सीएए प्रदर्शन

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और राजनीतिक विचारक अपूर्वानंद.

दिल्ली दंगा: प्रोफेसर अपूर्वानंद से पुलिस ने पांच घंटे पूछताछ की, मोबाइल ज़ब्त

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने बताया कि दिल्ली दंगों के मामले में उनसे पूछताछ की गई. उन्होंने यह भी कहा कि यह परेशान करने वाली बात है कि एक ऐसा सिद्धांत रचा जा रहा है जहां प्रदर्शनकारियों को ही हिंसा का स्रोत बताया जा रहा है. उम्मीद करता हूं कि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और न्यायसंगत हो.

Demonstrators shout slogans during a protest against a new citizenship law, in Ahmedabad, India, December 19, 2019. REUTERS/Amit Dave

गृह मंत्रालय ने विवादित नागरिकता क़ानून के नियम बनाने के लिए तीन और महीने का समय मांगा

संसद से नागरिकता संशोधन क़ानून पारित होने के बाद देश में बड़े पैमाने पर इसके ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए थे. इसका विरोध करने वालों का कहना है कि यह धर्म के आधार पर भेदभावपूर्ण है और संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता है.

उमर खालिद. (फोटो साभार: फेसबुक@MuhammedSalih)

दिल्ली दंगा: जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद से पूछताछ, मोबाइल ज़ब्त

दिल्ली पुलिस ने फरवरी में दिल्ली में हुए दंगों की कथित साज़िश को लेकर उमर खालिद पर गंभीर आरोप लगाए हैं. खालिद ने सभी आरोपों को ख़ारिज़ करते हुए कहा कि दंगों के लिए वास्तव में ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने के बजाय सांप्रदायिक सद्भाव के लिए काम करने वाले संगठनों और व्यक्तियों को फंसाया जा रहा है.

गुलफिशा फातिमा. (फोटो साभार: ट्विटर)

दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ़्तार छात्रा की रिहाई के लिए नागरिकों ने अपील की

दिल्ली दंगों के संबंध में गिरफ़्तार गुलफ़िशा फातिमा बीते सौ दिन से ज़्यादा समय से तिहाड़ जेल में हैं. नागरिक समाज के सदस्यों, शिक्षाविदों, लेखकों समेत 450 से अधिक लोगों ने उन्हें छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस महामारी का फायदा उठाकर प्रदर्शनकारियों को ग़ैर-क़ानूनी ढंग से गिरफ़्तार कर रही है.

A man carrying a child walks past security forces in a riot affected area following clashes between people demonstrating for and against a new citizenship law in New Delhi, February 27, 2020. REUTERS/Adnan Abidi

अपने ही अधिकारी के ख़िलाफ़ गई दिल्ली पुलिस, ‘संवेदनशील’ बताकर दंगों की सूचना देने से इनकार

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे को लेकर द वायर द्वारा दायर किए गए आरटीआई आवेदन पर अपीलीय अधिकारी द्वारा आदेश देने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने जानकारी देने से मना कर दिया. पुलिस ने सिर्फ़ गिरफ़्तार किए गए लोगों, दर्ज की गई एफआईआर, मृतकों एवं घायलों की संख्या की सूचना दी है.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगों के 19 मामलों में पुलिस की दलील, आरोपी को ज़मानत देने से ग़लत संदेश जाएगा: रिपोर्ट

बीते 29 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने दंगे के एक आरोपी को ज़मानत देते हुए पुलिस की इस दलील को ख़ारिज कर दी थी कि ज़मानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा. हाईकोर्ट ने कहा था कि अदालत का काम क़ानून के मुताबिक न्याय देना है, न कि समाज को संदेश देना.

