सांप्रदायिक हिंसा

ताहिर हुसैन. (फोटो: द वायर/वीडियोग्रैब)

दिल्ली पुलिस के पास ताहिर हुसैन को दंगों से जोड़ने का कोई सबूत नहीं: वकील

बीते दिनों दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में शामिल होने की बात स्वीकार ली है. हुसैन के वकील जावेद अली का कहना है कि उनके मुवक्किल ने कभी इस तरह का कोई बयान नहीं दिया. पुलिस के पास अपने दावों की पुष्टि के लिए कोई साक्ष्य नहीं हैं.

आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन. (बीच में) (फाइल फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: ताहिर हुसैन की ‘साज़िशें’ और अंकित शर्मा की हत्या की पहेली

दिल्ली पुलिस द्वारा आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दिल्ली दंगों के मुख्य साज़िशकर्ता के रूप में पेश किया गया है. हालांकि इस पूरे मामले में हुसैन की भूमिका से जुड़े तथ्य किसी और तरफ ही इशारा करते हैं.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: ‘गिरफ़्तारियों से हिंदुओं में आक्रोश’ वाले पत्र पर कोर्ट ने अधिकारी से जवाब मांगा

दिल्ली दंगा मामलों में की जा रही जांच और गिरफ़्तारियों के बीच विशेष पुलिस आयुक्त ने एक आदेश में कहा था कि दंगा प्रभावित क्षेत्रों में कुछ हिंदू युवकों की हिरासत में लिए जाने से समुदाय में आक्रोश है. हाईकोर्ट ने उनके स्पष्टीकरण देने पर उनसे ऐसे पांच और आदेश पेश करने को कहा है, जहां पहले ऐसे निर्देश दिए गए हों.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे: जब राजधानी हिंसा की आग में जल रही थी, तब गृह मंत्री और मंत्रालय क्या कर रहे थे? 

फरवरी के आख़िरी हफ्ते में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में जो कुछ भी हुआ, उसकी प्रमुख वजहों में से एक केंद्रीय बलों को तैनात करने में हुई देरी है. साथ ही गृह मंत्री का यह दावा कि हिंसा 25 फरवरी को रात 11 बजे तक ख़त्म हो गई थी, तथ्यों पर खरा नहीं उतरता.

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योगी आदित्यनाथ के भड़काऊ भाषण मामले में याचिकाकर्ता को उम्रकैद की सज़ा

गोरखपुर की ज़िला अदालत ने एक गैंगरेप मामले में योगी आदित्यनाथ के भड़काऊ भाषण पर याचिका डालने वाले कार्यकर्ता परवेज परवाज़ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. उनके साथियों का कहना है कि भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ याचिका डालने के चलते उन्हें फ़र्ज़ी मामले में फंसाया जा रहा है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगा: एक ही मामले में दो याचिकाएं दायर करने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को फटकारा

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक ही मामले में अलग-अलग याचिकाएं दायर करने के लिए दिल्ली पुलिस पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि वे न्यायिक प्रणाली का दुरुपयोग और सिस्टम के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगाः अदालत ने कहा- आरोपियों ने व्यक्तिगत पहचान भूलकर केवल भीड़ की तरह काम किया

दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने फरवरी में हुए दंगों में मारे गए दो भाइयों की हत्या के मामले में 11 आरोपियों के ख़िलाफ़ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की. हिंसा के दौरान आमिर और उसके भाई हाशिम की हत्या कर दी गई थी.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगा: दो तथाकथित फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट की समीक्षा जवाबों की बजाय सवालों को गहराती है

उत्तर पूर्वी दिल्ली में बीते फरवरी में हुई सांप्रदायिक हिंसा को ‘लेफ्ट-जिहादी-नेटवर्क’ द्वारा करवाया ‘हिंदू-विरोधी’ दंगा बताकर पेश करने की कोशिशें की गई हैं. लेकिन सच्चाई क्या है?

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगों में नेताओं की भूमिका का कोई सबूत नहीं: दिल्ली पुलिस

दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष दिल्ली पुलिस ने ऐसा उन जनहित याचिकाओं के जवाब में कहा है, जिनमें कपिल मिश्रा सहित भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं पर नफ़रत भरे भाषण देने के आरोप लगाते हुए इनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है.

