सीआईसी

मामले का विचाराधीन होना आरटीआई के तहत सूचना देने से मना करने का आधार नहीं: सीआईसी

राजनीतिक दलों को सूचना का अधिकार के तहत लाने से संबंधित एक आवेदन को ख़ारिज करने के लिए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने मामले के भारत के उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन होने को आधार बताया था.

केंद्रीय सूचना आयोग ने कोरोना संबंधी आरटीआई मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई शुरू की

केंद्रीय सूचना आयोग का ये फैसला मद्रास हाईकोर्ट द्वारा 28 अप्रैल को जारी उस निर्देश के बाद आया है, जिसमें अदालत ने कहा था कि कोरोना मामलों की सुनवाई के लिए आयोग को एक विशेष पीठ का गठन करना चाहिए. आरटीआई कार्यकर्ता सौरव दास ने इस मामले में याचिका दायर की थी. दास को इसलिए हाईकोर्ट का रुख़ करना पड़ा था, क्योंकि सीआईसी इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर नहीं ले रही थी.

फोन टैपिंग से जुड़े आरटीआई आवेदनों पर गृह मंत्रालय ने सही से निर्णय नहीं लिया: सीआईसी

पारदर्शिता कार्यकर्ता और इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक अपार गुप्ता ने गृह मंत्रालय में छह आरटीआई आवेदन दायर कर फोन टैंपिंग, मॉनीटरिंग, इंटरसेप्शन से संबंधित कई सूचनाएं मांगी थीं. मंत्रालय ने इससे इनकार कर दिया था. मुख्य सूचना आयुक्त वाईके सिन्हा ने मंत्रालय को निर्देश दिया कि वे इससे संबंधित तर्कपूर्ण फैसला लें और 31 जुलाई तक आयोग के सामने रिपोर्ट दायर करें.

स्वास्थ्य मंत्रालय जनहित में कोरोना संबंधी जानकारी स्वत: सार्वजनिक करे: सीआईसी

केंद्रीय सूचना आयोग स्वास्थ्य मंत्रालय के ख़िलाफ़ जानकारियां छिपाने को लेकर दायर शिकायतों पर सुनवाई कर रहा था, जहां एक आरटीआई आवेदन के जवाब में मंत्रालय के अधिकारी ने कोरोना टीकाकरण से संबंधित सूचनाओं का खुलासा करने से इनकार कर दिया था.

आवेदक की प्रामाणिकता के लिए आरटीआई के तहत मक़सद बताना ज़रूरी: दिल्ली हाईकोर्ट

हाईकोर्ट की यह टिप्पणी आरटीआई एक्ट के उस प्रावधान के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें कहा गया है कि सूचना मांगने के लिए आवेदक को कोई कारण बताने की ज़रूरत नहीं है.

चुनावी बॉन्ड से राजनीतिक दलों को दान देने वालों का खुलासा करने में कोई जनहित नहीं: सीआईसी

सूचना के अधिकार कानून के तहत चुनावी बॉन्ड बेचने के लिए निर्धारित भारतीय स्टेट बैंक की शाखाओं के बहीखातों से इन बॉन्ड को ख़रीदने वालों और इन्हें प्राप्त करने वालों की जानकारी मांगी गई थी. एसबीआई द्वारा जानकारी दिए जाने से इनकार करने के बाद केंद्रीय सूचना आयोग का रुख़ किया गया था.

प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा की जानकारी देने संबधी सीआईसी के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

सीआईसी ने वायुसेना को निर्देश दिया था कि वे संबंधित ‘स्पेशल फ्लाइट रिटर्न’ की सत्यापित प्रति आरटीआई के तहत मुहैया कराएं. इसमें प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा के दौरान उनके साथ गए लोगों की भी जानकारी शामिल होती है.

