agrarian crisis

Farmers PTI

न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि यूपीए सरकार के मुकाबले काफ़ी कम: आरबीआई

रिज़र्व बैंक ने कहा कि 2008-09 और 2012-13 में यूपीए सरकार द्वारा की गई एमएसपी में वृद्धि मौजूदा दाम के मुकाबले ज़्यादा थी.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering at Kisan Kalyan Mela, in Sehore, Madhya Pradesh on February 18, 2016.

मोदी सरकार फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी पर सच क्यों नहीं बोल रही है?

केंद्र की मोदी सरकार धान का एमएसपी 200 रुपये बढ़ाकर ऐतिहासिक मूल्य वृद्धि का दावा कर रही है लेकिन सच्चाई ये है कि ये मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिश के मुक़ाबले 590 रुपये कम है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

आर्थिक मानकों पर देश के 10 करोड़ किसान परिवार बहुत ही असुरक्षित हैं

नाबार्ड के हालिया अध्ययन के मुताबिक भारत में 10.07 करोड़ किसानों में से 52.5 प्रतिशत क़र्ज़ में दबे हुए हैं. वर्ष 2017 में एक किसान परिवार की कुल मासिक आय 8,931 रुपये थी.

Amritsar: Farmers plant paddy seedlings in a field in a village near Amritsar on Friday. PTI Photo   (PTI6_16_2017_000065B)

2016 में कुल कृषि ऋण का 18 फी​सदी हिस्सा सिर्फ 0.15 प्रतिशत खातों में डाला गया

विशेष रिपोर्ट: द वायर द्वारा दायर की गई आरटीआई से ये जानकारी सामने आई है कि साल 2016 में सरकारी बैंकों द्वारा 78,322 खातों में, जोकि कृषि लोन पाने वाले कुल खातों का 0.15 फीसदी है, एक लाख 23 हज़ार करोड़ (12,34,81,89,70,000) रुपये डाले गए थे. ये राशि कुल दिए गए कृषि लोन का 18.10 फीसदी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

तीन साल में 17 प्रतिशत घटी किसानों की खेती से कमाई, 10 प्रतिशत कम हुए कृषि परिवार

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की रिपोर्ट के मुताबिक एक कृषि परिवार की मासिक औसत कमाई 8,931 रुपये है. देश के आधे से ज़्यादा कृषि परिवार क़र्ज़ के दायरे में हैं और हर एक व्यक्ति पर औसतन एक लाख से ज़्यादा का क़र्ज़ है.

Mumbai: Farmers of All Indian Kisan Sabha (AIKS) march from Nashik to Mumbai to gherao Vidhan Bhawan on March 12, demanding a loan waiver, in Mumbai on Sunday. PTI Photo by Mitesh Bhuvad (PTI3_11_2018_000152B)

कृषि संकट पर अखिल भारतीय किसान सभा का जेल भरो आंदोलन, एमएस स्वामीनाथन ने किया समर्थन

कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने कहा कि किसानों के लिए सी2+50 प्रतिशत पर आधारित एमएसपी और एक अनुकूल खरीद नीति होनी चाहिए.

Jaipur: A farmer harvests wheat crop at a field in Chandlai village of Jaipur on Friday. PTI Photo(PTI3_23_2018_000200B)

न्यूनतम समर्थन मूल्य: मोदी सरकार का ऐतिहासिक दाम का दावा ऐतिहासिक झूठ है

वीडियो: मोदी सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य में किए गए बदलाव और किसानों के मुद्दों पर स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव से कबीर अग्रवाल की बातचीत.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र: तीन महीनों में क़र्ज़ और फसल ख़राब होने से 639 किसानों ने की आत्महत्या

राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि 1 मार्च से 31 मई 2018 के बीच 639 किसानों ने आत्महत्या की है.

