1984 सिख विरोधी दंगा

Police stand guard outside the residence of the Chief of India's ruling Congress party Sonia Gandhi during a protest in New Delhi May 2, 2013. Hundreds of Sikh protesters on Thursday held a demonstration outside the residence of Sonia Gandhi against the acquittal of Congress leader Sajjan Kumar in a 1984 anti-Sikh riots case, protesters said. More than 2,500 people died in a wave of attacks on Sikhs in 1984 after the then Prime Minister Indira Gandhi was shot dead by her Sikh bodyguards. REUTERS/Mansi Thapliyal (INDIA - Tags: CRIME LAW POLITICS CIVIL UNREST) - RTXZ7AY

1984 नरसंहार: सज्जन कुमार के बाद अब पुलिस की जवाबदेही तय करने का वक़्त है

भारतीय लोकतंत्र का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस तरह के जघन्य अपराध भुलाए नहीं जाएंगे और दोषी किसी क़ीमत पर नहीं बचेंगे.

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (फोटो: पीटीआई)

पार्टी ने अलका लांबा से इस्तीफा नहीं मांगा है, न ही कोई इस्तीफ़ा हुआ है: मनीष सिसोदिया

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को मिले ‘भारत रत्न’ वापस लेने की मांग वाला एक प्रस्ताव कथित तौर पर दिल्ली विधानसभा में पारित होने के बाद आम आदमी पार्टी में विवाद शुरू हो गया है.

सज्जन कुमार (फोटो: पीटीआई)

चौरासी के दंगों पर दिल्ली हाईकोर्ट का फ़ैसला महान भारत के नागरिकों की निर्ममता के ख़िलाफ़ आया है

2002 की बात को कमज़ोर करने के लिए 1984 की बात का ज़िक्र होता है, अब 1984 की बात चली है तो अदालत ने 2013 तक के मुज़फ़्फ़रनगर के दंगों तक का ज़िक्र कर दिया है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी. (फोटो: पीटीआई)

1984 को लेकर राहुल गांधी को सच स्वीकार करने का साहस दिखाना चाहिए

‘अगर आप एक नेता हैं और आपकी नज़रों के सामने बड़ी संख्या में लोगों का क़त्ल किया जाता है, तब आप लोगों की ज़िंदगी बचा पाने में नाकाम रहने की जवाबदेही से मुकर नहीं सकते.’

सिख विरोधी दंगा मामले में फैसला आने के बाद कोर्ट के बाहर खड़े लोग. (फोटो: पीटीआई)

1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में यशपाल सिंह को फांसी

दिल्ली की एक अ​दालत ने दो लोगों की हत्या के मामले के दूसरे दोषी नरेश सहरावत को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई. इस मामले में पहली बार किसी को मौत की सज़ा सुनाई गई है.

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​​​जन गण मन की बात, एपिसोड 295: भीमा कोरेगांव मामले में सामाजिक कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी और राहुल गांधी

जन गण मन की बात की 295वीं कड़ी में विनोद दुआ भीमा कोरेगांव हिंसा से जुड़े मामले में देश के विभिन्न हिस्सों से गिरफ़्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ताओं और राहुल गांधी के 1984 के दंगों को लेकर दिए गए बयान पर चर्चा कर रहे हैं.​

फोटो: पीटीआई

न चौरासी के दंगों में कांग्रेस का हाथ था, न 2002 में भाजपा का!

राहुल गांधी की कांग्रेस को सिख दंगों से अलग करने की कोशिश वैसी ही है, जैसी मोदी ने विकास के नारे में गुजरात के दाग़ छुपाकर की थी.

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एनसीईआरटी ने अपनी किताब में गुजरात मुस्लिम विरोधी दंगों से ‘मुस्लिम विरोधी’ शब्द हटाया

12वीं कक्षा की पॉलिटिकल साइंस की किताब के पिछले संस्करण में ‘फरवरी-मार्च 2002 में गुजरात में मुस्लिमों के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी’, लिखा था. अब इसमें से मुस्लिम शब्द हटाकर ‘गुजरात में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई’ कर दिया गया है.