स्वास्थ्य विभाग

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

हरियाणा में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद 30 नवंबर तक सभी स्कूल फ़िर बंद

लॉकडाउन के बाद हरियाणा सरकार ने बीते दो नवंबर को 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को फिर से खोल दिया था. स्कूल खुलने के बाद विभिन्न जिलों के 300 से अधिक बच्चे संक्रमित पाए गए हैं.

(फोटोः पीटीआई)

दिल्ली सरकार का निर्देश, 80 फीसदी आईसीयू बेड कोरोना मरीज़ों के लिए आरक्षित रखें निजी अस्पताल

अगस्त के अंतिम सप्ताह से दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है. बीते चौबीस घंटे में दिल्ली में कोरोना के 4,235 नए मामलों के सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामलों की कुल संख्या 2,18,304 तक पहुंच गई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नगालैंड: पुलिसकर्मियों द्वारा डॉक्टरों पर कथित हमले के विरोध में बंद रहे अस्पताल

नगालैंड इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष ने कहा कि हम पुलिस विभाग या सरकार के ख़िलाफ़ नहीं हैं, लेकिन डॉक्टरों पर हमले से हमारी चिंता बढ़ गई है. एक दिन की हड़ताल के बाद बृहस्पतिवार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं फिर से बहाल हो गई हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 संकट के बीच डॉक्टरों की कमी का सामना कर रहा मेघालय

मेघालय के स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमन वार ने बताया कि कमी मुख्य रूप से इस कारण से है कि कई डॉक्टर अपनी चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद राज्य के सरकारी अस्पतालों में काम करने से इनकार कर रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: इंदौर में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा, हर सौ में से पांच मरीज़ों की मौत

मध्य प्रदेश में इंदौर कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित ज़िलों में है. आंकड़ों के मुताबिक यहां कोविड-19 मरीज़ों की मृत्यु दर गुरुवार सुबह लगभग पांच फीसदी थी, जो मौजूदा राष्ट्रीय औसत से दो फीसदी अधिक है.

प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई

पश्चिम बंगाल: प्रशासनिक मदद न मिलने पर परिजनों ने 48 घंटों तक फ्रीज़र में रखा कोरोना संदिग्ध का शव

मामला कोलकाता का है, जहां 29 जून को एक 71 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिन्हें कोरोना होने का संदेह था. परिजनों का कहना है कि इसी कारण उन्होंने अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए पुलिस, स्थानीय पार्षद और स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया, लेकिन किसी ने मदद नहीं की.

(प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

नगालैंड: कोरोना संकट के बीच एनएचएम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों में एम्बुलेंस चालक, लैब टेक्नीशियन, नर्सें, डेंटिस्ट, आयुष और एलोपैथिक डॉक्टर शामिल हैं. उनकी मांग है कि एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करते हुए राज्य स्वास्थ्यकर्मियों के समान पद के लिए समान वेतन और सभी बुनियादी सुविधाएं मुहैया दी जाएं.

(फोटो: पीटीआई)

एमपी: इंदौर में कोरोना से मरने वालों की स्वास्थ्य विभाग देरी से दे रहा जानकारी, जांच की मांग

स्वास्थ्य विभाग ने 24 दिन बाद दी कोविड-19 पीड़ित की मौत की जानकारी. इससे पहले एक अन्य मृतक की जानकारी 16 दिन बाद मीडिया को दी गई थी. एक एनजीओ ने मामले की स्वतंत्र जांच के लिए केंद्र सरकार से समिति गठित करने की मांग की है.

राजीव बिंदल. (फोटो: फेसबुक)

हिमाचल प्रदेश: स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच भाजपा अध्यक्ष का इस्तीफा

हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए चिकित्सा उपकरण खरीदने में कथित भ्रष्टाचार के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को 20 मई को गिरफ्तार किया गया था.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कोविड-19: मुंबई के निजी डॉक्टरों को सरकारी अस्पतालों में काम करने का निर्देश

निजी चिकित्सकों को भेजे गए एक नोटिस में महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें कम से कम पंद्रह दिनों के लिए कोविड-19 का इलाज कर रहे सरकारी अस्पतालों में काम करने को कहा है. ऐसा न करने पर कार्रवाई की बात कही गई है.

(फोटोः पीटीआई)

कोरोना वायरस: इंदौर में मृतकों की संख्या 52 हुई, मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से अब भी ज़्यादा

गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मुंबई, कोलकाता, जयपुर, इंदौर और पुणे में हालात ‘विशेष रूप से गंभीर’ है. मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस की चपेट में आकर अब तक 70 लोग मारे जा चुके हैं, इनमें से 52 लोग सिर्फ़ इंदौर से हैं.

Muzaffarpur: Children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) being treated at a hospital in Muzaffarpur, Saturday, June 15, 2019. Four more children died Friday in Bihar's Muzaffarpur district reeling under an outbreak of brain fever, taking the toll to 57 this month (PTI Photo)(PTI6_15_2019_000044B)

बिहार: भूख के चलते बच्चे की मौत का आरोप, मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार के दो मामले सामने आए

बीते शुक्रवार को आरा कस्बे के जवाहर टोला में रहने वाले राहुल की मौत हो गई थी. उनके पिता दिहाड़ी मजदूर हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते वे पिछले कई दिनों से बेरोजगार बैठे हैं.

Muzaffarpur: People take part in a candle light march to protest against the death of children due to Acute Encephalitis Syndrome (AES), in Muzaffarpur, Sunday, June 23, 2019. (PTI Photo) (PTI6_23_2019_000113B)

बिहार: चमकी बुखार से मरने वालों में अधिकतर गरीब परिवारों के बच्चे, 62 फीसदी लड़कियां

बिहार में इस साल एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से जिन बच्चों की मौत हुई उनमें से 85 फीसदी से अधिक परिवार दिहाड़ी मजदूर हैं. वहीं, इस साल मरने वाले 168 बच्चों में से 104 लड़कियां थीं.

(फोटो: रॉयटर्स)

उत्तराखंड: उत्तरकाशी में बीते तीन महीनों में एक भी बेटी पैदा नहीं हुई, जांच शुरू

उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उत्तरकाशी के 132 गांवों में बीते तीन महीनों में कुल 216 बेटे पैदा हुए हैं जबकि एक भी बेटी पैदा नहीं हुई. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है.

Muzaffarpur: A woman carrying a child showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) arrives at Shri Krishna Medical College and hospital for treatment, in Muzaffarpur, Sunday, June 16, 2019. With one more death of a child on Sunday morning, the death toll in the district rose to 83 this month. (PTI Photo) (PTI6_16_2019_000043B)

बिहार में इस साल एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी: सरकार

राज्यसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया कि बिहार में 2018 में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से 33 बच्चों की मौत हुई थी, जबकि 2019 में दो जुलाई तक 162 बच्चों की मौत हो चुकी है.