Newspapers Collage

अख़बारों की चिंता में किसान नहीं बल्कि उनके उत्पादों का इस्तेमाल करने वाले लोग हैं

अमर्त्य सेन कह चुके हैं कि भारतीय मीडिया तेज़ी से अमीरों का पक्षधर होता जा रहा है, बीते महीने हुए किसान आंदोलन की हिंदी अख़बारों में कवरेज सेन के कथन की पुष्टि करती है. आंदोलन के दौरान अख़बारों की चिंता किसानों की समस्याएं, उनकी दयनीय हालत और हालत के लिए ज़िम्मेदार लोगों के बजाय आंदोलन के चलते उत्पादों की बढ़ी कीमतें और इससे शहरों में हुई परेशानी रही.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ की महिला किसान चंद्रमणि कौशिक. (फोटो: पीटीआई/यूट्यूब)

छत्तीसगढ़ की महिला किसान की आय दोगुनी होने वाली बात में कितनी सच्चाई है?

बीते 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के किसानों को संबोधित किया था. तब छत्तीसगढ़ की एक महिला किसान ने दावा किया था कि उनकी आय दोगुनी हो गई है. वहीं उनके ग्राम प्रधान ने एक समाचार चैनल से बातचीत में दावा किया कि प्रधानमंत्री से बातचीत से पहले दिल्ली से एक टीम आई थी जिसने बताया था कि किस सवाल का कैसा जवाब देना है.

EP 254_Raw

जन गण मन की बात, एपिसोड 254: विश्व पर्यावरण दिवस और किसान आंदोलन

जन गण मन की बात की 254वीं कड़ी में विनोद दुआ विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर देश में बढ़ते प्रदूषण और विभिन्न मांगों को लेकर गांवबंद आंदोलन कर रहे किसानों पर चर्चा कर रहे हैं.

Modi Farmers PTI

मोदी के चार साल: देश का किसान दुख और विनाश के चक्रव्यूह में फंस गया है

देश में पिछले चार वर्षों में कृषि विकास दर का औसत 1.9 प्रतिशत रहा. किसानों के लिए समर्थन मूल्य से लेकर, फसल बीमा योजना, कृषि जिंसों का निर्यात, गन्ने का बकाया भुगतान और कृषि ऋण जैसे बिंदुओं पर केंद्र सरकार पूर्णतया विफल हो गई है.

bagpat copy

बागपत में गन्ने के बकाया भुगतान की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसान की मौत

कैराना लोकसभा उपचुनाव से ठीक एक दिन पहले 27 मई को बागपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली है. लेकिन इससे पहले पांच दिन से धरने पर बैठे एक किसान की मौत हो गई है.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

‘बजट में किसानों को गुमराह ही नहीं किया बल्कि धोखा भी दिया गया है’

वीडियो: इस साल के बजट में कृषि और किसानों को लेकर की गई घोषणाओं पर कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा से द वायर के संस्थापक संपादक एमके वेणु की बातचीत.

narendra-modi-advani copy

क्या मोदी सरकार का ‘इंडिया शाइनिंग’ पल आ चुका है?

1999 में एनडीए-1 ने 8% जीडीपी वृद्धि दर के साथ अपनी पारी की शुरुआत की थी, लेकिन बाद के तीन वित्तीय वर्षों के बीच जीडीपी वृद्धि दर में तेज़ गिरावट देखी गई. यही कहानी एनडीए-2 में भी दोहराई जा रही है.

फोटो: पीटीआई

मोदी सरकार के कार्यकाल में किसान आत्महत्या दर में 45 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा: कांग्रेस

कांग्रेस बोली, पिछले 3 सालों में 38 हज़ार किसानों ने आत्महत्या की है. 35 किसान हर दिन आत्महत्या कर रहे हैं. सरकार ने किसानों की जगह अमीरों का क़र्ज़ माफ़ किया.

फोटो: रॉयटर्स

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पंजाब में क़र्ज़ में डूबे चार किसानों ने आत्महत्या की

राष्ट्रीय किसान मंच ने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार किसान विरोधी है, किसानों के मुद्दे उठाने से रोक रही है. पंजाब में सर्वाधिक किसान आत्महत्याएं पूर्व मुख्यमंत्री बादल के गृह ज़िले में.

