हिंसा

असम-मिजोरम सीमा पर तैनात सुरक्षा बल. (फोटो साभार: ट्विटर/@ZoramthangaC)

असम-मिज़ोरम सीमा पर हिंसक झड़प के बाद तनाव, प्रधानमंत्री कार्यालय को स्थिति से अवगत कराया

यह घटना असम के कछार ज़िले के लैलापुर गांव और मिज़ोरम के कोलासिब ज़िले के वैरेंगटे गांव के निवासियों के बीच हुई. पुलिस ने बताया कि भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर क़रीब 20 अस्थायी झोपड़ियों और दुकानों को आग लगा दी. स्थिति अब नियंत्रण में है.

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दिल्ली दंगों में जलीं मस्जिदें फिर से हुईं खड़ी

वीडियो: बीते फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान कम से कम 14 मस्जिदों और एक सूफी दरगाह को जला दिया गया था. अब ज़्यादातर मस्जिदों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है.

प्रेमचंद. (जन्म: 31 जुलाई 1880 – अवसान: 08 अक्टूबर 1936) (फोटो साभार: रेख्ता डॉट ओआरजी/विकीमीडिया/John Hoyland, Lebanon, 2007)

राष्ट्रवाद और डंडावाद

प्रेमचंद महात्मा गांधी की आंदोलन पद्धति के मुरीद थे. सशस्त्र आतंक के ज़रिये क्रांति या मुक्ति के नारे प्रेमचंद का खून गर्म नहीं कर पाते क्योंकि वे हिंसा के इस गुण या अवगुण को पहचानते थे कि वह कभी भी शुभ परिणाम नहीं दे सकती.

प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स

साल 2019 में महिलाओं और दलितों के ख़िलाफ़ अपराध के सबसे अधिक केस उत्तर प्रदेश में दर्ज

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में भारत में महिलाओं एवं दलितों के खिलाफ अपराध में सात फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है. इस दौरान बलात्कार के प्रतिदिन कम से कम 87 मामले सामने आए हैं. उत्तर प्रदेश में साल दर साल महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं.

स्वामी अग्निवेश. (फोटो साभार: फेसबुक/@swamiagnivesh)

स्वामी अग्निवेश: आधुनिक आध्यात्मिकता का खोजी

स्वामी अग्निवेश गांधी की परंपरा के हिंदू थे, जो मुसलमान, सिख, ईसाई या आदिवासी को अपने रंग में ढालना नहीं चाहता और उनके लिए अपना खून बहाने को तत्पर खड़ा मिलता है. वे मुसलमानों और ईसाइयों के सच्चे मित्र थे और इसीलिए खरे हिंदू थे.

(फोटो: रॉयटर्स)

कोविड-19 से ग़रीबी, भुखमरी और संघर्ष बढ़ने की आशंका: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी मामलों के प्रमुख ने अगाह किया कि कमज़ोर देशों में कोविड-19 संकट की वजह से आर्थिक एवं स्वास्थ्य पर पड़ने वाले अप्रत्यक्ष प्रभावों के कारण ग़रीबी बढ़ेगी, औसत आयु कम होगी, भुखमरी बढ़ेगी, शिक्षा की स्थिति ख़राब होगी और अधिक बच्चों की मौत होगी.

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: फारूक अब्दुल्ला ने की कश्मीरी पंडितों के पलायन की जांच कराने की मांग

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि उनका मानना है कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अपूर्ण है और वे उन्हें ससम्मान वापस लाने की किसी भी प्रक्रिया का समर्थन करेंगे.

तेलुगू कवि वरवरा राव. (फोटो: पीटीआई)

भीमा कोरेगांव: वरवरा राव के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि

भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में 2018 से जेल में बंद 81 साल के वरवरा राव के परिजनों ने बीते सप्ताह उनकी सेहत के बारे में चिंता जताते हुए जेल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था.

