सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट

Demonstrators shout slogans during a protest against a new citizenship law, in Ahmedabad, India, December 19, 2019. REUTERS/Amit Dave

गृह मंत्रालय ने विवादित नागरिकता क़ानून के नियम बनाने के लिए तीन और महीने का समय मांगा

संसद से नागरिकता संशोधन क़ानून पारित होने के बाद देश में बड़े पैमाने पर इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए थे. इसका विरोध करने वालों का कहना है कि यह धर्म के आधार पर भेदभावपूर्ण है और संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता है.

Kanpur: Police personnel hits a civilian during their protest against the Citizenship (Amendment) Act that turned violent, at Babu Purwa in Kanpur, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo) (PTI12_20_2019_000262B)

बिजनौर: सीएए प्रदर्शन के दौरान हुई मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 20 दिसंबर 2019 को हुए सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 21 साल के सुलेमान की मौत हो गई थी. एसआईटी ने पुलिसकर्मियों को दोषमुक्त करते हुए सुलेमान को आरोपी ठहराया है और कहा है कि वे प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में शामिल थे.

New Delhi: Bhim Army Chief Chandrasekhar Azad speaks at a press conference in New Delhi, Friday, Jan. 17, 2020. (PTI Photo)(PTI1_17_2020_000142B)

भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद ने मोहन भागवत को चुनाव लड़ने की चुनौती दी

महाराष्ट्र के नागपुर में संघ मुख्यालय के निकट रेशीमबाग मैदान में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए आजाद ने ‘मनुवाद’ को खत्म करने के लिए संघ पर प्रतिबंध की मांग की.

19 दिसंबर 2019 को बेंगलुरु में सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान इतिहासकार रामचंद्र गुहा को हिरासत में लेती पुलिस. (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता कानून प्रदर्शन के दौरान धारा 144 लगाना गैरकानूनी: कर्नाटक हाईकोर्ट

19 दिसंबर, 2019 को देश के अन्य हिस्सों की तरह कर्नाटक में सीएए और एनआरसी के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए थे. हालांकि, बेंगलुरु पुलिस आयुक्त ने एक दिन पहले सीआरपीसी की धारा 144 का उपयोग कर शहर में सार्वजनिक सभा पर प्रतिबंध लगा दिया था.

स्थानीय लोगों से बात करते नागरिक सत्याग्रह के सदस्य. (फोटो: द वायर)

नागरिकता क़ानून: यूपी में नागरिक सत्याग्रह निकाल रहे छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता गिरफ़्तार

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी पर गाजीपुर स्थित सदर के एसडीएम प्रभास कुमार ने कहा कि इस समूह को किसी भी जुलूस की अनुमति नहीं थी और उनके पास से जो पर्चे मिले उसमें सीएए-एनआरसी के विरुद्ध भी कुछ बातें थीं. उनकी गिरफ़्तारी केवल अव्यवस्था फैलाने की आशंकाओं पर की गई है.

Lucknow: Muslim women stage a protest against CAA and NRC near the Ghantaghar in the old city area of Lukcnow, Saturday, Jan. 25, 2020. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI1_25_2020_000145B)

उत्तर प्रदेशः सबूत नहीं होने पर सीएए का विरोध करने वाले 15 प्रदर्शनकारियों को मिली जमानत

उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर हिंसा करने के लिए 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

(फोटो: पीटीआई)

गोवा और दमन के आर्कबिशप की सरकार से अपील, कहा- सीएए को बिना किसी शर्त वापस लें

इसके साथ ही आर्कबिशप ने सरकार से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को देश भर में लागू ना करने की अपील भी की है.

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‘सड़क पर महिलाएं सिर्फ़ सीएए से नहीं, पितृसत्ता से भी लड़ रही हैं’

वीडियो: नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ नई दिल्ली के सीलमपुर इलाके में बीते 16 दिनों से महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं. इन महिलाओं से सृष्टि श्रीवास्तव की बातचीत.

