Abrogation of Article 370

New Delhi: National Security Adviser (NSA) Ajit Doval gestures as he addresses at a book release function on 'Sardar Patel', in New Delhi on Tuesday, Sept4, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI9_4_2018_000122B)

कश्मीर पर अजीत डोभाल के बयान अंतर्विरोधों से भरे हुए हैं

एनएसए के दावे के अनुसार अगर अनुच्छेद 370 पर कश्मीर के लोग पूरी तरह से सरकार के साथ हैं, तो उनके नेताओं के बड़ी सभाओं को संबोधित करने की संभावना से सरकार को डर क्यों लग रहा है?

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक. (फोटो: पीटीआई)

युद्ध से नहीं बल्कि जम्मू कश्मीर को समृद्ध बनाकर जीतें पीओके: सत्यपाल मलिक

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि हमारे कई मंत्री पीओके पर हमला कर उसे वापस लेने के बारे में बात कर रहे हैं. मेरा मानना है कि अगर पीओके अगला लक्ष्य है तो हम इसे जम्मू कश्मीर के विकास के आधार पर ले सकते हैं.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर. (फोटो: पीटीआई)

पीओके भारत का हिस्सा, एक दिन हमारे अधिकार क्षेत्र में होगा: विदेश मंत्री एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के सौ दिन पूरे होने के मौके पर अपने मंत्रालय का ब्योरा पेश करते हुए कहा कि एक सीमा के बाद इस बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है कि कश्मीर पर लोग क्या कहेंगे.

भारत एकता रैली के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी. (फोटो: फेसबुक)

गुजरात के विश्वविद्यालय ने छात्रों से 370 ख़त्म होने के समर्थन वाली रैली में शामिल होने को कहा

गुजरात के वडोदरा स्थित एमएस विश्वविद्यालय का मामला. विश्वविद्यालय सिंडिकेट के एक भाजपा सदस्य ने कहा कि हमने छात्रों और कर्मचारियों से अपनी स्वेच्छा से रैली में शामिल होने को कहा है, किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की गई.

Srinagar: Security personnel stands guard at a blocked road on the 33rd day of strike and restrictions imposed after the abrogration of Article of 370 and bifurcation of state, in Srinagar, Friday, Sept. 6, 2019. (PTI Photo) (PTI9_6_2019_000063A)

अनुच्छेद 370: क्या असल में भाजपा जम्मू कश्मीर के दलितों के अधिकारों के लिए फिक्रमंद है

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 ए हटाने की बहस के दौरान भाजपा के कई नेताओं ने दलितों को राज्य में आरक्षण का पूरा लाभ मिलने का ज़िक्र किया. यह भी कहा गया कि डॉ. आंबेडकर भी ऐसा चाहते थे. लेकिन क्या वास्तव में 370 हटने के पहले राज्य में दलितों की स्थिति ख़राब थी?

(फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद करीब 300 कश्मीरी अन्य कैदियों से अलग बैरकों में रखे गए

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद हिरासत में लिए गए घाटी के 285 लोगों को उत्तर प्रदेश की विभिन्न जेलों में रखा गया है. आगरा के केंद्रीय कारागार के 1933 कैदियों में 85 कश्मीर घाटी से लाए गए कैदी हैं. हालांकि, आगरा के केंद्रीय कारागार की कुल स्वीकृत क्षमता केवल 1,350 है.

Jammu: Minister of State for PMO Jitendra Singh addresses a press conference in Jammu,Tuesday, Sept. 10, 2019. (PTI Photo)(PTI9_10_2019_000089B)

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, अगला एजेंडा पीओके को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना है

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के दौरान सबसे बड़ी उपलब्धि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना है.

जम्मू कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह (फोटो साभार: ट्विटर/जम्मू कश्मीर पुलिस)

पांच में से एक को हिरासत में रखते हैं, कुछ सौ लोग ही हिरासत में: जम्मू कश्मीर डीजीपी

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के एक महीने बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि अगर कुछ प्रतिबंधों से आप किसी की ज़िंदगी बचा सकते हैं तो उससे अच्छा क्या हो सकता है? लोग ज़िंदगी के साथ स्वतंत्रता की बात कहते हैं लेकिन मैं कहता हूं कि ज़िंदगी पहले आती है, स्वतंत्रता बाद में.

Jayanta-Shaw-Reuters

मध्य प्रदेश: अनुच्छेद 370 हटाने पर लिखी किताब बेचने वाले माकपा नेता के ख़िलाफ़ मामला दर्ज

यह मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर का है. माकपा नेता शेख अब्दुल गनी ‘धारा 370- सेतु या सुरंग’ नाम की किताब को बेच रहे थे, जिसके लेखक मध्य प्रदेश की माकपा इकाई के प्रमुख जसविंदर सिंह हैं.

People walk on a road covered with stones and pieces of brick during restrictions in Srinagar, August 14. REUTERS/Danish Ismail

कश्मीर: पैलेट गन से घायल हुए कश्मीरी युवक की मौत

अनुच्छेद 370 हटने के बाद श्रीनगर के सौरा में हुए एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ यह युवक पैलेट लगने से घायल हो गया था. हालांकि सेना का कहना है कि युवक की मौत पैलेट से लगी चोट से नहीं बल्कि पथराव से हुई है.

