हिंदी

गृहमंत्री अमित शाह. (फोटो: पीटीआई)

अमित शाह की हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाने की अपील, विपक्षी नेताओं ने जताया विरोध

हिंदी दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अनेक भाषा और बोलियां हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत हैं, परंतु ज़रूरत है कि देश की एक भाषा हो, जिसके कारण विदेशी भाषाओं को जगह न मिले.

(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

‘हिंदी-हिंदू-हिंदुस्तान’ के नारे ने हिंदी को वो कलंक दिया, जो अब तक नहीं मिट पाया है

आज हिंदी अपराध-बोध की भाषा है. इस पर यह गंभीर आरोप है कि इसने देश की अनेक बोलियों और भाषाओं का बेरहमी से सरकार की शह पर कत्ल किया है.

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हिंदी में छुआछूत की वही बीमारी है जो हमारे समाज में है

हिंदी दिवस पर विशेष: जितना बोझ आप बच्चों पर लाद रहे हैं डेढ़ लाख शब्दों का स्त्रीलिंग पुल्लिंग याद करने का, उतना मेहनत में बच्चा रॉकेट बना देगा.

Premchand New

जब प्रेमचंद ने महात्मा गांधी का भाषण सुनकर सरकारी नौकरी छोड़ दी थी…

वह असहयोग आंदोलन का ज़माना था, प्रेमचंद गंभीर रूप से बीमार थे. बेहद तंगी थी, बावजूद इसके गांधी जी के भाषण के प्रभाव में उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया था.

प्रतीकात्मक तस्वीर. (फोटो: पीटीआई)

बजट 2019ः गैर हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी शिक्षकों की नियुक्ति के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित

नई योजना के तहत ऐसे स्थानों पर उर्दू शिक्षकों की भी नियुक्ति की जाएगी, जहां की 25 फीसदी से अधिक आबादी उर्दू बोलती है. हालांकि, देश में शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई योजना के लिए इस साल बजट आवंटित नहीं किया गया.

New Delhi: A view of the Supreme Court of India in New Delhi, Monday, Nov 12, 2018. (PTI Photo/ Manvender Vashist) (PTI11_12_2018_000066B)

हिंदी सहित छह क्षेत्रीय भाषाओं में अपने फैसले का अनुवाद उपलब्ध कराएगा सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट हिंदी के अलावा जिन भाषाओं में अपने फैसलों का अनुवाद उपलब्ध कराएगा उनमें असमिया, कन्नड़, मराठी, उड़िया और तेलुगू शामिल हैं.

फोटो साभार: Harish Sharma/Pixabay

सत्ता के मन में उपजे हिंदी प्रेम के पीछे राजनीति है, न कि भाषा के प्रति लगाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पहले मसौदे में हिंदी थोपने की कथित कोशिश पर मचे हंगामे को देखते हुए एक बात साफ है कि इस हो-हल्ले का हिंदी से कोई वास्ता नहीं है. हिंदी थोपने या ख़ारिज करने की इच्छा का संबंध हिंदी राष्ट्रवाद, धर्म, जाति और अंग्रेज़ी से एक असहज जुड़ाव जैसी बातों से हो सकता है, मगर इसका संबंध उस भाषा से कतई नहीं है, जिसका नाम हिंदी है.

Mamta Kalia The Wire

‘अपनी रचनाओं में स्त्रियों के लिए जो टैगोर, शरतचंद ने किया, वो अब के लेखक नहीं कर पाए हैं’

साक्षात्कारः हिंदी की वरिष्ठ लेखिका और साहित्यकार ममता कालिया का कहना है कि स्त्री विमर्श के लिए हमें सिमोन द बोउआर तक पहुंचने से पहले महादेवी वर्मा को पढ़ना पड़ेगा, जिन्होंने 1934 में ही लिख दिया था कि हम स्त्री हैं. हमें न किसी पर जय चाहिए, न पराजय, हमें अपनी वह जगह चाहिए जो हमारे लिए निर्धारित है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: संस्कृत में भी जारी होंगी सरकारी विज्ञप्तियां और मुख्यमंत्री के भाषण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि उनके भाषण और मीडिया को दिए जाने वाले संदेश हिंदी, अंग्रेज़ी के अलावा संस्कृत में भी तैयार किए जाएं और इसके लिए भाषा विशेषज्ञ रखे जाएं.