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गर्भवती सफ़ूरा ज़रगर को न्याय के मंदिर में इंसाफ़ नहीं

वीडियो: दिल्ली पुलिस ने अप्रैल की शुरुआत में जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्रा सफ़ूरा ज़रगर को दिल्ली हिंसा से जुड़े एक मामले में गिरफ़्तार किया था. 27 वर्षीय सफ़ूरा 21 हफ्ते की गर्भवती हैं और पॉली सिस्टिक ओवेरियन डिसऑर्डर से पीड़ित हैं. दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया है. इस मुद्दे पर सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे और सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर से आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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दिल्ली हिंसा मामले में स्क्रिप्ट पहले ही लिखी गई, अब बस किरदार तलाश रही है पुलिस

वीडियो: लॉकडाउन के दौरान दिल्ली दंगों के षड्यंत्र रचने के आरोप में कई छात्रों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से अधिकतर छात्र सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों में शामिल थे. छात्र नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया है.

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अमित शाह क्रोनोलॉजी का नया क्रम: अब निशाने पर सीएए आंदोलनकारी

वीडियो: उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के तीन महीने बाद पुलिस सिलसिलेवार ढंग से लोगों को गिरफ़्तार कर रही है. इनमें अधिकतर लोगों ने सीएए के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण आंदोलन किया था. द वायर के संस्थापक संपादक सिद्धार्थ वरदराजन की दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अपूर्वानंद और राज्यसभा सदस्य मनोज झा से बातचीत.

फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा. (फाइल फोटो: पीटीआई)

दिल्ली हिंसा: गर्भवती महिला को मिली जेल, हथियारों की सप्लाई करने वाले को ज़मानत

कैसे एक व्यक्ति, जिसे दंगों के मामले में अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया, को ज़मानत मिल सकती है, लेकिन जिनके पास ऐसा कुछ बरामद नहीं हुआ, वे अब भी सलाखों के पीछे हैं?

जामिया छात्र आसिफ इकबाल तन्हा. (फोटो: फेसबुक)

दिल्ली हिंसा: जामिया के एक और छात्र को यूएपीए के तहत आरोपी बनाया गया

इस साल फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा मामले में जामिया मिलिया इस्लामिया के 24 वर्षीय छात्र आसिफ इकबाल तन्हा को बुधवार को गिरफ्तार किया गया और सात दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है.

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‘उमर ख़ालिद व जामिया छात्रों के ख़िलाफ़ आतंकवाद निरोधक क़ानून का ग़लत इस्तेमाल किया जा रहा है’

वीडियो: उत्तर पूर्वी दिल्ली में सीएए के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े एक मामले में दिल्ली पुलिस ने उमर ख़ालिद समेत जामिया के छात्रों पर यूएपीए कानून के तहत मामला दर्ज किया है. इस मुद्दे पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण से चर्चा कर रही है द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

ताहिर हुसैन. (फोटो: वीडियो स्क्रीनग्रैब)

दिल्ली दंगा: निलंबित आप पार्षद ताहिर हुसैन पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज

आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन पर आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या का आरोप है. अंकित की हत्या उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे के दौरान हुई थी. ताहिर पर मनी लॉन्ड्रिंग सहित कई अन्य मामलों में भी केस दर्ज किया गया है.

New Delhi: Jawaharlal Nehru University (JNU) student Umar Khalid speaks to the media moments after he was shot at, during an event at the Constitution Club in New Delhi on Monday, Aug 13, 2018. Khalid escaped unhurt. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI8_13_2018_000097B)

दिल्ली दंगा: उमर खालिद और जामिया के छात्रों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज

छात्रों पर देशद्रोह, हत्या, हत्या के प्रयास, धार्मिक आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी फैलाने और दंगे करने का भी मामला दर्ज किया गया है.

New Delhi: Vehicles set ablaze as protestors throw brick-bats during clashes between a group of anti-CAA protestors and supporters of the new citizenship act, at Jafrabad in north-east Delhi, Monday, Feb. 24, 2020. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI2_24_2020_000218B) *** Local Caption ***

क्या दिल्ली पुलिस दिल्ली दंगों में मारे गए लोगों की जानकारी छिपा रही है?

एक आरटीआई आवेदन के जवाब में दिल्ली पुलिस ने बताया है कि फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा में 23 लोगों की मौत हुई है. इससे पहले गृह मंत्रालय ने संसद में कहा था कि इस हिंसा में 52 जानें गई हैं.