Banking

Bulletin 27th march

द वायर बुलेटिन: रघुराम राजन ने कहा, बिना रोजगार सृजन के सात फीसदी जीडीपी वृद्धि दर संदेह के घेरे में

मोदी के खिलाफ़ 111 किसान, भाजपा द्वारा उनकी मांगों को घोषणापत्र में शामिल करने के वादे समेत आज की बड़ी ख़बरें. दिनभर की महत्वपूर्ण ख़बरों का अपडेट.

रघुराम राजन (फोटो:रॉयटर्स)

बिना रोजगार सृजन के सात फीसदी जीडीपी वृद्धि दर संदेह के घेरे में है: रघुराम राजन

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर उपजे संदेह को दूर करने के लिए एक निष्पक्ष समूह की नियुक्ति पर जोर दिया है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi celebrating the Diwali with the jawans of  the Indian Army and BSF, in the Gurez Valley, near the Line of Control, in Jammu and Kashmir, on October 19, 2017.

किसानों को उल्लू बनाने के लिए बहुत ज़रूरी हैं राष्ट्रवाद के नारे

ग्रामीण क्षेत्रों में न सिर्फ कृषि आय घटी है बल्कि इससे जुड़े काम करने वालों की मज़दूरी भी घटी है. प्रधानमंत्री मोदी कृषि आय और मज़दूरी घटने को जोशीले नारों से ढंकने की कोशिश में हैं.

FILE PHOTO: A security personnel member stands guard at the entrance of the Reserve Bank of India (RBI) headquarters in Mumbai, India, August 2, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

आरटीआई के तहत नोटबंदी से जुड़ी जानकारी नहीं देने पर सीआईसी ने आरबीआई को लगाई फटकार

सूचना आयुक्त सुरेश चंद्रा ने जानकारी नहीं देने के कारण आरबीआई के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. आरटीआई के तहत आरबीआई के केंद्रीय निदेशक मंडल की उन सभी बैठकों से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी जिसके तहत नोटबंदी के निर्णय पर पहुंचा गया.

Devinder Sharma Facebook 1

किसान क़र्ज़ माफ़ी के ख़िलाफ़ शोर कॉर्पोरेट जगत के इशारे पर हो रहा है: कृषि विशेषज्ञ

कृषि मामलों के विशेषज्ञ देवेंद्र शर्मा ने कहा कि किसान क़र्ज़ माफ़ी के हकदार हैं. इससे निश्चित तौर पर किसानों को राहत मिली है लेकिन यह थोड़ी ही है, किसानों के लिए देश में बहुत कुछ और करने की आवश्यकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई)

किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख करोड़ देने पर चुप्पी

सरकार सरकारी बैंकों में एक लाख करोड़ रुपये क्यों डाल रही है? किसान का लोन माफ़ करने पर कहा जाता है कि फिर कोई लोन नहीं चुकाएगा. यही बात उद्योगपतियों के लिए क्यों नहीं कही जाती?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरबीआई के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन और वित्त मंत्री अरुण जेटली. (फोटो: पीटीआई/विकिमीडिया कॉमन्स)

सरकार ने संसद को नहीं बताया रघुराम राजन द्वारा भेजे गए घोटालेबाज़ों के नाम, कहा- केस दर्ज हुआ है

बीते अगस्त महीने में वित्त मंत्रालय ने संसद में बताया था कि वित्त वर्ष 2015-16 से लेकर 2017-18 के बीच फ्रॉड की वजह से बैंकों को 69,755 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है. सीबीआई 292 बैंक फ्रॉड के मामलों की जांच कर रही है.

पूर्व सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु. (फोटो साभार: फेसबुक)

सरकार केंद्रीय सूचना आयुक्तों को मुक़दमों के ज़रिये डरा रही है: पूर्व सूचना आयुक्त

पूर्व सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलू ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर कहा है कि केंद्रीय सूचना आयोग को सरकार द्वारा उसके ख़िलाफ़ दायर मुक़दमों के ख़तरे का सामना करना पड़ रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई )

जीडीपी विकास के नए आंकड़ों पर भरोसा करना क्यों मुश्किल है

अर्थशास्त्र का नियम है कि ज़्यादा निवेश, बढ़ी हुई जीडीपी का कारण बनता है, ऐसे में निवेश-जीडीपी अनुपात में कमी आने के बावजूद जीडीपी में बढ़ोतरी कैसे हो सकती है?