Cyclon Vayu

गुजरात तट पर चक्रवात ‘वायु’ के दस्तक देने की संभावना नहीं, 560 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित

गुजरात सरकार ने तटीय जिलों में निचले इलाकों और कच्चे मकानों में रहने वाले तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. वहीं, एहतियात के तौर पर हवाई अड्डे बंद कर दिए गए हैं और 70 ट्रेन रद्द कर दी गई हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

हिंदी भाषा विवाद: नई शिक्षा नीति के संशोधित मसौदे पर दो सदस्यों ने जताई आपत्ति

नई शिक्षा नीति के मसौदे में त्रिभाषा फार्मूले को लेकर उठे विवाद के बीच सोमवार को मसौदा नीति का संशोधित प्रारूप जारी किया गया, जिसमें ग़ैर-हिन्दी भाषी राज्यों में हिन्दी अनिवार्य किए जाने का उल्लेख नहीं है.

(फोटो साभार: फेसबुक/नीरव मोदी)

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी के ख़िलाफ़ ब्रिटेन में गिरफ़्तारी वॉरंट जारी

मनी लॉन्डरिंग के एक मामले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी को प्रत्यर्पित करने के ईडी के अनुरोध पर लंदन की एक अदालत ने गिरफ़्तारी वॉरंट जारी किया है.

नामवर सिंह. (फोटो साभार: राजकमल प्रकाशन/फेसबुक)

हजारी प्रसाद द्विवेदी के बाद सबसे यशस्वी आलोचक नामवर जी थे: मैनेजर पांडेय

वीडियो: लेखक और आलोचक नामवर सिंह का बीते दिनों निधन हो गया, उनसे जुड़ी यादों को साझा कर रहे हैं साहित्यकार और आलोचक मैनेजर पांडेय.

नामवर सिंह. (फोटो साभार: राजकमल प्रकाशन/फेसबुक)

नामवर सिंह: एक दौर की विदाई

आलोचना को सामान्यतया एक नीरस अकादमिक काम माना जाता है और आलोचकों को रचनाकारों की तरह बड़ी संख्या में प्रशंसक पाठक नसीब नहीं होते. नामवर सिंह इसके विराट अपवाद थे.

नामवर सिंह. (फोटो साभार: राजकमल प्रकाशन/फेसबुक)

नामवर सिंह को क्यों लगता था कि हिंदी समाज को अपने साहित्यकारों से लगाव नहीं है

एक साक्षात्कार में नामवर सिंह ने कहा था कि विदेश में दो लोग जब बात करते हैं तो कुछ देर के अंदर ही उनकी बातचीत में मिल्टन, शेक्सपियर, चेखव के उद्धरण आने लगते हैं, लेकिन हमारे यहां ऐसा नहीं दिखता. हिंदी में बहुत से जनकवि हैं लेकिन हिंदी जगत में उनकी रचनाएं उस रूप में प्रचारित नहीं होतीं.

कृष्णा सोबती (जन्म- 18 फरवरी 1925, अवसान- 25 जनवरी 2019)

शासकों द्वारा दिए गए सम्मान से कोई बड़ा नहीं हो जाता: कृष्णा सोबती

साक्षात्कार: बीते दिनों ज्ञानपीठ पुरस्कार सम्मानित साहित्यकार कृष्णा सोबती का निधन हो गया. उनके चर्चित उपन्यास ‘मित्रो मरजानी’ के पचास साल पूरे होने पर साल 2016 में उनसे हुई बातचीत.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

केंद्रीय विद्यालयों में ‘हिंदू प्रार्थनाओं’ के ख़िलाफ़ याचिका को संविधान पीठ के पास भेजा

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में केंद्रीय विद्यालयों में होने वाली प्रार्थनाओं पर हिंदू धर्म से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि बच्चों की आस्था और विश्वास का ख़्याल किए बिना इन्हें थोपा जा रहा है.

वरिष्ठ साहित्यकार कृष्णा सोबती. (फोटो साभार: ranjana-bisht.blogspot.in)

ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात साहित्यकार कृष्णा सोबती का निधन

कृष्णा सोबती को साल 2017 में साहित्य के क्षेत्र में दिए जाने वाले देश के सर्वोच्च सम्मान ज्ञानपीठ पुरस्कार से नवाज़ा जा चुका है. 2015 में देश में असहिष्णुता के माहौल से नाराज़ होकर उन्होंने अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस लौटा दिया था.