Modi Farmers PTI

न्यू इंडिया में प्रधानमंत्री एक के बाद एक चुनाव लड़ेंगे और किसान ख़ुदकुशी करेंगे

साल 2017 एक तरह से किसान आंदोलनों का साल रहा. पूरे बरस भर देश के किसी न किसी हिस्से में किसान आंदोलन करते रहे.

फोटो: रॉयटर्स

अनाज उत्पादन पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर पर, दाम को लेकर बढ़ सकती हैं किसानों की दिक्कतें

विशेषज्ञों का कहना है कि कृषि क्षेत्र में संकट बढ़ रहा है. उपज का दाम समर्थन मूल्य से नीचे आता है, तो किसानों को मुश्किल होगी. पिछले दो साल में किसानों की आमदनी बुरी तरह प्रभावित हुई है.

दिल्ली के संसद मार्ग पर देश भर के 184 किसान संगठनों की ओर से दो दिवसीय किसान मुक्ति संसद लगाई गई. (फोटो: कृष्णकांत/द वायर)

कॉरपोरेट की क़र्ज़माफ़ी से विकास होता है, किसानों की क़र्ज़माफ़ी विकास-विरोधी है

भाषणों में पूरी राजनीति और सरकार किसानों-ग़रीबों को समर्पित है लेकिन किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य से भी कम पर बेचने को मजबूर है.

farmers 3

गांधी के चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष तक भारत किसानों का क़ब्रगाह बन गया है

देश भर के किसान एकजुट होकर लड़ रहे हैं तो दूसरी ओर पूरे देश में किसान आत्महत्याएं भी जारी हैं. महाराष्ट्र में क़र्ज़ माफ़ी के बाद 5 महीने में 1,020 किसान आत्महत्या कर चुके हैं.

दिल्ली के संसद मार्ग पर देश भर के 184 किसान संगठनों की ओर से दो दिवसीय किसान मुक्ति संसद लगाई गई. (फोटो: कृष्णकांत/द वायर)

‘अब एक भी किसान की कुर्की नहीं होने देंगे, हिम्मत है तो पहले अंबानी-अडानी-माल्या की कुर्की करो’

किसान संसद ने कहा, देश भर के 184 किसान संगठन बिना न्यूनतम समर्थन मूल्य के एक भी बोरा अनाज बिकने नहीं देंगे.

yogendra yadav

भाजपा नेता के हाथ काटने के बयान पर हज़ारों किसानों ने तानीं मुट्ठियां

किसान मुक्ति संसद में उठा सवाल, मोदी जी! आपने किसानों के साथ वादाख़िलाफ़ी क्यों की? हम सब उंगली उठाकर सवाल पूछेंगे, हम देखना चाहते हैं ​कि कितने हाथ काटोगे?’

IMG_20171121_121458828_HDR

देश में पहली बार महिलाओं की संसद, किसानों ने कहा- अब मोदी के जुमले नहीं चलेंगे

देश भर के 184 किसान संगठनों की किसान मुक्ति संसद में कृषि क़र्ज़ से पूर्ण मुक्ति और कृषि उत्पाद के लाभकारी मूल्य को लेकर दो विधेयकों के मसौदे पारित.

Farmers from the southern state of Tamil Nadu pose half shaved during a protest demanding a drought-relief package from the federal government, in New Delhi, India April 3, 2017. REUTERS/Cathal McNaughton      TPX IMAGES OF THE DAY

किसान आत्महत्याएं जारी, क़र्ज़ से आज़ादी मांगने दिल्ली पहुंचे किसान

मध्य प्रदेश के न​रसिंहपुर ज़िले में क़र्ज़ से परेशान 22 वर्षीय किसान ने की ख़ुदकुशी. तमिलनाडु के किसानों ने कहा, शुरू करेंगे तीसरे दौर का प्रदर्शन.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में जनवरी से अब तक 814 किसानों ने आत्महत्या की

महाराष्ट्र में गन्ना आंदोलन हिंसक हुआ, मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में तीन किसानों ने की खुदकुशी, नीमच में उपज का दाम कम मिला तो किसान ने उपज को आग लगाई.