सुप्रीम कोर्ट

गौतम नवलखा. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

भीमा-कोरेगांव: सुप्रीम कोर्ट ने नवलखा को मुंबई ले जाने संबंधी हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया

भीमा कोरेगांव हिंसा में आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा दिल्ली से मुंबई ले जाने के संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट ने एनआईए को दस्तावेज़ पेश करने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह मामला हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता. शीर्ष अदालत ने एनआईए के ख़िलाफ़ हाईकोर्ट की टिप्पणी को भी रिकॉर्ड से हटा दिया है.

A boy eats at an orphanage run by a non-governmental organisation on World Hunger Day, in the southern Indian city of Chennai May 28, 2014. REUTERS/Babu

मिड-डे मील: बंगाल में बच्चों को सिर्फ़ चावल और आलू मिला, वो भी प्रावधान से काफी कम

द वायर द्वारा आरटीआई के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि लॉकडाउन के दौरान पश्चिम बंगाल में अप्रैल महीने में 2.92 लाख और मई महीने में 5.35 लाख बच्चों को मिड-डे मील योजना का कोई लाभ नहीं मिला है.

Salvatore Girone (C) and Latorre Massimiliano (3rd R), members of the navy security team of Napoli registered Italian merchant vessel Enrica Lexie, are escorted as they leave a courtroom at Kollam in Kerala March 5, 2012. Credit: Reuters/Sivaram V/Files

भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप में दो इतालवी नौसैनिकों पर भारत में नहीं चलेगा मुक़दमा

साल 2012 में भारत ने इटली के दो नौसैनिकों पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप लगाया था. अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने भारत को इनके ख़िलाफ़ आपराधिक कार्यवाही को रोकने का आदेश दिया है और कहा कि भारत इस मामले में मुआवज़े का हक़दार है.

New Delhi: Members of the Tablighi Jamaat  leave in a bus from LNJP hospital for the quarantine centre during the nationwide lockdown, in wake of the coronavirus pandemic, in New Delhi, Tuesday, April 21, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI21-04-2020_000208B)

तबलीग़ी जमात के विदेशी सदस्यों को मुक़दमा पूरा होने तक उनके देश नहीं भेजा जा सकता: केंद्र

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से 2,679 विदेशी नागरिकों का वीज़ा निरस्त करने और उन्हें तबलीग़ी जमात की गतिविधियों में शामिल होने के चलते प्रतिबंधित करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को ख़ारिज करने की मांग की है.

Lucknow: Senior BJP leader Uma Bharti arrives at a special CBI court for a hearing in Babri mosque demolition case, in Lucknow, Thursday, July 2, 2020. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI02-07-2020 000109B)

बाबरी मस्जिद विध्वंस: सीबीआई अदालत में पेश हुईं उमा भारती, ख़ुद को बताया निर्दोष

विशेष सीबीआई अदालत 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के मामले में 32 आरोपियों के बयान दर्ज कर रही है. इस मामले में भाजपा नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी का बयान दर्ज होना अभी बाकी है.

अर्णब गोस्वामी (फोटो साभार: ट्विटर)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पत्रकार अर्णब गोस्वामी के ख़िलाफ़ दो एफआईआर पर कार्यवाही निलंबित की

पालघर लिंचिंग मामले और लॉकडाउन के बीच बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर प्रवासी श्रमिकों की भीड़ जमा होने पर भड़काऊ टिप्पणियों के लिए दर्ज मामले को सुनते हुए अदालत ने कहा कि अर्णब गोस्वामी पर लगे आरोपों से मानहानि का मामला बन सकता है, लेकिन इसे किसी धार्मिक समुदाय के ख़िलाफ़ नहीं माना जा सकता है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली सरकार ने अप्रैल से जून तक किसी बच्चे को मिड-डे मील योजना का लाभ नहीं दिया: आरटीआई

आरटीआई दस्तावेज़ों से पता चला है कि दिल्ली सरकार ने मार्च महीने में मिड-डे मील के तहत पके हुए भोजन के बदले में छात्रों के खाते में कुछ राशि डाली है, लेकिन ये भोजन पकाने के लिए निर्धारित राशि से भी कम है. इसके अलावा ये धनराशि भी सभी पात्र लाभार्थियों को नहीं दी गई है.

