हरियाणा

(प्रतीकात्मक फोटोः पीटीआई)

हरियाणा: अस्पताल में रखे शव को कोरोना संक्रमित समझकर अंतिम संस्कार किया

घटना फरीदाबाद के बीके अस्पताल की है, जहां एक विवाद में मारे गए युवक का शव अस्पताल की मोर्चरी से गायब हो गया था. परिजनों द्वारा पूछताछ के बाद सामने आया कि अस्पताल प्रशासन ने इसे कोरोना संक्रमित लावारिस शव समझकर अंतिम संस्कार कर दिया. मामले में एफआईआर दर्ज की गई है.

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो. (फोटो: पीटीआई)

नगालैंड सरकार पर कोविड-19 संबंधी भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाला शख़्स गिरफ़्तार

यूट्यूब पर एक चैनल चलाने वाले इस व्यक्ति ने एक वीडियो में नगालैंड की नेफ्यू रियो सरकार की कोविड-19 को संभालने की रणनीति और फंड आवंटन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि केंद्र से अधिक फंड लेने के लिए राज्य सरकार जानबूझकर प्रदेश में कोरोना वायरस फैला रही है.

Jhunjhunu

ऑनर किलिंगः राजस्थान में शख़्स ने दो युवकों की कुल्हाड़ी से हत्या की

राजस्थान के झुंझुनू ज़िले का मामला. पुलिस के अनुसार, शादी के बाद आरोपी की बेटी अपने प्रेमी के साथ चली गई थी. आरोपी का कहना है कि रिहा होने के बाद वह अपनी बेटी को भी मार डालेगा.

(साभार: वीडियोग्रैब/ट्विटर)

हरियाणा: भाजपा नेता सोनाली फोगाट ने मंडी समिति के पदाधिकारी को चप्पल से पीटा

सोशल मीडिया पर सामने आए का एक वीडियो में हरियाणा भाजपा की नेता सोनाली फोगाट बालसमंद की अनाज मंडी में एक पदाधिकारी को गालियां देते हुए थप्पड़ व चप्पल से मारती नज़र आ रही हैं. बताया जा रहा है कि सोनाली के किसी सवाल पर हुई बहस के बाद उन्होंने यह कदम उठाया.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

हर रात क़रीब 3,000 मज़दूर रबर ट्यूब के सहारे यमुना पारकर हरियाणा से यूपी आ रहे: पुलिस

सहारनपुर के डिविज़नल कमिश्नर ने कहा कि लोग जिस रबर ट्यूब का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे पहले से ही ख़राब हालत में है और कभी भी फट सकते हैं. इससे नदी को पार करने का जोख़िम उठाने वालों की ज़िंदगी ख़तरे में पड़ सकती है.

उत्तर प्रदेश सहारनपुर में यमुनानगर से लौट रहे मजदूर. (फोटो: यूट्यूब वीडियो ग्रैब)

लॉकडाउन: अंधेरे में नदी और जंगल के रास्ते हरियाणा से बिहार जा रहे मज़दूर

मज़दूरों का ये जत्था हरियाणा के यमुनानगर से आ रहा था. आजीविका खो चुके इन मज़दूरों का कहना है कि जिस शेल्टर होम में ये रह रहे थे, वहां ख़राब खाने के साथ एक टाइम ही खाना मिल रहा था.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: उत्तर प्रदेश में दो अलग-अलग हादसों में प्रवासियों के दो बच्चों की मौत

पहला हादसा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी ज़िले में, जबकि दूसरा हादसा कानपुर ज़िले में हुआ है. कानपुर में हुए हादसे में 12 लोग घायल भी हुए हैं.

Ahmedabad: Migrants wait for a transport to reach the railway station and board a special train to their native places in Uttar Pradesh, amid the ongoing COVID-19 lockdown, in Ahmedabad, Thursday, May 14, 2020. (PTI Photo) (PTI14-05-2020_000070B)

लॉकडाउन के बाद से सड़क दुर्घटनाओं में 423 लोगों की मौत, 833 घायल: रिपोर्ट

गैर-लाभकारी संगठन सेव लाइफ फाउंडेशन के अध्ययन के अनुसार, 25 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के बाद से 18 मई सुबह 11 बजे तक अपने घरों को लौट रहे 158 प्रवासी, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले 29 लोग और 236 अन्य लोगों की मौत हुई है.

