Adivasi

Narendra Modi Reuters featured

विपक्ष को मोदी के उग्र एजेंडा के जाल से बचना होगा

भाजपा ने आम चुनाव में राष्ट्रवाद और पाकिस्तान से ख़तरे को मुद्दा बनाने का मंच सजा दिया है. वो चाहती है कि विपक्ष उनके उग्रता के जाल में फंसे, क्योंकि विपक्षी दल उसकी उग्रता को मात नहीं दे सकते. विपक्ष को यह समझना होगा कि जनता में रोजगार, कृषि संकट, दलित-आदिवासी और अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को लेकर काफी बेचैनी है और वे इनका हल चाहते हैं.

Adivasi Tribals Protest The Wire

‘जंगल और ज़मीन पर आदिवासियों का हक़ है, हमें यहां से कोई नहीं निकाल सकता’

वीडियो: जंगल से आदिवासियों को बेदख़ल करने के मुद्दे के ख़िलाफ़ नई दिल्ली में विभिन्न आदिवासी संगठनों ने प्रदर्शन किया. उनकी मांग है कि वन अधिकार कानून-2006 को सख़्ती से लागू किया जाए. प्रदर्शनकारियों से संतोषी की बातचीत.

नियमगिरि के लखपदर गांव में लोदो सिकोका. (फोटो: जसिंता केरकेट्टा)

पुलिस छावनी नहीं, पहाड़ों में स्कूल, अस्पताल चाहिए

सुप्रीम कोर्ट से खनन पर रोक के आदेश आने के बाद आज लोग ओडिशा में नियमगिरि के आसपास स्थापित पुलिस छावनियों को हटाने की मांग को लेकर संघर्षरत हैं.

कुचईपदर गांव की महिलाएं और तुलसी पूजन के लिए लाए गए पौधे. (फोटो: जसिंता केरकेट्टा)

कैसे तबाह होती है एक समृद्ध जीवनशैली

कंपनी के ख़िलाफ़ संघर्ष हारने के बाद और प्लांट लगने के बाद कुछ लोगों को ऐसा लगने लगा कि उनका ईश्वर, उनके देवता कमजोर हैं. बाहर से आए लोगों का भगवान ज्यादा शक्तिशाली है. अगर वे उनके भगवान को पूजने लगे तो उनकी तरह ही मजबूत हो जाएंगे.

(फाइल फोटो)

क्यों सरकारी योजनाओं के बावजूद झारखंड की जनजातियों को खाने की किल्लत से दो-चार होना पड़ता है

झारखंड के लातेहार ज़िले के आदिम जनजाति परिवारों को अन्त्योदय अन्न योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

Odisha child birth case

ओडिशा: हॉस्टल में नाबालिग छात्रा द्वारा जन्म दिए गए शिशु की मौत, एनएचआरसी का सरकार को नोटिस

ओडिशा के कंधमाल ज़िले के एक सरकारी आदिवासी आवासीय विद्यालय में 14 साल की नाबालिग लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया था. इस मामले में प्रिंसिपल समेत तीन लोगों को निलंबित कर दिया गया है.

शराब की बोतल पर लगाए गए स्टीकर झाबुआ ज़िला प्रशासन की ओर बंटवाए गए थे. (फोटो साभार: एएनआई)

मध्य प्रदेश: शराब की बोतलों पर ‘सबका वोट ज़रूरी है’ के स्टिकर, विवाद के बाद हटाए गए

मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ ज़िले में प्रशासन ने बंटवाए थे स्टीकर. आदिवासी भाषा में लिखा हुआ था, ‘हंगला वोट ज़रूरी से, बटन दबावा नूं, वोट नाखवा नूं’ यानी ‘सबका वोट ज़रूरी है, बटन दबाना है, वोट डालना है’.

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पत्थलगड़ी आंदोलन: फादर स्टेन स्वामी, कांग्रेस के पूर्व विधायक समेत 20 पर राजद्रोह​ का मामला दर्ज

पत्थलगड़ी मामले में झारखंड पुलिस ने विस्थापन विरोधी जन विकास आंदोलन के संस्थापक फादर स्टेन स्वामी और कांग्रेस के पूर्व विधायक थियोडोर किड़ो पर राजद्रोह​ का मामला दर्ज करते हुए आरोप लगाया कि ये लोग ग्रामीणों को गुमराह करके देश विरोधी गतिविधियों के लिए बाध्य कर रहे हैं.

