Army in Jammu Kashmir

New Delhi: Activist Shehla Rashid during opposition parties' protest, demanding the release of leaders detained in J&K, at Jantar Mantar in New Delhi, Thursday, Aug 22, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI8_22_2019_000035B)

जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद ने चुनावी राजनीति छोड़ने का ऐलान किया

जेएनयू की पूर्व छात्र नेता शेहला राशिद पूर्व आईएएस अधिकारी शाह फ़ैसल की पार्टी जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) से इसी साल मार्च में जुड़ी थीं. राशिद का कहना है कि वह कार्यकर्ता के तौर पर काम करना जारी रखेंगी.

Jammu: CRPF personnel stand guard during restrictions, at Raghunath Bazar in Jammu, Monday, Aug 05, 2019. Restrictions and night curfews were imposed in several districts of Jammu and Kashmir as the Valley remained on edge with authorities stepping up security deployment. (PTI Photo)(PTI8_5_2019_000091B)

दक्षिणी कश्मीर में सेना ने लगाए अनुच्छेद 370 हटने से फायदे के पोस्टर

पोस्टरों के बारे में पूछे जाने पर 4 सितंबर को लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा था कि यहां कोई संगठित अभियान नहीं चल रहा है.

New Delhi: Activist Shehla Rashid during opposition parties' protest, demanding the release of leaders detained in J&K, at Jantar Mantar in New Delhi, Thursday, Aug 22, 2019. (PTI Photo/Ravi Choudhary)(PTI8_22_2019_000035B)

सेना के ख़िलाफ़ कथित बयान को लेकर शेहला राशिद पर राजद्रोह का मामला दर्ज

जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट की नेता शेहला राशिद ने बीते महीने कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा स्थानीयों को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के एक वकील की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने उनके ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की है.

An Indian police officer stands behind the concertina wire during restrictions on Eid-al-Adha after the scrapping of the special constitutional status for Kashmir by the Indian government, in Srinagar, August 12, 2019. REUTERS/Danish Ismail

जम्मू कश्मीर: शेहला राशिद का सेना द्वारा अत्याचार का आरोप, सेना का इनकार

शेहला राशिद के सेना द्वारा पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना देने के आरोपों को सेना ने ख़ारिज करते हुए आधारहीन बताया. शेहला का कहना है कि अगर सेना इनकी निष्पक्ष जांच करना चाहे, तो वे ऐसी घटनाओं की जानकारी दे सकती हैं.

Indian security force personnel keep guard alongside a road during restrictions after the government scrapped the special constitutional status for Kashmir, in Srinagar August 15, 2019. REUTERS/Danish Ismail

370 का जश्न और सहमा हुआ कश्मीर

इस पूरे अध्याय ने कश्मीर की आवाज़ और बोलने का हक़ दोनों छीन लिया, लेकिन कहा गया कि कश्मीरी जनता खुश है. अजीत डोभाल को सबने चार कश्मीरियों के साथ खाना खाते तो देखा पर किसी को नहीं पता कि उन तस्वीरों में पीछे कितने सैनिक बंदूक ताने खड़े थे.

(फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: पुलवामा के बाद राजौरी में आईईडी विस्फोट, सेना के अधिकारी की मौत

जम्मू कश्मीर के राजौरी ज़िले के नौशरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास हुई घटना में एक सैनिक घायल. बीते 14 फरवरी को जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ के काफिले पर फिदायीन हमले में 40 जवानों की मौत हो गई थी.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

क्यों कश्मीर में सेना और नागरिकों को आमने-सामने खड़ा किया जा रहा है?

कश्मीर के हालात अब न सैनिकों के लिए अच्छे रह गए हैं, न वहां की जनता के लिए. दोनों के मन में एक-दूसरे के प्रति संदेह का पहाड़ खड़ाकर कर दिया गया है जो रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं.

महबूबा मुफ़्ती. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर से अफस्पा हटाने से महबूबा का इनकार, सेना को बताया दुनिया में सबसे अनुशासित

जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि कश्मीर की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति की वजह से घाटी में सेना की तैनाती में इज़ाफ़ा हुआ है. यदि स्थिति बिगड़ती है, तो सुरक्षा बलों की संख्या में बढ़ोतरी होगी.