AIIMS

A paramedic staff member enters a newly setup isolation ward for the people who suffer symptoms of coronavirus disease (COVID-19), at a hospital in Kolkata, India, March 25, 2020. REUTERS/Rupak De Chowdhuri/

भारत में मध्य नवंबर तक कोविड-19 महामारी अपने चरम पर पहुंच सकती है: अध्ययन

आईसीएमआर द्वारा कराए गए एक अध्ययन के अनुसार कोविड महामारी के नवंबर के पहले सप्ताह तक अपने चरम पर पहुंचने के बाद 5.4 महीनों के लिए आइसोलेशन बेड, 4.6 महीनों के लिए आईसीयू बेड और 3.9 महीनों के लिए वेंटिलेटर कम पड़ जाएंगे.

New Delhi: Suspected COVID-19 patients wait to be examined by medics at a government hospital, during the ongoing lockdown, in New Delhi, Tuesday, June 9, 2020. (PTI Photo/Kamal Kishore)  (PTI09-06-2020_000090B)

दिल्लीः बीते सप्ताह कोरोना टेस्ट कराने वाला हर तीसरा व्यक्ति संक्रमित पाया गया

दिल्ली में बीते सप्ताह कोरोना टेस्ट कराने वाले लोगों में से लगभग 30.5 प्रतिशत लोग संक्रमित पाए गए. सात जून को समाप्त हुए हफ़्ते में यह दर 23 फ़ीसदी और इससे पिछले हफ़्ते में 14 फ़ीसदी थी.

Chennai: Health workers prepare a temporary set-up of 1450 beds for COVID-19 patients, during the ongoing nationwide lockdown, in Chennai, Saturday, May 30, 2020. Tamil Nadu Housing board quarters converted into a COVID Care Centre for quarantine. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI30-05-2020_000061B)

कोविड-19: दिल्ली के अस्पतालों में समुचित बेड उपलब्ध होने का सरकार का दावा कितना सही है?

दिल्ली में बढ़ते कोरोना मरीज़ों की संख्या के बीच अस्पतालों में बेड्स की अनुपलब्धता का मुद्दा लगातार सामने आ रहा है. दिल्ली सरकार द्वारा उपलब्ध बेड्स और वेंटिलेटर की जानकारी के लिए ऐप लॉन्च किए जाने और समुचित बेड्स होने के दावे के बीच लगातार कोविड मरीज़ और उनके परिजन अस्पताल दर अस्पताल भटकने को मजबूर हैं.

(फोटोः पीटीआई)

भारत अभी कोरोना वायरस के उच्चतम स्तर से दूर है: आईसीएमआर

आईसीएमआर की विशेषज्ञ डॉ. निवेदिता गुप्ता ने कहा है कि महामारी पर लगाम लगाने के लिए भारत के कद़म प्रभावी रहे हैं और इससे मृत्यु दर में कमी आने में मदद मिली है. हम अन्य देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं.

N95 Reuters

एन-95 मास्क की गुणवत्ता को लेकर ट्वीट करने वाले एम्स डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी

बीती 25 मई को एम्स में मनोचिकित्सा विभाग के एक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर राजकुमार श्रीनिवास ने एक ट्वीट कर भारत में बने एन-95 मास्क की गुणवत्ता और मानकों को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर द्वारा जारी एन-95 मास्क से संबंधित आंकड़ों को भी झूठ बताया था.

New Delhi: Migrants take rest at Yamuna Sports Complex, which is converted into a shelter home for people stranded in the National Capital due to lockdown, in New Delhi, Friday, May 29, 2020. (PTI Photo/Manvender Vashist)(PTI29-05-2020_000177B)

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के सामुदायिक प्रसार की पुष्टि हो चुकी है: विशेषज्ञ

भारतीय लोक स्वास्थ्य संघ, इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एंड सोशल मेडिसिन और इंडियन एसोसिएशन ऑफ एपिडेमियोलॉजिस्ट्स के विशेषज्ञों द्वारा संकलित एक रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी गई है. विशेषज्ञों का क​हना है कि सरकार ने इस महामारी से निपटने के उपायों संबंधी निर्णय लेते समय महामारी विशेषज्ञों से सलाह नहीं ली.

