Babri Masjid

(फोटो: पीटीआई)

केंद्र सरकार ने अयोध्या मामलों के लिए एक अलग विशेष डेस्क बनाई

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, अतिरिक्त सचिव ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में अयोध्या और इससे जुड़े अदालती फैसलों से संबंधित मामलों पर गौर करने के लिए विशेष डेस्क बनाई गई है. ज्ञानेश कुमार गृह मंत्रालय में जम्मू कश्मीर और लद्दाख मामलों के विभाग के भी प्रमुख हैं.

(फोटो: विकिपीडिया/रॉयटर्स)

आयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सभी 18 पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किया

कोर्ट ने कहा कि इन याचिकाओं में कोई मेरिट नहीं है. कई मुस्लिम पक्ष, 40 कार्यकर्ता, हिंदू महासभा और निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी.

(फोटो साभार: विकिपीडिया)

अयोध्या मामला: मस्जिद के लिए पांच एकड़ ज़मीन देने के निर्देश के ख़िलाफ़ याचिका दायर

अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि विवादित ढांचे पर मुसलमानों का कोई अधिकार या मालिकाना हक़ नहीं है और इसलिए उन्हें पांच एकड़ ज़मीन आवंटित नहीं की जा सकती तथा किसी भी पक्षकार ने इस तरह की कोई ज़मीन मुसलमानों को आवंटित करने के लिए कोई अनुरोध या कोई दलील नहीं दी थी.

(फोटो साभार: विकिपीडिया/पीटीआई)

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार के लिए छह याचिकाएं दायर

इससे पहले मूल वादकारियों में शामिल एम. सिद्दीक के वारिस और उत्तर प्रदेश जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अशहद रशीदी ने बीते दो दिसंबर को पुनर्विचार याचिका दायर की थी.

A make shift Ram temple comes up in place of Babri Masjid which was demolished by the Kar Sewaks a day before, Paramilitary force personal at the Make shift temple on 7th Dec 1992.

बाबरी विध्वंस: आज़ाद भारत का ख़त्म न होने वाला शर्मनाक अध्याय

इस अपराध की साज़िश रचने वालों ने खूब तरक्की की है और आज वे सत्ता में हैं. एक हिंदू वोट बैंक की कल्पना को साकार करने का अभियान उतनी ही शिद्दत से जारी है.

Rajeev-Dhavan You Tube

राजीव धवन अब भी हमारे वकील, ग़लतफ़हमी के लिए माफ़ी मांगेंगे: जमीयत

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और अयोध्या विवाद में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा था कि उन्हें जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के इशारे पर उनके वकील एजाज़ मकबूल द्वारा इस मामले से हटा दिया गया है.

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अयोध्या विवाद में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन मामले से हटाए गए

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के इशारे पर उनके वकील एजाज़ मकबूल द्वारा इस मामले से हटा दिया गया. उन्हें ऐसा करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए बताई जा रही वजह दुर्भावना से भरी और झूठी है. अब वे इस मामले में दायर पुनर्विचार याचिका से किसी तरह से नहीं जुड़े हैं.

Ayodhya Babri Masjid PTI

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पहली पुनर्विचार याचिका दायर

उत्तर प्रदेश जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अशहद रशीदी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि यद्यपि अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बाबरी मस्जिद के गुंबदों को नुकसान पहुंचाने और उसे गिराने का संज्ञान लिया, फिर भी विवादित स्थल को उसी पक्ष को सौंप दिया, जिसने अनेक ग़ैरक़ानूनी कृत्यों के आधार पर अपना दावा किया था.