Modi Urjit Patel PTI Reuters

रिज़र्व बैंक विवाद में केंद्र भले ही पीछे हटा दिख रहा हो, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है

अगर कुल संभावित एनपीए का क़रीब 40 प्रतिशत 10 के करीब बड़े कारोबारी समूहों में फंसा हुआ है, तो बैंक इसका समाधान किए बगैर क़र्ज़ देना शुरू नहीं कर सकते हैं. यह बात स्पष्ट है लेकिन सरकार बड़े बकाये वाले बड़े कारोबारी समूहों के लिए अलग नियम चाहती है, जो उनके हितों का ख्याल रखते हों.

M Sridhar Acharyulu RBI Photo FB Reuters

केंद्रीय सूचना आयोग को शर्मिंदा होना चाहिए कि आरबीआई उसके आदेशों को नहीं मान रहा: सूचना आयुक्त

सूचना आयुक्त श्रीधर आचार्युलु ने मुख्य सूचना आयुक्त आरके माथुर को पत्र लिखकर कहा कि आरबीआई द्वारा जानबूझकर कर्ज़ न चुकाने वाले लोगों की जानकारी नहीं देने पर केंद्रीय सूचना आयोग को सख़्त कदम उठाना चाहिए.

Indian Currency Notes Reuters

फंसे क़र्ज़ में बढ़ोतरी से जुलाई-सितंबर तिमाही में 3.5 गुना बढ़ा सरकारी बैंकों का घाटा

जुलाई-सितंबर तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल घाटा पिछले साल तुलना में करीब साढ़े तीन गुना बढ़कर 14,716.20 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. घोटाले की मार झेल रहे पंजाब नेशनल बैंक को इस तिमाही में सबसे ज़्यादा घाटा हुआ है.

रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: रॉयटर्स/पीटीआई)

सीआईसी की पीएमओ को फटकार, रघुराम राजन द्वारा भेजे गए घोटालेबाजों के नाम सार्वजनिक करने को कहा

सीआईसी ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि पीएमओ जानकारी देने से मना कर रहा है. उनका नैतिक, संवैधानिक और राजनीतिक कर्तव्य है कि वो भारत के नागरिकों को बड़े बैंक डिफॉल्टर्स और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दे.

FILE PHOTO: A security personnel member stands guard at the entrance of the Reserve Bank of India (RBI) headquarters in Mumbai, India, August 2, 2017. REUTERS/Shailesh Andrade/File Photo

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन, आरबीआई ने तीन साल बाद भी नहीं बताया शीर्ष 100 डिफॉल्टरों के नाम

विशेष रिपोर्ट: सुप्रीम कोर्ट ने तीन साल पहले दिसंबर 2015 में आरबीआई की सभी दलीलों को ख़ारिज करते हुए अपने फैसले में कहा था कि आरबीआई देश के शीर्ष 100 डिफॉल्टरों के बारे में जानकारी दे और इससे संबंधित सूचना वेबसाइट पर अपलोड करे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीआईबी/रॉयटर्स)

केंद्र और आरबीआई के बीच बढ़ रहे झगड़े का नतीजा विनाशकारी हो सकता है

भारतीय रिज़र्व बैंक की निधियां राष्ट्र की सामाजिक संपत्ति हैं और जनहित का हवाला देकर मनमाने ढंग से उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.

The Governor of Reserve Bank of India, Shri Raghuram Rajan calling on the Prime Minister, Shri Narendra Modi, in New Delhi on June 01, 2014.

सीआईसी का आदेश, रघुराम राजन द्वारा भेजी गई घोटालेबाजों की सूची पर सरकार जानकारी दे

केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने 50 करोड़ रुपये और उससे अधिक का ऋण लेने और जानबूझकर उसे नहीं चुकाने वालों के नाम के संबंध में सूचना नहीं उपलब्ध कराने को लेकर आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को कारण बताओ नोटिस भेजा है.

