सोशल मीडिया

(फोटो: रॉयटर्स)

यूजर्स के विरोध के बाद वॉट्सऐप ने पॉलिसी बदलाव 15 मई तक टाले

फेसबुक के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप ने हाल ही में अपनी निजता पॉलिसी में बदलाव किया था, जिसे स्वीकार करने की आख़िरी तारीख आठ फरवरी तय की गई थी. इन बदलावों की वजह से वॉट्सऐप को भारत सहित वैश्विक स्तर पर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

(फोटो: पीटीआई)

हाथरस गैंगरेप: पीड़िता की पहचान बताने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और फेसबुक-ट्विटर को नोटिस भेजा

हाथरस ज़िले में सितंबर 2020 में एक दलित युवती से बलात्कार कर बेरहमी से मारपीट की गई थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले मीडिया प्रकाशनों समेत कई के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

न्यायपालिका को अवमानना सुनवाई पर कीमती समय बर्बाद नहीं करना चाहिए: बॉम्बे हाईकोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस एसएस शिंदे ने कहा कि आलोचना के लिए न्यायपालिका को तैयार होना चाहिए, क्योंकि अवमानना की सुनवाइयों में कीमती न्यायिक समय बर्बाद होता है और ज़रूरी मुद्दे नहीं सुने जाते.

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल. (फोटो: पीटीआई)

स्वस्थ लोकतंत्र के लिए सोशल मीडिया की आज़ादी पर अंकुश नहीं लगना चाहिए: अटॉर्नी जनरल

आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में रिपब्लि​क टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी को ज़मानत मिलने के संबंध में कथित आपत्तिजनक ट्वीट के लिए स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा और कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा के ख़िलाफ़ हाल ही में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मंज़ूरी दी है.

बॉम्बे हाईकोर्ट (फोटो: पीटीआई)

लोकतंत्र में सरकारी कार्यालयों को आलोचना का सामना करना पड़ता है: बॉम्बे हाईकोर्ट

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर हम युवाओं को उनके विचार अभिव्यक्त नहीं करने देंगे तो उन्हें कैसे पता चलेगा कि वे जो अभिव्यक्त कर रहे हैं, वह सही है या ग़लत.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

गृह सचिव ने बताया, सुरक्षा कारणों से जम्मू कश्मीर में इंटरनेट पाबंदी का ब्योरा नहीं दे सकते

गृह सचिव अजय भल्ला ने लोकसभा नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार सुरक्षा के आधार पर कोई भी दस्तावेज़ सार्वजनिक करने से इनकार कर सकती है. कांग्रेस नेता शशि थरूर की अगुवाई वाली संसदीय समिति ने टेलीकॉम सेवाएं/इंटरनेट पर पाबंदी को लेकर गृह मंत्रालय के अधिकारियों से देने को कहा था.

द शिलॉन्ग टाइम्स की संपादक पैट्रिसिया मुखीम (फोटो साभारः फेसबुक)

मेघालय के पत्रकार पर आपराधिक मामला, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला: एडिटर्स गिल्ड

पद्मश्री से सम्मानित द शिलॉन्ग टाइम्स की संपादक मुखीम पर एक फेसबुक पोस्ट के लिए मामला दर्ज किया गया था. बीते 18 नवंबर को मुखीम ने इस मामले पर एडिटर्स गिल्ड की चुप्पी का हवाला देते हुए विरोध स्वरूप इस संगठन की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया था.

