Atal Bihari Vajpayee

जवाहरलाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी देश के आदर्श नेता हैं: नितिन गडकरी

एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकतंत्र में विपक्ष की ज़रूरत पर बात करते हुए कहा कि लोकतंत्र की गाड़ी के दो पहिए सत्तापक्ष और विपक्ष हैं. विपक्ष को मज़बूत होना चाहिए और सत्तापक्ष पर उसका अंकुश बना रहना चाहिए. नेहरू हमेशा वाजपेयी जी का सम्मान करते थे और कहते थे कि विपक्ष भी आवश्यक है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन

जसवंत सिंह देश के विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और वित्त मंत्री रह चुके थे. साल 2014 में उन्हें सिर में चोट लगी था, जिसके बाद से वह कोमा में ही थे. बीते जून महीने में तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नई दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

नागरिकता क़ानून में धर्म के मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के उलट है मोदी सरकार का रवैया

नागरिकता क़ानून को लेकर 2003 और उसके बाद हुई बहस में न केवल कांग्रेस और वाम बल्कि भाजपा नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने भी धार्मिक रूप से प्रताड़ित शरणार्थियों को लेकर धर्म के आधार पर भेदभाव न करने की पैरवी की थी.

कांग्रेस की मौत की कामना करना कितना उचित है?

पिछले पांच साल से देश को कांग्रेसमुक्त करने का आह्वान भाजपा नेताओं के द्वारा किया जाता रहा है, लेकिन न सिर्फ यह कि वह अप्रासंगिक नहीं हुई, बल्कि इस चुनाव में भी भाजपा के लिए वही संदर्भ बिंदु बनी रही. जनतंत्र की सबसे अधिक दुहाई देनेवाले समाजवादियों को जनसंघ या भाजपा के साथ कभी वैचारिक या नैतिक संकट हुआ हो, इसका प्रमाण नहीं मिलता.

जब राजमाता सिंधिया के ‘धर्मपुत्र’ ने उनके समर्थन के बावजूद उनके बेटे से शिकस्त खाई

चुनावी बातें: 1984 में भाजपा से अटल बिहारी वाजपेयी और कांग्रेस से माधवराव सिंधिया ग्वालियर से मैदान में थे, जिससे विजयाराजे सिंधिया के सामने पार्टी व पुत्र के बीच चुनाव का धर्मसंकट आ खड़ा हुआ था. उस पर अटल बिहारी ने ख़ुद को उनका धर्मपुत्र बताकर इस दुविधा को और बढ़ा दिया था.

…जब मथुरा से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ज़मानत ज़ब्त हो गई थी

1957 के लोकसभा चुनाव में मथुरा से कांग्रेस और जनसंघ के उम्मीदवारों को पछाड़ते हुए स्वतंत्र रूप से लड़े राजा महेंद्र प्रताप सिंह विजयी हुए थे. अटल बिहारी वाजपेयी उत्तर प्रदेश में लखनऊ, बलरामपुर और मथुरा सीट से चुनाव लड़े थे और बलरामपुर से जीतकर लोकसभा पहुंचे थे.

जब बलरामपुर की जनता ने अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी अभद्र टिप्पणी के लिए सबक सिखाया

चुनावी बातें: नेताओं की बदज़ुबानी के लिए उन्हें सबक सिखाने में मतदाताओं की उदासीनता भी ज़िम्मेदार है, लेकिन एक वो समय था जब 1962 में उत्तर प्रदेश की बलरामपुर लोकसभा सीट के मतदाताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी जैसे वाकपटु नेता की अभद्र टिप्पणी के चलते उनकी जीती हुई बाज़ी पलटकर हार का मज़ा चखा दिया था.

आरएसएस भारत के लिए समस्या बन सकता हैः रघुराम राजन

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का कहना है कि आरएसएस का संकीर्ण वैश्विक दृष्टिकोण भारत के लिए गतिरोध पैदा कर सकता है. यह देश हमारे संस्थापकों नेहरू, गांधी के विचारों और हमारे संविधान की बुनियाद पर खड़ा है.

