सर्बानंद सोनोवाल

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड संकट के बीच अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का केंद्र बनकर उभरा असम, क़रीब तीन हज़ार सुअरों की मौत

मूल रूप में सुअरों से होने वाले अफ्रीकी स्वाइन फ्लू से राज्य में फरवरी से अब तक 2,800 सुअरों की मौत हो चुकी है. देश में यह इस संक्रमण के फैलने का पहला मामला है. असम सरकार का दावा है कि चीन से निकला यह संक्रमण अरुणाचल प्रदेश के रास्ते राज्य में पहुंचा है.

मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में लॉकडाउन के दौरान सामान लेने के लिए दूरी बनाकर खड़े लोग. (फोटो साभार: एएनआई)

मेघालय में स्वास्थ्य आधार पर शराब की होम डिलीवरी को मंज़ूरी

असम सरकार ने ऐलान किया है कि 58 लाख परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एक अप्रैल से निशुल्क चावल उपलब्ध कराए जाएंगे.

Dibrugarh: Assam Chief Minister Sarbananda Sonowal addresses his party workers during a meeting, at Chowkidinghee field in Dibrugarh, Thursday, Feb. 21, 2019. (PTI Photo)(PTI2_21_2019_000147B)

अगर असम को एनआरसी अपडेट की पूरी ज़िम्मेदारी दी गई होती तो कोई गड़बड़ी नहीं होती: मुख्यमंत्री

दिसंबर 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद असम में एनआरसी अपडेट करने की तैयारी शुरू की गई थी. एनआरसी का अंतिम प्रकाशन अगस्त 2019 में किया गया था, जिससे असम में रह रहे 19 लाख से ज़्यादा लोग बाहर हो गए थे. पिछले साल असम सरकार में मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने बताया था कि राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से एनआरसी के मौजूदा स्वरूप को ख़ारिज करने का अनुरोध किया है.

गायक ज़ुबीन गर्ग. (फोटो साभार: फेसबुक)

नागरिकता क़ानून पर बोले गायक ज़ुबीन, असम में कश्मीर जैसी स्थिति पैदा करना चाहती है सरकार

गायक और सामाजिक कार्यकर्ता ज़ुबिन गर्ग ने कहा कि असम का यह सामाजिक-सांस्कृतिक सौहार्द कुछ ऐसा है, जिसे भाजपा पसंद नहीं करती, इसलिए नागरिकता संशोधन क़ानून के ज़रिये वे राज्य को हिंदू-मुस्लिम और असमिया-बंगाली के बीच बांटना चाहते हैं.

Jorhat: People take part in a protest rally protest against Citizenship Amendment Bill, 2019, in Jorhat, Assam, Friday, Dec. 13, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_13_2019_000225B)

असम में सीएबी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन राज्य सरकार के ख़िलाफ़ राजनीतिक साज़िश: सर्बानंद सोनोवाल

नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर असम में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट पर पाबंदी 16 दिसंबर तक बढ़ा दी गई है. वहीं मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल का कहना है कि हिंसा के पीछे कांग्रेस और कुछ सांप्रदायिक ताकतें हैं.

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में गुवाहाटी में प्रदर्शन (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता संशोधन विधेयक: असम में कर्फ्यू के बावजूद लोग सड़क पर उतरे, पुलिस ने चलाईं गोलियां

नागरिकता संशोधन विधेयक पारित किए जाने के विरोध में असम में जारी हिंसात्मक प्रदर्शन की वजह से राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान बंद. असम से आने-जाने वाली ट्रेनें और उड़ानें रद्द. कई अधिकारियों का तबादला. असम के 10 ज़िलों में इंटरनेट पर 48 घंटे की पाबंदी. त्रिपुरा में भी स्कूल-कॉलेज और विभिन्न कार्यालय रहे बंद.

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन. (फोटो: पीटीआई)

पूर्वोत्तर में प्रदर्शन के बीच सरकार ने ‘राष्ट्रविरोधी’ सामग्री को लेकर चैनलों को आगाह किया

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देश में कहा गया है कि सभी टीवी चैनलों को सलाह दी जाती है कि वे ऐसी सामग्री के प्रति खासतौर पर सावधानी बरतें, जिनसे हिंसा को प्रोत्साहन मिलता हो या उससे हिंसा भड़कती हो या कानून-व्यवस्था बनाए रखने में समस्या पैदा होने की आशंका हो या फिर ऐसी घटनाएं, जो राष्ट्रविरोधी व्यवहार को बढ़ावा दे रही हों.

