स्वास्थ्य

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 संकट के बीच डॉक्टरों की कमी का सामना कर रहा मेघालय

मेघालय के स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमन वार ने बताया कि कमी मुख्य रूप से इस कारण से है कि कई डॉक्टर अपनी चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद राज्य के सरकारी अस्पतालों में काम करने से इनकार कर रहे हैं.

(फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, डॉक्टरों को समय पर वेतन अदायगी सुनिश्चित करे केंद्र

कोविड-19 मरीज़ों के इलाज में लगे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को वेतन, उचित आवास, और क्वारंटीन सुविधा मुहैया कराने की मांग की याचिका की सुनवाई में केंद्र ने कहा कि कुछ राज्य वेतन संबंधी निर्देश लागू नहीं कर रहे हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि आप इतने बेबस भी नहीं हैं कि अपने आदेशों को लागू न करा पाएं.

(फोटोः पीटीआई)

सीरो प्रीवलेंस अध्ययन: दिल्ली में क़रीब 23 प्रतिशत लोग कोविड-19 से प्रभावित

सीरो-सर्वेक्षण अध्ययनों में लोगों के ब्लड सीरम की जांच करके किसी आबादी या समुदाय में ऐसे लोगों की पहचान की जाती है, जिनमें किसी संक्रामक रोग के ख़िलाफ़ एंटीबॉडी विकसित हो जाती हैं. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने दिल्ली सरकार के सहयोग से 27 जून से 10 जुलाई तक के बीच सीरो-प्रीवलेंस अध्ययन किया.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कर्नाटक: तीन अस्पतालों ने गर्भवती को कथित तौर भर्ती करने से इनकार किया, बच्चे की मौत

मामला बेंगलुरु का है, जहां अस्पतालों द्वारा भर्ती करने से कथित तौर पर इनकार किए जाने के बाद महिला ने ऑटो रिक्शा में बच्चे को जन्म दिया. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इन अस्पतालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है.

(फोटो: पीटीआई)

कोविड-19 के चलते 60 फ़ीसदी लोगों की आजीविका पूरी तरह या गंभीर रूप से प्रभावित हुई: सर्वे

एनजीओ ‘वर्ल्ड विज़न एशिया पैसिफ़िक’ द्वारा जारी सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉकडाउन की सबसे अधिक मार दिहाड़ी मज़दूरों पर पड़ी और इसके चलते छिनी आजीविका ग्रामीण और शहरी ग़रीबों के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना: रैपिड टेस्ट की मंज़ूरी में देरी के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने आईसीएमआर को फटकारा

कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात को देखते हुए ज़रूरी शर्तों या प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए आईसीएमआर द्वारा दिया गया एक महीने का समय बहुत लंबा है.

हिंदू राव अस्पताल. (फोटो साभार: फेसबुक)

दिल्ली: हिंदू राव अस्पताल के डॉक्टरों ने बकाया वेतन को लेकर उपराज्यपाल को लिखा पत्र

हिंदू राव अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा कि देरी से वेतन देना नॉर्थ एमसीडी के अस्पतालों में चलन बन गया है. बीते कुछ समय में हिंदू राव के अलावा नॉर्थ एमसीडी के राजन बाबू टीबी अस्पताल, कस्तूरबा अस्पताल और गिरधारी लाल मैटरनिटी अस्पताल में तनख़्वाह में देरी को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो चुके हैं.

New Delhi: Medics screen patients as part of a precautionary measure for novel coronavirus (COVID-19) outbreak, at a government run hospital in New Delhi, Saturday, March 14, 2020. India has more than 80 positive coronavirus cases so far. (PTI Photo)(PTI14-03-2020_000031B)

हम डॉक्टर्स को योद्धा कह रहे हैं, क्या उन्हें वेतन नहीं दे सकते: दिल्ली हाईकोर्ट

नॉर्थ एमसीडी के हिंदू राव और कस्तूरबा अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर्स को वेतन न मिलने की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जब वकील अदालत में आकर कहते हैं कि उन्हें कोविड-19 महामारी के दौरान पैसा चाहिए तो डॉक्टर, जो कोरोना योद्धा हैं, उन्हें भी तो वेतन चाहिए.