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बड़े उद्योगपतियों की मदद के लिए आरबीआई पर मोदी सरकार का हमला घातक साबित होगा

बेस्ट ऑफ 2018: आरबीआई अधिनियम की धारा 7 का इस्तेमाल जनहित में नहीं है- यह मौके की फ़िराक़ में बैठे कॉरपोरेट्स को आरबीआई द्वारा पैसा देने के लिए मजबूर करने के इरादे से उठाया गया एक बेशर्मी भरा कदम है.

नरेंद्र मोदी, रघुराम राजन और अरुण जेटली. (फोटो साभार: पीटीआई/विकिपीडिया)

रघुराम राजन ने मोदी को ही भेजी थी एनपीए घोटालेबाज़ों की सूची, कार्रवाई पर सरकार की चुप्पी

द वायर एक्सक्लूसिव: एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने बताया कि पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत वित्त मंत्रालय को एनपीए घोटालेबाज़ों की सूची भेजी थी. सूची के संबंध में हुई कार्रवाई पर जानकारी देने से केंद्र सरकार का इनकार.

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य (फोटो: पीटीआई)

क्या लोकपाल सर्च कमेटी की सदस्य अरुंधति भट्टाचार्य रिलायंस समूह की स्वतंत्र निदेशक बन सकती हैं?

क्या लोकपाल सर्च कमेटी की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को उन्हें कमेटी से हटा नहीं देना चाहिए या अरुंधति भट्टाचार्य को ख़ुद से इस्तीफ़ा नहीं देना चाहिए?

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पूर्व एसबीआई प्रमुख अरुंधति भट्टाचार्य रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के बोर्ड में शामिल

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य को मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडिया लिमिटेड में स्वतंत्र निदेशक के बतौर शामिल किया गया है.

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रुपया 73 पर, बेरोज़गारी आसमान पर और प्रधानमंत्री इवेंट पर

अनिल अंबानी समूह पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्जा है. अगर आप किसान होते और पांच लाख का कर्जा होता तो सिस्टम आपको फांसी का फंदा पकड़ा देता. अनिल अंबानी राष्ट्रीय धरोहर हैं. ये लोग हमारी जीडीपी के ध्वजवाहक हैं. भारत की उद्यमिता की प्राणवायु हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली (फोटो: पीटीआई )

मोदी राज की मेहरबानी- अमीरों के 3 लाख करोड़ लोन माफ़ हुए, मंत्री ने ट्वीट तक नहीं किया

मोदी सरकार के चार सालों में 21 सरकारी बैंको ने 3 लाख 16 हज़ार करोड़ के लोन माफ़ किए हैं. यह भारत के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के कुल बजट का दोगुना है. सख़्त और ईमानदार होने का दावा करने वाली मोदी सरकार में तो लोन वसूली ज़्यादा होनी चाहिए थी, मगर हुआ उल्टा. एक तरफ एनपीए बढ़ता गया और दूसरी तरफ लोन वसूली घटती गई.

The Governor of Reserve Bank of India, Shri Raghuram Rajan calling on the Prime Minister, Shri Narendra Modi, in New Delhi on June 01, 2014.

एनपीए के घोटालेबाज़ों पर रघुराम राजन की सूची पर संसदीय समिति ने पीएमओ से मांगा जवाब

भाजपा सांसद मुरली मनोहर जोशी की अध्ययक्षता वाली प्राक्कलन समिति को भेजे अपने नोट में रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा था कि उन्होंने पीएमओ को एनपीए के फ़र्ज़ीवाड़े के बड़े मामलों की एक सूची भेजी थी, ताकि उनकी गंभीरतापूर्वक जांच की जा सके.

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​जन गण मन की बात, एपिसोड 305: मोहन भागवत का भाषण और अर्थव्यवस्था

जन गण मन की बात की 305वीं कड़ी में विनोद दुआ संघ प्रमुख मोहन भागवत के हालिया भाषण, इसके राजनीतिक महत्व और देश की अर्थव्यवस्था पर चर्चा कर रहे हैं.

