हापुड़ लिंचिंग

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

हापुड़ लिंचिंग मामले में आगे की जांच करने का निर्देश देने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में 18 जून को 45 वर्षीय मीट व्यवसायी क़ासिम क़ुरैशी की भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी.

(फोटो: पीटीआई)

हापुड़ लिंचिंग मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार से मांगा जवाब

शीर्ष अदालत ने हमले में बच गए समीउद्दीन को सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया है. बीते 18 जुलाई को मांस कारोबारी क़ासिम क़ुरैशी पर भीड़ ने गोकशी के संदेह में पी- पीट कर मार डाला था. पुलिस ने भीड़ के हमले की बजाय रोड रेज का मामला दर्ज किया है.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 284: एनडीटीवी का स्टिंग ऑपरेशन और नागरिकता संशोधन विधेयक

जन गण मन की बात की 284वीं कड़ी में विनोद दुआ एनडीटीवी के एक स्टिंग ऑपरेशन में मॉब लिंचिंग के दो आरोपियों के अपराध स्वीकारने और नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा कर रहे हैं.

अलवर में मारे गए पहलू ख़ान (बाएं) हापुड़ में मारे गए कासिम (बीच में) और हापुड़ में भीड़ द्वारा​ हिंसा के शिकार समीउद्दीन.

हापुड़ और अलवर लिंचिंग मामले के दो आरोपियों ने हत्या और हिंसा की बात स्वीकार की

राजस्थान के अलवर में पहलू ख़ान और उत्तर प्रदेश के हापुड़ में कासिम को पीट-पीट कर मार डालने वाले कथित गोरक्षकों ने एनडीटीवी के स्टिंग आॅपरेशन में स्वीकार किया कि वे पीड़ितों की हत्या में शामिल रहे और पुलिस उनके साथ है.

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हापुड़ लिंचिंग: पुलिस पर मिलीभगत का आरोप, नहीं लिया पीड़ित का बयान

वीडियो: हापुड़ लिंचिंग मामले में कथित गोरक्षकों ने जहां कासिम नाम के एक व्यक्ति की निर्मम हत्या कर दी थी, वहीं बेरहमी से पीटकर मोहम्मद समीउद्दीन को अधमरा कर दिया गया था. एक महीने अस्पताल में रहने के बाद अब बाहर आए समीउद्दीन से कबीर अग्रवाल की बातचीत.

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हापुड़ लिंचिंग: पीड़ित और परिजनों का आरोप, पुलिस ने दबाव बनाकर लिखवाई झूठी एफआईआर

उत्तर प्रदेश के हापुड़ में गोहत्या के शक में भीड़ द्वारा किए हमले में बुरी तरह घायल हुए समीउद्दीन को महीने भर बाद अस्पताल से छुट्टी मिली है. उनका कहना है कि वे मामले के चश्मदीद हैं, लेकिन पुलिस उनका बयान नहीं ले रही है.

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हापुड़ लिंचिंग: घायल किसान के भाई ने की एफआईआर में बदलाव की मांग

घायल समीउद्दीन के भाई का कहना है कि जब उन्होंने एफआईआर पर दस्तखत किये तब पुलिस ने उन्हें घटनाक्रम की गलत जानकारी दी थी. घटना का वीडियो सामने आने पर उन्हें सच का पता चला.