स्वास्थ्य

New Delhi: Commuters drive through heavy smog, a day after Diwali celebrations, in New Delhi, Thursday, Nov 08, 2018. According to the officials, Delhi recorded its worst air quality of the year the morning after Diwali as the pollution level entered 'severe-plus emergency' category due to the rampant bursting of toxic firecrackers. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI11_8_2018_000035B)

वायु प्रदूषण से देश की जीडीपी को 1.4 फीसदी का नुकसानः अध्ययन

लैंसेट प्लेनेटरी हेल्थ जर्नल में स्टेट लेवल डिसीज़ बर्डेन इनिशिएटिव के ‘वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर असर’ शीर्षक से प्रकाशित हुए पेपर के अनुसार घरों के भीतर वायु प्रदूषण कम होने की वजह से बीमारियों का ग्राफ गिरा है, वहीं बाहरी वायु प्रदूषण के चलते बीमारियों का भार बढ़ा है.

New Delhi: A physically challenged girl sits on a makeshift seat of a bicycle as she travels with her family to UP, during the ongoing COVID-19 nationwide lockdown, in New Delhi, Sunday, May 17, 2020. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI17-05-2020_000179B)

संयुक्त राष्ट्र मानव विकास सूचकांक के 189 देशों की सूची में भारत 131वें स्थान पर

सूचकांक में भारत की रैंकिंग में एक स्थान की गिरावट दर्ज की गई है. संयुक्त राष्ट्र मानव विकास के रेजिडेंट प्रतिनिधि ने कहा कि भारत की रैंकिंग में गिरावट का अर्थ यह नहीं कि भारत ने अच्छा नहीं किया, बल्कि इसका अर्थ है कि अन्य देशों ने बेहतर किया.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

राजस्थान: कोटा के अस्पताल में तीन और नवजातों की जान गई, जांच समिति का गठन

कोटा के जेके लोन अस्पताल में बीते 9-10 दिसंबर को नौ नवजात शिशुओं की मौत हुई थी. शुक्रवार को तीन शिशुओं की मौत के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 12 हो गया है. राज्य सरकार ने इन मौतों की जांच के लिए एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया है.

कोटा स्थित जेके लोन अस्पताल. (फोटो साभार: ट्विटर/@Pintuchoudhry3)

राजस्थान: कोटा के सरकारी अस्पताल में बीते 24 घंटे में नौ बच्चों की मौत, जांच का आदेश

राजस्थान के कोटा शहर स्थित जेके लोन अस्पताल का मामला. पिछले साल दिसंबर महीने में भी इस अस्पताल में 100 से अधिक शिशुओं की मौत को लेकर काफी हंगामा मचा था.

West Godavari: A woman showing symptoms of epilepsy being taken to a hospital in Eluru town of West Godavari district, Sunday, Dec. 6, 2020. Over 200 people from different parts of Eluru were hospitalized with symptoms resembling epilepsy. (PTI Photo) (PTI06-12-2020 000171B)

आंध्र प्रदेश में पानी में भारी धातु की मौजूदगी रहस्यमयी बीमारी का कारण: विशेषज्ञ टीम

आंध्र प्रदेश के एलुरु शहर में रहस्यमयी बीमारी से 500 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं. केंद्र द्वारा भेजी गई केंद्रीय संस्थानों की विशेषज्ञ टीम ने मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी को रिपोर्ट सौंपी, जिसमें रहस्यमयी बीमारी का कारण शरीर में धातु तत्व निकल और सीसा का पाया जाना बताया है.

West Godavari: A woman showing symptoms of epilepsy being taken to a hospital in Eluru town of West Godavari district, Sunday, Dec. 6, 2020. Over 200 people from different parts of Eluru were hospitalized with symptoms resembling epilepsy. (PTI Photo) (PTI06-12-2020 000171B)

आंध्र प्रदेश: रहस्यमयी बीमारी से सैकड़ों पीड़ित, केंद्र ने जांच के लिए विशेषज्ञ टीम भेजा

आंध्र प्रदेश के एलुरु शहर में रहस्यमयी बीमारी से 400 से अधिक लोग पीड़ित हैं और अब तक एक व्यक्ति की मौत हुई है. लोगों में सिरदर्द, मिर्गी के दौरे पड़ने, अचानक से बेहोश होने, कांपने और मुंह से झाग आने की शिकायतें आ रही हैं.

