Babri Masjid Demolition

TN 12 Plain

हम भी भारत, एपिसोड 12: बाबरी विध्वंस के 25 साल और पत्रकार

हम भी भारत की 12वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी, बाबरी विध्वंस पर उस समय वहां रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों से चर्चा कर रही हैं.

Babri Reuters

राम की जय बोलने वाले धोखेबाज़ विध्वंसकों ने रघुकुल की रीत पर कालिख पोत दी

आप कांग्रेस और भाजपा को कोस सकते हैं, लेकिन संघ परिवार को क्या कहेंगे जिसने धर्म और समाज के लिए लज्जा का यह काला दिन आने दिया?

The congested Hanuman Garhi (seen in the backdrop) crossing where atleast 20 kar sevaks were shot dead in October–November 1990. (Photo: Reuters)

अयोध्या में सामाजिक मूल्यों के ध्वंस का सिलसिला अब भी जारी है

भूमंडलीकरण की बाज़ारोन्मुख आंधी में कट्टरता और सांप्रदायिकता अयोध्या के बाज़ार की अभिन्न अंग बनीं तो अभी तक बनी ही हुई हैं.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आठ फरवरी 2018 तक टली

एक पक्षकार की ओर से पेश अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आग्रह किया कि अपीलों पर अगले लोकसभा चुनाव के बाद जुलाई, 2019 में सुनवाई कराई जाए.

Prime Minister Chandrashekhar PTI

‘यदि चंद्रशेखर की सरकार छह माह तक बनी रहती तो बाबरी विवाद सुलझ जाता’

देश के पूर्व कृषि मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे शरद पवार ने अपनी आत्मकथा में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के संदर्भ में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की भूमिका को याद किया है.

Vinod Dua 38

जन गण मन की बात, एपिसोड 38: बाबरी मस्जिद विध्वंस और विजय माल्या

जन गण मन की बात की 38वीं कड़ी ​में विनोद दुआ बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी समेत अन्य लोगों पर मुक़दमा चलाने और विजय माल्या पर चर्चा कर रहे हैं.

​(फोटो: पीटीआई)

‘अयोध्या में मंदिर-मस्जिद से बड़ी बात आपस में अमन-चैन है’

हाशिम अंसारी राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े सबसे पुराने पक्षकार थे. पिछले साल जुलाई में उनका देहांत हो गया. अपनी मौत के तीन महीने पहले इस पत्रकार से उन्होंने कहा था, ‘अयोध्या में रहने वाले लोग इस मसले से ऊब चुके हैं और इसका समाधान चाहते हैं लेकिन कुछ बड़े लोगों का इसमें राजनीतिक स्वार्थ है जो नहीं चाहते हैं कि मामला हल हो.’

ayodhya Wikimedia 1

अयोध्या से ‘राम’ और ‘बाबरी’ को हटा दें तो उसके पास क्या बचता है?

अयोध्या से बाहर इसकी पहचान राम जन्मभूमि और बाबरी मस्ज़िद विवाद से ही होती है. लेकिन अयोध्या के पास इन दोनों के इतर और भी बहुत कुछ है कहने को.

Modi_Maurya_PTI

राजनीति को अपराध-मुक्त करने का ज्ञान देने से पहले भाजपा को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में 35-40 फीसदी प्रत्याशियों का अापराधिक रिकॉर्ड है. कई अपराधों को वैचारिक वैधता भी मिल चुकी है क्योंकि इसके दोषियों को सज़ा के बजाय कोई बड़ी ज़िम्मेदारी या पद दे दिया जाता है. भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष इसका सटीक उदाहरण हैं.