प्रदर्शनकारियों के हमले में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग की टूटी खिड़की. (फोटो: ट्विटर)

कश्मीर मुद्दे पर लंदन में विरोध प्रदर्शन हुआ हिंसक, भारतीय उच्चायोग में तोड़फोड़

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक रॉब ने संसद में कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों की जांच होनी चाहिए.

नजीर अहमद रोंगा. (फोटो: फेसबुक)

मतदान के लिए प्रोत्साहित करने वाले कश्मीरी वकील विरोध प्रदर्शन के डर से हिरासत में

कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नजीर अहमद रोंगा को जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा ख़त्म करने से एक दिन पहले 4 अगस्त को पीएसए के तहत गिरफ़्तार किया गया था. आरोप है कि वे इस निर्णय को लेकर लोगों को प्रभावित कर सकते थे.

A Kashmiri man holds stones during clashes with Indian security forces, after scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 23, 2019. REUTERS/Adnan Abidi

अनुच्छेद 370: सरकार ने कश्मीरियों के घाव पर मरहम की जगह नमक रगड़ दिया है

श्रीनगर से ग्राउंड रिपोर्ट: मुख्यधारा के मीडिया में आ रही कश्मीर की ख़बरों में से 90 प्रतिशत झूठी हैं. कश्मीर के हालात मामूली प्रदर्शनों तक सीमित नहीं हैं और न ही यहां कोई सड़कों पर साथ मिलकर बिरयानी खा रहा है.

A man with pellet injuries is treated inside a house in a neighbourhood where there have been regular clashes with Indian security forces following restrictions after the government scrapped the special constitutional status for Kashmir, in Srinagar August 14, 2019. REUTERS/Danish Ismail

5 अगस्त के बाद कश्मीर घाटी में पैलेट से 36 लोग घायल हुए: रिपोर्ट

राज्य से अनुच्छेद 370 हटाने और दो केंद्र शासित प्रदेशों में बंटने के बाद के बाद से राज्य में बंद है. एक अधिकारी ने बताया कि पैलेट से घायल 36 लोगों में से 8 बंद के पहले हफ्ते में घायल हुए थे. इस दौरान पत्थरबाजी की 200 घटनाएं हुईं.

A Kashmiri woman shows her hand with a message as others shout slogans during a protest after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 11, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

चित्रकथा: जम्मू कश्मीर में बीते तीन हफ़्तों का सूरत-ए-हाल बयां करतीं तस्वीरें

बीते पांच अगस्त को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के निर्णय लिया गया था.

A Kashmiri woman walks past a bus used as a road block by Indian security personnel during restrictions after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the government, in Srinagar, August 11, 2019. REUTERS/Danish Siddiqui

जम्मू कश्मीर: यह ख़ामोशी ही इस वक़्त की सबसे ऊंची आवाज़ है

सूचना के इस युग में किसी सरकार का इतनी आसानी से एक पूरी आबादी को बाकी दुनिया से काट देना दिखाता है कि हम किस ओर बढ़ रहे हैं.

इथियोपिया के शरणार्थी शिविर में यूनिसेफ समर्थित स्कूलों के दौरे पर सद्भावना दूत प्रियंका चोपड़ा. (फोटो: ट्विटर)

पाकिस्तान ने की प्रियंका चोपड़ा को यूनिसेफ सद्भावना दूत के पद से हटाने की मांग

पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री ने यूनिसेफ को लिखे पत्र में जम्मू कश्मीर में की गई कार्रवाई पर प्रियंका चोपड़ा के कट्टर राष्ट्रवाद और समर्थन का हवाला देते हुए कहा कि यूनिसेफ को तुरंत उन्हें अपने दूत के पद से हटाना चाहिए, नहीं तो शांति के लिए सद्भावना दूत जैसी नियुक्तियां विश्वभर में एक तमाशा बनकर रह जाएंगी.

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद. (फोटो: पीआईबी)

पार्टी नेतृत्व में नेहरू-गांधी परिवार का होना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण: सलमान खुर्शीद

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि मैं समझता हूं कि बाहरी व्यक्ति हमें यह आदेश नहीं दे कि हमारा नेता कौन हो या हमें किस तरह के नेता की जरूरत है.

भाजपा सांसद हंसराज हंस. (फोटो: पीटीआई)

भाजपा सांसद हंसराज बोले- जेएनयू का नाम एमएनयू कर दो, मोदी के नाम पर भी कुछ होना चाहिए

जेएनयू में एबीवीपी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली से भाजपा के सांसद हंसराज हंस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए काफी कुछ किया है और उनके काम के कारण ही मैंने कहा कि जेएनयू का नाम बदलकर ‘मोदी नरेंद्र यूनिवर्सिटी’ रखा जाना चाहिए.

Ranchi: RSS leader Indresh Kumar addresses a press conference, in Ranchi on Monday, July 23, 2018. (PTI Photo) (PTI7_23_2018_000133B)

जम्मू कश्मीर के लोगों को राष्ट्रवाद की भावना से जोड़ना अगला कदम: इंद्रेश कुमार

आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि एक अलग तरह का इस्लाम है, जो रमज़ान और ईद तक का सम्मान नहीं करता. यह सिर्फ हिंसा फैलाता है. पुलवामा हमले से यह पूरी तरह साफ हो गया. कश्मीरी मुसलमानों को इस तरह के इस्लामिक विचारों से दूर रहना चाहिए.