AAP MLA

RPT WITH BYLINE....New Delhi: Aam Aadmi Party MLAs Madan Lal Khufiya, Shivcharan Goel, Vijender Garg, Sharad Kumar Chauhan and others celebrate after Delhi High Court restored the membership of 20 AAP MLAs in the office of profit case, at Delhi High Court in New Delhi on Friday. PTI Photo by Vijay Verma (PTI3_23_2018_000113B)

चुनाव आयोग की सिफ़ारिश दिल्ली की चुनी हुई सरकार गिराने की कोशिश थी: आप

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने पूर्व चुनाव आयुक्त एके जोती पर आरोप लगाया कि उन्होंने केंद्र सरकार को ख़ुश करने के लिए आप विधायकों को अयोग्य घोषित किया था.

New Delhi: Delhi CM Arvind Kejriwal and Deputy CM Manish Sisodia with MLAs celebrating the judgment of Delhi High Court at Kejriwal's residence in New Delhi, on Friday. PTI Photo by Ravi Choudhary (PTI3_23_2018_000213B)

आप के 20 विधायकों को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत, अयोग्य ठहराने वाली अधिसूचना रद्द

चुनाव आयोग की सिफ़ारिश को दोषपूर्ण बताते हुए अदालत ने कहा कि इसमें नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत का उल्लंघन हुआ है. अदालत ने आयोग नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश दिया.

आप दफ्तर दिल्ली (फोटो: पीटीआई)

हाईकोर्ट ने अयोग्य ठहराए गए आप विधायकों से पूछा, क्यों बनाए गए थे संसदीय सचिव के पद

चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य ठहराए गए विधायकों ने दावा किया है कि उन्होंने संसदीय सचिव के पद पर रहते हुए कोई वित्तीय लाभ या सुविधाएं नहीं लीं.

Episode 186_RAW

जन गण मन की बात, एपिसोड 186: अयोग्य विधायक और आम आदमी पार्टी

जन गण मन की बात की 186वीं कड़ी में विनोद दुआ आम आदमी पार्टी और चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य ठहराए गए पार्टी के विधायकों पर चर्चा कर रहे हैं.

New Delhi: Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal during a Prize distribution function of the Delhi Assembly Sports Tournament 2018 in New Delhi on Sunday. PTI Photo by Kamal Singh(PTI1_21_2018_000052B)

अरविंद केजरीवाल को झटका, राष्ट्रपति ने 20 आप विधायकों की अयोग्यता को मंज़ूरी दी

मार्च 2015 में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया था. इस लाभ का पद बताते हुए याचिका दाख़िल की गई थी.

Arvind Kejriwal PTi

आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को चुनाव आयोग ने अयोग्य घोषित किया

आप विधायक सौरभ भारद्वाज का कहना है कि इन 20 विधायकों को चुनाव आयोग के सामने अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया.