सुशांत मौत मामला

आईपीएस गुप्तेश्वर पांडेय. (फोटो साभार: फेसबुक/@IPSGupteshwar)

बिहार: विधानसभा चुनाव से महीने भर पहले जदयू में शामिल हुए पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय

रविवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर जदयू की सदस्यता लेने के बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि वे आगामी चुनाव लड़ने या न लड़ने के बारे में निर्णय नहीं ले सकते. दल फ़ैसला करेगा कि वह किस तरह से उनकी सेवा लेना चाहता है.

New Delhi: File photos of Bollywood actors (L-R) Deepika Padukone, Shraddha Kapoor, Rakul Preet Singh, and Sara Ali Khan who are summoned by the Narcotics Control Bureau (NCB) in the Bollywood drug probe linked to the death of Sushant Singh Rajput, on Wednesday, Sept. 23, 2020. (PTI Photo)(PTI23-09-2020 000211B)

ड्रग्स मामला: एनसीबी ने दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, सारा अली ख़ान को पूछताछ के लिए बुलाया

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच के दौरान सामने आए ड्रग्स मामले की जांच नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) कर रही है. बीते आठ सितंबर को एनसीबी ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को गिरफ़्तार किया था. अपनी ज़मानत याचिका रिया ने कहा है कि वह निर्दोष हैं और विच-हंट का शिकार हुई हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ गुप्तेश्वर पांडेय. (फोटो साभार: फेसबुक/@IPSGupteshwar)

क्या बिहार चुनाव से ऐन पहले डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का दोबारा वीआरएस लेना महज़ संयोग है

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने साल 2009 में पहली बार वीआरएस लिया था और तब चर्चा थी कि वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, हालांकि ऐसा नहीं हुआ. अब विधानसभा चुनाव से कुछ ही महीने पहले उनके दोबारा वीआरएस लेने के निर्णय को उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं से जोड़कर देखा जा रहा है.

मोहाली एयरपोर्ट पर सुरक्षाकर्मियों से घिरी अभिनेत्री कंगना रनौत. (फोटो: पीटीआई)

सुशांत-कंगना का सुर्ख़ियों में बने रहना मीडिया की छद्म जनमत निर्माण की बढ़ती ताक़त की बानगी है

मीडिया के पास कुछ हद तक जनमत निर्माण की ताक़त हमेशा से थी, मगर उसकी एक सीमा थी, उनके द्वारा उठाए मुद्दे में कुछ दम होना ज़रूरी होता था. आज हाल यह है कि मीडिया में भारत-चीन सीमा विवाद से ज़्यादा तवज्जो कंगना रनौत विवाद को दी जा रही है.

Mumbai: Rhea Chakraborty outside NCB office after being summoned for questioning in connection with the death by suicide case of Sushant Singh Rajput, at Ballard Estate in Mumbai, Sunday, Sept. 6, 2020. (PTI Photo)(PTI06-09-2020 000059B)

रिया चक्रवर्ती प्रकरण ने उन्हें नहीं बल्कि समाज की विकृतियों और स्त्री द्वेष को बेनक़ाब किया है

मध्यकालीन यूरोप में स्त्रियों को जादूगरनी बताकर ‘विच ट्रायल’ हुआ करते थे, जिनके बाद पचासों हज़ार स्त्रियों को खंभे से बांधकर जीवित जला दिया गया था. उस समय यंत्रणा देकर सभी स्त्रियों से अपराध स्वीकृति करवा ली जाती थी. रिया का भी ‘मीडिया ट्रायल’ नहीं हुआ है, ‘विच ट्रायल’ हुआ है.

