हेडगेवार

New Delhi: RSS chief Mohan Bhagwat speaks during a book release function in New Delhi, Thursday, Sep 20, 2018. (PTI Photo/Subhav Shukla) (PTI9_20_2018_000153B)

संघ से संवाद: दक़ियानूसी विचारों को नई पैकेजिंग के ज़रिये आकर्षक बनाने का पैंतरा

वे सभी लोग जो नए कलेवर में प्रस्तुत संघ को लेकर प्रसन्न हो रहे हैं, उन्हें यह जानना होगा कि यह कोई पहली बार नहीं है जब संघ इस क़वायद में जुटा है. उन्हें 1977 के अख़बारों को पलट कर देखना चाहिए जब यह बात फैलाई जा रही थी कि संघ अब अपनी कतारों में मुसलमानों को भी शामिल करेगा. लेकिन यह शिगूफ़ा साबित हुआ.

New Delhi: RSS chief Mohan Bhagwat speaks on the last day at the event titled 'Future of Bharat: An RSS perspective', in New Delhi, Wednesday, Sept 19, 2018. (PTI Photo) (PTI9_19_2018_000185B)

भागवत जी, आपकी कथनी के करनी में बदल जाने तक उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता

संघ प्रमुख के हालिया बयानों की गंभीरता और विश्वसनीयता को इस कसौटी पर परखा जाना चाहिए कि आरएसएस से संबद्ध संगठन अपना आगामी चुनाव अभियान किस तरह से चलाते हैं.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अगर तिरंगा फहराना ही देशभक्ति है तो संघ पंद्रह साल पहले ही देशभक्त हुआ है

आज़ादी के 71 साल: क्या 2002 के पहले तिरंगा भारतीय राष्ट्र का राष्ट्रध्वज नहीं था या फिर आरएसएस खुद अपनी आज की कसौटी पर कहें तो देशभक्त नहीं था?

राजगुरु. (फोटो साभार: विकिपीडिया)

इस बात का कोई सबूत नहीं कि राजगुरु आरएसएस के स्वयंसेवक थे: परिजन

राजगुरु के परिजनों का कहना है कि वह समस्त देश के क्रांतिकारी थे और उनका नाम किसी ख़ास संगठन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए.

फोटो: रॉयटर्स

क्या संघ ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के ख़िलाफ़ था?

भारत छोड़ो आंदोलन के बाद ब्रिटिश सरकार ने खुशी व्यक्त करते हुए लिखा कि संघ ने पूरी ईमानदारी से ख़ुद को क़ानून के दायरे में रखा, ख़ासतौर पर अगस्त, 1942 में भड़की अशांति में वो शामिल नहीं हुआ.

Cover-of-Samanya-Gyan-Pratiyogita

क्या स्कूली बच्चों को प्रतियोगिता के नाम पर भाजपा हिंदुत्व की घुट्टी पिलाना चाहती है?

भारत हिंदू राष्ट्र है, विवेकानंद ने शिकागो धर्म सभा में हिंदुत्व का प्रतिनिधित्व किया था जैसी बातें उस बुकलेट में हैं, जो भाजपा यूपी में होने वाली एक प्रतियोगिता के लिए स्कूलों में बांटेगी.

mohan bhagwat reuters

गोरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून बनाने की भागवत की मांग डरावनी है

उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत की व्याख्या आरएसएस ने गोरक्षा और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण जैसे अपने पुराने वैचारिक मुद्दों को उठाने के लिए मिली हरी झंडी के तौर पर की है.