हड़ौती संभाग

कोटा की भामाशाह कृषि उपज मंडी में बिकने आया उड़द. (फोटो: अवधेश आकोदिया/द वायर)

राजस्थान में हाड़ौती के किसान उड़द को औने-पौने दाम पर बेचने को क्यों मजबूर हैं?

ग्राउंड रिपोर्ट: उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,600 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर ख़रीद शुरू नहीं होने की वजह से किसानों को 500 से 2,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अपनी उपज बेचनी पड़ रही है.

राजस्थान के छीपाबड़ौद की लहसुन मंडी का सरकारी ख़रीद केंद्र. (फोटो: अवधेश आकोदिया/द वायर)

वसुंधरा सरकार की बेरुख़ी के बीच दो और लहसुन उत्पादक किसानों ने आत्महत्या की

कृषि मंत्री का कहना है कि राजस्थान के किसानों में आत्महत्या की प्रवृत्ति नहीं है. जब तक जांच पूरी न हो जाए तब तक उसे आत्महत्या कहना ग़लत है.

छीपाबड़ौद की लहसुन मंडी का सरकारी खरीद केंद्र  (फोटो: अवधेश आकोदिया)

हमारे खाने का स्वाद बढ़ाने वाला लहसुन किसानों की सेहत क्यों बिगाड़ रहा है?

राजस्थान के हाड़ौती संभाग के किसानों ने पिछले साल लहसुन का अच्छा भाव मिलने की वजह से इस बार ज़्यादा लहसुन बोया, लेकिन कम भाव मिलने की वजह से अब तक तीन किसान आत्महत्या कर चुके हैं जबकि दो की सदमे से मौत हो गई है.