हिंदू

पोस्टर साभार: ख़्वाब तन्हा कलेक्टिव

आईआईटी कानपुर की जांच समिति ने कहा, फ़ैज़ की नज़्म गाने का समय और स्थान सही नहीं था

आईआईटी कानपुर के छात्रों द्वारा जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई दिल्ली पुलिस की बर्बर कार्रवाई और जामिया के छात्रों के समर्थन में फ़ैज अहमद फ़ैज़ की नज़्म ‘हम देखेंगे’ को सामूहिक रूप से गाए जाने पर फैकल्टी के एक सदस्य द्वारा आपत्ति दर्ज करवाई गई थी.

मुस्तफाबाद में दंगा पीड़ितों के लिए बना राहत शिविर. (फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगों के बाद क्या थी दिल्ली सरकार की ज़िम्मेदारी और उसने क्या किया?

दंगा प्रभावित लोगों के लिए आम जनता की तरफ से किए जा रहे सभी प्रयास सराहनीय हैं, लेकिन यह कोई स्थायी समाधान नहीं है. दंगे में अपना सब कुछ खो चुके निर्दोष लोगों को सरकार की तरफ से सम्मानजनक मदद मिलनी चाहिए थी न कि उन्हें समाज के दान पर निर्भर रहना पड़े.

People supporting the new citizenship law beat a Muslim man during a clash with those opposing the law in New Delhi, February 24, 2020. REUTERS/Danish Siddiqui

दिल्ली दंगा, मुस्लिम और संघ की राजनीति

समाज में मुस्लिम विरोधी पूर्वाग्रह तो पहले से ही मौजूद था, संघ की छत्रछाया में उनके ख़िलाफ़ सतत तरीके से चलाए गए अभियान को अब लहलहाने के लिए उपजाऊ ज़मीन मिल गई है.

(फोटो: रॉयटर्स)

अमेरिकी पत्रकार को वापस भेजने संबंधी प्रसार भारती की ख़बर को विदेश मंत्रालय ने ग़लत बताया

देश के सार्वजनिक प्रसारणकर्ता प्रसार भारती ने ट्वीट कर कहा था कि विदेश मंत्रालय ने अमेरिका स्थित भारतीय दूतावास से भारत विरोधी व्यवहार को लेकर वॉल स्ट्रीट जर्नल के दक्षिण एशियाई डिप्टी ब्यूरो चीफ एरिक बेलमैन को तत्काल प्रभाव से वापस भेजने के एक अनुरोध को देखने के लिए कहा है. हालांकि विदेश मंत्रालय ने इस ख़बर का खंडन किया है.

23 साल के फ़ैज़ान. (सभी फोटो: द वायर)

दिल्ली दंगा: क्या दिल्ली पुलिस है फैज़ान की मौत की ज़िम्मेदार

दिल्ली दंगों के दौरान सामने आए एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी ज़मीन पर पड़े कुछ घायल युवकों से राष्ट्रगान गाने की कहते दिख रहे थे. घायलों में से एक फैज़ान की मौत हो चुकी है. उनकी मां का कहना है कि पुलिस कस्टडी में बेरहमी से पीटे जाने और समय पर इलाज न मिलने से उनकी जान गई है.

पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री माया कोडनानी (फोटो: पीटीआई)

गुजरात: 2002 के नरोदा ग्राम दंगा मामले की सुनवाई कर रहे विशेष एसआईटी जज का तबादला

इस मामले में पूर्व भाजपा मंत्री माया कोडनानी भी आरोपी हैं. साल 2002 में गोधरा कांड के बाद नरोदा पटिया में हुए दंगो में अल्पसंख्यक समुदाय के 11 लोगों की मौत हुई थी.

Hyderabad: Telangana Chief Minister and TRS President K Chandrashekhar Rao addresses the party workers before submitting his government's recommendation for dissolving the Assembly, to the Governor, in Hyderabad, Thursday, Sep 6, 2018. (PTI Photo) (PTI9_6_2018_000209B)

एनपीआर पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने कहा, मेरे खुद के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब मैं अपना जन्म प्रमाणपत्र पेश नहीं कर पा रहा तो दलित, आदिवासी और गरीब लोग कहां से जन्म प्रमाणपत्र लाएंगे.

(फोटो: पीटीआई)

दिल्ली दंगे की कवरेज पर दो मलयाली चैनलों पर लगाई गई 48 घंटे की पाबंदी, दोबारा प्रसारण शुरू

अपने अभूतपूर्व आदेशों में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने केरल के दोनों चैनलों मीडिया वन और एशियानेट न्यूज टीवी पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक समुदाय का पक्ष लेने और दिल्ली पुलिस और आरएसएस की आलोचना को कारण बताया था.

मुस्तफाबाद के हिंदू परिवार.

दिल्ली दंगा: मुस्तफ़ाबाद की एक बस्ती, जो सांप्रदायिकता के ज़हर से अछूती रही

ग्राउंड रिपोर्ट: दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाकों में हुई हिंसा की भयावहता के बाद मुस्तफ़ाबाद इलाके में कुछ ऐसे हिंदू परिवार भी हैं, जो यह मानते हैं कि दंगों की आंच से उन्हें बचाने के लिए उनके मुस्लिम पड़ोसियों ने बहुत मदद की.

