सामूहिक बलात्कार

(फोटो सभार: इंडियन रेलवे वेबसाइट)

मध्य प्रदेश: नाबालिग को अगवा कर नौ लोगों ने बलात्कार किया, सात आरोपी गिरफ़्तार

मामला उमरिया ज़िले का है. आरोप है कि 13 वर्षीय लड़की का एक जान-पहचान के व्यक्ति द्वारा दो बार अपहरण किया गया, जिसके बाद नौ लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया. घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य सरकार महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध को लेकर जन-जागरूकता अभियान चला रही है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar speaks to the media during Lok Samvad programme, in Patna, Monday, Jan. 7, 2019. (PTI Photo) (PTI1_7_2019_000059B)

बिहार: कानून-व्यवस्था के सवाल पर पत्रकारों से बोले नीतीश कुमार- पुलिस को हतोत्साहित न करें

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे जब उनसे बीते दिनों पटना में निजी विमान सेवा इंडिगो के स्टेशन मैनेजर की हत्या और राज्य में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल पूछे गए, जिस पर मुख्यमंत्री ने तल्ख़ होते हुए कहा कि ऐसी बातों से पुलिस हतोत्साहित होगी.

Madhubani Bihar map

बिहारः मूक बधिर नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसकी आंख फोड़ दी

बिहार के मधुबनी ज़िले के हरलाखी थाना क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को हुई घटना. मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहचान उजागर होने के डर से किसी नुकीली चीज़ से लड़की की दोनों आंखें क्षतिग्रस्त कर दीं.

(फोटो साभार: IndiaRail Info)

उन्नाव बलात्कार पीड़िता के भतीजे का अपहरण के चार महीने बाद भी पता नहीं चला, चार्जशीट दाख़िल

उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले की 23 वर्षीय युवती से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था. दिसंबर 2019 को जब वह मामले की सुनवाई के लिए अदालत जा रही थीं, तब ज़मानत पर छूटे बलात्कार के दो आरोपियों ने उन्हें जला दिया था. दिल्ली के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई थी. अक्टूबर 2020 में युवती के भतीजे का अपहरण किया गया था.

(प्रतीकात्मक फोटोः रॉयटर्स)

मध्य प्रदेश: महिला से सामूहिक बलात्कार के बाद प्राइवेट पार्ट में सरिया डाला

घटना मध्य प्रदेश के सीधी ज़िले के अमिलिया थाना क्षेत्र में बीते नौ जनवरी को हुई. पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है. महिला को गंभीर हालत में रीवा शहर के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.

Badaun

बदायूं गैंगरेप: मामला दर्ज करने में लापरवाही बरतने पर दो पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

बदायूं ज़िले में तीन जनवरी की शाम मंदिर में पूजा करने गईं पचास साल की महिला के कथित सामूहिक बलात्कार और मौत के मामले में इससे पहले कर्तव्यों का निर्वहन न करने के लिए संबंधित पुलिस स्टेशन के एसएचओ और पोस्ट प्रभारी को निलंबित किया गया था.

राष्ट्रीय महिला आयोग सदस्य चंद्रमुखी देवी (फोटो: एनसीडब्ल्यू वेबसाइट)

बदायूं गैंगरेप: महिला आयोग सदस्य ने कहा- शाम को ​महिला अकेले नहीं गई होती तो शायद घटना नहीं होती

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी देवी ने बयान पर विवाद होने के बाद माफी मांग ली है. उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में बीते तीन जनवरी की शाम मंदिर गईं एक 50 व​र्षीय महिला के साथ सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया था. अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

उत्तर प्रदेशः बदायूं सामूहिक बलात्कार मामले का मुख्य आरोपी महंत गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में तीन जनवरी की शाम को मंदिर में पूजा करने गईं पचास साल की महिला के साथ मंदिर के महंत सहित तीन लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया और घायल अवस्था में महिला को उसके घर के सामने फेंककर फ़रार हो गए थे. इलाज के दौरान अस्पताल में महिला की मौत हो गई थी.

