हिंदू

1993 में मुंबई दंगों का एक दृश्य. (फोटो: सुधाकर ओल्वे)

बंबई दंगे: ज़ख़्म तो भर गए, लेकिन निशां अभी बाकी हैं

बाबरी विध्वंस के 25 साल: बाबरी विध्वंस के बाद छिड़े सांप्रदायिक दंगों की आंच बंबई तक भी पहुंची थी. लोगों का कहना है कि वे इससे आगे बढ़ चुके हैं पर मुस्लिमों पर हुए हमलों की हालिया घटनाएं उन्हें डराती हैं.

मौलाना अरशद मदनी. (फोटो: पीटीआई)

भाजपा और संघ नफ़रत की सियासत छोड़ें तो हम साथ देने को तैयार: जमीयत

मौलाना अरशद मदनी ने कहा, मुल्क की ख़राब सूरत-ए-हाल से निपटना हर हिंदुस्तानी का फ़र्ज़ है. अगर मुल्क़ में ख़ुदा ना ख़ास्ता बरबादी आई तो वह हिंदू या मुसलमान नहीं देखेगी.

फोटो: पीटीआई

भारत किसी ख़ास धर्म के लोगों का नहीं, तमाम ख़ूबसूरत फूलों का एक गुलदस्ता है: अब्दुल्ला

फारूक़ अब्दुल्ला ने संघ को दी उन्माद से बचने की नसीहत, कहा- धार्मिक आधार पर देश को बांटने का चलन राष्ट्रहित के लिए घातक. इधर आरएसएस के भैयाजी जोशी ने कहा, हिंदुत्व से बदलेगा समाज.

फोटो: पीटीआई

मोदी ने ख़ुद को छोटा बना लिया है: शिवसेना

शिवसेना ने अपने मुखपत्र में पूछा, भाजपा चुनाव प्रचार अभियान में निचले स्तर तक क्यों चली गई, मोदी के चुनावी भाषणों से विकास का एजेंडा गायब है.

लाहौर में नवाज़ शरीफ के साथ प्रधानमंत्री मोदी, (फोटो: पीटीआई)

पाकिस्तान से इतनी ही नफ़रत है तो शपथ ग्रहण में नवाज़ शरीफ़ को कौन बुलाया था?

मुसलमान का डर दिखा कर हिंदू नौजवानों को बर्बाद किया जा रहा है. उनसे कहा जा रहा है कि रोज़गार मत पूछो, पढ़ाई, अस्पताल मत पूछो, बस देखो कोई मुसलमान मुख्यमंत्री न बन जाए.

फोटो: रॉयटर्स

दूसरे धर्म में शादी करने से महिला की धार्मिक पहचान खो जाए, ऐसा कोई क़ानून नहीं: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने कहा कि कोई भी क़ानून शादी के बाद महिला के धर्म परिवर्तन की बात नहीं कहता है.

Babri Masjid Wikipedia

संप्रदायवादियों की दिलचस्पी धर्म में नहीं, उसके राजनीतिक इस्तेमाल में है: बिपन चंद्र

अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद वास्तविक मुद्दा नहीं हैं, क्योंकि जनता इस मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण रह रही है. वास्तविक मुद्दा सांप्रदायिकता का विकास और सांप्रदायिक संगठनों द्वारा सांप्रदायिक तनाव को हवा देना है.

अयोध्या. (फोटो साभार: ​टूरिज़्म आॅफ इंडिया)

अयोध्या एक शहर का नाम है जिसमें इंसान रहते हैं

यह वह अयोध्या नहीं है जिसको सार्वजनिक कल्पना में विहिप और भाजपा या दिल्ली के तथाकथित लिबरल्स व मार्क्सवादी बुद्धिजीवियों ने स्थापित किया है. यह एक सामान्य शहर है.

Ayodhya Wikimedia

अयोध्या विवाद: इस देश की राजनीति धर्मनिरपेक्ष विरासत और संकल्प भूल चुकी है

देश के वामपंथी और समाजवादी बौद्धिकों ने धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का पूरा दारोमदार मंडलवादी और आंबेडकरवादी आंदोलनों पर डाल दिया लेकिन इन आंदोलनों ने देश को इतने भ्रष्ट नेता दिए कि उनके पास धर्मनिरपेक्षता की रक्षा का नैतिक बल ही नहीं बचा.

अयोध्या के नया घाट स्थि​त सरयूतट. (फोटो: कृष्णकांत)

छह दिसंबर हिंदुओं के लिए पश्चाताप, क्षमायाचना और आत्मचिंतन का दिन होना चाहिए

पच्चीस साल पहले आज ही के दिन स्वयं को रामभक्तों की सेना कहने वालों ने एक ऐसा जघन्य कृत्य किया था जिसके कारण पूरी दुनिया के सामने हिंदू धर्म का सिर हमेशा के लिए कुछ नीचे हो गया.