Navi Mumbai: Migrants who were stranded in Panvel walk along a road towards their native places in Uttar Pradesh, during the nationwide lockdown, imposed in wake of the coronavirus pandemic, in Navi Mumbai, Friday, May 8, 2020. (PTI Photo)(PTI08-05-2020_000295B)

लॉकडाउन: अलग-अलग सड़क हादसों में यूपी और मध्य प्रदेश में आठ प्रवासी मजदूरों की मौत

ऑटोरिक्शा में हरियाणा से बिहार जा रहे दंपति की लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर पर मौत हो गई. मध्य प्रदेश के गुना में टेम्पो पलट जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए. मध्य प्रदेश के बड़वानी में दो हादसों में पांच प्रवासियों की मौत हो गई.

(फोटो: पीटीआई)

कोरोना कहकर मणिपुरी युवती को पीटने के मामले में हरियाणा सरकार और पुलिस को एनएचआरसी का नोटिस

इससे पहले बीते मार्च महीने में दिल्ली विश्वविद्यालय से एमफिल की पढ़ाई कर रहीं मणिपुर की ही छात्रा को ‘कोरोना’ कहकर उन पर थूका गया था. इसके बाद अप्रैल महीने में मुंबई के सांताक्रूज इलाके में एक बाइक सवार मणिपुर की ही युवती पर थूककर भाग निकला था.

A police officer stands at New Delhi's border barricade during lockdown by the authorities to limit the spreading of coronavirus disease (COVID-19), in New Delhi, India March 23, 2020. REUTERS/Adnan Abidi/File Photo

लॉकडाउन: दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली-हरियाणा सीमा पर प्रतिबंधों में मिलेगी छूट

हरियाणा सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में हलफनामा दिया है कि सरकार तथा निजी अस्पतालों के डॉक्टरों, नर्सों, पुलिस और अदालत के अधिकारियों समेत ज़रूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को ई-पास दिखाने पर दिल्ली-हरियाणा के बीच आवाजाही की अनुमति दी जाएगी.

New Delhi: A view of Parliament on the day of the presentation of the Union Budget 2020-21 in the Lok Sabha, in New Delhi, Saturday, Feb. 1, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI2_1_2020_000030B)

श्रम संसदीय समिति ने श्रम कानूनों को ‘कमजोर’ किए जाने को लेकर नौ राज्यों से जवाब मांगा

समिति के अध्यक्ष भर्तृहरि महताब ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की कीमत पर उद्योगों को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा है कि भारत में श्रम कानूनों में हो रहे बदलाव अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए.

Thane: Migrant workers from Lucknow walk along Mumbai-Nashik highway to reach their native places, during a nationwide lockdown in the wake of coronavirus, in Thane, Wednesday, April 29, 2020. (PTI Photo/Mitesh Bhuvad) (PTI29-04-2020_000060B)

भारत में श्रम कानूनों में हो रहे बदलाव अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होने चाहिए: आईएलओ

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ने कहा कि सरकार, श्रमिक और नियोक्ता संगठनों से जुड़े लोगों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता के बाद ही श्रम कानूनों में किसी भी तरह का संशोधन किया जाना चाहिए.

पैदल अपने घरों को लौट रहे प्रवासी मजदूर (फोटो: पीटीआई)

लॉकडाउन: कार की चपेट में आने से पैदल बिहार जा रहे प्रवासी श्रमिक की अंबाला में मौत

इस समूह में चल रहे एक श्रमिक ने बताया कि करीब 12 लोगों ने दो दिन पहले लुधियाना से पैदल ही यात्रा शुरू की थी क्योंकि वे रेलवे की विशेष ट्रेन के लिए पंजीकरण नहीं करा पाए थे.

Navi Mumbai: Migrants from Madhya Pradesh walk along a road towards their native places during the nationwide lockdown, imposed in wake of the coronavirus pandemic, in Navi Mumbai, Wednesday, May 6, 2020. (PTI Photo)(PTI06-05-2020_000182B)

‘श्रम क़ानून में बदलाव मज़दूरों के अधिकारों से खिलवाड़, उन्हें मालिकों के रहम पर जीना पड़ेगा’

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्य कोरोना महामारी के नाम पर गोपनीय तरीके से कुछ सालों के लिये कई श्रम क़ानूनों को हल्का कर रहे हैं या रोक लगा रहे हैं. राज्यों की दलील है कि इससे निवेश बढ़ेगा, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि निवेश श्रम क़ानूनों को ख़त्म करने से नहीं बल्कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल्ड लेबर से होता है.