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगाः पुलिस ने कहा, हिंदुओं की गिरफ़्तारी पर आक्रोश, एहतियात बरतने की ज़रूरत

दिल्ली दंगा मामलों में दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही जांच और गिरफ़्तारियों के बीच विशेष पुलिस आयुक्त प्रवीर रंजन ने एक आदेश में ख़ुफ़िया इनपुट का हवाला देते हुए कहा है कि उत्तर पूर्वी दिल्ली के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में कुछ हिंदू युवकों की हिरासत में लिए जाने से समुदाय के लोगों में आक्रोश है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे में मारे गए नौ लोगों को ‘जय श्री राम’ कहने को मजबूर किया गया था: पुलिस

दिल्ली पुलिस ने अदालत में दाख़िल आरोप-पत्र में कहा गया है कि सभी आरोपी मुस्लिमों से ‘बदला’ लेने के लिए 25 फरवरी को बनाए गए एक वॉट्सऐप ग्रुप ‘कट्टर हिंदुत्व एकता’ से जुड़े थे. आरोपियों ने इसका इस्तेमाल आपस में संपर्क में रहने और एक दूसरे को लोग, हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराने के लिए किया था.

New Delhi: Security personnel patrol streets following clashes over the new citizenship law, near Maujpur metro station in northeast Delhi, Wednesday, Feb. 26, 2020. Communal violence over the amended citizenship law in northeast Delhi had claimed at least 20 lives till today. (PTI Photo)(PTI2_26_2020_000062B)

दिल्ली: पुलिस ने चार्जशीट में ताहिर हुसैन को ‘दंगों का मास्टरमाइंड’ कहा, वकील बोले- फंसाया गया है

फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने स्थानीय अदालत में हज़ार पन्नों से अधिक की चार्जशीट दायर की है. आप से निष्काषित हुए स्थानीय पार्षद ताहिर हुसैन के वकील का कहना है कि पुलिस उनके मुवक्किल के ख़िलाफ़ एक भी सबूत नहीं पेश कर पाई है और उन्हें साज़िशन फंसाया जा रहा है. हुसैन आरोपी नहीं पीड़ित हैं.

New Delhi: Tight police security at the Jawaharlal Nehru University (JNU), in New Delhi, Monday, Jan. 6, 2020. A group of masked men and women armed with sticks, rods and acid allegedly unleashed violence on the campus  of the University, Sunday evening. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI1_6_2020_000044B)

दिल्ली हिंसा की पटकथा लिखने के बाद पुलिस कोर्ट और जनता को इस पर यक़ीन कराने का प्रयास कर रही है

दिल्ली पुलिस इस बात पर यक़ीन करने को कह रही है कि फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा के पीछे एक षड्यंत्र है और इसमें वे ही लोग शामिल हैं जिन्होंने किसी न किसी रूप में नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में हुए प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था. पुलिस को यह पटकथा उसके राजनीतिक आकाओं ने दी और जांच एजेंसियों ने इसे कहानी के रूप में विकसित किया है.

मुस्तफाबाद में दंगा पीड़ितों के लिए बना राहत शिविर. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगों के बाद क्या थी दिल्ली सरकार की ज़िम्मेदारी और उसने क्या किया?

दंगा प्रभावित लोगों के लिए आम जनता की तरफ से किए जा रहे सभी प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है. दंगे में अपना सब कुछ खो चुके निर्दोष लोगों को सरकार की तरफ से सम्मानजनक मदद मिलनी चाहिए थी न कि उन्हें समाज के दान पर निर्भर रहना पड़े.

People supporting the new citizenship law beat a Muslim man during a clash with those opposing the law in New Delhi, February 24, 2020. REUTERS/Danish Siddiqui

दिल्ली दंगा, मुस्लिम और संघ की राजनीति

समाज में मुस्लिम विरोधी पूर्वाग्रह तो पहले से ही मौजूद था, संघ की छत्रछाया में उनके ख़िलाफ़ सतत तरीके से चलाए गए अभियान को अब लहलहाने के लिए उपजाऊ ज़मीन मिल गई है.