सीआईसी ने सीबीआई से कहा, सिर्फ़ छूट वाली धारा का ज़िक्र कर सूचना देने से मना नहीं कर सकते

एक मामले की सुनवाई करते हुए सीआईसी ने कहा कि जांच एजेंसी को सूचना देने से इनकार करते वक्त ठोस कारण देना चाहिए कि ऐसा करने से जांच या आरोपी के खिलाफ मुकदमे पर कैसे असर पड़ सकता है.

आरटीआई कार्यकर्ताओं का सवाल, केंद्रीय सूचना आयोग में सभी रिक्त पदों पर क्यों नहीं हुईं नियुक्तियां

मौजूदा समय में केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष 37,000 से अधिक अपीलें और शिकायतें लंबित हैं. सुप्रीम कोर्ट के समक्ष त्वरित सुनवाई के लिए दायर किए गए आवेदन के बाद हाल ही में मुख्य सूचना आयुक्त समेत तीन सूचना आयुक्तों की नियुक्तियां की गई हैं, जिसके बाद भी तीन पद अब भी रिक्त हैं.

यशवर्धन कुमार सिन्हा बने नए सीआईसी, तीन सूचना आयुक्तों ने भी ली शपथ

सूचना आयोग में अब भी तीन सूचना आयुक्तों के पद ख़ाली हैं. सूचना का अधिकार क़ानून के तहत मुख्य सूचना आयुक्त के साथ इस संस्था में कुल 10 सूचना आयुक्त होने चाहिए.

आरटीआई की पहली और दूसरी अपील पर जवाब देने के लिए समयसीमा निर्धारित होः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने सरकार के अधिवक्ता को यह भी कहा है कि वे बताएं कि क्या एक ऐसी ईमेल आईडी बना सकते हैं जो कम से कम समय के भीतर ‘जीवन और स्वतंत्रता’ से जुड़े मामलों का निपटारा कर सके.

‘एक देश, एक चुनाव’ के लिए एक मतदाता सूची तैयार करने पर पीएमओ ने की बैठक

बीते 13 अगस्त को प्रधानमंत्री के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक मतदाता सूची तैयार करने को लेकर दो विकल्पों पर चर्चा हुई. मुख्य सचिव ने कैबिनेट सचिव को राज्यों से परामर्श करने और एक महीने में अगले क़दम का सुझाव देने के लिए कहा है.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

जवानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अनुमति न मिलने संबंधी दस्तावेज़ सार्वजनिक करने से सीआईसी का इनकार

जम्मू कश्मीर सरकार ने 2001 से 2016 के बीच कथित फ़र्ज़ी एनकाउंटर, बलात्कार, हिरासत में मौत जैसे 50 मामलों में आरोपित सेना के जवानों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए केंद्र सरकार से इजाज़त मांगी थी, जिसे स्वीकृति नहीं मिली. आरटीआई के तहत इसकी वजह जानने के लिए किए गए आवेदन के जवाब में केंद्रीय सूचना आयोग ने कहा है कि वह सेना से जुड़े दस्तावेज़ों के निरीक्षण का आदेश नहीं दे सकता.

स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना अस्पतालों के बारे में सभी जानकारी 15 दिन के भीतर अपलोड करे: सीआईसी

सीआईसी ने कहा कि इस मामले के तथ्यों और सभी स्टेकहोल्डर्स द्वारा आयोग के सामने पेश किए गए जवाबों से पता चलता है कि कोरोना महामारी से संबंधित बेहद जरूरी जानकारी को मंत्रालय के किसी भी विभाग द्वारा मुहैया नहीं कराया जा सका है.

फंसे श्रमिकों की सूचना न देने से सीआईसी नाराज़, श्रम मंत्रालय को डेटा अपडेट करने को कहा

आरटीआई आवेदन दायर कर देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे श्रमिकों की संख्या के बारे में जानकारी मांगी गई थी. केंद्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय ने इस जानकारी का खुलासा करने से मना करते हुए कहा था कि उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है.