28 अगस्त को डीआरडीओ गेस्ट हाउस के बाहर रिया चक्रवर्ती की गाड़ी को घेरे मीडियाकर्मी. (फोटो: पीटीआई)

सुशांत सिंह राजपूत: हाईकोर्ट ने पूछा- न्यूज़ चैनलों पर सरकार का नियमन क्यों नहीं होना चाहिए

कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और आठ सेवानिवृत्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में आरोप लगाया है कि कई समाचार चैनल अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में समानांतर जांच (मीडिया ट्रायल) चला रहे हैं और ख़बरों के ज़रिये मुंबई पुलिस के ख़िलाफ़ द्वेषपूर्ण अभियान चला रहे हैं.

रिया चक्रवर्ती. (फोटो: पीटीआई)

ज़मानत याचिका में रिया ने कहा, एनसीबी ने क़बूलनामे के लिए मजबूर किया

सत्र अदालत में दायर ज़मानत याचिका में रिया ने कहा है कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया और उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है. याचिका में यह भी कहा गया कि रिया से एनसीबी पूछताछ के दौरान वहां कोई महिला अधिकारी मौजूद नहीं थी.

अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती. (फोटो: पीटीआई)

सुशांत मौत मामला: ड्रग्स ख़रीद मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती गिरफ़्तार

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में सामने आए ड्रग्स ख़रीद मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो रिया के छोटे भाई शौविक चक्रवर्ती, सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा और निजी स्टाफ सदस्य दीपेश सावंत को भी गिरफ़्तार कर चुका है.

सुशांत मामले को लेकर विभिन्न टीवी चैनलों की कवरेज (साभार: संबंधित चैनल/वीडियोग्रैब)

सुशांत मामले में रिपोर्टिंग के वक्त संयम बरते मीडिया, जांच प्रभावित न करें: बॉम्बे हाईकोर्ट

महाराष्ट्र के आठ पूर्व पुलिस अधिकारियों ने हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं में सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में चल रहे ‘मीडिया ट्रायल’ के ख़िलाफ़ आदेश देने की मांग की है. उनका कहना है कि टीवी चैनलों का एक वर्ग पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग से एजेंसियों द्वारा की जा रही जांच प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है.

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सुशांत-रिया चीखते चैनलों का सच सिर्फ़ बिहार नहीं!

वीडियो: भारतीय टीवी चैनलों पर सुशांत सिंह राजपूत मौत के मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को लेकर अटकलबाज़ी आधारित कवरेज पर वरिष्ठ पत्रकार क़ुर्बान अली और युवा शोध छात्रा आकृति भाटिया से वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश की बातचीत.

सुशांत मामले को लेकर विभिन्न टीवी चैनलों की कवरेज (साभार: संबंधित चैनल/वीडियोग्रैब)

संपादकीय: मीडिया के गुंडों को उनकी जगह दिखाने का वक़्त आ गया है

टीवी न्यूज़ चैनलों की बदौलत आज रिया चक्रवर्ती हर तरह की निंदा की पात्र बन चुकी हैं, जिन पर बिना किसी सबूत के तमाम तरह के आरोप लगाए गए हैं.

अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती. (फोटो: पीटीआई)

सुशांत मामला: मीडिया की मर्दवादी सोच के साथ कोर्टरूम में बदलते न्यूज़रूम

अगर आने वाले समय में रिया बेक़सूर साबित हो गईं, तब क्या मीडिया उनका खोया हुआ सम्मान और मानसिक शांति उन्हें वापस दे पाएगा?

सुशांत सिंह राजपूत. (फोटो साभार: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच सीबीआई को सौंपी

सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता द्वारा पटना में दर्ज कराई गई एफआईआर को सही माना और कहा कि मामले में राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच की अनुशंसा सही थी. कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस से मामले में सहयोग करने को कहा है.

सुशांत सिंह राजपूत. (फोटो: पीटीआई)

सुशांत सिंह राजपूत मौत: सॉलिसीटर जनरल ने कहा- केंद्र ने सीबीआई जांच की सिफ़ारिश स्वीकार की

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत बीते 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे. उनके पिता ने अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के ख़िलाफ़ अभिनेता को ख़ुदकुशी के लिए उकसाने और अन्य आरोपों में शिकायत दर्ज कराई है.