पूर्व आईपीएस एसआर दारापुरी और सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ जफ़र. (फोटो साभार: फेसबुक)

सीएए: सामाजिक कार्यकर्ताओं के परिवार ने प्रशासन पर संपत्ति ज़ब्त करने की धमकी का आरोप लगाया

77 वर्षीय पूर्व आईपीएस अधिकारी एसआर दारापुरी और 44 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता सदफ़ जाफ़र उन 57 लोगों में शामिल हैं, जो 19 दिसंबर, 2019 के सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान लखनऊ में 1.55 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के आरोपी हैं.

Kanpur: Police personnel hits a civilian during their protest against the Citizenship (Amendment) Act that turned violent, at Babu Purwa in Kanpur, Friday, Dec. 20, 2019. (PTI Photo) (PTI12_20_2019_000262B)

बिजनौर: सीएए प्रदर्शन के दौरान हुई मौत के मामले में छह पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में 20 दिसंबर 2019 को हुए सीएए विरोधी प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में 21 साल के सुलेमान की मौत हो गई थी. एसआईटी ने पुलिसकर्मियों को दोषमुक्त करते हुए सुलेमान को आरोपी ठहराया है और कहा है कि वे प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में शामिल थे.

शाहनवाज आलम. (फोटो: ट्विटर)

सीएए विरोधी प्रदर्शन मामले में यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष गिरफ़्तार

यूपी कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शाहनवाज़ आलम को बीते साल 19 दिसंबर को लखनऊ में सीएए- एनआरसी के ख़िलाफ़ हुए प्रदर्शन के मामले में गिरफ़्तार किया गया है. कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है.

Abstract Art By Francis_Picabia Wikimedia Commons

मैं बोलूं क्या और आप सुनें कैसे?

बात कैसे करें कि सब सुन सकें और वह जो कहा जा रहा है, वही सुनें? सुनने का अर्थ क्या है? बोलने में उम्मीद है कि जो कहा जा रहा है, उसे सुना जाएगा, ऐसा होता नहीं. गले के साथ कानों का पर्याप्त प्रशिक्षण हुआ नहीं. सुनना भी बोलने की तरह ही आपकी नैतिक मान्यताओं से जुड़ा है.

(फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: छह महीनों में गोकशी और गोवंश की तस्करी के ख़िलाफ़ अभियान में 3,867 गिरफ़्तार

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) ने बताया कि एक जनवरी 2020 से आठ जून 2020 तक गोवध निवारण कानून के तहत 867 मामलों में आरोपपत्र दाखिल कर दिए गए हैं, जबकि 44 मामलों में रासुका और 2197 मामलों में गैंगस्टर एक्ट और 1,823 मामलों मे गुंडा एक्ट लगाया गया है.

Cows are packed into a gaushala, or cattle shelter, in the town of Barsana that takes in cattle seized from Muslims by vigilantes in the Indian state of Uttar Pradesh. REUTERS/Cathal McNaughton

उत्तर प्रदेश: गोहत्या पर कड़ी सजा के प्रावधान वाले अध्यादेश को मंज़ूरी

उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के अनुसार गोहत्या के लिए अधिकतम 10 साल सश्रम कारावास के साथ पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके तहत गायों और गोवंशीय पशुओं को अवैध रूप से लाने-जाने के मामले में चालक, परिचालक और वाहन के मालिक पर भी आरोप लगाया जाएगा.

जॉर्ज फ्लॉयड (दाएं) और दिल्ली हिंसा के दौरान घायल युवक. (साभार: ट्विटर/वीडियोग्रैब)

भारत में आम नागरिकों के साथ होने वाले पुलिसिया अत्याचार सामूहिक आक्रोश की वजह क्यों नहीं हैं?

पुलिस की बर्बरता से हम सभी को फ़र्क़ पड़ना चाहिए, भले ही निजी तौर पर हमारे साथ ऐसा न हुआ हो. ये हमारी व्यवस्था का ऐसा हिस्सा बन चुका है, जिसे बदलना चाहिए और पूरी ताक़त से मिलकर ज़ाहिर की गई जनभावना ही ऐसा कर सकती है.