सेप्टिक टैंक

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

पश्चिम बंगाल: मैनहोल की सफाई के दौरान चार मज़दूरों की मौत, तीन घायल

कोलकाता के कूधघाट इलाके में एक क्लब के पास ड्रेनेज सिस्टम के मरम्मत के दौरान यह घटना हुई. सात मज़दूर मेनहोल की सफाई के लिए उतरे थे. तीन घायल श्रमिकों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

**EDS: FILE PHOTO** Kolkata: In this ug 10, 2018 file photo, a Municipal Corporation worker enters a manhole for sewage cleaning at Mahatma Gandhi Road, in Kolkata. Slamming the government authorities for not providing protective gear like masks and oxygen cylinders to people engaged in manual scavenging and manhole cleaning, the Supreme Court on Wednesday, Sept. 18, 2019 said this is the "most inhuman" way to treat a human being. (PTI Photo)(PTI9_18_2019_000169B)

देश में हाथ से मैला ढोने वाले 66 हज़ार से अधिक लोगों की पहचान की गई: सरकार

राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में सामाजिक न्याय व अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि पिछले पांच सालों में नालों और टैंकों की सफाई के दौरान 340 लोगों की जान गई है.

(फोटो: जाह्नवी सेन/द वायर)

बजट 2021: मैला ढोने वालों के पुनर्वास फंड में 73 फीसदी की कटौती

मैला ढोने वालों के पुनर्वास के लिए पिछले साल 110 करोड़ रुपये का बजट आवंटित हुआ था, लेकिन अब इसे कम करके 30 करोड़ रुपये कर दिया गया है. केंद्र ने ये कदम ऐसे समय पर उठाया है जब मैला ढोने वालों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है.

Ghaziabad: Phoolu (45), a full-time worker shows his hands after cleaning a manhole, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Ghaziabad, Friday, May 01, 2020. Phoolu has a daughter and has been working since he was 10 years of age. He continues choicelessly to work inside sewer lines to earn a living amid this pandemic, exposing his body to added risk. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI01-05-2020_000090B)

मैला ढोने की प्रथा रोकने के लिए क़ानून बदलेगा, मशीन से सफाई कराना होगा अनिवार्य

विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर केंद्र ने सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सीवरों और सेप्टिक टैंकों की सफाई को लोगों द्वारा कराने से रोकना और मशीन से उनकी सफाई को बढ़ावा देना है.

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दिल्ली: सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान ज़हरीली गैस की चपेट में आने से दो मज़दूरों की मौत

यह घटना उत्तर पश्चिम दिल्ली के आज़ादपुर इलाके में हुई. पुलिस ने बताया कि मज़दूर सुरक्षा उपकरण नहीं पहने अंदर गए थे. फैक्टरी मालिक और ठेकेदार के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.

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दिल्ली में सफाई करने के दौरान सेप्टिक टैंक में गिरने पर दो लोगों की मौत

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में बदरपुर के मोलारबंद इलाके में हुआ हादसा. हादसे में बीमार हुए एक अन्य व्यक्ति का इलाज अस्पताल में चल रहा है. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

Ghaziabad: Phoolu (45), a full-time worker shows his hands after cleaning a manhole, during the ongoing COVID-19 lockdown, in Ghaziabad, Friday, May 01, 2020. Phoolu has a daughter and has been working since he was 10 years of age. He continues choicelessly to work inside sewer lines to earn a living amid this pandemic, exposing his body to added risk. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI01-05-2020_000090B)

पिछले 10 वर्ष में सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान 631 लोगों की मौत हुई: आरटीआई

सूचना के अधिकार कानून के तहत राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने बताया है कि पिछले 10 वर्षों में सीवर और सेप्टिक टैंकों की सफाई के दौरान सबसे ज़्यादा मौत तमिलनाडु में हुई. इसके बाद उत्तर प्रदेश और फिर दिल्ली तथा कर्नाटक में मौते हुई हैं.

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हिमाचल प्रदेश: सेप्टिक टैंक में उतरे दो श्रमिकों की ज़हरीली गैस से मौत

घटना हमीरपुर ज़िले की है. दो श्रमिक कई दिनों से बंद शटरिंग खोलने के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे थे. कुछ देर बाद एक अन्य मज़दूर के अंदर झांककर देखने पर वे दोनों अचेत मिले. अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

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झारखंडः सेप्टिक टैंक में ज़हरीली गैस के रिसाव से छह लोगों की मौत

झारखंड के देवघर का मामला. सेप्टिक टैंक की सफ़ाई के लिए दो मज़दूर टैंक में उतरे थे. उनके बाहर नहीं निकलने पर चार और लोग अंदर गए और बेहोश हो गए. बाद में उनकी भी मौत हो गई.

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झारखंड के गढ़वा में सेप्टिक टैंक की ज़हरीली गैस से तीन मज़दूरों की मौत

घटना गढ़वा शहर के पिपराकला इलाके का है. घटना से आक्रोशित लोगों ने मुआवज़े की मांग को लेकर सदर अस्पताल के सामने तीनों मज़दूरों के शव के साथ एनएच-75 को लगभग एक घंटे तक जाम कर दिया था.

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तमिलनाडु: सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान चार युवकों की मौत, मकान मालिक के ख़िलाफ़ केस दर्ज

तमिलनाडु के तुथुकुडी ज़िले के एक गांव का मामला. मृतकों में से तीन पहले भी मैनुअल स्कैवेंजर्स के रूप में काम किया था, लेकिन चौथे मृतक इसलिए काम पर गए थे, क्योंकि कोरोना वायरस महामारी कारण उन्हें दिहाड़ी मज़दूरी का काम नहीं मिल पा रहा था.

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महाराष्ट्र: सेप्टिक टैंक की सफाई कर रहे तीन मजदूरों की मौत

मामला महाराष्ट्र के पालघर का है. तीनों मृतकों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है. पुलिस ने बताया कि मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं कराए गए थे.

septic tank reuters

सीवर सफाई के दौरान तीन वर्षों में हुई 271 सफाईकर्मियों की मौत: केंद्र सरकार

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधीनस्थ संस्था राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की ओर से सूचना के अधिकार के तहत प्रदान किए गए आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है.

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दिल्ली: शाहदरा में एक सफाईकर्मी की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

पुलिस ने कहा कि दिल्ली विकास प्राधिकरण ने सफाई की जिम्मेदारी एक निजी कांट्रैक्टर को सौंपा था. अपनी शिकायत में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने जब सुरक्षा उपकरण मांगे तक कथित तौर पर कांट्रैक्टर ने मना कर दिया. दोनों सफाईकर्मियों के बेहोश होने के बाद पुलिस के आने से पहले कांट्रैक्टर वहां से भाग गया.