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन. (फोटो: पीटीआई)

केरल: आलोचना के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट पर जेल के प्रावधान को वापस लिया

केरल सरकार ने पुलिस अधिनियम को और प्रभावी बनाने के लिए इसमें धारा 118 ए जोड़ने का फैसला किया था. इसके तहत अगर कोई शख़्स सोशल मीडिया के ज़रिये कोई अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करता है तो उसके ख़िलाफ़ 10 हज़ार रुपये का जुर्माना या तीन साल की क़ैद या दोनों का प्रावधान किया गया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

केरल में ‘अपमानजनक’ सोशल मीडिया पोस्ट पर हो सकती है तीन साल की सज़ा

राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने केरल पुलिस अधिनियम में नई धारा 118(ए) जोड़ने के प्रावधान को मंज़ूरी दे दी है, जिसके तहत अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट पर तीन साल की क़ैद या 10,000 रुपये का जुर्माना या दोनों की सज़ा हो सकती है.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट और आंध्र हाईकोर्ट के जजों पर ‘अपमानजनक’ टिप्पणी करने पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने एक शिकायत में कहा था कि राज्य में अहम पदों पर बैठे कुछ महत्वपूर्ण लोगों ने जानबूझकर सुप्रीम और हाईकोर्ट के कुछ जजों पर आदेश सुनाने में जाति व भ्रष्टाचार संबंधी आरोप लगाए. हाईकोर्ट के आदेश पर इसकी जांच राज्य सीआईडी से लेकर सीबीआई को सौंप दी गई है.

कंपनी के नए दिवाली विज्ञापन में अभिनेत्री नीना गुप्ता, निमरत कौर, सयानी गुप्ता और अलाया एफ. ने काम किया है. (फोटो साभार: ट्विटर)

दिवाली पर पटाखे न जलाने की सलाह पर तनिष्क़ के एक और विज्ञापन को लेकर फ़िर विवाद

दिवाली को लेकर बनाए गए तनिष्क़ के इस विज्ञापन में पटाखे न जलाने की बात कहीं गई थी, जिस पर सोशल मीडिया पर एक धड़े की भावनाएं आहत हो गईं. इन लोगों ने हिंदुओं के त्योहारों को कैसे मनाया जाए इस पर ज्ञान न देने की सलाह दी. विवाद के बाद कंपनी के ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पेज से इसे हटा लिया गया है.

(फाइल फोटो: ट्विटर)

2019-20 में मोदी सरकार ने विज्ञापन पर प्रतिदिन क़रीब 1.95 करोड़ रुपये ख़र्चे: आरटीआई

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से आरटीआई के तहत प्राप्त सूचना के मुताबिक़ पिछले वर्ष मोदी सरकार ने अख़बार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, होर्डिंग इत्यादि के माध्यम से प्रचार के लिए कुल 713 करोड़ रुपये ख़र्च किए हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

तनिष्क के बहाने बशीर चूड़ीवाले की याद…

जहां टाटा हिंदू बहू और मुस्लिम सास के प्रेम का सामना करने से डर गया, वहीं बशीर चूड़ीवाले अपने शहर की हिंदू बहू-बेटियों के प्रति अपने स्नेह के लिए आज भी आम लोगों की स्मृति में ज़िंदा हैं.

(फोटो: travelwayoflive/Flickr CC BY SA 2.0/पीटीआई)

यह धर्मांधता को पहचानने का वक़्त है

तनिष्क का विज्ञापन इस बात का संकेत है कि सहिष्णुता और धर्मनिरपेक्षता की भारतीय भावना जीवित है. यह समय अपने खोल में छिपने और सिर झुकाकर चलने की जगह भारत के असली मूल्यों को दिखाने वाले विज्ञापन और फिल्में बनाने और धर्मांधों को यह दिखाने का है कि नफ़रत का उनका प्रोपगेंडा कामयाब नहीं होगा.

(फोटो साभार: ट्विटर/@beastoftraal/Tanishq)

टाटा का नया भारत

तनिष्क के आभूषण उस विज्ञापन के बावजूद बिकते रहेंगे. टाटा को इसका अंदाज़ा है कि उनके ख़रीददारों में बहुसंख्या उनकी है जो उनकी दुकानों पर हमला करने नहीं आएंगे, लेकिन इससे भी ज़्यादा उन्हें ये मालूम है कि उनके ग्राहकों का मौन समर्थन हुल्लड़बाज़ों को है. उनके दिल-दिमाग का लफंगीकरण हो चुका है.