Akhilesh Yadav

योगी आदित्यनाथ. (फोटो: पीटीआई)

भाजपा जातिगत राजनीति के अंत की बात करती है, लेकिन अंदरखाने उसे साधने में लगी रहती है

लोकसभा चुनाव में मिली जीत को भाजपा जातिवादी राजनीति की हार के तौर पर भी प्रचारित करती रही है. फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को जातीय समीकरणों को साधने की ज़रूरत नज़र आने लगी.

Moradabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends a function at Dr BR Ambedkar Police Academy, in Moradabad on Monday, July 9, 2018. (PTI Photo) (PTI7_9_2018_000114B)

17 ओबीसी जातियों को एससी सूची में शामिल करने का योगी सरकार का आदेश असंवैधानिक: केंद्र

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने राज्यसभा में कहा कि राज्य सरकार का कदम उचित नहीं है और असंवैधानिक है. ओबीसी जातियों को एससी सूची में शामिल करना संसद के अधिकार में आता है.

Lucknow: UP Chief Minister Yogi Adityanath talks to the media at Central Hall of Assembly in Lucknow, Wednesday, Dec. 19, 2018. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI12_19_2018_000091)

उत्तर प्रदेशः 17 अति पिछड़ी जातियों को मिलेगा अनुसूचित जाति का दर्जा

आदित्यनाथ सरकार का यह फ़ैसला अदालत के अंतिम आदेश के अधीन होगा. अगर अदालत इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की अनुमति नहीं देगी, तब इन्हें इस दायरे से बाहर कर दिया जाएगा.

Lucknow: BSP supremo Mayawati and Samajwadi Party President Akhilesh Yadav during a joint press conference, in Lucknow, Saturday, Jan. 12, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI1_12_2019_000113B)

क्या बसपा के महागठबंधन से पीछे हटने में भाजपा का हाथ है?

कुछ लोगों का मानना है कि आय से अधिक संपत्ति के मामले में मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार को सीबीआई से मिली क्लीनचिट ने मायावती के मन में विद्वेष का बीज डाला.

अखिलेश यादव और मायावती (फाइल फोटो: पीटीआई)

लोकसभा चुनाव के बाद अखिलेश-मायावती ने विधानसभा उपचुनाव अकेले लड़ने का किया ऐलान

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि गठबंधन हमेशा के लिए समाप्त नहीं हो रहा. अगर लगेगा कि सपा इस स्थिति में है कि गठबंधन से लाभ हो सकता है तो हम ज़रूर साथ आएंगे, नहीं तो अलग-अलग रहना ही ज़्यादा बेहतर होगा. वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अगर उपचुनाव में गठबंधन मिलकर नहीं लड़ेगा तो समाजवादी पार्टी चुनाव के लिए तैयार रहेगी.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो: पीटीआई)

राहुल गांधी का इस्तीफ़ा मांगने वालों से कुछ सवाल

लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद से ही विभिन्न हलकों से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा पद छोड़ने की मांग उठाई जा रही है पर क्या यही कांग्रेस की मुश्किलों का हल है?

गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार. (फोटो: पीटीआई)

बेगूसराय सीट से हारे कन्हैया कुमार, गिरिराज सिंह 4 लाख से अधिक मतों से जीते

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: गिरिराज सिंह को बेगूसराय में डाले गए कुल 12.17 लाख मतों में से 6.88 लाख वोट मिले, वहीं जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे कन्हैया कुमार को कुल 2.68 लाख वोट मिले. 1.97 लाख वोटों के साथ राजद नेता और महागठबंधन उम्मीदवार तनवीर हसन तीसरे स्थान पर रहे.

एक चुनावी सभा के दौरान अखिलेश यादव. (फोटो साभार: फेसबुक)

आज़मगढ़: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव करीब 2.27 लाख वोटों से आगे

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से अखिलेश यादव के पिता और सपा नेता मुलायम सिंह यादव 63,204 वोटों से जीते थे.

राहुल गांधी और स्मृति ईरानी. (फोटो: पीटीआई)

अमेठी में राहुल गांधी ने हार स्वीकारी, स्मृति ईरानी को दी बधाई

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: कांग्रेस की परंपरागत सीटों में से एक अमेठी में भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से 35 हज़ार वोट से आगे चल रही हैं.

Kolkata: BJP supporters show victory sign as they celecbrate their party's lead in the Lok Sabha elections, at BJP office, in Kolkata, Thursday, May 23, 2019. (PTI Photo/Ashok Bhaumik) (PTI5_23_2019_000073B)

उत्तर प्रदेश: लोकसभा की 80 में से 58 सीटों पर भाजपा आगे, 20 पर महागठबंधन को बढ़त

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: 2014 में उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 73 सीटें भाजपा और उसके सहयोगी दलों को मिली थींं.

वैभव गहलोत. (फोटो साभार: फेसबुक)

राजस्थान: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत से दो लाख वोटों से पीछे

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: राजस्थान के जोधपुर में 2014 के लोकसभा चुनाव में गजेंद्र सिंह शेखावत ने 4.10 लाख वोट से जीत हासिल की थी. हालांकि, चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में जोधपुर संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभा सीट में से कांग्रेस ने 6 पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा के खाते में महज दो सीट ही आ पाई थी.

