Babri Masjid Demolition

Bhopal: BJP candidate Sadhvi Pragya Singh Thakur addresses a party workers meeting for Lok Sabha polls, in Bhopal, Thursday, April 18, 2019. (PTI Photo) (PTI4_18_2019_000241B)

बाबरी मस्जिद पर विवादित टिप्पणी मामले में प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज

प्रज्ञा ठाकुर ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा था कि राम मंदिर हम बनाएंगे और भव्य बनाएंगे, हम तोड़ने गये थे ढांचा, मैंने चढ़कर तोड़ा था ढांचा, इस पर मुझे भयंकर गर्व है. मुझे ईश्वर ने शक्ति दी थी, हमने देश का कलंक मिटाया है.

Surat: Sadhvi Pragya Singh Thakur during a roadshow at an event in Surat on Tuesday. PTI Photo(PTI4_24_2018_000059B)

साध्वी प्रज्ञा को प्रत्याशी बना भाजपा देखना चाहती है कि हिंदुओं को कितना नीचे घसीटा जा सकता है

लोग कह रहे हैं कि इस चुनाव में भाजपा का भरोसा छूट रहा है, उसने साध्वी को लाकर ब्रह्मास्त्र चलाया है. यह परीक्षा वास्तव में भाजपा की नहीं है, यह हिंदुओं का इम्तिहान है. क्या वे धर्म के इस अर्थ को स्वीकार करने को तैयार हैं?

अयोध्या. (फोटो साभार: विकिमीडिया)

अयोध्या को महज़ राम मंदिर विवाद के चश्मे से देखना क्या इसके साथ न्याय करना होगा?

अपनी किताब ‘अयोध्या – सिटी ऑफ फेथ, सिटी ऑफ डिस्कॉर्ड’ में पत्रकार वलय सिंह ने बताया है कि अयोध्या को सिर्फ़ मंदिर-मस्जिद के विवाद के रूप में देखना इसके बहुपक्षीय एवं बहुधार्मिक इतिहास का अपमान करने जैसा है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अयोध्या ज़मीन विवाद मामले की जल्द सुनवाई के लिए दायर याचिका ख़ारिज

बीते 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अयोध्या मामले की सुनवाई के लिए जनवरी में तारीख तय की जाएगी और मामले को उचित पीठ के पास भेजा जाएगा.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, जनवरी में तय होगी अगली तारीख़

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में दायर अपीलों को जनवरी, 2019 में एक उचित पीठ के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा.

Ayodhya Babri Masjid PTI

अयोध्या संबंधी मामले को पांच जजों की पीठ के पास भेजने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने ‘मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग है या नहीं’ के बारे में शीर्ष अदालत के 1994 के फैसले को फिर से विचार के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजने से इनकार कर दिया.

TN 12 Plain

हम भी भारत, एपिसोड 12: बाबरी विध्वंस के 25 साल और पत्रकार

हम भी भारत की 12वीं कड़ी में आरफ़ा ख़ानम शेरवानी, बाबरी विध्वंस पर उस समय वहां रिपोर्टिंग कर रहे पत्रकारों से चर्चा कर रही हैं.

Babri Reuters

राम की जय बोलने वाले धोखेबाज़ विध्वंसकों ने रघुकुल की रीत पर कालिख पोत दी

आप कांग्रेस और भाजपा को कोस सकते हैं, लेकिन संघ परिवार को क्या कहेंगे जिसने धर्म और समाज के लिए लज्जा का यह काला दिन आने दिया?

The congested Hanuman Garhi (seen in the backdrop) crossing where atleast 20 kar sevaks were shot dead in October–November 1990. (Photo: Reuters)

अयोध्या में सामाजिक मूल्यों के ध्वंस का सिलसिला अब भी जारी है

भूमंडलीकरण की बाज़ारोन्मुख आंधी में कट्टरता और सांप्रदायिकता अयोध्या के बाज़ार की अभिन्न अंग बनीं तो अभी तक बनी ही हुई हैं.

(फोटो: पीटीआई)

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आठ फरवरी 2018 तक टली

एक पक्षकार की ओर से पेश अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आग्रह किया कि अपीलों पर अगले लोकसभा चुनाव के बाद जुलाई, 2019 में सुनवाई कराई जाए.

Prime Minister Chandrashekhar PTI

‘यदि चंद्रशेखर की सरकार छह माह तक बनी रहती तो बाबरी विवाद सुलझ जाता’

देश के पूर्व कृषि मंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे शरद पवार ने अपनी आत्मकथा में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के संदर्भ में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की भूमिका को याद किया है.

Vinod Dua 38

जन गण मन की बात, एपिसोड 38: बाबरी मस्जिद विध्वंस और विजय माल्या

जन गण मन की बात की 38वीं कड़ी ​में विनोद दुआ बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में लालकृष्ण आडवाणी समेत अन्य लोगों पर मुक़दमा चलाने और विजय माल्या पर चर्चा कर रहे हैं.

​(फोटो: पीटीआई)

‘अयोध्या में मंदिर-मस्जिद से बड़ी बात आपस में अमन-चैन है’

हाशिम अंसारी राम जन्मभूमि विवाद से जुड़े सबसे पुराने पक्षकार थे. पिछले साल जुलाई में उनका देहांत हो गया. अपनी मौत के तीन महीने पहले इस पत्रकार से उन्होंने कहा था, ‘अयोध्या में रहने वाले लोग इस मसले से ऊब चुके हैं और इसका समाधान चाहते हैं लेकिन कुछ बड़े लोगों का इसमें राजनीतिक स्वार्थ है जो नहीं चाहते हैं कि मामला हल हो.’

अयोध्या. (फोटो साभार: विकिमीडिया)

अयोध्या से ‘राम’ और ‘बाबरी’ को हटा दें तो उसके पास क्या बचता है?

अयोध्या से बाहर इसकी पहचान राम जन्मभूमि और बाबरी मस्ज़िद विवाद से ही होती है. लेकिन अयोध्या के पास इन दोनों के इतर और भी बहुत कुछ है कहने को.

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राजनीति को अपराध-मुक्त करने का ज्ञान देने से पहले भाजपा को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए!

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में 35-40 फीसदी प्रत्याशियों का अापराधिक रिकॉर्ड है. कई अपराधों को वैचारिक वैधता भी मिल चुकी है क्योंकि इसके दोषियों को सज़ा के बजाय कोई बड़ी ज़िम्मेदारी या पद दे दिया जाता है. भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष इसका सटीक उदाहरण हैं.