Allahabad High Court

गंभीर अपराधों में ज़मानत देने से पहले पीड़ित और परिवार के अधिकारों पर विचार हो: हाईकोर्ट

जघन्य अपराध के दोषियों की ज़मानत के लिए व्यापक मानदंड निर्धारित करने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट को सुझाव दिया कि पीड़ित से परामर्श के बाद उस पर अपराध के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक प्रभाव आदि के आकलन के बाद ही आरोपी को ज़मानत दी जानी चाहिए.

राजनीतिक दलों में अपराधियों का स्वागत चिंता का विषय है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

कानपुर के बिकरू कांड में एसएचओ विनय कुमार तिवारी और एसआई केके शर्मा की ज़मानत याचिका ख़ारिज करते हुए अदालत ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को साथ बैठकर यह निर्णय करने की ज़रूरत है कि गैंगस्टरों और अपराधियों को राजनीति में आने से हतोत्साहित किया जाए और कोई भी पार्टी उन्हें टिकट न दे.

दो बालिग पसंद का जीवनसाथी चुनने को स्वतंत्र, माता-पिता भी आपत्ति नहीं कर सकते: हाईकोर्ट

एक मुस्लिम महिला और उनके हिंदू साथी द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि वे एक दूसरे से प्रेम करते हैं और अपनी इच्छा से साथ रह रहे हैं. अदालत ने कहा कि दो वयस्कों को अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनने का अधिकार है, भले ही वे किसी भी धर्म के हों. कोर्ट ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि याचिकाकर्ताओं को उनके परिवार या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किसी तरह से परेशान न किया जाए.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में मौत की सीबीआई जांच का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले में 24 वर्षीय एक व्यक्ति की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी. इस मामले में अजय कुमार यादव ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पुलिस उनके भाई को 11 फरवरी, 2021 को जबरदस्ती अपने साथ ले गई और उन्हें थाने में रखा था. अगले दिन बताया गया कि उनके भाई की मौत हो गई है.

कॉलेजियम ने हाईकोर्ट में 68 जजों की सिफ़ारिश की, इसमें से 12 पर केंद्र ने जताई थी आपत्ति

सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने केंद्र की दलीलों को दरकिनार करते हुए 12 ऐसे नामों को दोहराया है, जिस पर मोदी सरकार ने पूर्व में आपत्ति जताई थी. नियम के मुताबिक यदि कॉलेजियम किसी सिफ़ारिश को दोहराती है तो केंद्र सरकार को हर हाल में उसकी नियुक्ति सुनिश्चित करनी होगी.

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, सुपरटेक के 40 मंज़िला दो टावरों को तीन महीने के भीतर गिराएं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन दोनों टावरों का निर्माण सुपरटेक और नोएडा प्राधिकरण की सांठगांठ से अवैध तरीके से किया गया. अदालत ने सुपरटेक से इन टावरों में फ्लैट बुक कर चुके खरीददारों का पैसा बुकिंग के समय से 12 फीसदी ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया है. इन दोनों टावर में लगभग 1,000 फ्लैट हैं.

सामाजिक-आर्थिक अपराध के आरोपी को ज़मानत मिलने पर उनके देश छोड़कर भागने का ख़तरा: अदालत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सर्जिकॉन मेडिक्विप प्राइवेट लिमिटेड के स्वंतत्र निदेशक पंकज ग्रोवर की अग्रिम ज़मानत याचिका को ख़ारिज कर दी, जिन पर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के कोष में घोटाले को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम क़ानून के तहत मामला दर्ज है. अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराधी प्रभावशाली होते हैं. वे हमेशा ऐसी स्थिति में होते हैं कि विवेचना, साक्ष्य और गवाहों को प्रभावित कर सकें.

पुलिस हिरासत में मौत हमेशा से चिंता का विषय रहा है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1997 में एक व्यक्ति की हिरासत में मौत के मामले में पुलिसकर्मी को ज़मानत देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 28 दिसंबर, 1997 को कुछ पुलिसकर्मी उनके घर आए और उनके पिता को अपने साथ ले गए. उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके पिता को बेरहमी से पीटा गया, जिसकी वजह से थाने में ही उनकी मृत्यु हो गई.