Hathras: Police personnel stand guard as CBI officials (unseen) investigate the case of a 19-year-old Dalit woman who died after being allegedly gang-raped, in Hathras, Tuesday, Oct. 13, 2020. (PTI Photo)(PTI13-10-2020 000190B)

उत्तर प्रदेश: बदायूं में महिला की सामूहिक बलात्कार के बाद मौत, लापरवाही पर थानाध्यक्ष निलंबित

उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले की घटना. आरोप है कि तीन जनवरी की शाम महिला मंदिर में पूजा करने गई थी, जहां उसका सामूहिक बलात्कार किया गया. कांग्रेस ने इस घटना की तुलना निर्भया मामले से करते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की निंदा की है.

हाथरस गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार करते पुलिसकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

हाथरस के डीएम का तबादला, पीड़ित परिवार ने कहा- उन्हें बर्ख़ास्त करने की मांग करते रहेंगे

हाथरस के ज़िलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार पिछले साल सितंबर महीने में एक दलित लड़की से कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी मौत के मामले में अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में आए थे. आरोप है कि लड़की की मौत के बाद प्रशासन ने परिवार की सहमति के बिना आधी रात में उसका अंतिम संस्कार कर दिया था.

माकपा नेता सीताराम येचुरी के साथ केरल वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के सदस्य. (फोटो: पीटीआई)

केरल के पत्रकार की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ पत्रकार संगठन की याचिका पर जनवरी में होगी सुनवाई

यूपी पुलिस ने बीते अक्टूबर में हाथरस जा रहे केरल के एक पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन समेत चार युवकों को गिरफ़्तार किया था. राज्य सरकार ने कोर्ट में दावा किया है कि कप्पन पत्रकार नहीं, बल्कि अतिवादी संगठन पीएफआई के सदस्य हैं. केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

Dumka Jharkhand

झारखंड: महिला ने 17 लोगों पर लगाया बलात्कार का आरोप, एक गिरफ़्तार

मामला दुमका ज़िले का है, जहां शुक्रवार को पुलिस ने 16-17 लोगों द्वारा एक विवाहिता से बलात्कार की पुष्टि करते हुए बताया कि एक आरोपी पकड़ा गया है. राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए डीजीपी को समयबद्ध ढंग से जांच कर आयोग को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

सिद्दीक़ कप्पन जातीय तनाव पैदा करने और क़ानून व्यवस्था बिगाड़ने हाथरस जा रहे थेः यूपी सरकार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते पांच अक्टूबर को हाथरस जाने के रास्ते में केरल के एक पत्रकार सिद्दीक़ कप्पन समेत चार युवकों को गिरफ़्तार किया था. यूपी सरकार ने कोर्ट में दाख़िल हलफ़नामे में दावा किया है कि सिद्दीक़ कप्पन पत्रकार नहीं, बल्कि अतिवादी संगठन पीएफआई के सदस्य हैं.

(फोटो: गूगल मैप)

यूपीः कानपुर में बच्ची की यौन उत्पीड़न के बाद हत्या, बच्ची का लिवर निकाला, चार गिरफ़्तार

यह घटना कानपुर ग्रामीण के घाटमपुर गांव की है. दिवाली की रात सात साल की बच्ची का अपहरण कर लिया गया था. आरोप है कि एक निसंतान दंपति के कहने पर आरोपियों ने 1,500 रुपये लेकर बच्ची का लिवर निकालकर उन्हें दे दिया था. आरोपी दंपति को लगता था कि बच्ची का लिवर खाने से उन्हें संतान की प्राप्ति होगी.

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन. (फोटो साभार: ट्विटर/@vssanakan)

केरल के पत्रकार की हिरासत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस भेजा

पत्रकार सिद्दीक कप्पन की गिरफ़्तारी पर केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्टस ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है. सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि अदालत के सामने मौलिक अधिकारों के हनन के लिए दायर होने वाली अनुच्छेद 32 वाली याचिकाओं बाढ़-सी आ गई है और वे इन्हें हतोत्साहित कर रहे हैं.