Court Hammer (2)

हाईकोर्ट और ज़िला अदालतों में 37 लाख मामले 10 साल से भी ज़्यादा समय से लंबित: एनजेडीजी डेटा

नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड के आंकड़ों के मुताबिक देश भर की विभिन्न अदालतों में 6.60 लाख मामले 20 साल से ज़्यादा समय और 1.31 लाख मामले तीन दशकों यानी कि 30 साल से भी ज़्यादा समय से लंबित हैं.

Gurugram: Migrants wait to board a bus for Bihar at Tau Devi Lal Stadium, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Gurugram, Tuesday, June 2, 2020. (PTI Photo)(PTI02-06-2020_000216B)

कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने ईमानदार कोशिश नहीं की

कोरोना से बिगड़ती स्थितियों को संभालने में केंद्र सरकार की सारी नीतियां फेल हो चुकी हैं. सरकार की इस विफलता का ख़ामियाज़ा कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ेगा.

(फोटो साभार: ट्वीटर/@Naveen_Odisha)

इनकार करने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की अनुमति दी

सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से दलील दी गई थी कि यह करोड़ों श्रृद्धालुओं की आस्था से जुड़ा महोत्सव है और सदियों की परंपरा को तोड़ा नहीं जा सकता. इससे पहले कोरोना वायरस के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर हमने रथ यात्रा की अनुमति दी तो भगवान जगन्नाथ हमें माफ़ नहीं करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट. (फोटो: द वायर)

बैलेट की गोपनीयता का सिद्धांत संवैधानिक लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण तत्व है: सुप्रीम कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि बैलेट की गोपनीयता का उद्देश्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना है.

New Delhi: Suspected COVID-19 patients arrive at LNJP hospital, during the ongoing nationwide lockdown, in New Delhi, Saturday, June 20, 2020. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI20-06-2020 000092B)

दिल्ली में 2,000 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव: रिपोर्ट

एक समाचार चैनल ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि संक्रमित स्वास्थ्यकर्मियों में से 1,207 डॉक्टर और नर्स दिल्ली के नौ बड़े कोरोना अस्पतालों के हैं. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब तक कोरोना से संक्रमित हुए स्वास्थ्यकर्मियों का कोई आंकड़ा नहीं दिया है.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

लॉकडाउन की तुलना आपातकाल से नहीं की जा सकती, ज़मानत अपरिहार्य अधिकार है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी तय समय पर आरोप-पत्र दायर नहीं किए जाने पर एक आरोपी को ज़मानत देने से इनकार करने के मद्रास हाईकोर्ट के आदेश को पलटते हुए की.

अरविंद केजरीवाल. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली: उपराज्यपाल ने पांच दिन संस्थागत क्वारंटीन का आदेश वापस लिया

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने आदेश दिया था कि कोविड-19 के हर मरीज़ के लिए घर में क्वारंटीन की जगह पांच दिन संस्थागत क्वारंटीन सेंटर में रहना ज़रूरी होगा. इस पर दिल्ली सरकार का कहना था कि इससे पहले से ही दबाव झेल रही स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बोझ बढ़ेगा.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

फंसे हुए श्रमिकों को 15 दिन में वापस भेजने का आदेश अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट

प्रवासी मज़दूरों की समस्याओं पर लिए गए स्वत: संज्ञान पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि घर भेजने के दौरान इन श्रमिकों से कोई किराया नहीं लिया जाएगा, केंद्र या राज्य सरकारें इसका भुगतान करेंगी.