सीवर में मौत

महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे तीन मजदूरों की मौत

मामला महाराष्ट्र के पालघर का है. तीनों मृतकों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है. पुलिस ने बताया कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए गए थे.

दिल्लीः सीवर टैंक की मरम्मत के दौरान व्यक्ति की मौत

दक्षिण पूवी दिल्ली का मामला. ज़हरीली गैस की चपेट में आने से हुई मौत. पुलिस ने केस दर्ज किया. पुलिस ने बताया कि मृतक ने सुरक्षा संबंधी उपकरण नहीं पहने हुए थे.

मुंबई: सीवर सफाई के दौरान दो लोगों की मौत

मुंबई के गोरेगांव पूर्व स्थित ए​क मॉल में हुआ हादसा. पुलिस ने बताया कि दुर्घटनावश मौत का मुकदमा दर्ज किया गया है और उस ठेकेदार की तलाश कर रही है, जिसने उन दोनों मृतकों को काम पर रखा था.

महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक साफ करते तीन मज़दूरों की मौत, सोसायटी का कोषाध्यक्ष गिरफ़्तार

मुंबई के गोवंडी उपनगर इलाके में हुआ हादसा. पुलिस ने बताया कि दम घुटने के कारण हुई तीनों मज़दूरों की मौत.

उत्तर प्रदेश: सेप्टिक टैंक में ज़हरीली गैस के रिसाव से पांच लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर ज़िले का मामला. ज़हरीली गैस की चपेट में आकर बीमार हुए एक व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

राजस्थान में सीवरेज कार्य के दौरान हादसे में चार मजदूरों की मौत, यूपी में दो लोगों की मौत

राजस्थान के उदयपुर ज़िले के हिरणमगरी थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन सीवरलाइन में मिट्टी धंसने से हुआ हादसा. वहीं उत्तर प्रदेश के मथुरा में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दो लोगों की दम घुटने से मौत हो गई.

क्या संविधान ने हमें सम्मान से जीने के लिए पांव धोने की व्यवस्था दी है?

क्या किसी बेरोज़गार के घर समोसा खा लेने से बेरोज़गारों का सम्मान हो सकता है? उन्हें नौकरी चाहिए या प्रधानमंत्री के साथ समोसा खाने का मौक़ा? अगर पांव धोना ही सम्मान है तो फिर संविधान में संशोधन कर पांव धोने और धुलवाने का अधिकार जोड़ दिया जाना चाहिए.

हम भी भारत, एपिसोड 03: स्वच्छ भारत अभियान और सफ़ाईकर्मियों की मौत

हम भी भारत की तीसरी कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी सीवर सफ़ाई के दौरान लगातार हो रहीं कर्मचारियों की मौतों पर वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह और हेजर्ड्स सेंटर के दुनू रॉय से चर्चा कर रही हैं.