कश्मीर: विरोध के बाद सेना ने समान नागरिक संहिता पर सेमिनार रद्द किया

यह शायद पहली बार था जब कश्मीर के सबसे प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान में सेना सीधे तौर पर किसी राजनीतिक विषय पर कोई कार्यक्रम प्रायोजित कर रही थी.

दिल्ली: सेना पर विवादित ट्वीट के लिए एलजी ने शेहला राशिद के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी दी

अगस्त 2019 में जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व नेता शेहला राशिद ने सिलसिलेवार ट्वीट कर भारतीय सेना पर जम्मू कश्मीर में लोगों को उठाने, छापेमारी करने और लोगों को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे. अब इसके लिए दिल्ली के उपराज्यपाल ने उनके ख़िलाफ़ सीआरपीसी की धारा 196 के तहत मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी दी है.

जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद ने चुनावी राजनीति छोड़ने का ऐलान किया

जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फ़ैसल की पार्टी जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) से इसी साल मार्च में जुड़ी थीं. राशिद का कहना है कि वह कार्यकर्ता के तौर पर काम करना जारी रखेंगी.

दक्षिणी कश्मीर में सेना ने लगाए अनुच्छेद 370 हटने से फायदे के पोस्टर

पोस्टरों के बारे में पूछे जाने पर 4 सितंबर को लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा था कि यहां कोई संगठित अभियान नहीं चल रहा है.

सेना के ख़िलाफ़ कथित बयान को लेकर शेहला राशिद पर राजद्रोह का मामला दर्ज

जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट की नेता शेहला राशिद ने बीते महीने कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा स्थानीयों को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के एक वकील की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है.

जम्मू कश्मीर: शेहला राशिद का सेना द्वारा अत्याचार का आरोप, सेना का इनकार

शेहला राशिद के सेना द्वारा पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना देने के आरोपों को सेना ने ख़ारिज करते हुए आधारहीन बताया. शेहला का कहना है कि अगर सेना इनकी निष्पक्ष जांच करना चाहे, तो वे ऐसी घटनाओं की जानकारी दे सकती हैं.

370 का जश्न और सहमा हुआ कश्मीर

इस पूरे अध्याय ने कश्मीर की आवाज़ और बोलने का हक़ दोनों छीन लिया, लेकिन कहा गया कि कश्मीरी जनता खुश है. अजीत डोभाल को सबने चार कश्मीरियों के साथ खाना खाते तो देखा पर किसी को नहीं पता कि उन तस्वीरों में पीछे कितने सैनिक बंदूक ताने खड़े थे.

जम्मू कश्मीर: पुलवामा के बाद राजौरी में आईईडी विस्फोट, सेना के अधिकारी की मौत

जम्मू कश्मीर के राजौरी ज़िले के नौशरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास हुई घटना में एक सैनिक घायल. बीते 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले में 40 जवानों की मौत हो गई थी.

क्यों कश्मीर में सेना और नागरिकों को आमने-सामने खड़ा किया जा रहा है?

कश्मीर के हालात अब न सैनिकों के लिए अच्छे रह गए हैं, न वहां की जनता के लिए. दोनों के मन में एक-दूसरे के प्रति संदेह का पहाड़ खड़ाकर कर दिया गया है जो रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं.

जम्मू कश्मीर से अफस्पा हटाने से महबूबा का इनकार, सेना को बताया दुनिया में सबसे अनुशासित

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि कश्मीर की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति की वजह से घाटी में सेना की तैनाती में इज़ाफ़ा हुआ है. यदि स्थिति बिगड़ती है, तो सुरक्षा बलों की संख्या में बढ़ोतरी होगी.