असम के तिनसुकिया में नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करते प्रदर्शनकारी. (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता संशोधन विधेयक: असम के भाजपा सांसदों ने माना- हालात तनावपूर्ण, लोग चिंतित

प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास करने के बारे में गुवाहाटी की भाजपा सांसद क्वीन उजा ने कहा कि अभी मामला बहुत गर्म है. जब केतली बहुत गर्म है तो उसे छूने पर हाथ जल जाएंगे. हम इंतजार करेंगे. हम धीरे-धीरे कोशिश करेंगे.

Tens of thousands of protesters against the CAB descended on the streets of Assam, clashing with police and plunging the state into chaos of a magnitude unseen since the violent six-year movement by students that ended with the signing of the Assam accord. (Photo: PTI)

नागरिकता संशोधन विधेयक: हिंसा के बाद असम में कर्फ्यू, त्रिपुरा में सेना तैनात

केंद्र ने असम सहित पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में अर्द्धसैनिक बल के 5,000 जवानों को विमान से भेजा. नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में हुई हिंसा को देखते हुए असम के 10 जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर 24 घंटे के लिए प्रतिबंध लगाया गया.

Guwahati: Demonstrators burn tyres during a strike called by All Assam Students’ Union (AASU) and the North East Students’ Organisation (NESO) in protest against the Citizenship Amendment Bill, in Guwahati, Tuesday, Dec. 10, 2019. (PTI Photo)(PTI12_10_2019_000105B)

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में पूर्वोत्तर बंद, असम में लोगों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स यूनियन ने बंद का आह्वान किया है. गुवाहाटी विश्वविद्यालय और डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय ने बुधवार को होने वाली सभी परीक्षाएं रद्द. बंद से असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड में जनजीवन प्रभावित. त्रिपुरा में 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद. राजधानी नई दिल्ली में भी कई संगठनों ने किया प्रदर्शन.

Guwahati: Activists from the Veer Lachit Sena, Assam   shout slogans as they protest against   Citizenship Amendment Bill, in Guwahati, Saturday, Dec. 7, 2019. (PTI Photo) (PTI12_7_2019_000081B)

नागरिकता विधेयक वापस लेने की मांग को लेकर वैज्ञानिकों और विद्वानों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता जानू बरुआ ने असम राज्य फिल्म महोत्सव से अपनी फिल्म वापस ली. विधेयक से सिक्किम को बाहर न रखने पर भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने कहा कि इससे उनके राज्य को मिलने वाले विशेष प्रावधान कमज़ोर पड़ सकते हैं.

Guwahati: People holding torches march during a protest over the Citizenship Amendment Bill, 2019 (CAB) in Guwahati, Saturday, Dec. 7, 2019. (PTI Photo)(PTI12_7_2019_000181B)

नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में दिल्ली और देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन

विभिन्न संगठनों की ओर से बुलाए गए बंद के बाद असम के गुवाहाटी में ज्यादातर दुकानें बंद रहीं. असम के सभी बड़े शहरों में प्रदर्शन हो रहा है. इस विधेयक के खिलाफ अगरतला और पश्चिम बंगाल में भी प्रदर्शन हुआ.

New Delhi: Union Home Minister Amit Shah speaks during the flag-off ceremony of the Delhi-Katra Vande Bharat Express from the New Delhi Railway Station, in New Delhi, Thursday, Oct. 3, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist)    (PTI10_3_2019_000102B)

धर्म के आधार पर देश विभाजन के कारण नागरिकता क़ानून में संशोधन की ज़रूरत पड़ी: अमित शाह

लोकसभा में नागरिकता विधेयक पेश करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का विभाजन किया. अगर धर्म के आधार पर देश का विभाजन नहीं किया जाता तब इस विधेयक की ज़रूरत नहीं पड़ती.

Shirdi: Shiv Sena President Uddhav Thackeray speaks at a rally, in Shirdi, Sunday, Oct 21, 2018. (PTI Photo) (PTI10_21_2018_000214B)

शिवसेना ने केंद्र पर हिंदुओं-मुसलमानों का ‘अदृश्य विभाजन’ करने का आरोप लगाया

शिवसेना ने कहा कि भारत में अभी दिक्कतों की कमी नहीं है लेकिन फिर भी हम कैब जैसी नई परेशानियों को बुलावा दे रहे हैं. अगर कोई नागरिकता संशोधन विधेयक की आड़ में वोट बैंक की राजनीति करने की कोशिश करता है तो यह देश के हित में नहीं है.