मध्य प्रदेश में मतगणना केंद्र पर एक साथ बैठे दिग्विजय सिंह और प्रज्ञा ठाकुर. (फोटो साभार: एएनआई)

मध्य प्रदेश: भोपाल सीट से प्रज्ञा ठाकुर 3,23,000 वोटों से आगे

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: प्रज्ञा ठाकुर के निर्णायक बढ़त लेने के बाद दिग्विजय सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली. उन्होंने कहा कि मैं जनादेश को स्वीकार करता हूं.

Amritsar: A kitemaker displays customised kites made ahead of the Lok Sabha elections results 2019, in Amritsar, Wednesday, May 22, 2019. (PTI Photo) (PTI5_22_2019_000072B)

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: रुझानों में एनडीए को बहुमत के आसार, 100 सीटों के पार जाएगी यूपीए

प्रमुख उम्मीदवारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से आगे चल रहे हैं जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केरल के वायनाड सीट से आगे चल रहे हैं. हालांकि राहुल गांधी अपनी पारंपरिक सीट अमेठी से पीछे चल रहे हैं जहां उनका मुकाबला केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से है.

Lucknow: Samajwadi Party founder Mulayam Singh Yadav addresses party workers at a condolence meeting for Congress veteran ND Tiwari at the party office in Lucknow, Friday, Oct 19, 2018. The party chief Akhilesh Yadav is also seen. (PTI Photo) (PTI10_19_2018_000126B)

आय से अधिक संपत्ति मामलाः सीबीआई ने मुलायम और अखिलेश यादव को दी क्लीनचिट

सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर कर कहा है कि आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं मिले हैं.

Question Mark Flickr

23 मई के नतीजों के बाद की तीन संभावित तस्वीरें

बहुत कुछ इस पर निर्भर करेगा कि भाजपा को कितनी सीटें मिलेंगी- 200 से कम सीटें आने पर इसे रियायतें देनी पड़ेंगी, 220 से ऊपर सीटें आने पर यह मोलभाव करने की बेहतर स्थिति में होगी.

Nirahua Rickshaw

आज़मगढ़: क्या निरहुआ ‘रिक्शावाला’ अखिलेश यादव की साइकिल रोक पाएंगे?

ग्राउंड रिपोर्ट: पूर्वी उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ सदर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव मैदान में हैं, वहीं भाजपा ने भोजपुरी अभिनेता और गायक दिनेश लाल यादव निरहुआ को टिकट दिया है.

तेज बहादुर यादव. (फोटो साभार: फेसबुक)

नामांकन रद्द होने के ख़िलाफ़ दाख़िल तेज बहादुर यादव की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की

वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ सपा-बसपा गठबंधन के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरने वाले बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन चुनाव आयोग ने तकनीकी आधार पर रद्द कर दिया था.

समाजवादी पार्टी के समर्थकों के साथ बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव. (फोटो: पीटीआई)

वाराणसी से नामांकन रद्द होने पर तेज बहादुर यादव ने सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की याचिका

वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ सपा-बसपा गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ने उतरने वाले बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव का नामांकन 1 मई को चुनाव आयोग ने तकनीकी आधार पर रद्द कर दिया था.

बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव (फोटो साभार: फेसबुक/तेज बहादुर यादव)

वाराणसी: नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ सपा से मैदान में उतरे तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द

नामांकन रद्द होने के बाद तेज बहादुर ने कहा कि मेरा नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया है. मुझे सबूत देने के लिए कहा गया था, मैंने सबूत दिए भी. इसके बावजूद मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया. हम इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.

बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव (फोटो साभार: फेसबुक/तेज बहादुर यादव)

वाराणसी में मोदी के ख़िलाफ़ खड़े बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव को सपा ने बनाया उम्मीदवार

सेना में खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करने के बाद सुर्ख़ियों में आए बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव पहले निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा भर चुके थे.

बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव (फोटो साभार: फेसबुक/तेज बहादुर यादव)

बनारस में लड़ाई असली चौकीदार और नकली चौकीदार के बीच है: तेज बहादुर यादव

साक्षात्कार: सेना में खाने की गुणवत्ता की शिकायत को लेकर सुर्ख़ियों में आए बीएसएफ के बर्ख़ास्त जवान तेज बहादुर यादव ने वाराणसी सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. सोमवार को समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है. चुनाव प्रचार के लिए वाराणसी पहुंचे तेज बहादुर यादव से हुई बातचीत.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सांसद और अपनी पत्नी डिंपल यादव के साथ. (फोटो: पीटीआई)

उत्तर प्रदेश: अखिलेश के लिए आसान नहीं रही कन्नौज की राह

कन्नौज की सीट करीब दो दशक से यादव परिवार के पास ही रही है लेकिन इस चुनाव में यहां जो जातीय समीकरण बन रहे हैं वो यादव परिवार द्वारा यहां किए गए विकास कार्यों पर भारी पड़ रहा है.