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दिल्ली: कई महीनों से नहीं मिला वेतन, कस्तूरबा अस्पताल की नर्सों ने किया प्रदर्शन

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के कस्तूरबा अस्पताल की एक नर्स का कहना है, ‘बीते कई सालों से समय पर तनख़्वाह नहीं आती थी, इस बार तीन महीनों से नहीं मिली है. अगर हमें सैलरी ही नहीं मिलती है, तो हम अपनी जान जोखिम में क्यों डाल रहे हैं?’

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कोविड-19: इंदौर में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से ज़्यादा, हर सौ में से पांच मरीज़ों की मौत

मध्य प्रदेश में इंदौर कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित ज़िलों में है. आंकड़ों के मुताबिक यहां कोविड-19 मरीज़ों की मृत्यु दर गुरुवार सुबह लगभग पांच फीसदी थी, जो मौजूदा राष्ट्रीय औसत से दो फीसदी अधिक है.

मार्च महीने में इटली के मिलान में मालपेंसा एयरपोर्ट पर क्यूबाई डॉक्टर्स का दल. (फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19 संकट के दौरान मिसाल बनकर उभरा क्यूबा

एक ऐसे समय में जब विकसित कहे जाने वाले देशों में कोरोना संक्रमितों की तादाद बढ़ती जा रही है, अस्पतालों से महज़ मरीज़ों की ही नहीं बल्कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के गुजरने ख़बर आना अपवाद नहीं रहा, क्यूबा सरीखे छोटे-से मुल्क़ ने इससे निपटने में अपनी गहरी छाप छोड़ी है.

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दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा, गर्भवतियों को भर्ती करने के लिए पहले से कोविड जांच ज़रूरी नहीं

एक जनहित याचिका के जवाब में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि गर्भवती महिला के इलाज के साथ ही जांच हो सकती है. यदि जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होती है तो महिला को उपचार के लिए विशेष कोविड-19 अस्पताल में स्थानांतरित किया जाएगा.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली सरकार ने अप्रैल से जून तक किसी बच्चे को मिड-डे मील योजना का लाभ नहीं दिया: आरटीआई

आरटीआई दस्तावेज़ों से पता चला है कि दिल्ली सरकार ने मार्च महीने में मिड-डे मील के तहत पके हुए भोजन के बदले में छात्रों के खाते में कुछ राशि डाली है, लेकिन ये भोजन पकाने के लिए निर्धारित राशि से भी कम है. इसके अलावा ये धनराशि भी सभी पात्र लाभार्थियों को नहीं दी गई है.

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दिल्ली के कोविड अधिकृत जीटीबी अस्पताल में सीनियर डॉक्टरों की कमी, 95 पद खाली

दिल्ली सरकार द्वारा कोविड-19 के लिए अधिकृत जीटीबी अस्पताल में इस समय 300 से अधिक कोरोना संक्रमित भर्ती हैं. यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज के शिक्षक संघ का कहना है कि बीते चार सालों से ऐसी ही स्थिति है, बार-बार मामला उठाए जाने के बावजूद प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है.

हिंदू राव अस्पताल. (फोटो साभार: फेसबुक)

दिल्ली: कई महीनों से वेतन नहीं मिलने पर हिंदू राव अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने धरना दिया

उत्तरी दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले हिंदू राव अस्पताल की नर्सों, लैब तकनीशियनों और पैरामेडिकल कर्मचारियों ने तीन महीने का वेतन नहीं मिलने पर धरना दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अगले सप्ताह तक उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपनी सेवाएं समाप्त कर देंगे.