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क्या पुलिस और प्रशासन संघ की विचारधारा लागू करने के लिए अपनी ताक़त का इस्तेमाल कर रहे हैं

भाजपा और आरएसएस नहीं मानते कि मुसलमानों और ईसाईयों को अपने तरीके से रोज़ी कमाने और अपनी तरह से धर्म का पालन करने का हक़ है. लेकिन इस बुनियादी संवैधानिक अधिकार को न मानने और इसकी मनमानी व्याख्या की छूट पुलिस और प्रशासन को नहीं है. अगर वे ऐसा कर रहे हैं तो वे वर्दी या कुर्सी के योग्य नहीं हैं.

क्या चंदन गुप्ता हिंदुत्ववादी राष्ट्रवाद का शिकार हुआ?

कासगंज में साल 2018 में मारे गए चंदन गुप्ता के पिता कह रहे हैं कि नौजवानों को उस रास्ते नहीं जाना चाहिए जिस पर हिंदुत्ववादी या राष्ट्रवादी उत्साह या उन्माद में उनका बेटा चल पड़ा था. क्या उनकी नाराज़गी की वजह यह है कि वे इस मौत के बाद या उसके बदले जो चाहते थे, वह नहीं मिला? या वे इसके ख़तरे को समझ पाए हैं?

2018 कासगंज ‘तिरंगा यात्रा’ में जान गंवाने वाले एबीवीपी नेता के परिवार ने कहा- सरकार ने निराश किया

साल 2018 में उत्तर प्रदेश के कासगंज में ‘तिरंगा यात्रा’ के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में मारे गए युवक चंदन गुप्ता के परिजनों ने योगी सरकार पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि उनके परिवार में एक सरकारी नौकरी दी जाए और शहर के एक चौराहे का नाम चंदन के नाम पर रखा जाए.

बीएचयूः एबीवीपी के विरोध के बाद उर्दू विभाग ने वेबिनार का पोस्टर वापस लिया, माफ़ी मांगी

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग ने एबीवीपी के विरोध के बाद आठ नवंबर को एक वेबिनार के ऑनलाइन पोस्टर को आधिकारिक रूप से वापस ले लिया. संगठन पोस्टर में उर्दू शायर अल्लामा इक़बाल की फोटो के इस्तेमाल का विरोध कर रहा था.

अयोध्या: अवध विश्वविद्यालय में हुए सरकारी कार्यक्रम पर एबीवीपी के नाराज़ होने की क्या वजह है

बीते शनिवार को अयोध्या में डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की मौजूदगी वाले कार्यक्रम को लेकर संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में छात्रों ने रोष जताते हुए ऑडिटोरियम के सामने प्रदर्शन किया. छात्रों का कहना था कि राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए उनकी पढ़ाई नहीं रोकी जानी चाहिए.

जेएनयू के छात्र नजीब अहमद के लापता होने के पांच साल, न्याय की मांग

वीडियो: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र नजीब अहमद को लापता हुए पांच साल हो चुके हैं. नजीब कहां और किस हालत में हैं, इस सवाल का जवाब न तो जेएनयू प्रशासन के पास है और न ही किसी जांच एजेंसी के पास. बीते दिनों छात्र संगठनों ने इस मामले की फ़िर से जांच की मांग को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकाला था.

दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध के बाद कॉलेज ने पार्क को स्टेन स्वामी का नाम देने का फ़ैसला रोका

कर्नाटक के मंगलुरु शहर का मामला. विश्व हिंदू परिषद के एक नेता ने कहा कि हम पार्क के नामकरण के ख़िलाफ़ नहीं हैं, वो इसका नाम ऑस्कर फर्नांडीस या जॉर्ज फर्नांडीस या सेंट एलॉयसियस कॉलेज के संस्थापक के नाम पर रख सकते हैं, लेकिन स्टेन स्वामी के नाम पर नहीं. वैसे तो उनकी मौत हो चुकी है, लेकिन उन पर लगे आरोपों को ख़ारिज नहीं किया गया है.

**EDS: TWITTER IMAGE RELEASED BY @JNUSUofficial , JAN. 5, 2020** New Delhi: Masked miscreants armed with sticks roaming around campus, at JNU, New Delhi, Sunday. (PTI Photo) (PTI1_5_2020_000172B)

2020 जेएनयू हिंसा मामले में किसी की गिरफ़्तारी नहीं हुईः केंद्र सरकार

पांच जनवरी 2020 की रात कुछ नकाबपोशों ने जेएनयू कैंपस में घुसकर विभिन्न हॉस्टलों में तोड़फोड़ की थी. उपद्रवियों ने छात्रों और कुछ शिक्षकों को बर्बर तरीके से पीटा भी था. इस हिंसा में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष ओईशी घोष समेत 30 से अधिक लोग घायल हुए थे.