Khunti: Villagers of the remote village of Ghagra, where Member of Parliament (MP) Karia Munda’s three bodyguards, belonging to Jharkhand police, were allegedly kidnapped by Pathalgarhi supporters, in Khunti District on Wednesday, June 27, 2018. (PTI Photo) (PTI6_27_2018_000260B)

झारखंड से ग्राउंड रिपोर्ट: ‘अब बिरसा न परदेस जाएगा और न ही किसी पत्थलगड़ी सभा में’

झारखंड के खूंटी ज़िले के घाघरा में गत 27 जून को पत्थलगड़ी के दौरान हुई झड़प में आदिवासी बिरसा मुंडा की मौत हो गई थी. इसके बाद भाजपा सांसद करिया मुंडा के तीन सुरक्षाकर्मियों का अपहरण पत्थलगड़ी समर्थकों द्वारा कर लिया गया था.

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ग्राउंड रिपोर्ट: कोचांग गांव का आंखों देखा हाल, जहां पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ गैंगरेप हुआ

झारखंड के खूंटी ज़िले के कोचांग गांव में पिछले दिनों मानव तस्करी के ख़िलाफ़ जागरूकता फैलाने गईं पांच युवतियों को अगवाकर गैंगरेप ​किया गया था.

Khunti: Security personnel detain villagers while carrying out a search operation at the remote village Ghagra, where Member of Parliament (MP) Karia Munda's three bodyguards, belonging to Jharkhand Police, were allegedly kidnapped by Pathalgarhi supporters, in Khunti district on Wednesday, June 27, 2018. (PTI Photo) (PTI6_27_2018_000171B)

झारखंड: पुलिस और पत्थलगड़ी समर्थकों में हिंसक झड़प, भाजपा सांसद के घर हमला, तीन जवान अगवा

झारखंड के खूंटी ज़िले के अनिगड़ा में हुई झड़प. पत्थलगड़ी आंदोलन रोकने और इसके नेता यूसुफ पूर्ति को गिरफ़्तार करने जा रही थी पुलिस. आंदोलन से जुड़े नेता यूसुफ पूर्ति का घर कुर्क.

Bhima Koregaon Collage Featured

वो पांच लोग जिन पर भीमा कोरेगांव हिंसा और मोदी की हत्या की साज़िश रचने का आरोप लगा है

भीमा कोरेगांव हिंसा के पीछे बताए जा रहे कथित नक्सल कनेक्शन के चलते ग़ैर-क़ानूनी गतिविधि (रोकथाम) क़ानून के तहत गिरफ़्तार किए गए पांचों लोगों के प्रति पुलिस और प्रशासन का यह रवैया नया नहीं है.

झारखंड के खूंटी ज़िले के कोचांग गांव में पत्थलगड़ी कार्यक्रम में शामिल ग्रामीण. (फाइल फोटो: नीरज सिन्हा/द वायर)

पत्थलगड़ी आंदोलन के बाद झारखंड में आदिवासियों ने शुरू किया अपना बैंक

झारखंड के खूंटी ज़िले के उदबुरु गांव में ‘बैंक आॅफ ग्रामसभा’ का शिलान्यास कर 100 ग्रामीणों का खाता खोला गया. गृह विभाग के प्रधान सचिव ने बैंक को ग़ैरक़ानूनी बताया.

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पत्थलगड़ी आंदोलन से भाजपा सरकारें क्यों डरी हुई हैं?

पत्थलगड़ी आंदोलन के रूप में जनता द्वारा अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी इस्तेमाल ने कई ऐसे सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देना सरकारों के लिए मुश्किल हो गया है.

New Delhi: Tribal community people raise slogans during a protest over their various demands in New Delhi on Sunday. PTI Photo by Ravi Choudhary   (PTI4_1_2018_000047B)

झारखंड: भाजपा पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों की स्वशासन प्रणाली को ध्वस्त कर रही है

पेसा क़ानून पारित होने के दो दशक बाद भी झारखंड में यह एक सपना मात्र है. राज्य के 24 में से 13 ज़िले पूर्ण रूप से और तीन ज़िलों का कुछ भाग अनुसूचित क्षेत्र है, लेकिन अभी तक राज्य में पेसा की नियमावली तक नहीं बनाई गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो साभार: पीआईबी)

मीडिया को अपने बयानों से ‘मसाला’ न दें, इससे पार्टी की छवि ख़राब होती है: मोदी

प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि हम कैमरा देखते ही बयान देने लग जाते हैं. मीडिया जो हिस्सा उपयोगी समझता है, उसका इस्तेमाल करता है. यह उसकी ग़लती नहीं है. हमें ख़ुद को रोकना होगा.