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‘ज़बान वो ख़त्म होती है जो रोज़मर्रा की ज़िंदगी से न निकली हो’

वीडियो: उर्दू को अवाम तक पहुंचाने में देवनागरी और हिंदी की भूमिका, हिंदी में नुक़्ते के चलन और उर्दू के भविष्य पर विनोद दुआ से द वायर उर्दू के फ़ैयाज़ अहमद वजीह की बातचीत.

साहित्यकार विष्णु खरे. (जन्म: 9 फरवरी 1940 - अवसान: 19 सितंबर 2018) (फोटो साभार: हिंदी कविता/यूट्यूब)

विष्णु खरे: एक सांस्कृतिक योद्धा जो आख़िर तक वैचारिक युद्ध लड़ता रहा

विष्णु खरे ने न सिर्फ एक नई तरह की भाषा और संवेदना से समकालीन हिंदी कविता को नया मिज़ाज़ दिया बल्कि उसे बदला भी. एक बड़े कवि की पहचान इस बात से भी होती है कि वह पहले से चली आ रही कविता को कितना बदलता है. और इस लिहाज़ से खरे अपनी पीढ़ी और समय के एक बड़े उदाहरण हैं.

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मीडिया बोल, एपिसोड 67: हिंदी भाषी मीडिया और हिंदी समाज

मीडिया बोल की 67वीं कड़ी में उर्मिलेश हिंदी भाषी मीडिया और हिंदी समाज पर पॉलिटिकल साइंटिस्ट सविता सिंह और जेएनयू के प्रो. विवेक कुमार से चर्चा कर रहे हैं.

Sarveshwar Dayal Saxena Photo Rajkamal Publication

सर्वेश्वर दयाल सक्सेना: मैं साधारण हूं और साधारण ही रहना चाहता हूं, आतंक बनकर छाना नहीं चाहता

जिस तरह केन नदी केदारनाथ अग्रवाल के संसार में बहती दिखती है ठीक वैसे ही कुआनो सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के संसार में बह रही है. हम सभी के संसार में कोई न कोई भुला दी गई नदी बह रही है. सर्वेश्वर बस इसलिए अलग थे कि वह उस नदी और उसके पास लगने वाले फुटहिया बाज़ार को कभी भूले नहीं. वहां मुर्दा जलते और अधजले रह जाते. धोबी कपड़े धोते. औरतें छुपकर सिगरेट पीतीं.

आचार्य रामचंद्र गौड़

अगर आचार्य रामदास की मुहिम चलती रहती तो हिंदी में विज्ञान लेखन की इतनी दुर्गति न होती

पुण्यतिथि विशेष: 12 सितंबर, 1937 को अंतिम सांस लेने वाले आचार्य रामदास गौड़ द्वारा पैदा की गई वैज्ञानिक चेतना का ही परिणाम था कि उन दिनों विज्ञान लेखकों की गणना भी साहित्यकारों में की जाती थी.

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क्यों राजनीति ने उर्दू को मुसलमान बना दिया है?

आम जनमानस में उर्दू मुसलमानों की भाषा बना दी गई है, शायद यही वजह है कि रमज़ान की मुबारकबाद देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उर्दू को चुना. सच यह है कि जम्मू कश्मीर, पश्चिम बंगाल, केरल जैसे कई मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में उर्दू नहीं बोली जाती.

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श्रीकांत वर्मा: क्या कहूं आज जो नहीं कही, दुख ही जीवन की कथा रही

श्रीकांत वर्मा के साहित्य में जीवन-मरण का स्मरण किसी प्रकार के रहस्यवाद से परे है. बात सीधी-सपाट है. आदमी अपने ‘रक्तचाप’ से मरता है, अपने ‘पाप’ से नहीं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

कठुआ और उन्नाव गैंगरेप मामले पर बोले मोदी, कोई अपराधी बचेगा नहीं, न्याय होगा और पूरा होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस तरह की घटनाएं हमने बीते दिनों में देखी हैं, वे निश्चित रूप से किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक हैं.

