Article 370

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती. (फोटो: पीटीआई)

यह अपमानजनक है कि जांच एजेंसियां मेरे पिता की क़ब्र पर ऑडिट कर रही हैं: महबूबा मुफ़्ती

पीडीपी की युवा इकाई के नेता वहीद पर्रा को टेरर फंडिंग के आरोप में एनआईए द्वारा गिरफ़्तार किए जाने समेत अन्य मामलों में विभिन्न एजेंसियों की जांच पर पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि एक भी मामला साबित होने पर वे परिणाम भुगतने को तैयार हैं.

सतपाल निश्चल के शव को कंधा देते उनके परिजन और रिश्तेदार.  (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: डोमिसाइल सर्टिफिकेट मिलने के बाद कारोबारी की हत्या, आतंकियों ने दी और हमलों की चेतावनी

मूल रूप से पंजाब के रहने वाले श्रीनगर के 70 वर्षीय कारोबारी सतपाल निश्चल को कुछ हफ्ते पहले नए नियमों के तहत डोमिसाइल प्रमाणपत्र मिला था. एक आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने उन पर हमले की ज़िम्मेदारी लेते हुए कहा है कि डोमिसाइल प्रमाणपत्र हासिल करने वाले ऐसे सभी बाहरी आरएसएस एजेंट्स हैं.

महबूबा मुफ़्ती. (फोटो: पीटीआई)

केंद्र जांच एजेंसियों को ‘हथियार’ की तरह कर रहा इस्तेमाल: महबूबा मुफ़्ती

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि जब तक जम्मू कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत मिले विशेष दर्ज़े को बहाल नहीं किया जाता है, तब तक वह चुनाव नहीं लड़ेंगी. उन्होंने कहा कि अगर सरकार उन्हें हिरासत में लेना चाहती है तो सीधे उनके पास आए, लेकिन परिवार के सदस्यों, दोस्तों और पार्टी के सहयोगियों को परेशान करना बंद कर दे.

Srinagar: National Conference (NC) candidate Salmaan Sagar flashes victory sign after his lead in the municipality election results, in Srinagar, Tuesday, Dec. 22, 2020. (PTI Photo/S. Irfan)(PTI22-12-2020 000123B)

जम्मू कश्मीर डीडीसी चुनाव: गुपकर गठबंधन को 110 सीटें, भाजपा 74 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी

जम्मू कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) की 280 सीटों के लिए आठ चरण में चुनाव कराए गए थे. इस चुनाव में 2,178 उम्मीदवार मैदान में थे. जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्ज़ा ख़त्म किए जाने के बाद इस केंद्र शासित प्रदेश में यह पहला चुनाव था.

(फोटोः पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: डीडीसी चुनाव मतगणना की पूर्व संध्या पर कम से कम 20 नेता हिरासत में

डीडीसी चुनाव नतीजे आने के एक दिन पहले जम्मू कश्मीर में अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 20 राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिया है. इनमें महबूबा मुफ़्ती की पार्टी पीडीपी के तीन वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं. मुफ़्ती ने आरोप लगाया कि भाजपा पर चुनाव नतीजों से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रही है.

भाजपा के पूर्व एमएलसी विभोद गुप्ता ने शनिवार को घाटी में पार्टी के वरिष्ठ नेता सोफी यूसुफ और दरखशां अब्दराबी की मौजूदगी में घोषणा-पत्र को जारी किया. (फोटो साभार: फेसबुक)

भाजपा का घोषणा-पत्र: राज्य का पुनर्गठन कर जम्मू कश्मीर को विकास और शांति के मार्ग पर अग्रसर किया

जम्मू कश्मीर में ज़िला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव के लिए 28 नवंबर से 22 दिसंबर तक आठ चरणों में मतदान होंगे. पहले चरण के तहत शनिवार को लगभग 52 फीसदी वोटिंग हुईं. भाजपा ने उर्दू में जारी अपने घोषणा-पत्र में केंद्रशासित प्रदेश के निवासियों के लिए 100 फ़ीसदी सरकारी नौकरियां आरक्षित करने का श्रेय लेने का भी दावा किया है.

महबूबा मुफ्ती, फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

डीडीसी चुनाव: फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा- गुपकर अलायंस के उम्मीदवारों को प्रचार से रोका जा रहा

पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लरेशन की ओर से कहा गया है कि प्रचार से रोककर उनके उम्मीदवारों को सुरक्षा के नाम पर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया रहा है. अलायंस में शामिल पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने आरोप लगाया कि डीडीसी चुनावों में ग़ैर-भाजपा दलों की भागीदारी को भारत सरकार ने नुकसान पहुंचा रही है. माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ़ तारिगामी ने भी प्रचार न करने देने की बात कही है.

