सेप्टिक टैंक

​​(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

झारखंड के गढ़वा में सेप्टिक टैंक की ज़हरीली गैस से तीन मज़दूरों की मौत

घटना गढ़वा शहर के पिपराकला इलाके का है. घटना से आक्रोशित लोगों ने मुआवज़े की मांग को लेकर सदर अस्पताल के सामने तीनों मज़दूरों के शव के साथ एनएच-75 को लगभग एक घंटे तक जाम कर दिया था.

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तमिलनाडु: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान चार युवकों की मौत, मकान मालिक के ख़िलाफ़ केस दर्ज

तमिलनाडु के तुथुकुडी ज़िले के एक गांव का मामला. मृतकों में से तीन पहले भी मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में काम किया था, लेकिन चौथे मृतक इसलिए काम पर गए थे, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी कारण उन्हें दिहाड़ी मज़दूरी का काम नहीं मिल पा रहा था.

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महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे तीन मजदूरों की मौत

मामला महाराष्ट्र के पालघर का है. तीनों मृतकों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है. पुलिस ने बताया कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए गए थे.

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सीवर सफाई के दौरान तीन वर्षों में हुई 271 सफाईकर्मियों की मौत: केंद्र सरकार

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की ओर से सूचना के अधिकार के तहत प्रदान किए गए आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है.

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दिल्ली: शाहदरा में एक सफाईकर्मी की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

पुलिस ने कहा कि दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सफाई की जिम्मेदारी एक निजी कांट्रैक्टर को सौंपा था. अपनी शिकायत में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने जब सुरक्षा उपकरण मांगे तक कथित तौर पर कांट्रैक्टर ने मना कर दिया. दोनों सफाईकर्मियों के बेहोश होने के बाद पुलिस के आने से पहले कांट्रैक्टर वहां से भाग गया.

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बेंगलुरु में सीवर सफाई के दौरान दम घुटने से 17 साल के बच्चे की मौत

बच्चे को बचाने गए 50 वर्षीय मारिआन्ना की हालत बहुत गंभीर है और वो अस्पताल में भर्ती हैं. मामले में अभी एफआईआर दर्ज की जानी बाकी है.

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मुंबई: सीवर सफाई के दौरान दो लोगों की मौत

मुंबई के गोरेगांव पूर्व स्थित ए​क मॉल में हुआ हादसा. पुलिस ने बताया कि दुर्घटनावश मौत का मुकदमा दर्ज किया गया है और उस ठेकेदार की तलाश कर रही है, जिसने उन दोनों मृतकों को काम पर रखा था.

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महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक साफ करते तीन मज़दूरों की मौत, सोसायटी का कोषाध्यक्ष गिरफ़्तार

मुंबई के गोवंडी उपनगर इलाके में हुआ हादसा. पुलिस ने बताया कि दम घुटने के कारण हुई तीनों मज़दूरों की मौत.

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दिल्ली: सीवर सफाई के दौरान बीमार पड़े तीन में से एक सफाईकर्मी की मौत

बीते 23 नवंबर को उत्तर पश्चिमी दिल्ली के शकूरपुर में सीवर की सफाई करने उतरे एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य बेहोश हो गए थे. पुलिस ने इस मामले में एक ठेकेदार और एक निजी सुपरवाइज़र को गिरफ्तार कर लिया था.

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दिल्ली में सीवर की सफाई करने उतरे एक व्यक्ति की मौत, दो गिरफ्तार

दिल्ली के लोक निर्माण विभाग मंत्री सत्येंद्र जैन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मृतक सफाईकर्मी के परिवार को दस लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है.

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उत्तर प्रदेश: सेप्टिक टैंक में ज़हरीली गैस के रिसाव से पांच लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर ज़िले का मामला. ज़हरीली गैस की चपेट में आकर बीमार हुए एक व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

Lucknow: Laboures work to open a clogged sewers after heavy rains in Lucknow on Monday, July 30, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI7_30_2018_000226B)

सीवर में मौत: क़रीब 50 फीसदी पीड़ित परिवारों को ही मिला 10 लाख का मुआवज़ा

विशेष रिपोर्ट: द वायर द्वारा आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेज़ों से पता चलता है कि 1993 से साल 2019 तक महाराष्ट्र में सीवर सफाई के दौरान हुई 25 लोगों की मौत के मामले में किसी भी पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवज़ा नहीं दिया गया. वहीं, गुजरात में सीवर में 156 लोगों की मौत के मामले में सिर्फ़ 53 और उत्तर प्रदेश में 78 मौत के मामलों में सिर्फ़ 23 में ही 10 लाख का मुआवज़ा दिया गया.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

दिल्ली में 1993 के बाद से सीवर की सफाई के दौरान 64 लोगों की मौत: सफाई कर्मचारी आयोग

सीवर की सफाई करते हुए मारे गए इन 64 लोगों में राज्य सरकार ने 46 के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया है. आयोग ने दिल्ली प्रशासन से बाकी परिवारों को एक हफ्ते के भीतर मुआवजा प्रदान करने को कहा है.

Patan Gujarat

गुजरात: सेप्टिक टैंक के तौर पर इस्तेमाल हो रहे कुएं में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

गुजरात के पाटन ज़िले का मामला. कुएं में दुर्घटनावश परिवार के एक सदस्य के गिर जाने के बाद चार अन्य लोग उन्हें बचाने के लिए गए थे.