Ashok Gehlot

(फोटो: पीटीआई)

टिड्डियों के हमलों से 100 फीसदी तक फसल नुकसान के बावजूद राजस्थान सरकार ने मुआवज़ा कवरेज घटाया

राजस्थान सरकार ने टिड्डियों के हमलों से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए दो हेक्टयर तक की सीमा तय की है और जो राशि सरकार दे रही है वो फसलों के लागत मूल्य से भी कम है. राज्य ने फसल बीमा के तहत भी लाभ प्राप्त करने से कई ज़िलों को बाहर कर दिया है.

हाल ही में टिड्डियों का झुंड राजस्थान की राजधानी जयपुर के रिहायशी इलाकों में घुस गया था. (फोटो: पीटीआई)

राजस्थान में टिड्डियों के हमले से 20 ज़िलों में 90,000 हेक्टेयर इलाका प्रभावित

महाराष्ट्र के भंडारा ज़िले में फसल नष्ट करने के बाद गोंदिया की तरफ बढ़ा टिड्डी दल. हरियाणा में हाई अलर्ट. दिल्ली सरकार ने संभावित टिड्डी हमले के मद्देनजर परामर्श जारी किया. केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने टिड्डी नियंत्रण अभियान की समीक्षा की.

(फोटो: रॉयटर्स)

टिड्डियों के हमले के कारण 2019-20 में राजस्थान और गुजरात में दो लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद: सरकार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले सीजन में टिड्डी ​हमलों के कारण राजस्थान के सात जिले और गुजरात के तीन जिले प्रभावित हुए थे.

बूंदी जिले के बुधपुरा के मजदूर राजू भील और  उनका परिवार.

राजस्थान: खनन क्षेत्र के लाखों मज़दूर भुगत रहे हैं लॉकडाउन का ख़ामियाजा

कोरोना संक्रमण के मद्देनज़र हुए लॉकडाउन के बाद राजस्थान में खानें भी बंद हो गई थीं. अप्रैल से राज्य सरकार ने खनन कार्य की अनुमति दी थी, लेकिन अधिकतर मज़दूर घर लौट गए हैं या फिर उनके पास खान तक पहुंचने का साधन नहीं है.

श्रमिक विशेष ट्रेन (फोटो:पीटीआई)

रेल मंत्री ने कहा- कई राज्य श्रमिक ट्रेनों को नहीं दे रहे मंज़ूरी, राज्यों ने गलत आरोप बताया

प्रवासी मज़दूरों की घर वापसी के लिए पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों से सहयोग नहीं मिलने के रेल मंत्री पीयूष गोयल के आरोपों के बाद इन राज्यों ने कहा है कि रेल मंत्रालय के पास सही जानकारी नहीं हैं और आरोप तथ्यों से परे हैं.

Rajasthan Artist Dare Khan and his group Special Arrangment

राजस्थान: लॉकडाउन में काम को तरसे लोक कलाकार

आम तौर पर लोक कलाओं से गुलज़ार रहने वाले राजस्थान में कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते सन्नाटा पसरा है. ऐसे में ख़ाली बैठे लोक कलाकार आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. उनकी सहायता के लिए शुरू की गई राज्य सरकार की योजना कई विसंगतियों के चलते मददगार साबित नहीं हो रही है.

Constitution-of-India

न्यायिक और प्रशासनिक मामलों में किसी की जाति का उल्लेख संविधान के ख़िलाफ़: राजस्थान हाईकोर्ट

साल 2018 के एक मामले का जिक्र करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने एक स्थायी आदेश जारी करते हुए कहा है कि किसी व्यक्ति की जाति का उल्लेख किसी भी न्यायिक और प्रशासनिक मामले में नहीं किया जाना चाहिए.

जैसलमेर में पाक विस्थापित ताराचंद और उनका परिवार.

‘मोदी सरकार हमारी नागरिकता के लिए क़ानून तो ले आई, लेकिन मुश्किल वक़्त में भूल गई’

कोरोना वायरस के मद्देनज़र हुए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान राजस्थान में रह रहे पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है. राज्य सरकार ने सहायता मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन अब भी सभी विस्थापितों तक मदद नहीं पहुंची है.

