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डॉ. कफील खान. (फाइल फोटो: पीटीआई)

डॉक्टर कफील खान की रासुका अवधि तीन महीने के लिए बढ़ाई गई

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले साल दिसंबर में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में 29 जनवरी को डॉक्टर कफील खान को गिरफ्तार किया गया था. 10 फरवरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहा करने के बजाय उन पर रासुका लगा दिया गया था.

डॉ. कफील खान. (फाइल फोटो: पीटीआई)

यूपी: एएमयू में सीएए पर कथित भड़काऊ भाषण देने के लिए डॉ. कफील पर लगी रासुका

डॉ. कफील खान को 29 जनवरी को महाराष्ट्र से गिरफ़्तार किया गया था. उन्हें ज़मानत मिल चुकी थी लेकिन शुक्रवार को रिहाई से पहले यूपी पुलिस ने उन पर रासुका लगा दी, जिसके चलते उन्हें रिहा नहीं किया गया.

Aligarh: People gather at the Eidgah to protest against the alleged police action on AMU students who were protesting over Citizenship Amendment Act, in Aligarh, Monday, Dec. 16, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_16_2019_000261B)

उत्तर प्रदेशः एएमयू के दो छात्रों पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज

अलीगढ़ पुलिस का आरोप है कि बीते 20 जनवरी को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भीतर नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर ढाल के रूप में नाबालिगों को आगे किया गया था. हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी नाबालिग बच्चों की पहचान की जानी बाकी है और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.

संदीप पांडेय. (फोटो साभार: फेसबुक)

सावरकर पर टिप्पणी के चलते मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पांडेय के ख़िलाफ़ केस दर्ज

मानवाधिकार कार्यकर्ता संदीप पांडेय द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दिए गए एक भाषण के संबंध में हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष ने केस दर्ज कराया है.

Aligarh: People gather at the Eidgah to protest against the alleged police action on AMU students who were protesting over Citizenship Amendment Act, in Aligarh, Monday, Dec. 16, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_16_2019_000261B)

उत्तर प्रदेशः एएमयू के छह छात्रों पर गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी पुलिस

बीते 15 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता क़ानून और नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों पर पुलिस की बर्बर कार्रवाई के ख़िलाफ़ हो रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें 100 लोग घायल हुए थे.

फोटो: रॉयटर्स

हिंसा अदालत को सोचने से रोक रही है, लेकिन हिंसा हो कैसे रही है?

हिंसा के सबसे ज्यादा, सबसे ताकतवर और कारगर हथियार किसके पास हैं? किसके पास एक संगठित शक्ति है जो हिंसा कर सकती है? उत्तर प्रदेश में किसने आम शहरियों के घर-घर घुसकर तबाही की? किसने कैमरे तोड़कर चेहरे ढंककर लोगों को मारा? गोलियां कहां से चलीं? अदालत से यह कौन पूछे और कैसे? जब उसके पास ये सवाल लेकर जाते हैं तो वह हिंसा से रूठ जाती है.

जेएनयू में हुई हिंसा विरोध में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों ने प्रदर्शन किया. (फोटो साभार: ट्विटर)

पॉन्डिचेरी से ऑक्सफोर्ड तक के विश्वविद्यालय परिसरों में जेएनयू हिंसा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

ऑक्सफोर्ड और कोलंबिया विश्वविद्यालय में छात्रों ने एकजुटता दिखाते हुए मार्च किया और परिसर में छात्रों की सुरक्षा की मांग की. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में छात्रों ने जेएनयू में हुई हिंसा का विरोध किया.

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नागरिकता कानूनः एएमयू के छात्रों के साथ पुलिस ने आतंकियों जैसा बर्ताव किया

वीडियोः नागरिकता कानून के विरोध में 15 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की उत्तर प्रदेश पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने बर्बरता से पिटाई की थी. इस मामले पर सामाजिक कार्यकर्ता और घटना की जांच करने वाली फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्य हर्ष मंदर के साथ रीतू तोमर की बातचीत.

(फोटो: पीटीआई)

नागरिकता क़ानून: एएमयू हिंसा के संबंध में हत्या के प्रयास में 26 लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज

अलीगढ़ पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि 15 दिसंबर की रात हुई हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने देसी पिस्तौल से पुलिस पर फायरिंग की थी. एफआईआर में अलीगढ़ छात्रसंघ के अध्यक्ष का नाम भी शामिल है.

Lucknow: A policeman at Madeyganj police outpost where five motorcycles were set ablaze, in Lucknow, Thursday, Dec. 19, 2019. (PTI Photo/Nand Kumar) (PTI12_19_2019_000165B)

नागरिकता क़ानून: उत्तर प्रदेश के लखनऊ और संभल में हिंसा, पथराव और वाहनों में आग लगाई

उत्तर प्रदेश के संभल में अगले आदेश तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई. लखनऊ के कई इलाकों में भीषण बवाल. भीड़ ने गाड़ियों में आग लगाई और चौकी पर पथराव​ किया. मऊ शहर में भी हुआ पथराव. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कई शिक्षकों ने मौन जुलूस निकाला.

New Delhi: Author and activist Arundhati Roy addresses a protest organised by the activists of Campaign against State Repression on Rights over various issues, at Jantar Mantar in New Delhi on Friday, Aug 3, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav) (PTI8_3_2018_000071B)

नागरिकता कानून: सारा भारत एक साथ, इस सरकार की विश्वसनीयता नहीं बची- अरुंधति रॉय

देशभर में 19 दिसंबर को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए दिल्ली सहित कई शहरों में धारा 144 लागू करने के साथ इंटरनेट सेवाओं पर भी पाबंदी लगाई गई है.

Men make phone calls as they sit on a railing with Bharti Airtel billboards installed on it, along a sidewalk in Kolkata February 1, 2013. REUTERS/Rupak De Chowdhuri/Files

सरकार के आदेश पर दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल सेवाएं बंद की गईं: एयरटेल

एयरटेल के अलावा वोडाफोन ने भी कहा है कि सरकार के निर्देश पर दिल्ली में मोबाइल सेवाओं को बंद किया गया है. अगला आदेश आने पर प्रतिबंध को हटाया जाएगा. आज दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं.

लेखक और इतिहासकार राम चंद्र गुहा (फोटो: पीटीआई)

नागरिकता कानून विरोध: प्रख्यात इतिहासकार रामचंद्र गुहा को हिरासत में लिया गया

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आज देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं. दिल्ली में लाल किला के पास धारा 144 लगा दी गई है.

Aligarh: People gather at the Eidgah to protest against the alleged police action on AMU students who were protesting over Citizenship Amendment Act, in Aligarh, Monday, Dec. 16, 2019. (PTI Photo)  (PTI12_16_2019_000261B)

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू

राज्य के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि 19 दिसंबर के दिन लोगों को जुटने की कोई इजाजत नहीं दी गई है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

नागरिकता क़ानून: मऊ के बाद यूपी के आज़मगढ़ में पथराव, धारा 144 लागू, इंटरनेट सेवाएं बंद

मंगलवार की शाम आज़मगढ़ ज़िले मुबारक़पुर क़स्बे में संशोधित नागरिकता क़ानून के विरोध में स्थानीय लोगों और छात्रों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई थी. इससे एक दिन पहले मऊ में विवादित क़ानून के ख़िलाफ़ हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया था.