16 दिसंबर 2019 को जामिया के गेट पर हर्ष मंदर. (फोटो साभार: यू ट्यूब/कारवां-ए-मोहब्बत)

केंद्र द्वारा हर्ष मंदर के भाषण को ‘भड़काऊ’ कहने का दावा ग़लत है

सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर द्वारा सुप्रीम कोर्ट में भाजपा नेताओं के नफ़रत भरे भाषण देने पर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए याचिका लगाई गई है. इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मंदर के एक पुराने भाषण के अंश का हवाला देते हुए उसे हिंसा भड़काने वाला कहा है.

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अगर कपिल मिश्रा के ख़िलाफ़ एफआईआर के लिए जेल भी जाना पड़ा, तो मैं जाऊंगा: हर्ष मंदर

वीडियो: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के बाद नफ़रत भरे भाषण देने के लिए भाजपा नेताओं- कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस बारे में उनसे द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु की बातचीत.

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‘मैं दंगों की रिपोर्टिंग पर था, उन्होंने धर्म की पहचान के लिए मेरे कपड़े उतरवाए’

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान जनचौक न्यूज़ पोर्टल के पत्रकार सुशील मानव को एक समूह द्वारा रोककर मारपीट की गई और अपनी धार्मिक पहचान साबित करने को कहा गया. सुशील की आपबीती.

(फोटो: पीटीआई)

भाजपा नेता का आरोप- दंगे में फैक्ट्री जल गई लेकिन मुस्लिम होने के कारण पार्टी ने किया नजरअंदाज

ब्रह्मपुरी मंडल के भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चे के अध्यक्ष मोहम्मद अतीक ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास में विश्वास करता था और भाजपा की आलोचना करने वालों से बहस करता था. अब समुदाय के लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि पार्टी ने मेरे लिए क्या किया. मेरे पास कोई जवाब नहीं है.

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‘गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाने गया तो पुलिस ने सांप्रदायिक टिप्पणी करते हुए भगा दिया’

दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाकों में हुए दंगों के बाद कई परिवारों के सदस्य गुमशुदा हैं. परिजनों का आरोप है कि पुलिस इसे लेकर एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है और सरकार से भी उन्हें ज़रूरी मदद नहीं मिल रही है.

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‘युद्ध में भी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं लेकिन दिल्ली दंगे में ऐसा नहीं हुआ’

वीडियो: दिल्ली दंगों पर जन स्वास्थ्य अभियान नाम की संस्था की ओर से एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी की गई है, जिसमें इस दौरान उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाया गया है. सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर भी रिपोर्ट बनाने वाली टीम का हिस्सा थे और उनका कहना है कि जिस समय दिल्ली दंगों में जल रही थी, सरकारें जनता के बीच न होकर सोशल मीडिया पर सक्रिय थीं. उनसे रीतू तोमर की बातचीत.

Men remove debris in a riot affected area following clashes between people demonstrating for and against a new citizenship law in New Delhi, February 27, 2020. REUTERS/Rupak De Chowdhuri

दिल्ली दंगे ने लोगों को अपने ही शहर में बनाया शरणार्थी

उत्तर पूर्वी दिल्ली के शिव विहार में बीते दिनों हुए दंगे के बाद सैकड़ों मुस्लिम परिवारों ने मुस्तफाबाद ने शरण ली है. पीड़ितों को डर है कि अगर वे वापस जाएंगे, तो हिंदुत्व संगठन के लोग उन पर हमला कर सकते हैं

बीएसएफ जवान मोहम्मद अनीस का घर (फोटोः द वायर)

दिल्ली हिंसाः दंगों की आंच में बीएसएफ जवान का घर जलकर ख़ाक, सेना मदद को आगे आई

उत्तर पूर्वी दिल्ली की हालिया हिंसा में खजूरी खास इलाके में रहने वाले बीएसएफ जवान मोहम्मद अनीस का घर भी उपद्रवियों ने जला दिया था. ओडिशा में पोस्टिड मोहम्मद अनीस के घर के पुनर्निर्माण में अब बीएसएफ मदद करेगी.

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दिल्ली हिंसा के दौरान सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का था बुरा हाल, सरकार मूकदर्शक बनी रही: रिपोर्ट

जन स्वास्थ्य अभियान नाम की संस्था की ओर से जारी एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली हिंसा के दौरान सरकार पीड़ितों को समुचित इलाज मुहैया कराने में असमर्थ रही और कई जगह मरीज़ों को भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा.

(फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली दंगा: मृतकों की संख्या 47 पहुंची, 369 एफआईआर दर्ज, करीब 1300 लोग हिरासत में

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा के मामले में अब तक 33 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस सूत्रों ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दंगे में संलिप्त लोगों को हिरासत में लेना आसान है लेकिन हत्या के मामलों में इतनी सरलता से लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता.