Ayodhya: FILE - In this Oct. 29, 1990, file photo, Indian security officer guards the Babri Mosque in Ayodhya, closing off the disputed site claimed by Muslims and Hindus. India’s top court is expected to pronounce its verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, in the decades-old land title dispute between Muslims and Hindus over plans to build a Hindu temple on a site in northern India. In 1992, Hindu hard-liners demolished a 16th century mosque in Ayodhya, sparking deadly religious riots in which about 2,000 people, most of them Muslims, were killed across India. AP/PTI(AP11_9_2019_000012B)

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को चुनौती नहीं देगा सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में प्रमुख मुस्लिम पक्षकार रहे उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि बोर्ड के आठ में से सात सदस्यों ने हिस्सा लिया. उनमें से एक सदस्य को छोड़कर बाकी छह सदस्यों ने अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को चुनौती न देने के प्रस्ताव का समर्थन किया.

Ayodhya: FILE - In this Oct. 29, 1990, file photo, Indian security officer guards the Babri Mosque in Ayodhya, closing off the disputed site claimed by Muslims and Hindus. India’s top court is expected to pronounce its verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, in the decades-old land title dispute between Muslims and Hindus over plans to build a Hindu temple on a site in northern India. In 1992, Hindu hard-liners demolished a 16th century mosque in Ayodhya, sparking deadly religious riots in which about 2,000 people, most of them Muslims, were killed across India. AP/PTI(AP11_9_2019_000012B)

अयोध्या: आस्था का एक प्रतीक गिराकर उस पर दूसरा प्रतीक खड़ा करना शांति का रास्ता नहीं है

एक धर्म की आस्था की निशानी को जमींदोज़ कर उस पर दूसरे धर्म के आस्था का प्रतीक स्थापित करने से स्थायी शांति आएगी, ऐसा भ्रम पालना हानिकारक साबित होगा.

Ayodhya: Sadhus read newspaper fronted with headlines on Ayodhya case verdict, in Ayodhya, Sunday, Nov. 10, 2019. The Supreme Court in a historic verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, backed the construction of a Ram temple by a trust at the disputed site in Ayodhya and ruled that an alternative five-acre plot must be found for a mosque in the Hindu holy town.  (PTI Photo/Nand Kumar)
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अयोध्या: यह किसी अध्याय का अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है

अयोध्या के फैसले के बाद ‘शांति’ और मामले के आखिरकार ‘ख़त्म’ होने की बातों के बीच उन हज़ारों लोगों को भुला दिया गया है, जिनकी ज़िंदगी बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद बर्बाद हो गई.

Ayodhya: FILE - In this Oct. 29, 1990, file photo, Indian security officer guards the Babri Mosque in Ayodhya, closing off the disputed site claimed by Muslims and Hindus. India’s top court is expected to pronounce its verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, in the decades-old land title dispute between Muslims and Hindus over plans to build a Hindu temple on a site in northern India. In 1992, Hindu hard-liners demolished a 16th century mosque in Ayodhya, sparking deadly religious riots in which about 2,000 people, most of them Muslims, were killed across India. AP/PTI(AP11_9_2019_000012B)

अयोध्या फैसला: पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलमा-ए-हिंद

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि अयोध्या जमीन विवाद मामले में जो फैसला आया उसने न्याय नहीं किया.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

अयोध्या: इंसाफ के बजाय इंसाफ से फासला बढ़ाने वाला फ़ैसला

सुप्रीम कोर्ट भी विवादित भूमि रामलला को देते हुए यह नहीं सोचा कि उसका फ़ैसला न सिर्फ छह दिसंबर, 1992 के ध्वंस बल्कि 22-23 दिसंबर, 1949 की रात मस्जिद में मूर्तियां रखने वालों की भी जीत होगी. ऐसे में अदालत का इन दोनों कृत्यों को ग़ैर-क़ानूनी मानने का क्या हासिल है?

New Delhi: A group photo of the five-judge bench comprised of Chief Justice of India Ranjan Gogoi (C) flanked by (L-R) Justice Ashok Bhushan, Justice Sharad Arvind Bobde, Justice Dhananjaya Y Chandrachud, Justice S Abdul Nazeer after delivering the verdict on Ayodhya land case, at Supreme Court in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo) (PTI11_9_2019_000298B)

क्या अयोध्या मामले में न्याय को तरजीह नहीं दी गई?

बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि ज़मीन विवाद में ‘सार्वजनिक शांति और सौहार्द’ बनाए रखने के लिए विवादित ज़मीन को न बांटने का जजों का निर्णय बहुसंख्यक दबाव से प्रभावित लगता है, जिसमें मुस्लिम पक्षकारों के क़ानूनी दावे को नज़रअंदाज़ कर दिया गया.

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अयोध्या फ़ैसला: इंसाफ़ के बिना शांति संभव नहीं

वीडियो: बीते नौ नवंबर को शीर्ष अदालत ने अयोध्या मामले में उन लोगों के पक्ष में फ़ैसला दिया, जो सीधे तौर पर बाबरी मस्जिद गिराने के मुख्य आरोपियों से जुड़े हुए हैं और यह देश के लिए ठीक नहीं है. इस विषय पर द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी का नज़रिया.

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अयोध्या के फ़ैसले पर दोबारा विचार करे अदालत

वीडियो: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में विवादित ज़मीन पर मुस्लिम पक्ष का दावा ख़ारिज करते हुए हिंदू पक्ष को ज़मीन देने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से हिंदुस्तान की राजनीति और समाज में क्या बदलाव आएगा, इस पर चर्चा कर रहे हैं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद.

Ayodhya: FILE - In this Oct. 29, 1990, file photo, Indian security officer guards the Babri Mosque in Ayodhya, closing off the disputed site claimed by Muslims and Hindus. India’s top court is expected to pronounce its verdict on Saturday, Nov. 9, 2019, in the decades-old land title dispute between Muslims and Hindus over plans to build a Hindu temple on a site in northern India. In 1992, Hindu hard-liners demolished a 16th century mosque in Ayodhya, sparking deadly religious riots in which about 2,000 people, most of them Muslims, were killed across India. AP/PTI(AP11_9_2019_000012B)

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला विचित्र तर्क पर आधारित है

यह सोचना मूर्खतापूर्ण है कि अयोध्या पर आया फ़ैसला सांप्रदायिक सद्भाव लाएगा. 1938 के म्यूनिख समझौते की तरह तुष्टीकरण सिर्फ आक्रांताओं की भूख को और बढ़ाने का काम करता है.

(फोटो: द वायर)

प्रधानमंत्री मोदी की अपील दरकिनार कर फ़ैसले का ‘जश्न’ मना रहे हैं अयोध्या के भाजपाई

अयोध्या में भाजपा के निर्वाचित सांसद, विधायक और पदाधिकारियों ने शनिवार को फ़ैसले के दिन दीप जलाए और मिठाइयां बांटी. सोमवार को पार्टी जिला मुख्यालय पर सार्वजनिक रूप से रामायण पाठ आयोजित हुआ, जहां नेता व कार्यकर्ता बधाइयां देते और लेते रहे. मंगलवार को 1992 की कारसेवा के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए कारसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.

(फोटो साभार: India Rail Info)

अयोध्या: मुस्लिम धर्मगुरु और मुद्दई बोले- 67 एकड़ अधिग्रहीत भूमि में से ही दी जाए मस्जिद की ज़मीन

मुस्लिम धर्मगुरुओं का कहना है कि सरकार द्वारा अधिग्रहीत 67 एकड़ भूमि से ज़मीन मिलती है तभी स्वीकार किया जाएगा. मुस्लिम समुदाय मस्जिद बनाने के लिए अपने पैसे से ज़मीन ख़रीद सकते हैं और वे इसके लिए केंद्र सरकार पर निर्भर नहीं हैं. इधर, केंद्र सरकार ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की प्रक्रिया शुरू की.

फाइल फोटो: संदीप शंकर

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के भारत के भविष्य के लिए क्या मायने हैं?

शनिवार को शीर्ष अदालत ने उन लोगों के पक्ष में फ़ैसला दिया, जो सीधे तौर पर बाबरी मस्जिद गिराने के मुख्य आरोपियों से जुड़े हुए हैं. और यह देश के लिए ठीक नहीं है.