‘मनमाने’ तरीके से एफआईआर ख़ारिज कर रहे हैं इलाहाबाद और उत्तराखंड हाईकोर्ट: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने हत्या के एक मामले में प्राथमिकी रद्द करने की याचिका पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध अपील पर सुनते हुए यह टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि इस बारे में दिए उनके आदेश के बावजूद इलाहाबाद और उत्तराखंड हाईकोर्ट ‘विवेक का इस्तेमाल किए बगैर’ ही एक के बाद एक ऐसे आदेश दे रहे हैं.

यूपी: कॉन्स्टेबल की दाढ़ी रखने की मांग ख़ारिज, कोर्ट ने कहा- पुलिस की छवि सेकुलर होनी चाहिए

उत्तर प्रदेश पुलिस ने दाढ़ी न रखने के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर अयोध्या के एक पुलिस कॉन्स्टेबल मोहम्मद फ़रमान को निलंबित कर दिया था, जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की थीं. हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा कि पुलिसबल में दाढ़ी रखना संवैधानिक अधिकार नहीं है.

कोविड-19 मरीज़ लापता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अस्पताल और ज़िला प्रशासन को फ़टकार लगाई

इलाहाबाद के टीबी सप्रू अस्पताल का मामला. कोरोना के एक मरीज़ अस्पताल से बीते आठ मई से लापता हैं. हाईकोर्ट की पीठ ने ज़िला प्रशासन की खिंचाई करते हुए कहा कि न तो ज़िला प्रशासन, न ही पुलिस और न ही अस्पताल प्रशासन मरीज़ के लापता होने पर गंभीर दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनकी लापता रिपोर्ट दर्ज हुए तीन महीने से अधिक समय हो गया है.

व्यक्तिगत स्वतंत्रता संवैधानिक जनादेश का महत्वपूर्ण पहलू: सुप्रीम कोर्ट

शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश के ख़िलाफ़ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की. हाईकोर्ट ने एक मामले में अग्रिम ज़मानत का अनुरोध करने वाली याचिका ख़ारिज कर दी थी. इस मामले में सात साल पहले प्राथमिकी दर्ज की गई थी. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अगर नियमित तौर पर गिरफ़्तारी की जाती है तो यह किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा एवं आत्मसम्मान को ‘बेहिसाब नुकसान’ पहुंचा सकती है.

विवाहित महिला और अविवाहित पुरुष के बीच लिव-इन संबंध अवैधः राजस्थान हाईकोर्ट

झुंझुनू ज़िले  में पति से अलग रहने वाली एक महिला और अविवाहित शख़्स ने संयुक्त रूप से हाईकोर्ट में याचिका दायर कहा था कि उनके लिव-इन संबंध में रहने की वजह से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं इसलिए उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाए. अदालत ने इससे इनकार कर दिया.

बलात्कार के अधिकतर मामलों में सीआरपीसी के ज़रूरी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया: कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 161 (3) के प्रावधानों के तहत बलात्कार और यौन शोषण पीड़िताओं के बयान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा ऑडियो-वीडियो के माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य है और अधिकांश मामलों में ऐसा नहीं होता. अदालत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव (गृह) को दो महीने के भीतर सीआरपीसी के प्रावधानों के अनुपालन संबंधी दिशानिर्देश जारी करने को कहा है.

यूपी: दोहरे हत्याकांड मामले में उत्तराखंड की मंत्री के पति के ख़िलाफ़ ग़ैर ज़मानती वारंट जारी

मामला बरेली का है और 1990 में संपत्ति विवाद में हुई एक दंपति की मौत से जुड़ा है. मृतकों की बेटी का आरोप था कि घटना के दिन चार-पांच लोग चाकुओं-डंडों के साथ उनके घर में घुसे और उनके माता-पिता की हत्या कर दी. जांच में उत्तराखंड की मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू सहित 11 लोगों के ख़िलाफ़ आरोप तय किए गए थे.