हुर्रियत

सैयद अली शाह गिलानी. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस छोड़ी

बीते अगस्त से नज़रबंद 90 वर्षीय सैयद अली शाह गिलानी को हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का आजीवन अध्यक्ष बनाया गया था. उनके प्रवक्ता ने कहा कि अब उन्होंने पूरी तरह से इससे अलग होने की घोषणा की है.

रिज़वान असद पंडित के ग़मगीन परिजन (फोटो: पीटीआई)

तीन घटनाएं, जो बताती हैं कि कश्मीर की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है

भाजपा मतदाताओं को यह दिखाने के लिए कि वह आतंक पर सख़्त है, उस मौजूदा कश्मीर नीति से छेड़छाड़ कर रही है, जो अलगाववादियों के साथ सामंजस्य लाने के उद्देश्य से बनाई गई थी. एक ऐसी नीति, जो राज्य को बर्बादी की कगार से वापस लाई थी.

Srinagar: Jammu and Kashmir Governor Satya Pal Malik during an Interview with PTI, in Srinagar, on Tuesday, October 16, 2018. ( PTI Photo/S Irfan)(Story No. DEL 66)(PTI10_16_2018_000159B)

जम्मू कश्मीर: 18 अलगाववादियों, 155 नेताओं का सुरक्षा कवर हटाया गया

इससे पहले 17 फरवरी को जम्मू कश्मीर प्रशासन ने मीरवाइज उमर फारूक के साथ चार अन्य अलगाववादी नेताओं शब्बीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन और अब्दुल गनी भट की सुरक्षा वापस ले ली थी.

Srinagar: Mirwaiz Umar Farooq, Chairman, Hurriyat Conference defies his house detention and leads a rally to protest against the visit of Prime Minister Narendra Modi, in Srinagar, on Saturday. (PTI Photo) (PTI5_19_2018_000060B)

पुलवामा हमला: मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ समेत पांच अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा वापस ली गई

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अलगाववादी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ के अलावा शब्बीर शाह, हाशिम कुरैशी, बिलाल लोन और अब्दुल गनी भट की भी सुरक्षा वापस ले ली है.

Srinagar: Chairman of Moderate faction of Hurriyat Conference Mirwaiz Umar Farooq along with other leaders at a press conference after he was released from house detention at Hurriyat Headquarters in Srinagar on Monday. PTI Photo  (PTI5_2_2016_000172A)

कश्मीर में वाजपेयी फॉर्मूला अपनाए केंद्र सरकार: मीरवाइज़

अलगाववादी नेता ने कहा, उदारवादी अलगाववादियों की दिक्कत यह है कि भारत कश्मीर समस्या को पूरी तरह पाकिस्तान की देन मानता है और इसे सीमापार आतंकवाद के ऩजरिये से देखता है.

Mohammad Yasin Malik, chairman of Jammu Kashmir Liberation Front (JKLF), speaks during a news conference in Srinagar April 18, 2007. JKLF, which declared a ceasefire in 1994 against Indian security forces, says it leads a political struggle for Kashmir's complete independence both from India and Pakistan, who claim the region in full but rule in parts.   REUTERS/Fayaz Kabli   (INDIAN ADMINISTERED KASHMIR)

वाजपेयी चाहते थे कश्मीरी उन्हें प्यार करें पर मोदी चाहते हैं कि कश्मीरी उनसे डरें: यासीन मलिक

जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक का कहना है कि वर्तमान सरकार कश्मीरियों की एक पूरी पीढ़ी को सशस्त्र संघर्ष के लिए मजबूर कर रही है.

People look out from a window as they watch a protest against the recent killings in Kashmir, on the outskirts of Srinagar

कश्मीर घाटी में ऐसा क्या हुआ कि 2014 के बाद हालात तेज़ी से ख़राब होने लगे?

कश्मीर के मामले में मोदी सरकार ने न तो पहले की सरकारों की विफलताओं से कोई सबक लिया और न ही कामयाबियों से.