bank loan

Shiv Kumar Sharma Kakka Ji FB featured

‘शिवराज सरकार उन पुलिसवालों को बचा रही है, जिनकी गोली से किसानों की जान गई’

साक्षात्कार: मध्य प्रदेश में किसानों की बदहाली किसी से छिपी नहीं. बीते साल हुआ मंदसौर गोलीकांड इसका गवाह है. राज्य में किसान आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, बावजूद इसके प्रदेश में किसानों के मुद्दों पर राजनीतिक दलों ने कोई ख़ास बात नहीं की. किसानों और कृषि के मुद्दों पर राज्य में लंबे समय से काम कर रहे किसान नेता और राष्ट्रीय किसान मज़दूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा (कक्का जी) से दीपक गोस्वामी की बातचीत.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi during BJP Parliamentary Party meeting, in New Delhi on Tuesday, July 31, 2018. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI7_31_2018_000078B)

एनपीए पर रघुराम राजन की सूची और राफेल पर मोदी को कई सवालों का जवाब देना होगा

अपनी व्यक्तिगत ईमानदारी का हवाला देकर प्रधानमंत्री मोदी बड़े पूंजीपतियों से अपने करीबी रिश्तों को लेकर हो रही आलोचना को नहीं टाल सकते.

narkhed google map

महाराष्ट्र: किसानों ने ऋण नहीं लिया, फिर भी बैंक ने क़र्ज़ वसूली का नोटिस दिया

नागपुर ज़िले की नरखेड तहसील के 11 किसानों ने पुलिस में शिकायत की है कि उनमें से हरेक को 40 से 50 लाख रुपये ऋण नहीं चुकाने का एक सरकारी बैंक ने नोटिस दिया है जबकि उन्होंने कोई ऋण नहीं लिया है.

Rajasthan Farmer (1)

राजस्थान: आत्महत्या के बाद वसुंधरा सरकार ने किया किसान का क़र्ज़ माफ़

नागौर जिले के मंगल चंद ने पंजाब नेशनल बैंक से 2.98 लाख रुपये का क़र्ज़ लिया था. 1.75 लाख रुपये जमा करवाने के बावजूद बैंक 4.59 लाख रुपये मांग रहा था. ज़मीन की नीलामी का आदेश निकलने से तनाव में आए मंगल ने फांसी लगाकर जान दे दी.

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो: रायटर्स)

हरियाणा: क़र्ज़ न चुकाने पर बैंक ने किसानों को थमाया उनकी ज़मीन नीलाम करने का नोटिस

जींद ज़िले में सहकारी बैंक द्वारा करीब 150 किसानों को क़र्ज़ की बकाया राशि की वसूली के लिए उनकी ज़मीन नीलाम किए जाने के नोटिस जारी किए गए हैं.

Nirmal Singh Mamta Singh Modi FB copy

जम्मू कश्मीर में भाजपा नेता की पत्नी और सेना के बीच में क्यों ठन गई है?

सेना के गोला-बारूद डिपो के नज़दीक प्रतिबंधित क्षेत्र में कोर्ट के आदेश के बावजूद निर्माण करवाने के मामले में सेना द्वारा भाजपा नेता और विधानसभा स्पीकर निर्मल सिंह की पत्नी ममता सिंह सहित कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ अवमानना की कार्यवाही की मांग की गई है.

जम्मू कश्मीर के उपमुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता (बाएं) और जम्मू कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह (दाएं) (फोटो साभार: फेसबुक)

जम्मू कश्मीर भाजपा नेताओं द्वारा विवादित ज़मीन के लिए लिया गया 29 करोड़ का क़र्ज़ एनपीए घोषित

निर्मल सिंह और कुछ बड़े भाजपा नेताओं ने वर्ष 2000 में हिमगिरी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लिमिटेड नामक कंपनी का गठन किया था. कंपनी के पास जम्मू कश्मीर बैंक के 29.31 करोड़ रुपये ऋण के रूप में बकाया है. ज़मीन पर निर्माण होने से सेना को है आपत्ति.

Bank reuters

आप जितना सोचते हैं बैंकों की स्थिति उससे ज़्यादा ख़राब है

बैंक अधिकारी और कर्मचारी केवल अपनी सेवा शर्तों में सुधार और अधिक वेतन के लिए ही प्रबंधन के सामने आते है, लेकिन जब ग़लत नीतियों से बैंक को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा होता है तब ये ख़ामोश रहते हैं.

विक्रम कोठारी (फोटो: फेसबुक/विक्रम कोठरी)

रोटोमैक पेन के मालिक पर बैंकों के 800 करोड़ डकारने का आरोप

कोठारी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 485 करोड़ रुपये और इलाहाबाद बैंक से 352 करोड़ रुपये का ऋण लिया था. उन्होंने ऋण के ब्याज तक का भुगतान नहीं किया है. उन पर बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन ओवरसीज बैंक का भा कर्ज़ है.

एसबीआई (फोटो: रायटर्स)

स्टेट बैंक ने 20 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का क़र्ज़ बट्टे खाते में डाला

वित्त वर्ष 2016-17 में हज़ार करोड़ से ऊपर की राशि बट्टे खाते में डालने वाले स्टेट बैंक ने अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच न्यूनतम बैलेंस न रखने पर आम ग्राहकों से 1,771 करोड़ का जुर्माना वसूला था.

A man walks past a logo of the Reserve Bank of India (RBI) in front of its building in Kolkata May 21, 2012. REUTERS/Rupak De Chowdhuri/Files

बैंकों ने पांच वर्षों में 2,30,287 करोड़ का क़र्ज़ बट्टे खाते में डाला: सरकार

लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्ष की अवधि के दौरान बैंकों के 2,30,287 करोड़ रुपये के क़र्ज़ को बट्टे खाते में डाल दिया गया.

फोटो: रॉयटर्स

बैंकों ने पिछले छह महीने में 55,356 करोड़ रुपये का कर्ज़ माफ़ किया

पिछले नौ साल में बैंकों ने 2 लाख 28 हज़ार रुपये का लोन माफ़ कर दिया है. क्या इससे अर्थव्यवस्था पर कोई फर्क पड़ा, सिर्फ़ किसानों के समय फ़र्क पड़ता है.

A farmer throws water after making a canal to irrigate his field in Kolkata, India, May 12, 2016. REUTERS/Rupak De Chowdhuri####################RUPAK DE CHOWDHURI

नोटबंदी पर जश्न का दिन भी किसानों के लिए मौत का दिन था

मध्य प्रदेश में दो, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब में एक-एक किसानों ने की आत्महत्या, महाराष्ट्र में जनवरी से लेकर अक्टूबर तक 2,414 किसानों ने आत्महत्या की.