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दिल्ली: एम्स के 200 कर्मचारी कोरोना वायरस की ज़द में

वीडियो: दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. यहां तक की देश के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में भी डॉक्टर और नर्स समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी इसकी चपेट में आ रहे हैं. एम्स में अब तक क़रीब 200 कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए हैं. एम्स रेज़िडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इसके लिए मास्क और पीपीई किट की ख़राब गुणवत्ता को ज़िम्मेदार ठहराया है.

एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया. (फोटो: एएनआई)

कोरोना को लेकर आने वाले हफ्ते बहुत कठिन, कुछ जगह सामुदायिक संक्रमण हो रहा: एम्स निदेशक

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि भारत को अपनी सीमाओं के भीतर स्थिति से निपटने पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, न कि यह दावा करने की कि हम अन्य देशों से बेहतर कर रहे हैं.

Kolkata: A man helps a physically challenged person during the nationwide lockdown to curb the spread of coronavirus, in Kolkata, Friday, April 10, 2020. (PTI Photo/Ashok Bhaumik)(PTI10-04-2020 000079B)

कोरोना संकट के बीच उचित इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं गंभीर रोगों से पीड़ित मरीज़

विशेष रिपोर्ट: देश भर के विभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में अधिकतर संसाधन कोविड-19 से निपटने में लगे हैं. कई जगहों पर ओपीडी और गंभीर बीमारियों से संबंधित विभाग बंद हैं और इमरजेंसी में पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं. ऐसे में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीज़ और उनके परिजनों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं.

(फोटोः पीटीआई)

बीते 24 घंटे में कोविड-19 के रिकॉर्ड मामले दर्ज, ठीक होने की दर क़रीब 31 फीसदी: स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के रिकॉर्ड 4,213 मामले सामने आए हैं, जो एक दिन की सर्वाधिक संख्या है और संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 67,152 हो गए हैं.

Indore: Former prime minister Manmohan Singh addresses a press conference, in Indore, Wednesday, Nov. 21, 2018. (PTI Photo) (PTI11_21_2018_000089B)

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एम्स में भर्ती, हालत स्थिर

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को बेचैनी महसूस होने के बाद रविवार रात एम्स में भर्ती कराया गया. 87 वर्षीय सिंह को एम्स के हृदय और सीने से संबंधित वार्ड में निगरानी में रखा गया है. फिलहाल, उनकी हालत स्थिर है.

(फोटोः पीटीआई)

शहरों में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी, ज़रूरी है कि हम वायरस के साथ जीना सीख लें: स्वास्थ्य सचिव

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल का कहना है कि यह ज़रूरी है कि हम इस कोरोना वायरस के साथ जीना सीख लें और इसकी वजह से हमारे व्यवहार में आ रहे बदलावों की आदत डाल लें.

(फोटोः पीटीआई)

कोरोना वायरसः दिल्ली सरकार और विभिन्न अस्पतालों के मौत के आंकड़ों में अंतर

दिल्ली सरकार ने गुरुवार रात तक राज्य में कोरोना वायरस से 66 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन लोकनायक अस्पताल, राम मनोहिर लोहिया, लेडी हार्डिंग और एम्स के दिल्ली एवं झज्जर के कोविड सेंटर्स के आंकड़ों के अनुसार उनके यहां कुल 116 मौतें हुई हैं.

एम्स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया. (फोटो: एएनआई)

देश में जून-जुलाई में कोरोना संक्रमण चरम पर हो सकता है: एम्स निदेशक

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि यह बताना बहुत मुश्किल है कि यह महामारी कितना लंबी चलेगी, लेकिन हम यह यकीनन कह सकते हैं कि एक बार इस महामारी के चरम पर पहुंचने के बाद इसमें कमी आएगी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

कोविड 19: ग़ाज़ियाबाद की सोसायटी ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को अपने ही घरों में जाने से रोका

ग़ाज़ियाबाद की नीलपदम कुंज सोसाइटी का मामला. एम्स रेज़िडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया है.