मुजफ्फर हुसैन बेग. (फोटो: पीटीआई)

पीडीपी के संस्थापक सदस्य मुज़फ़्फ़र हुसैन बेग़ ने पार्टी छोड़ी

बताया जा रहा है कि जम्मू कश्मीर में ज़िला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव में सीट बंटवारे में असहमति को लेकर मुज़फ़्फ़र हुसैन बेग़ इस्तीफ़ा दिया है. जम्मू कश्मीर में 28 नवंबर से 24 दिसंबर के बीच आठ चरणों में डीडीसी चुनाव कराए जाएंगे.

गुपकर गठबंधन का हिस्सा बनने वाले जम्मू कश्मीर के छह राजनीतिक दलों के नेता. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: गुपकर गठबंधन में शामिल हुई कांग्रेस, कहा- सेकुलर मतों का विभाजन रोकना ज़रूरी

बीते 22 अगस्त को जम्मू कश्मीर छह क्षेत्रीय पार्टियों ने संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के फ़ैसले को असंवैधानिक क़रार देते हुए इसकी बहाली के लिए मिलकर संघर्ष करने के लिए गठबंधन का ऐलान किया था और एक घोषणा-पत्र जारी किया था.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

जम्मू कश्मीर: ज़िला विकास परिषद चुनाव, पंचायत और नगरपालिका उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी

जम्मू कश्मीर में ज़िला विकास परिषद चुनाव 28 नवंबर से 22 दिसंबर तक आठ चरणों में होंगे. ये चुनाव पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों के निरस्त होने के बाद यहां पहली बड़ी राजनीतिक गतिविधि है. हालांकि कश्मीर के मुख्य दलों ने अब तक यह घोषणा नहीं की है कि वे इस चुनाव में भाग लेंगे या नहीं.

PDP Workers Protest PTI

जम्मू कश्मीर: बाहरियों को ज़मीन ख़रीदने का अधिकार देने का विरोध क्यों हो रहा है

विशेष राज्य का दर्जा हटाने के बाद बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने केंद्र शासित जम्मू कश्मीर के ज़मीन मालिकाना अधिकार से संबंधित नियमों में बदलाव किया है, जिसके बाद देशभर से अब कोई भी यहां जमीन ख़रीद सकता है. केंद्र के इस क़दम का विरोध हो रहा है.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

फ़ारूक़ अब्दुल्ला को नमाज़ अदा करने के लिए दरगाह जाने से रोका गयाः नेशनल कॉन्फ्रेंस

नेशनल कॉन्फ्रेंस का आरोप है कि जम्मू कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर फ़ारूक़ अब्दुल्ला को दरगाह हज़रतबल जाकर नमाज़ अदा करने के लिए घर से निकलने नहीं दिया गया. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने प्रशासन के इस क़दम की निंदा करते हुए इसे अधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है.

(फोटो: पीटीआई)

जम्मू कश्मीर: भूमि क़ानून में हुए बदलाव के बाद कोई भी खरीद सकेगा ज़मीन, स्थानीय नेताओं का विरोध

केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर विकास अधिनियम की धारा 17 से ‘राज्य का स्थायी नागरिक’ वाक्यांश हटा लिया है. यह धारा केंद्र शासित प्रदेश में ज़मीन के निस्तारण से संबंधित है और नया संशोधन बाहर के लोगों को जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में ज़मीन खरीदने का अधिकार देने का रास्ता खोलता है.

गुपकर गठबंधन का हिस्सा बनने वाले जम्मू कश्मीर के छह राजनीतिक दलों के नेता. (फोटो: पीटीआई)

फ़ारूक़ अब्दुल्ला करेंगे गुपकर गठबंधन की अगुवाई, कहा- गठबंधन राष्ट्रविरोधी नहीं, भाजपा विरोधी

जम्मू कश्मीर के छह दल अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के फ़ैसले को असंवैधानिक क़रार देते हुए इसकी बहाली के लिए एकजुट हुए हैं. गठबंधन ने जम्मू कश्मीर राज्य के झंडे को अपने निशान के रूप में अपनाते हुए बीते एक साल के शासन पर श्वेतपत्र जारी करने की बात कही है.

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती. (फोटो: पीटीआई)

पांच अगस्त का निर्णय वापस लिए बिना चुनाव लड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं: महबूबा मुफ़्ती

अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के क़रीब 14 महीने बाद रिहा होने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि भाजपा ने देश के संविधान को ध्वस्त कर दिया है और संविधान के स्थान पर अपना घोषणापत्र थोपना चाहती है.