फाइल फोटो: पीटीआई

विहिप ने अयोध्या को रणक्षेत्र बनाया तो ‘हिंदू’ हुई हिंदी पत्रकारिता

मुख्यधारा की पत्रकारिता तो शुरुआती दिनों से ही राम जन्मभूमि आंदोलन का अपने व्यावसायिक हितों के लिए इस्तेमाल करती और ख़ुद भी इस्तेमाल होती रही.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: ट्विटर/नरेंद्र मोदी)

‘नाना-परनाना की बजाय ये क्यों नहीं बताते कितने घर, रोज़गार, स्कूल-अस्पताल दिए?’

सोशल मीडिया: गुजरात चुनाव प्रचार में विकास की जगह राहुल के परनाना ने ले ली तो फेसबुक और ​ट्विटर पर लोगों ने प्रधानमंत्री की भाषा और ग़लतबयानियों पर जमकर चुटकी ली.

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आप सत्ता की हवस में इतना गिर जाएंगे कि भगवान के रजिस्टर में भी फ़र्ज़ीवाड़ा करेंगे: कांग्रेस

गुजरात चुनाव राउंडअप: राहुल पहुंचे सोमनाथ मंदिर, प्रधानमंत्री बोले- तुम्हारे परनाना ने नहीं बनवाया था. राहुल की गैरहिंदू एंट्री पर बवाल, कांग्रेस बोली- राहुल अनन्य शिव भक्त हैं, ‘जनेऊधारी’ भी हैं.

फोटो: पीटीआई

हिंदू वोट बैंक बचाए रखने की ख़ातिर नये-नये दुश्मन गढ़ना ज़रूरी है

विदेशी दुश्मनों को ज़रूरत से ज़्यादा निचोड़ लिया गया है. अब नये दुश्मन की ज़रूरत है. अब घर में तलाश की जा रही है. इसके लिए इतिहास को काम पर लगाया गया है.

Faiz Ahmed Faiz

फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, जिन्हें लिखने के लिए जेल में डाला गया

पुण्यतिथि विशेष: जो इश्क़ करते हैं, बेड़ियों को तोड़ना चाहते हैं, दुनिया को बदलना चाहते हैं, उन्हें आज भी फ़ैज़ की ज़रूरत है.

(फोटो साभार:पत्रिका)

यूपी निकाय चुनाव: भाजपा नेता की मुस्लिमों को चेतावनी, भाजपा को वोट दें नहीं तो होगी परेशानी

बाराबंकी के इस भाजपा नेता के भाषण के समय योगी सरकार के दो कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान और रामापति शास्‍त्री भी मंच पर मौजूद थे.

फोटो साभार: ranjana-bisht.blogspot.in

कृष्णा सोबती: स्त्री मन की गांठ खोलने वाली कथाकार

‘मित्रो मरजानी’ के बाद सोबती पर पाठक फ़िदा हो उठे थे. ये इसलिए नहीं हुआ कि वे साहित्य और देह के वर्जित प्रदेश की यात्रा पर निकल पड़ी थीं. ऐसा हुआ क्योंकि उनकी महिलाएं समाज में तो थीं, लेकिन उनका ज़िक्र करने से लोग डरते थे.

(फोटो: पीटीआई)

कथित लव जिहाद मामले में राजस्थान पुलिस को हाईकोर्ट की फटकार, सरकार से जवाब तलब

अदालत ने पूछा, पुलिस कैसे मान सकती है कि 10 रुपये के स्टांप पर हलफ़नामा देने से लड़की का धर्म परिवर्तन क़ानूनन जायज़ है जबकि क़ानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.

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कोई भी सरकार या अवतार केवल अपने बूते देश को बड़ा नहीं बना सकता: संघ प्रमुख

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुस्तान हिंदुओं का देश है. इसका मतलब यह कतई नहीं है कि हिंदुस्तान दूसरे लोगों का देश नहीं है.

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पीएन ओक: वो व्यक्ति जिसने ताजमहल को तेजोमहालय बताने वाले विवाद की शुरुआत की

भारत के इतिहास को सेक्युलर और मार्क्सवादी इतिहासकारों द्वारा गढ़ा बताने वाले ओक दावा करते हैं कि क्रिश्चियनिटी और इस्लाम ‘वैदिक’ विश्वासों की विकृतियों के तौर पर पैदा हुए हैं.

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सरोजिनी नायडू के इमाम हुसैन को राजनीति ने शिया मुसलमान बना दिया

हमारी बदनसीबी ही है कि जिस सोच ने देश को तीन टुकड़ों में बांट दिया, आज भी हमारे दिमागों में काई की तरह जमी हुई है और सड़ांध फैला रही है.