अनिल विज. (फोटो साभार: फेसबुक)

स्वदेश निर्मित टीका लगने के दो हफ़्ते बाद हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री कोरोना संक्रमित

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कोविड-19 के ख़िलाफ़ संभावित टीके कोवैक्सिन के तीसरे चरण के परीक्षण में पहला स्वयंसेवी बनने की पेशकश की थी. उन्हें 20 नवंबर को इसकी खुराक अम्बाला कैंट के सिविल अस्पताल में दी गई थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

उत्तराखंड: लॉकडाउन के बाद दोबारा स्कूल खुलने पर 80 शिक्षक कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए

ये 80 शिक्षक उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल ज़िले के 20 सरकारी स्कूलों के हैं. मामले सामने आने पर प्रशासन ने इन स्कूलों को पांच दिन के लिए बंद कर दिया है. लॉकडाउन के बाद उत्तराखंड में बीते दो नवंबर से कक्षा 10 और 12 के स्कूलों को फ़िर से खोला गया था.

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‘उल्टा पड़ा भाजपा का कोरोना टीके का दांव’

वीडियो: बिहार चुनाव के लिए भाजपा ने घोषणा-पत्र जारी कर दिया, जिसमें तीन लाख शिक्षकों की नियुक्ति करने, शिक्षा, चिकित्सा एवं अन्य क्षेत्रों में 19 लाख नए रोज़गार देने, कोरोना वायरस का नि:शुल्क टीका लगाने सहित 11 संकल्प व्यक्त किए गए हैं. इस मुद्दे पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की पटना में लोगों से बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

साल 2019 में वायु प्रदूषण संबंधी ​बीमारियों के कारण भारत में 16.7 लाख लोगों की मौत हुई: अध्ययन

स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2020 नाम की एक रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक वायु प्रदूषण मे रहने कारण दिल का दौरा, डायबिटीज़, फेफड़ों के कैंसर और जन्म के समय होने वाली बीमारियों आदि की चपेट में आकर साल 2019 में भारत में 16,67,000 लोगों की मौत हुई.

Srinagar: A doctor collects samples for immunoglobulin (Ig) blood test against coronavirus disease, at Barzulla Bone and Joint Hospital in Srinagar, Monday, June 15, 2020. Authorities organised testing among health care workers as positive cases and deaths increase day-by-day in the Jammu and Kashmir. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI15-06-2020_000102B)

आईसीएमआर को कोरोना हॉटस्पॉट का सीरो-प्रीवलेंस डेटा प्रकाशित करने से रोका गया: रिपोर्ट

मीडिया में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कोविड-19 की व्यापकता का अनुमान लगाने के लिए भारत के पहले राष्ट्रीय सीरो-प्रीवलेंस सर्वेक्षण के शोधकर्ताओं से 11 मई और 4 जून के बीच 10 शहरों के हॉटस्पॉट से एकत्र किए गए डेटा को शोध-पत्र से हटाने के लिए कहा था.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना महामारी ने 3.7 करोड़ लोगों को अत्यधिक ग़रीबी में धकेला: बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना महामारी की वजह से ग़रीबी कुछ ही महीनों में सात फीसदी बढ़ गई है. अत्याधिक ग़रीबी रेखा से ठीक ऊपर रहने वाले लोग तेज़ी से नीचे गिर रहे हैं. इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोविड-19 का बुरा असर पड़ा है.

(फोटो: रॉयटर्स)

मांग के आधार पर कोविड-19 जांच की आईसीएमआर ने अनुमति दी

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने अपनी कोविड-19 जांच रणनीति की समीक्षा कर नया परामर्श जारी किया है. परिषद ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोविड जांच नहीं होने के आधार पर आपात सेवा में देरी नहीं की जानी चाहिए और गर्भवती महिला को जांच की सुविधा नहीं होने के आधार पर रेफर नहीं किया जाना चाहिए.

राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर बीते नौ अगस्त को आशा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया था. (फोटो: पीटीआई)

‘सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं को मरने के लिए छोड़ दिया है, क्या वे देश की नागरिक नहीं हैं’

आशा कार्यकर्ताओं ने कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य उपकरण मुहैया कराने, नियमित वेतन देने और कोरोना वॉरियर्स के तौर पर बीमा राशि जैसी मांगों के साथ दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद इनके ख़िलाफ़ लॉकडाउन का उल्लंघन करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस. (फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना वायरस महामारी से नए संघर्षों का ख़तरा पैदा होता है: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

महामारी के दौरान शांति क़ायम रखने की चुनौती पर चर्चा के लिए सुरक्षा परिषद की बैठक में संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की मून ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि महामारी से निपटने के लिए दुनिया ने लोगों को लॉकडाउन में रखा, अंतरराष्ट्रीय सीमाएं बंद कर दीं, लेकिन वे सशस्त्र संघर्षों को रोक नहीं पाए.