एमपी: एबीवीपी के विरोध और पुलिस चेतावनी के बाद वेबिनार के आयोजन से पीछे हटा विश्वविद्यालय

मध्य प्रदेश के सागर शहर स्थित डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय का मामला. विश्वविद्यालय का मानव विज्ञान विभाग, अमेरिका के एक विश्वविद्यालय के साथ 30 और 31 जुलाई को एक वेबिनार की मेज़बानी करने वाला था. एबीवीपी ने वेबिनार में वक्ता के तौर पर पूर्व वैज्ञानिक गा़ैहर रज़ा और प्रोफे़सर अपूर्वानंद को शामिल किए जाने का विरोध किया था, जिसके बाद पुलिस ने विश्वविद्यालय को एक पत्र लिखा था.

जेएनयू हिंसाः पुलिस ने छात्रों की चैट डिटेल्स मांगी, गूगल ने अदालत के आदेश का हवाला दिया

बीते साल पांच जनवरी को जेएनयू में हुई हिंसा के संबंध में दिल्ली पुलिस ने वॉट्सऐप और गूगल को पत्र लिखकर 33 छात्रों और दो वॉट्सऐप ग्रुप के सदस्यों द्वारा साझा किए गए संदेशों, तस्वीरों और वीडियो का विवरण मांगा था. गूगल ने एक संधि का हवाला दिया है, जिसके तहत जानकारी अदालत के आदेश के बाद मुहैया कराई जाती है.

देश के लगभग आधे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में नियमित वाइस चांसलर नहीं

दिल्ली यूनिवर्सिटी, जेएनयू और बीएचयू समेत देश के 45 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से बीस में नियमित वाइस चांसलर नहीं हैं. अधिकारियों के अनुसार नियुक्तियों में विलंब पीएमओ की ओर से हुई देरी के चलते ऐसा हो रहा है. बताया गया कि क़ानूनन पीएमओ की कोई भूमिका नहीं है पर इन दिनों फाइलें अनधिकृत तौर पर वहां भेजी जाती हैं.

राजस्थान: कांग्रेस की युवा इकाई ने शुरू किया राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा जुटाने का अभियान

एनएसयूआई द्वारा राजस्थान के सभी कॉलेजों में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकठ्ठा करने का पंद्रह दिवसीय अभियान शुरू किया गया है. कई अन्य राज्यों में भाजपा और एबीवीपी द्वारा इसी तरह की मुहिम चलाई जा रही है.

पत्रकार रोहिणी सिंह को रेप की धमकी देने के आरोप में एबीवीपी से संबद्ध छात्र गिरफ़्तार

पत्रकार रोहिणी सिंह ने ट्विटर पर धमकियां मिलने के बाद उदयपुर पुलिस से शिकायत की थी. पुलिस ने बताया कि छात्र ने स्वीकार किया कि रोहिणी की किसान रैली पर रिपोर्टिंग से नाराज़गी के कारण उसने सिंह को धमकी भरे मैसेज भेजे.

**EDS: TWITTER IMAGE RELEASED BY @JNUSUofficial , JAN. 5, 2020** New Delhi: Masked miscreants armed with sticks roaming around campus, at JNU, New Delhi, Sunday. (PTI Photo) (PTI1_5_2020_000172B)

जेएनयू हिंसा का एक साल: न कोई गिरफ़्तारी न चार्जशीट, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रोकी आंतरिक जांच

पांच जनवरी 2020 की शाम जेएनयू परिसर में लाठियों से लैस कुछ नक़ाबपोश लोगों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था. जेएनयू छात्रसंघ ने एबीवीपी के सदस्यों पर हिंसा का आरोप लगाया था, वहीं एबीवीपी ने लेफ्ट छात्र संगठनों द्वारा हमले की बात कही थी.

उत्तर प्रदेश: जैन प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वाले एबीवीपी के चार कार्यकर्ताओं की सदस्यता रद्द

बीते 22 दिसंबर को बड़ौत के दिगंबर जैन कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के चार सदस्यों ने श्रुतदेवी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिसके बाद संगठन ने माफ़ी मांगी थी. इन चारों के ख़िलाफ़ दंगा करने सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.