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पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला: आजीवन सियासत नहीं कर सकेंगे नवाज़ शरीफ़

शीर्ष न्यायालय के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद पनामा पेपर्स मामले में अयोग्य ठहराए गए 68 वर्षीय नवाज़ शरीफ़ जीवन भर किसी सार्वजनिक पद पर आसीन नहीं हो सकेंगे.

Yogi Adityanath PTI copy

जिनकी देश की आज़ादी में कोई भूमिका नहीं थी वो दूसरों को देशभक्ति का सर्टिफिकेट बांट रहे हैं

स्वतंत्रता के आंदोलन में आरएसएस की कोई भूमिका नहीं रही. आज़ादी के आंदोलन में हिस्सा लेने का उनका कोई इतिहास नहीं है इसीलिए वो समाजवाद के इतिहास को भी मिटाना चाहते हैं.

Kedarnath Singh Final

‘कथाओं से भरे इस देश में… मैं भी एक कथा हूं’

हिंदी साहित्य के संसार में केदारनाथ सिंह की कविता अपनी विनम्र उपस्थिति के साथ पाठक के बगल में जाकर खड़ी हो जाती है. वे अपनी कविताओं में किसी क्रांति या आंदोलन के पक्ष में बिना शोर किए मनुष्य, चींटी, कठफोड़वा या जुलाहे के पक्ष में दिखते हैं.

Kedarnath Singh Youtube

केदारनाथ सिंह: वो कवि जो ‘तीसरे’ की खोज में पुलों से गुज़र गया

केदारनाथ सिंह की कविताओं में सबसे अधिक आया हुआ बिंब वह है जो ‘जोड़ता’ है. उन्हें वह हर चीज़ पसंद थी जो जोड़ती है. वो चाहे सड़क हो या पुल, शब्द हो या सड़क, जो लोगों को मिलाती है, उनकी आंखों में एक छवि बनकर तैरती रहती और फिर पिघलकर कविता में ढल जाती.

केदारनाथ सिंह. (फोटो साभार: भारतीय ज्ञानपीठ)

हिंदी के प्रख्यात कवि केदारनाथ सिंह का निधन

उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले में हुआ जन्म. पेट में संक्रमण की वजह से केदारनाथ सिंह को नई दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था.

Nirala Hindi Kavita

‘यह कवि अपराजेय निराला, जिसको मिला गरल का प्याला’

निराला के देखने का दायरा बहुत बड़ा था. ‘देखना’ वेदना से गुज़रना है. उन्होंने अपने शहर के रास्ते पर ‘गुरु हथौड़ा हाथ लिए’ पत्थर तोड़ती हुई औरत देखी. सभ्यता की वह राह देखी जहां से ‘जनता को पोथियों में बांधे हुए ऋषि-मुनि’ आराम से गुज़र गए. चुपके से प्रेम करने वाला ‘बम्हन लड़का’ और उसकी ‘कहारिन’ प्रेमिका देखी.

Jaipur: Writer and politician Shashi Tharoor speaks during his session at Jaipur Literature Festival 2018 held at Diggi Palace in Jaipur on Saturday. PTI Photo (PTI1_27_2018_000122B)

संविधान को पवित्र बताना और दीनदयाल उपाध्याय की तारीफ़ करना, साथ-साथ नहीं चल सकता: शशि थरूर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि हमें सही को सही और ग़लत का ग़लत कहने की ज़रूरत है.

Episode 18

हम भी भारत, एपिसोड 18: भारत में आर्थिक असमानता

हम भी भारत की 18वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी, भारत में आर्थिक असमानता पर दिल्ली विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के सहायक प्रोफेसर कृष्ण कुमार एस. और आॅक्सफेम इंडिया की निदेशक रानू भोगल से चर्चा कर रही हैं.

Episode 17 (1)

हम भी भारत, एपिसोड 17: जज लोया और न्यायपालिका का संकट काल

हम भी भारत की 17वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी, जज लोया की मौत और न्यायपालिका में संकट पर वरिष्ठ अधिवक्ता उदय गवारे और सुप्रीम कोर्ट की वकील अवनि बंसल से चर्चा कर रही हैं.

Doodh-Nath-Singh

‘कहानी लेखन में गिरावट का दौर है, अच्छा साहित्य आंदोलनों से निकलकर सामने आता है’

शुक्रवार 12 जनवरी को हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार दूधनाथ सिंह का निधन हो गया. जीवन और साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर उनसे हुई एक पुरानी बातचीत.