(फोटो साभार: ट्विटर)

कोटा में फंसे छात्रों को वापस लाने के लिए यूपी सरकार ने भेजी बसें, नीतीश कुमार ने जताई आपत्ति

राजस्थान और यूपी सरकार के इस निर्णय के बाद शुक्रवार को 102 बसें झांसी और 150 बसें आगरा से कोटा गई थीं और रात में ही छात्र और कुछ अभिभावक अपने घरों के लिए रवाना हो गए. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह लॉकडाउन के नियम के साथ नाइंसाफी है.

(फोटोः रॉयटर्स)

राजस्थान: लॉकडाउन बढ़ाए जाने के बाद कोटा में फंसे हज़ारों छात्रों ने की घर भेजे जाने की मांग

कोचिंग हब माने जाने वाले कोटा में लॉकडाउन के चलते हज़ारों छात्र-छात्राएं फंसे हैं. उनका कहना है कि कोई इम्तिहान या क्लास नहीं है, पर रहने-खाने की परेशानी से लेकर किराये के लिए मकानमालिकों का दबाव झेलना पड़ रहा है क्योंकि सरकार हमें घर नहीं भेज सकती.

फतेहगढ़ में घुमंतु समूह. (फोटो: माधव शर्मा/द वायर)

राजस्थान: दर-बदर रहने वाले घूमंतु समुदाय भुगत रहे हैं लॉकडाउन का खामियाज़ा

कोरोना के चलते हुए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में घुमंतू समुदाय के कई समूह फंसे हुए हैं, न काम है न खाने पीने की कोई व्यवस्था. कुछ आम नागरिकों से मिली मदद के सहारे रह रहे इस समुदाय का कहना है कि सरकार द्वारा ग़रीबों के लिए हुई घोषणाओं में से उन्हें किसी का लाभ नहीं मिला है.

पंजाब के लुधियाना में जनता कर्फ्यू का असर, (फोटो: एएनआई)

कोरोना वायरस: राजस्थान के बाद पंजाब में भी 31 मार्च तक लॉकडाउन

पंजाब में शनिवार को 11 और व्यक्ति कोरोनो वायरस से संक्रमित पाए गए थे, जिससे राज्य में संक्रमण के पुष्ट मामलों की कुल संख्या 14 हो गई.

अशोक गहलोत. (फोटो: पीटीआई)

कोरोना वायरसः राजस्थान सरकार ने 31 मार्च तक पूरे प्रदेश को लॉकडाउन किया

राजस्थान सरकार ने इस लॉकडाउन से आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह से बाहर रखा है. हालांकि इस दौरान सरकारी और निजी सभी कार्यालय, शॉपिंग मॉल, दुकानें, कारखानें सभी बंद रहेंगी. सार्वजनिक परिवहन की सेवाएं भी पूरी तरह से बंद रहेंगी.

Hyderabad: A medic looks on at a patient who has shown positive symptoms for coronavirus (COVID -19) at an isolation ward in Hyderabad, Tuesday, March 10, 2020. (Credit: PTI)

राजस्थान: कोरोना के चलते कम आवश्यक सरकारी, अर्धसरकारी और स्वायत्त संस्थान 31 मार्च तक बंद

कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में धारा 144 लगा दी थी. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जिन व्यक्तियों में इस बीमारी के लक्षण पाए गए हैं, अगर वे होम आइसोलेशन के निर्देशों को न मानें, तो उन परआईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाए.

Nagaur Dalit Photo Avadhesh Akodia (1)

राजस्थान: नागौर में बर्बरता का शिकार हुए दलित युवकों को न्याय की उम्मीद क्यों नहीं है?

ग्राउंड रिपोर्ट: 16 फरवरी को नागौर के दो युवकों को करनू गांव में चोरी के आरोप में बेरहमी से पीटा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत सभी बड़े नेताओं ने आरोपियों को सज़ा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की बात कही, लेकिन पीड़ित और उनका परिवार इसे लेकर आश्वस्त नज़र नहीं आते.