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एनपीए पर रघुराम राजन की रिपोर्ट रसूख़दारों पर सरकारी मेहरबानी का दस्तावेज़ है

अब यह देखा जाना बाक़ी है कि क्या मोदी सरकार इन बड़े कॉरपोरेट घरानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने में सफल हो पाती है, जो आने वाले आम चुनावों में अज्ञात चुनावी बॉन्डों के सबसे बड़े ख़रीदार हो सकते हैं.

New Delhi: A file photo of liquor baron Vijay Mallya. MEA (Ministry of External Affairs) revoked Mallya's passport under S.10(3)(c) & (h) of Passports Act," foreign ministry spokesman Vikas Swarup tweeted on Sunday.   PTI Photo  (PTI4_24_2016_000134B) *** Local Caption ***

माल्या को ‘माल्या’ किसने बनाया?

विजय माल्या ने हर दल की मदद से खुद को राज्यसभा में पहुंचाकर भारत की संसदीय परंपरा को उपकृत किया. मैं माल्या के इस योगदान का सम्मान करता हूं. इस मामले में प्रो-माल्या हूं. क्या माल्या बहुत बड़े राजनीतिक विचारक थे? जिन-जिन लोगों ने उन्हें संसद में पहुंचाया वो सामने आकर बोले तों. वन सेंटेंस में!

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जनता एनपीए विवाद में उसी तरह उल्लू बन रही है जैसे हिंदू-मुस्लिम डिबेट में बनती है

अगर यह राजनीतिक विवाद किसी भी तरह से आर्थिक अपराध का है तो दस लाख करोड़ रुपये लेकर फरार अपराधियों के नाम लिए जाने चाहिए. किसके राज मे लोन दिया गया यह विवाद है, किसे लोन दिया गया इसका नाम ही नहीं है.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi and former prime minister Manmohan Singh during a release of the book titled "Moving On...Moving Forward: A Year in Office" published on experiences of M Venkaiah Naidu during his first year as Vice President of India and Chairman of Rajya Sabha, in New Delhi on Sunday, Sept 2, 2018. (PTI Photo/Kamal Singh)(PTI9_2_2018_000057B)

एनपीए को लेकर यूपीए और एनडीए की नीतियां और नीयत एक जैसी है

कुछ अमीर उद्योगपति और अमीर होते रहें, जनता हिंदू-मुस्लिम करती रहे, इसलिए कांग्रेस भी नहीं बताती है कि वह जब सत्ता में आएगी तो उसकी अलग आर्थिक नीति क्या होगी. भाजपा भी यह सब नहीं करती है जबकि वह सत्ता में है.

The Prime Minister, Shri Narendra Modi being received by the Governor of Reserve Bank of India, Shri Raghuram Rajan at the Financial Inclusion Conference of RBI, in Mumbai on April 02, 2015.

रघुराम राजन ने पीएमओ को दी थी एनपीए से जुड़े घोटालेबाज़ों की सूची, लेकिन नहीं हुई कार्रवाई

संसद की प्राक्कलन समिति को भेजे पत्र में आरबीआई के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने उन तरीक़ों के बारे में बताया है जिनके ज़रिये बेईमान बिज़नेस घरानों को सरकार और बैंकिंग व्यवस्था से घोटाला करने की खुली छूट मिली.

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जन गण मन की बात, एपिसोड 302: कृषि लोन की बंदरबांट और सवर्ण भारत बंद

जन गण मन की बात की 302वीं कड़ी में विनोद दुआ बैंकों द्वारा सस्ती दरों और आसान नियमों पर बड़ी कंपनियों को ‘कृषि’ लोन देने और एससी/एसटी एक्ट में हुए संशोधन के खिलाफ हुए भारत बंद पर चर्चा कर रहे हैं.

भारतीय रिज़र्व बैंक (फोटो: रॉयटर्स)

नोटबंदी के बाद से छोटे उद्योगों द्वारा बैंकों का लोन नहीं चुकाने का मार्जिन दोगुना हो गया

भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, मार्च 2017 तक लोन न चुकाने का मार्जिन 8,249 करोड़ था जो मार्च 2018 तक बढ़कर 16,111 करोड़ रुपये हो गया.