Kanpur: Police personnel hits a civilian during their protest against the Citizenship (Amendment) Act that turned violent, at Babu Purwa in Kanpur, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo) (PTI12_20_2019_000262B)

नागरिकता क़ानून: बिजनौर पुलिस प्रदर्शनकारियों द्वारा गोली चलाने का दावा ​साबित नहीं कर पाई

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिजनौर के नहटौर, नज़ीबाबाद और नगीना में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान हिंसा में शामिल होने का आरोप लगाते हुए 100 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया था और कई एफआईआर दर्ज की थीं. बिजनौर में यूपीएससी की तैयारी करने वाले 20 वर्षीय छात्र सहित दो लोगों की मौत हुई थी.

प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और अभिषेक मनु सिंघवी. (फोटो: ट्विटर/@INCIndia)

यूपी में प्रदर्शनकारियों पर ‘अत्याचार’ के खिलाफ कांग्रेस की मानवाधिकार आयोग से जांच की मांग

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों के दौरान हुए अत्याचारों के संबंध में एक प्रतिवेदन सौंपा और सबूत के तौर पर कुछ वीडियो साझा किए.

Aligarh: People gather at the Eidgah to protest against the alleged police action on AMU students who were protesting over Citizenship Amendment Act, in Aligarh, Monday, Dec. 16, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_16_2019_000261B)

उत्तर प्रदेशः एएमयू के दो छात्रों पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज

अलीगढ़ पुलिस का आरोप है कि बीते 20 जनवरी को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भीतर नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ढाल के रूप में नाबालिगों को आगे किया गया था. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी नाबालिग बच्चों की पहचान की जानी बाकी है और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

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‘यूपी पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में अधिकतर लोगों को कमर के ऊपर गोली मारी’

वीडियो: देश के करीब 30 विश्वविद्यालयों के छात्रों ने उत्तर प्रदेश के हिंसा प्रभावित 15 जिलों में जाकर एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट तैयार की है. ‘नागरिक सत्याग्रह’ नाम की मुहिम के तहत तैयार की गई इस रिपोर्ट से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता मनीष शर्मा से विशाल जायसवाल की बातचीत.

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नागरिकता क़ानून: ‘मोदी सरकार को जनता के सामने झुकना ही पड़ेगा’

वीडियो: बीते 19 दिसंबर को नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन से पहले लखनऊ में हिरासत में लिए गए मानवाधिकार संगठन रिहाई मंच के अध्यक्ष और वरिष्ठ वकील मोहम्मद शोएब एक महीने जेल में रहने के बाद हाल ही में ज़मानत पर रिहा हुए हैं. मोहम्मद शोएब से विशाल जायसवाल की बातचीत.

यूपी के गोरखपुर में 20 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते हुए. (फोटो: पीटीआई)

‘यूपी पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में अधिकतर लोगों को कमर के ऊपर गोली मारी’

उत्तर प्रदेश के हिंसा प्रभावित 15 ज़िलों में जाकर देश के क़रीब 30 विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और कहा गया है कि उसने प्रदर्शन को रोकने और लोगों को खदेड़ने के बजाय लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं और युवाओं ख़ासकर नाबालिगों को निशाना बनाया गया.

New Delhi: Protestors participate in a demonstration against Citizenship (Amendment) Act and NRC at  Shaheen Bagh in New Delhi, Friday, Jan. 10, 2020. The Delhi High Court today refused to entertain a plea seeking directions for removal of demonstrators in order to clear road blockages that are causing traffic congestions at the DND route. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI1_10_2020_000225B) *** Local Caption ***

शाहीन बाग के प्रदर्शन में मौजूद बच्चों की काउंसिलिंग की जाए: बाल संरक्षण आयोग

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दक्षिण पूर्वी दिल्ली के ज़िलाधिकारी को आदेश जारी कर कहा है कि संभव है कि प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे बच्चों को अफवाहों और ग़लत जानकारी के कारण मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा हो. आयोग के अनुसार, ज़रूरत पड़ी तो उनके माता-पिता को भी काउंसिलिंग के लिए भेजा जाएगा.