स्वामी विवेकानंद

Prime Minister Narendra Modi with monks at Belur Math in Howrah district. Photo Twitter narendramodi

बेलूर मठ में नागरिकता क़ानून पर मोदी की ‘राजनीतिक टिप्पणी’ से रामकृष्ण मिशन के कई सदस्य नाराज़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिसर छोड़ने के थोड़ी देर बाद ही मिशन ने उनके भाषण से ख़ुद को यह कहते हुए अलग कर लिया कि यह एक अराजनीतिक संस्था है जहां सभी धर्म के लोग भाइयों की तरह रहते हैं.

New York: India's Prime Minister Narendra Modi addresses the 74th session of the United Nations General Assembly, Friday, Sept. 27, 2019. AP/PTI(AP9_27_2019_000252B)

संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 74वें सत्र को संबोधित करते हुए स्वच्छता, स्वास्थ्य बीमा, बैंक खातों, आतंकवाद, जन कल्याण, पर्यावरण जैसे मुद्दों पर बात की. यह संयुक्त राष्ट्र में मोदी का दूसरा संबोधन था.

त्रिपुरा यूनिवर्सिटी के कुलपति विजयकुमार धारुरकर (फोटो साभारः फेसबुक)

स्टिंग ऑपरेशन में रिश्वत लेते देखे गए त्रिपुरा विश्वविद्यालय के कुलपति ने दिया इस्तीफ़ा

त्रिपुरा यूनिवर्सिटी के कुलपति विजयकुमार लक्ष्मीकांतराव धारुरकर इससे पहले पिछले महीने तब विवादों में घिर गए थे जब कैंपस में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एबीवीपी का झंडा फहराया था और कहा था कि एबीवीपी एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है और यह किसी भी पार्टी से संबंधित नहीं है.

त्रिपुरा यूनिवर्सिटी के कुलपति विजयकुमार धारुरकर (फोटो साभारः फेसबुक)

त्रिपुरा यूनिवर्सिटी के कुलपति ने एबीवीपी का झंडा फहराया, सांस्कृतिक संगठन बताया

त्रिपुरा यूनिवर्सिटी के कुलपति विजयकुमार लक्ष्मीकांतराव धारुरकर का कहना है कि एबीवीपी एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन है और यह किसी भी पार्टी से संबंधित नहीं है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering at a function to commemorate the 75th anniversary formation of the Azad Hind Government, at Red Fort, Delhi on October 21, 2018.

मोदी को प्रधान सेवक के साथ भारत का प्रधान इतिहासकार भी घोषित कर देना चाहिए

प्रधानमंत्री इसीलिए आज के ज्वलंत सवालों के जवाब देना भूल जा रहे हैं क्योंकि वे इन दिनों नायकों के नाम, जन्मदिन और उनके दो-चार काम याद करने में लगे हैं. मेरी राय में उन्हें एक मनोहर पोथी लिखनी चाहिए, जो बस अड्डे से लेकर हवाई अड्डे पर बिके. इस किताब का नाम मोदी-मनोहर पोथी हो.

(फोटो: रॉयटर्स)

हमें वाजपेयी के बिना ‘मुखौटे’ वाले असली चेहरे को नहीं भूलना चाहिए

1984 के राजीव गांधी और 1993 के नरसिम्हा राव की तरह वाजपेयी इतिहास में एक ऐसे प्रधानमंत्री के तौर पर भी याद किए जाएंगे, जिन्होंने पाठ तो सहिष्णुता का पढ़ाया, मगर बेगुनाह नागरिकों के क़त्लेआम की तरफ़ से आंखें मूंद लीं.

(फोटो: पीटीआई)

विवेकानंद ने कहा था- क्या खाएं, क्या नहीं खाएं, यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में वंदे मातरम कहने का सबसे पहला हक़ सफाई कार्य करने वालों को है.