सिख

क्या कोविड महामारी को सामाजिक बदलाव लाने के मौक़े के तौर पर देखा जा सकता है?

बीते कुछ सालों से बहुसंख्यकवाद पर सामाजिक ऊर्जा और विचार दोनों ख़र्च किए गए, लेकिन आज संकट की इस घड़ी में बहुसंख्यकवादी इंफ्रास्ट्रक्चर कितना काम आ रहा है? महामारी ने यह अवसर दिया है कि अपनी प्राथमिकताएं बदलकर संकुचित, उग्र और छद्म राष्ट्रवाद को त्याग दिया जाए.

पंजाब: कृषि क़ानूनों का बचाव कर रहे भाजपा नेता के ख़िलाफ़ धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज

पंजाब भाजपा के सचिव सुखपाल सिंह सरां ने टेलीविजन बहस के दौरान कृषि कानूनों की तुलना गुरु गोबिंद सिंह के ज़फ़रनामे से की थी. ज़फ़रनामा चमकौर के युद्ध के बाद गुरु गोबिंद सिंह द्वारा मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब को लिखा एक आध्यात्मिक विजय पत्र है.

दुनिया का हर सिख खालिस्तान चाहता हैः अकाल तख्त जत्थेदार

ऑपरेशन ब्लू स्टार के 36 साल पूरे होने के मौक़े पर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि दुनिया का हर सिख खालिस्तान चाहता है, अगर भारत सरकार इसकी पेशकश करेगी, तो हम इसे स्वीकार करेंगे.

पाकिस्तान ने अल्पसंख्यक आयोग को पुनर्गठित किया

पाकिस्तान की ओर से यह कदम मानवाधिकार की उस रिपोर्ट के आने के बाद उठाया गया है, जिसमें खुलासा हुआ था कि 2019 में विवादास्पद ईशनिंदा कानून के तहत अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न और उनका जबरन धर्मांतरण जारी है.

एक दौर में फेक न्यूज़ के सहारे हिंदुओं को बीमारी फैलाने का ज़िम्मेदार ठहराया गया था

अमेरिकी इतिहास से जुड़ा एक पन्ना बताता है कि मीडिया और बुद्धिजीवियों के एक वर्ग द्वारा समर्थित जातिवादी और सांप्रदायिक ज़हर लंबे समय से राजनीति का खाद-पानी है.

क्या नागरिकता क़ानून को लेकर गांधी के नाम पर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों ही झूठ बोल रहे हैं?

बीते दिनों एक रैली में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने 1947 में कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाला हिंदू, सिख हर नज़रिये से भारत आ सकता है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बताया था कि गांधी जी ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख साथियों को जब लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है. क्या वाकई महात्मा गांधी ने ऐसा कहा था जैसा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री कह रहे हैं

पाकिस्तान: ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर भीड़ का हमला, भारत ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

पुलिस का कहना है कि किशोरी का अपहरण और धर्म परिवर्तन कराने का आरोपी मुस्लिम परिवार इस मामले में अपने संबंधियों की गिरफ्तारी का विरोध कर रहा था. इसी परिवार के नेतृत्व में भीड़ ने गुरुद्वारा ननकाना साहिब पर पथराव किया. पाकिस्तान ने कहा है कि ननकाना साहब गुरुद्वारा बिल्कुल सुरक्षित.

ग्राउंड रिपोर्ट: अनुच्छेद 370 पर कश्मीर के सिख समुदाय के लोगों की राय

वीडियो: जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा हटाने के केंद्र सरकार के फैसले पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी ने कश्मीर के सिख समुदाय के लोगों से बातचीत की.

आज़ादी या बंटवारा?

आज़ादी के 72 साल: विभाजन का भय धीरे-धीरे आज़ादी के विचार को विस्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. ये हालात अपने भीतर काफी बड़े ख़तरे की आहट थामे हुए हैं.

New Delhi: A view of the Supreme Court, in New Delhi, on Thursday. (PTI Photo / Vijay Verma)(PTI5_17_2018_000040B)

अल्पसंख्यक की परिभाषा तय करने में संविधान विशेषज्ञों की राय लेगा आयोग

सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका में दायर कर कहा गया है कि हिंदू जो राष्ट्रव्यापी आंकड़ों के अनुसार एक बहुसंख्यक समुदाय है, पूर्वोत्तर के कई राज्यों और जम्मू कश्मीर में अल्पसंख्यक है. कोर्ट ने अल्पसंख्यक आयोग को परिभाषा तय करने के लिए तीन महीने का समय दिया है.

तीन महीने के भीतर अल्पसंख्यक की परिभाषा तय करे राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग: सुप्रीम कोर्ट

भाजपा नेता अश्वनी कुमार उपाध्याय ने एक जनहित याचिका दायर कर कहा है कि हिंदू जो राष्ट्रव्यापी आंकड़ों के अनुसार एक बहुसंख्यक समुदाय है, पूर्वोत्तर के कई राज्यों और जम्मू कश्मीर में अल्पसंख्यक है. हिंदू समुदाय उन लाभों से वंचित है जो कि इन राज्यों में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए मौजूद हैं. अल्पसंख्यक आयोग को इस संदर्भ में ‘अल्पसंख्यक’ शब्द की परिभाषा पर पुन: विचार करना चाहिए.

कृष्णा सोबती: स्त्री मन की गांठ खोलने वाली कथाकार

‘मित्रो मरजानी’ के बाद सोबती पर पाठक फ़िदा हो उठे थे. ये इसलिए नहीं हुआ कि वे साहित्य और देह के वर्जित प्रदेश की यात्रा पर निकल पड़ी थीं. ऐसा हुआ क्योंकि उनकी महिलाएं समाज में तो थीं, लेकिन उनका ज़िक्र करने से लोग डरते थे.

चौरासी के दंगों पर दिल्ली हाईकोर्ट का फ़ैसला महान भारत के नागरिकों की निर्ममता के ख़िलाफ़ आया है

2002 की बात को कमज़ोर करने के लिए 1984 की बात का ज़िक्र होता है, अब 1984 की बात चली है तो अदालत ने 2013 तक के मुज़फ़्फ़रनगर के दंगों तक का ज़िक्र कर दिया है.

1984 को लेकर राहुल गांधी को सच स्वीकार करने का साहस दिखाना चाहिए

‘अगर आप एक नेता हैं और आपकी नज़रों के सामने बड़ी संख्या में लोगों का क़त्ल किया जाता है, तब आप लोगों की ज़िंदगी बचा पाने में नाकाम रहने की जवाबदेही से मुकर नहीं सकते.’

​​​जन गण मन की बात, एपिसोड 295: भीमा कोरेगांव मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी और राहुल गांधी

जन गण मन की बात की 295वीं कड़ी में विनोद दुआ भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ़्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं और राहुल गांधी के 1984 के दंगों को लेकर दिए गए बयान पर चर्चा कर रहे हैं.​