फाइल फोटो: रॉयटर्स

अयोध्या विवाद आस्था और तार्किकता के बीच की लड़ाई है: इतिहासकार डीएन झा

साक्षात्कार: प्रख्यात इतिहासकार डीएन झा से बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद, इससे जुड़े ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांप्रदायिक पहलुओं पर बातचीत.

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हम भी भारत: अयोध्या फ़ैसले से बदलेगी भारत की राजनीति?

वीडियो: हम भी भारत की इस कड़ी में द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि ज़मीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और इसके राजनीतिक मायनों पर दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद और द वायर के डिप्टी एडिटर अजय आशीर्वाद से चर्चा कर रही हैं.

New Delhi: Police personnel stand guard inside the Supreme Court premises ahead of the court's verdict on Ayodhya land case, in New Delhi, Saturday, Nov. 9, 2019. (PTI Photo/Manvender Vashist) (PTI11_9_2019_000222B)

बाबरी-रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला विरोधाभासों पर टिका है

इस मामले पर फ़ैसला देते हुए शीर्ष अदालत की संवैधानिक पीठ ने कहा कि मुस्लिम वादी यह साबित नहीं कर सके हैं कि 1528 से 1857 के बीच मस्जिद में नमाज़ पढ़ी जाती थी और इस पर उनका विशिष्ट अधिकार था. हालांकि हिंदू पक्षकारों के भी यह प्रमाणित न कर पाने पर उन्हें ज़मीन का मालिकाना हक़ दे दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार गांगुली. (फोटोः पीटीआई)

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला समझना मेरे लिए मुश्किल: सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज

सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज अशोक कुमार गांगुली ने बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि जमीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि संविधान के लागू होने के बाद वहां पहले क्या था, यह सुप्रीम कोर्ट की जिम्मेदारी नहीं है. उस समय भारत कोई लोकतांत्रिक गणतंत्र नहीं था. अगर हम इस तरह बैठकर फैसला देंगे तो बहुत सारे मंदिर, मस्जिद और अन्य ढांचों को तोड़ना पड़ेगा.

जनवरी, 2009 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट सौंपते जस्टिस एमएस लिब्रहान. (फोटो: पीटीआई)

अयोध्या विवाद: विध्वंस के बारे में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी लिब्रहान आयोग जैसी

राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद ज़मीन विवाद पर अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बाबरी मस्जिद गिराया जाना एक सोचा समझा कृत्य था. 1992 में बाबरी विध्वंस मामले की जांच लिए बने लिब्राहन आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था.

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अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के मायने

वीडियो: रामजन्मभूमि न्यास को मिलेगा 2.77 एकड़ ज़मीन का मालिकाना हक़. मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार को तीन महीने के अंदर बनाना होगा ट्रस्ट. सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को अयोध्या में ही पांच एकड़ ज़मीन दी जाएगी. इस मुद्दे पर द वायर के सह संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन से चर्चा कर रही हैं द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

लाल कृष्ण आडवाणी. (फोटो साभार: यूट्यूब)

मेरे रुख की पुष्टि हुई, मैं खुद को धन्य महसूस कर रहा हूं: लालकृष्ण आडवाणी

राम जन्मभूमि आंदोलन के शिल्पकार एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ ज़मीन अलग से देने के फैसले का भी स्वागत किया.

नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

नौ नवंबर मिल-जुलकर आगे बढ़ने की तारीख़ है: नरेंद्र मोदी

अयोध्या ज़मीन विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर परिस्थिति में संविधान और न्याय प्रणाली पर विश्वास बनाए रखना चाहिए. समाधान निकलने में भले ही कुछ समय लगे लेकिन फिर भी धैर्य बनाकर रखना ही सर्वोचित है.

नई दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुख़ारी और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी (बाएं). (फोटो: पीटीआई)

अयोध्या मामले को अब आगे बढ़ाना ठीक नहीं, पुनर्विचार याचिका न दायर की जाए: इमाम बुख़ारी

अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि फैसला हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं, लेकिन हम निर्णय को मानते हैं.