फोटो: रॉयटर्स

‘मुझे पहली बार अपने नाम की वजह से डर लगा’

उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान मुस्तफ़ाबाद इलाके में पीड़ितों की मदद के लिए पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता भी डर से अछूते नहीं थे. एक ऐसे ही कार्यकर्ता की आपबीती.

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मीडिया बोल: दिल्ली की हिंसा, गोली मारो के नारे और मीडिया

वीडियो: 23 फरवरी से दिल्ली में भड़की सांप्रदायिक हिंसा की आग में अब तक 48 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 300 से अधिक लोग घायल हैं. मीडिया बोल की इस कड़ी में उर्मिलेश इस बारे में द वायर के डिप्टी एडिटर अजय आशीर्वाद, सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी और जनचौक वेबसाइट के संवाददाता सुशील मानव से चर्चा कर रहे हैं.

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‘सरकार में बैठे लोगों ने सांप्रदायिक माहौल बनाकर कराए दंगे’

साक्षात्कार: बीते रविवार से दिल्ली में शुरू हुए दंगे की आग में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं. इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय से लेकर दिल्ली पुलिस तक पूरा प्रशासनिक महकमा मूकदर्शक बना रहा. दंगा रोकने में नाकाम रही दिल्ली पुलिस पिछले कुछ समय से अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवालों के घेरे में है. सांप्रदायिकता, दंगा और पुलिस की भूमिका पर पूर्व आईपीएस अधिकारी और ‘शहर में कर्फ्यू’ के लेखक विभूति नारायण राय से विशाल जायसवाल की बातचीत.

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दिल्ली दंगा: 167 प्राथमिकी दर्ज, 885 लोग हिरासत में

शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के चलते सात मार्च तक स्कूल बंद रहेंगे क्योंकि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है. सीबीएसई ने साफ किया कि 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं तय कार्यक्रम के मुताबिक दो मार्च से होंगी.

फोटो: शोम बसु

दिल्ली की सांप्रदायिक हिंसा के लिए नरेंद्र मोदी की राजनीति ज़िम्मेदार है

दिल्ली की हिंसा का कोई ‘हिंदू’ या ‘मुस्लिम’ पक्ष नहीं है, बल्कि यह लोगों को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की एक घृणित सियासी चाल है. 2002 के दंगों ने भाजपा को गुजरात में अजेय बना दिया. गुजरात मॉडल के इस बेहद अहम पहलू को अब दिल्ली में उतारने की कोशिश ज़ोर-शोर से शुरू हो गई है.

Delhi Violence

दिल्ली दंगों के दौरान पुलिस को देखकर लगा मानो उसे लकवा मार गया हो: पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह

साक्षात्कार: बीते रविवार से दिल्ली में शुरू हुए दंगे की आग में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक लोग घायल हैं. इस दौरान दिल्ली पुलिस की भूमिका पर लगातार उठ रहे सवालों पर पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह से विशाल जायसवाल की बातचीत.

नई दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में आकाश नापा. (फोटो: श्रृष्टि श्रीवास्तव)

दिल्ली दंगों के दौरान जिस पत्रकार को गोली लगी, वो किस हाल में है?

विशेष रिपोर्ट: उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की कवरेज के लिए गए एक स्थानीय चैनल के संवाददाता आकाश नापा को गोली लगी है. वे जीटीबी अस्पताल में भर्ती हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस. (फोटो: रॉयटर्स)

दिल्ली हिंसा पर यूएन चीफ ने कहा- महात्मा गांधी के विचारों की पहले से कहीं अधिक जरूरत है

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि दिल्ली के उत्तर पूर्व इलाके में सांप्रदायिक हिंसा में अनेक लोगों के हताहत होने से संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ‘बहुत दुखी’ हैं और उन्होंने हिंसा के मामले में अधिकतम संयम बरतने की अपील की है.

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‘मेरी दाढ़ी-टोपी की वजह से मुझ पर हमला हुआ’

वीडियो: बीत दिनों दिल्ली के उत्तर पूर्वी हिस्से में भड़की हिंसा में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और तीन सौ से ज़्यादा लोग घायल हैं. इस दौरान चांद बाग के मोहम्मद ज़ुबैर भी दंगाइयों की बर्बरता का शिकार बने और खून में लथपथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं. ज़ुबैर से द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी की बातचीत.

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‘राजनीतिक दबाव के चलते दंगा रोकने में नाकाम हुई दिल्ली पुलिस’

वीडियो: बीते रविवार से दिल्ली में शुरू हुए दंगे की आग में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं. इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्रालय से लेकर दिल्ली पुलिस तक पूरा प्रशासनिक महकमा मूकदर्शक बना रहा. दंगा रोकने में नाकाम रही दिल्ली पुलिस पिछले कुछ समय से अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवालों के घेरे में है. सांप्रदायिकता, दंगा और पुलिस की भूमिका पर पूर्व आईपीएस अधिकारी और ‘शहर में कर्फ्यू’ के लेखक विभूति नारायण राय से विशाल जायसवाल की बातचीत.