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नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद भाजपा ने गोरखपुर से रवि किशन को टिकट क्यों दिया?

विशेष रिपोर्ट: गोरखपुर में भाजपा आत्मविश्वास की कमी से जूझ रही है. प्रत्याशी चयन में एक महीना लगना और इस दौरान दर्जन भर नेताओं का नाम आना व ख़ारिज होना इसका उदाहरण है. आखिर में ऐसे प्रत्याशी को ‘आयात’ करना पड़ा, जिसे लेकर पार्टी और समर्थकों में उत्साह नहीं दिख रहा है.

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द वायर बुलेटिन: लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए 95 सीटों पर मतदान हुआ

जेट एयरवेज़ के अस्थायी तौर पर बंद होने से 20 हज़ार कर्मचारियों पर रोज़गार के संकट समेत आज की प्रमुख ख़बरें.

Saharanpur: Bhim Army chief Chandrashekhar Azad after being released from Saharanpur Jail, in Saharanpur, Friday, Sept 14, 2018. Azad was arrested from Himachal Pradesh's Dalhousie in June last year in connection with the May 5 caste violence in which one person was killed and 16 others were injured at Shabbirpur village in Saharanpur. (PTI Photo) (PTI9_14_2018_000122B)

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने कहा, वाराणसी से मोदी के ख़िलाफ़ नहीं लड़ूंगा चुनाव

बसपा सुप्रीमो मायावती ने चंद्रशेखर को भाजपा का एजेंट बताया था. भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए दलित वोट संगठित रहना चाहिए और उनका संगठन सपा-बसपा गठबंधन का समर्थन करेगा.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में संयुक्त रैली में बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह. (फोटो साभार: एएनआई)

यूपी: सहारनपुर में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन ने की वोट न बंटने देने की अपील

बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद प्रमुख चौधरी अजित सिंह ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर गठबंधन की पहली रैली सहारनपुर के देवबंद में की, जहां पहले चरण में 11 अप्रैल को चुनाव होने हैं.

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क्यों अखिलेश यादव अहीर बख़्तरबंद रेजीमेंट और गुजरात इन्फैंट्री रेजीमेंट बनाना चाहते हैं?

प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह दोनों समाजवादी पार्टी का घोषणापत्र पढ़कर चौंक गए होंगे. दोनों सोच रहे होंगे कि सपाई क्यों उनके राज्य के नाम पर रेजीमेंट बना रहे हैं?

Bengaluru: Samajwadi Party leader Akhilesh Yadav with Bahujan Samaj Party leader Mayawati wave at the crowd during the swearing-in ceremony of JD(S)-Congress coalition government, in Bengaluru, on Wednesday. (PTI Photo/Shailendra Bhojak) (PTI5_23_2018_000199B)

मुज़फ़्फ़रनगर दंगा: चुनावों की भेंट चढ़ती नैतिकता

मुज़फ़्फ़रनगर दंगों पर राजनीतिक रोटियां सबने सेंक लीं पर दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं मिला. जो लोग तब सरकार चला रहे थे वे कहते हैं कि दंगे नहीं रोक सकते थे. तो अब सवाल यह है कि इस बार उन्हें क्यों चुना जाए?

Jabalpur: A shopkeeper poses with political parties' campaign materials ahead of Lok Sabha elections 2019, in Jabalpur, Wednesday, March 13, 2019. (PTI Photo) (PTI3_13_2019_000028B)

लोकसभा चुनाव का पलड़ा अभी किसी एक तरफ नहीं झुका है

राष्ट्रवाद और सैन्य बलों को चुनाव प्रचार में घसीटकर उनका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश मतदाताओं को आकर्षित करने की गारंटी नहीं है और इसका उलटा असर भी हो सकता है. चुनाव की तैयारी कर रहीं पार्टियों की रणनीति देखते हुए यह साफ़ हो रहा है कि कोई भी अपनी निर्णायक जीत को लेकर आश्वस्त नहीं है.

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द वायर बुलेटिन: तीन सालों में और दूषित हुई गंगा, दिल्ली में भीम आर्मी की बहुजन हुंकार रैली सहित आज की बड़ी ख़बरें

द वायर बुलेटिन में जानिए आज दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव और मायावती. (फोटो: पीटीआई)

बसपा के साथ कम सीटों पर समझौता करना चुनाव से पहले ही सपा की हार जैसा है

2019 के लोकसभा चुनाव में सपा अपनी स्थापना के बाद से सबसे कम सीटों पर लड़ेगी. एक तरह से वह बिना लड़े करीब 60 प्रतिशत सीटें हार गई है. सपा का बसपा से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार हो जाना हैरान करता है.

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हमारी पार्टी मज़बूत थी तो बसपा को आधी सीटें क्यों दी गईं: मुलायम सिंह यादव

मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन को लेकर अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि आख़िर किस आधार पर आधी सीटें बसपा को दी गईं. सपा के ही लोग पार्टी को कमजोर कर रहे हैं.