New Delhi: Union Textiles Minister Smriti Irani addresses a press conference at BJP Headquarters in New Delhi, Tuesday, Sept 11, 2018. (PTI Photo) (PTI9_11_2018_000085B)

मोदी जिस दिन संन्यास लेंगे, मैं भी उसी दिन राजनीति छोड़ दूंगी: स्मृति ईरानी

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक कार्यक्रम में कहा कि नरेंद्र मोदी ने मुझे गुजरात से सांसद बनाया, राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर प्रस्तावित किया. जब मुझे मानव संसाधन मंत्री के तौर पर सेवा करने का मौका मिला, तो नेतृत्व के अलावा किसी को मुझ पर भरोसा नहीं था.

**FILE PHOTO** New Delhi: In this file photo dated May 19, 1996, former prime minister Atal Bihari Vajpayee addresses the nation at South Block, in New Delhi. Vajpayee, 93, passed away on Thursday, Aug 16, 2018, at the All India Institute of Medical Sciences, New Delhi after a prolonged illness. (PTI Photo)(PTI8_16_2018_000171B)

अयोध्या की 67 एकड़ अविवादित भूमि पर वाजपेयी ने कहा था- सरकार यथास्थिति बनाए रखने को प्रतिबद्ध

केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग किया है कि अयोध्या में विवादित ज़मीन के आसपास जो 67 एकड़ अविवादित ज़मीन है उससे कोर्ट यथास्थिति हटा ले और यह हिस्सा उसके मूल मालिक को वापस कर दे.

23 साल अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे गेगांग अपांग का भाजपा से इस्तीफ़ा

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भेजे गए पत्र में गेगांग अपांग ने कहा है कि वर्तमान भाजपा अब राजधर्म के सिद्धांत का पालन नहीं कर रही है बल्कि सत्ता पाने का ज़रिया बन गई है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi being felicitated by Bharatiya Janata Party leaders L K Advani, Party President Amit Shah, Rajnath Singh and Sushma Swaraj during BJP Parliamentary Party meeting, in New Delhi on Tuesday, July 31, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI7_31_2018_000025B)

2019 का चुनाव सिर्फ कांग्रेस ही नहीं संघ और भाजपा के बचे-खुचे नेताओं का भी अस्तित्व तय करेगा

संघ के लिए केंद्र में सत्ता मंज़िल की सीढ़ी है, अपने आप में मंज़िल नहीं. उसने भाजपा को दो से अस्सी सीट पर पहुंचाने वाले, राम मंदिर मुद्दे के पुरोधा लालकृष्ण आडवाणी को किनारे कर मोदी के लिए हामी भरने में कोई देरी नहीं की. वो कभी ऐसे किसी भी नेता को मंज़ूर नहीं करेगा जो उसकी विचारधारा और ताक़त से ज़्यादा कद्दावर दिखने लगे.

1984 को लेकर राहुल गांधी को सच स्वीकार करने का साहस दिखाना चाहिए

‘अगर आप एक नेता हैं और आपकी नज़रों के सामने बड़ी संख्या में लोगों का क़त्ल किया जाता है, तब आप लोगों की ज़िंदगी बचा पाने में नाकाम रहने की जवाबदेही से मुकर नहीं सकते.’

अकेलेपन का अंडमान भोगते आडवाणी

बेस्ट ऑफ 2018: लालकृष्ण आडवाणी ने अपने निवास में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए बाकायदा एक हॉल बनवाया था. तब अपनी प्रासंगिकता को लेकर कितने आश्वस्त रहे होंगे. कहीं ऐसा तो नहीं कि वे दिन में एक बार उस हॉल में लौटते होंगे. कैमरे और सवालों के शोर को सुनते होंगे.