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नोटबंदी: न ख़ुदा ही मिला न विसाल ए सनम

सरकार का कहना था कि बंद किए गए नोटों में से लगभग 3 लाख करोड़ मूल्य के नोट बैंकों में वापस नहीं आएंगे और यह काले धन पर कड़ा प्रहार होगा, लेकिन रिज़र्व बैंक मुताबिक अब नोटबंदी के बाद जमा हुए नोटों का प्रतिशत 99 के पार पहुंच गया है. यानी या तो इन नोटों में कोई काला धन था ही नहीं या उसके होने के बावजूद सरकार उसे निकालने में विफल रही.

A man repairs gear parts used in automobiles inside a workshop at an industrial area in Mumbai, India. Small businesses have been struggling with the new tax. (Photo: Danish Siddiqui/Reuters)

लघु उद्योगों के निर्यात पर नोटबंदी से ज़्यादा जीएसटी की मार पड़ी: रिज़र्व बैंक रिपोर्ट

लघु एवं मझोले उद्यमों यानी एमएसएमई को देश की आर्थिक वृद्धि का एक महत्वपूर्ण इंजन माना जाता है और देश के कुल निर्यात में इसका 40 फीसदी योगदान है.

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कैसे हुआ था रिज़र्व बैंक का बंटवारा

आज़ादी के 71 साल: 1947 में देश के विभाजन के बाद रिज़र्व बैंक ने कुछ समय तक पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक की भी ज़िम्मेदारी उठाई थी, जिसने आगे जाकर कई मुश्किलें खड़ी कर दीं.

S Gurumurthy Rediff PTI Featured

मोदी सरकार में एस. गुरुमूर्ति होने के मायने

हाल ही में रिज़र्व बैंक के बोर्ड में शामिल हुए स्वामीनाथन गुरुमूर्ति की नरेंद्र मोदी के नोटबंदी जैसे आर्थिक नीति संबंधी फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

A bird flies past the logo of Punjab National Bank installed on the facade of its office in Mumbai, India February 21, 2018. REUTERS/Danish Siddiqui

पंजाब नेशनल बैंक: जानबूझकर क़र्ज़ न चुकाने वाले बड़े क़र्जदारों का बकाया 15,490 करोड़ रुपये पहुंचा

ये वो लोग हैं जिन पर बैंक का 25 लाख रुपये या उससे अधिक का क़र्ज़ बकाया है और क्षमता होने के बावजूद उन्होंने इसे नहीं चुकाया है.

(फोटो: रॉयटर्स)

आने वाले साल बैंकों के लिए मुश्किल भरे होंगे: स्टेट बैंक

2017-18 में 21 में से 19 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कुल 85,370 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ. सबसे ज़्यादा घाटा घोटाले की मार झेल रहे पंजाब नेशनल बैंक को करीब 12,283 करोड़ रुपये का हुआ.

4 years of Modi Govt

मोदी द्वारा ज़ोर-शोर से शुरू की गईं विभिन्न योजनाओं की ज़मीनी हक़ीक़त क्या है?

मोदी सरकार द्वारा बीते चार सालों में बदलाव के बड़े दावों के साथ शुरू की गईं विभिन्न योजनाएं कोई बड़ी उपलब्धि हासिल कर पाने में नाकाम रही हैं.

Reserve Bank Reuters

रिज़र्व बैंक ने एलओयू जारी करने पर लगाई रोक

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि साल 2017 में पीएनबी ने नीरव मोदी से जुड़ी कंपनियों के लिए लगभग 54 अरब रुपये के 150 फ़र्ज़ी एलओयू जारी किए.

​​(फोटो: पीटीआई)

बैंक क़र्ज़ की हेराफेरी के मामले मे ‘न्यू इंडिया’ में कुछ नहीं बदला

चाहे हीरा-व्यापार का मामला हो या बुनियादी ढांचे की कुछ बड़ी परियोजनाएं, काम करने का तरीका एक ही रहता है- परियोजना की लागत को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना और बैंकों व करदाताओं का ज़्यादा से ज़्यादा पैसा ऐंठना.