डॉ. ​हीरालाल अलावा. (फोटो साभार: फेसबुक)

‘संविधान ने आदिवासियों के संरक्षण का ज़िम्मा सरकार को सौंपा था, लेकिन वो उन्हें ख़त्म कर रही है’

आदिवासियों के अधिकारों के लिए काम कर रहे जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हीरालाल अलावा से बातचीत.

Indian tribal people sit at a relief camp in Dharbaguda in Chhattisgarh. File Photo Reuters

बस्तर: जहां नागरिकों की सुध लेने वाला कोई नहीं

बस्तर के लिए लोकतंत्र क्या है? सरकार, मीडिया और कुछ एनजीओ के दावों से लगता है कि यहां विकास की ऐसी बयार आई हैं, जिसमें नागरिकों को ज़मीन पर ही मोक्ष मिल गया है.

(फोटो: गूगल मैप)

झारखंड: विस्थापित महिलाओं ने राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री को अर्द्धनग्न तस्वीरें भेज इच्छामृत्यु मांगी

धनबाद में दामोदर घाटी निगम द्वारा कथित तौर पर विस्थापन के एवज में नौकरी में न मिलने के विरोध में आदिवासी महिलाओं ने अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया.

तीस्ता सेटलवाड़ (फोटो: फेसबुक)

भारत में आज़ादी, शोषित वर्ग अधिकार और सुरक्षा ख़तरे में हैं: तीस्ता सीतलवाड़

सिटीज़न फॉर जस्टिस एंड पीस की संस्थापक तीस्ता सीतलवाड़ का कहना है कि उनका संगठन आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार के साथ कानूनी संसाधन प्लेटफॉर्म के रूप में भी काम करेगा.

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छात्र राजनीति में उभरते आदिवासी नेतृत्व को सलाम

मध्य प्रदेश में लंबे संघर्ष के बाद हुए छात्रसंघ चुनावों में आदिवासी छात्र संगठन ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है. 25 महाविद्यालयों में 162 छात्र प्रतिनिधियों ने परचम लहराया है, इनमें से पचास प्रतिशत लड़कियां हैं.

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विकास के लिए आदिवासियों और दलितों की ही बलि क्यों दी जाती है?

भारत के प्रधानमंत्री सबको घर उपलब्ध करवाने का वायदा करते हैं, वहीं मध्य प्रदेश सरकार आदिवासियों के बने बनाए घर तोड़ रही है.

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नक्सली हिंसा पर जेएनयू से नहीं खनन माफियाओं से सवाल पूछे जाने चाहिए

अवैध खनन माफिया और नक्सलियों के बीच एक साझेदारी है- दोनों ही चाहते हैं कि छतीसगढ़ के जो ज़िले पिछड़े और दूरस्थ हैं, वे वैसे ही बने रहें क्योंकि इनके ऐसे बने रहने में ही इनका फायदा है.

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मेरा पक्ष सुने बग़ैर ही मुझे निलंबित कर दिया गया: वर्षा डोंगरे

छत्तीसगढ़ में फेसबु​क पोस्ट पर निलंबित की जाने वाली जेल अधिकारी वर्षा का कहना है कि उन्होंने सीबीआई, सुप्रीम कोर्ट और सरकार के दस्तावेजों के हवाले से ही सब कुछ लिखा था.

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आदिवासी लड़कियों की प्रताड़ना पर फेसबुक पोस्ट लिखने वाली जेल अधिकारी निलंबित

सहायक जेल अधीक्षक वर्षा डोंगरे ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में राज्य के आदिवासियों की स्थिति, मानवाधिकार हनन और नक्सल समस्या को लेकर सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए थे.

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जेल अफसर की मानें तो छत्तीसगढ़ में जो हो रहा है, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है

‘मैंने स्वयं बस्तर में 14 से 16 वर्ष की आदिवासी बच्चियों को देखा है, जिनको थाने में नग्न कर प्रताड़ित किया गया था, उनकी कलाइयों और स्तनों पर करंट लगाया गया था.’