोटो: रॉयटर्स)

‘मुनाफ़े के लिए नहीं बल्कि ग़रीबों के लिए चलाएं सरकारी बैंक’

मज़दूर दिवस के मौके पर झारखंड के मनरेगा मज़दूर और पेंशनधारियों ने बैंक भुगतान में आ रही समस्याओं के बारे में रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल को अपनी मांगें लिखकर भेजी हैं.

केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल. (फोटो: पीटीआई)

रेल मंत्री पीयूष गोयल जिस कंपनी के निदेशक थे, उसने सरकारी बैंकों को 650 करोड़ रुपये का चूना लगाया

2010 तक पीयूष गोयल एक डिफॉल्टर कंपनी शिरडी इंडस्ट्रीज़ के निदेशक थे, जिसने सरकारी बैंकों से लिया क़र्ज़ चुकाया नहीं, उल्टे एक अन्य कंपनी के ज़रिये गोयल की पत्नी की फर्म को 1.59 करोड़ रुपये का अनसिक्योर्ड लोन दिया.

एसबीआई (फोटो: रायटर्स)

स्टेट बैंक ने 20 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का क़र्ज़ बट्टे खाते में डाला

वित्त वर्ष 2016-17 में हज़ार करोड़ से ऊपर की राशि बट्टे खाते में डालने वाले स्टेट बैंक ने अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच न्यूनतम बैलेंस न रखने पर आम ग्राहकों से 1,771 करोड़ का जुर्माना वसूला था.