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जितने मुंह, उतनी व्याख्याओं के लिए तैयार है हिंदू धर्म

हिंदू धर्म आज तक अगर प्राणवान रहा है तो राजाओं, अदालतों और पुलिस या लठैतों के बल पर नहीं. उसकी प्राणवत्ता परस्पर विरोधी स्वरों को सुनने और बोलने देने की उसकी तत्परता में रही है. उसे किसी मध्यस्थ की आवश्यकता नहीं.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi pays floral tributes to the bust of Shyama Prasad Mukherjee at BJPs national executive meeting at Talkatora stadium, in New Delhi on Monday. PTI Photo by Kamal Kishore (PTI9 25 2017 000034B)

दीनदयाल उपाध्याय: जो मुसलमानों को समस्या और धर्मनिरपेक्षता को देश की आत्मा पर हमला मानते थे

अंत्योदय का नारा देने वाले दीनदयाल उपाध्याय का कहना था कि अगर हम एकता चाहते हैं, तो हमें भारतीय राष्ट्रवाद को समझना होगा, जो हिंदू राष्ट्रवाद है और भारतीय संस्कृति हिंदू संस्कृति है.

Haridwar: RSS chief Mohan Bhagwat offers prayers to Ganga River as he celebrates his birthday with sadhus, in Haridwar on Monday. PTI Photo (PTI9_11_2017_000088B)

विश्व में एकमात्र धर्म हिंदू, बाकी सब संप्रदाय: मोहन भागवत

संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू धर्म के दरवाजे सभी के लिए आज भी खुले हुए हैं, क्योंकि हम यह मानते हैं कि हम सबके पूर्वज हिंदू ही हैं.

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वह चुनाव अभियान जिसने सांप्रदायिक राजनीति को बदल दिया

वर्ष 2002 में नरेंद्र मोदी के पहले राजनीतिक चुनाव प्रचार ने सबकुछ बदल दिया. पहली बार किसी पार्टी के नेता और उसके मुख्य चुनाव प्रचारक ने मुस्लिमों के ख़िलाफ़ नफ़रत भरा प्रचार अभियान चलाया.

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सरकारी अफ़सरान हों या मुंसिफ़, ख़ुद को सामाजिक नैतिकता का प्रहरी मान बैठते हैं

व्यक्ति कुछ मौलिक अधिकारों से संपन्न है. संविधान इन अधिकारों की निशानदेही कर राज्य को बताता है कि वह व्यक्ति के जीवन में कहां हस्तक्षेप नहीं कर सकता.

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साढ़े चार आखर मनुष्यता का, पढ़े सो पंडित होय…

हजारी प्रसाद द्विवेदी सही मायने में पंडित थे. वैसे पंडित नहीं, जो शास्त्र और वेद को पढ़कर जड़ और हिंसक हो जाता है, बल्कि वैसे, जो कबीर की तरह प्रेम या मनुष्यता का ढाई आखर पढ़कर पंडित होता है.

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दो दशक बाद पाक सरकार में किसी हिंदू को मिली जगह

शाहिद खाक़न अब्बासी की नई सरकार के मंत्रिमंडल में सिंध के दर्शन लाल को चार पाकिस्तानी प्रांतों के बीच समन्वय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

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दीनानाथ बत्रा की एनसीईआरटी को सलाह: स्कूली किताबों से हटाएं अंग्रेज़ी, उर्दू और अरबी के शब्द

संघ से जुड़े शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने एनसीईआरटी की किताबों से ग़ालिब, टैगोर, पाश की रचनाओं सहित गुजरात दंगों से जुड़े तथ्य हटाने की मांग की है.

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गोशालाओं में गायों की रोज़ाना मौत और गोभक्ति का पाखंड

भाजपा शासित राज्यों में गोशालाओं में बदइंतज़ामी के चलते लगातार गायों की मौत हो रही है, लेकिन वे गाय के प्रति अपना ‘प्रेम’ उजागर करने में नित नये क़दम बढ़ाते रहते हैं.

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सेकुलर भारत की याद दिलाती है अमर अकबर एंथनी

एक अलग भारत और उसके केंद्रीय मूल्यों को याद कराने के लिए फिल्म अमर अकबर एंथनी बुरा विचार नहीं है. यह आज के नौजवानों को यह बतलाएगा कि भारत हमेशा से वैसा नहीं था, जैसा कि आज है.

Chetan Bhagat Amatnath Terror Attack and Zunaid Lynching

अमरनाथ बनाम जुनैद: ‘थ्री मिस्टेक्स’ आॅफ चेतन भगत

किसी एक त्रासदी के पीड़ितों को दूसरी त्रासदी के पीड़ितों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल करना हद दर्जे का ओछापन है, जहां पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की बजाय राजनीतिक रोटियां सेंकी जाने लगती हैं.

Calcutta Riot 1946

भारत विभाजन के पहले भी ऐसी ही भीड़-मानसिकता पैदा की गई थी

भीड़-मानसिकता को जब कोई सांप्रदायिक विचारधारा नियंत्रित करती है तो निश्चित रूप से नारे भले ही अखंड भारत के लगें, भीतर ही भीतर विभाजन की पूर्वपीठिका तैयार की जा रही होती है.