Begging

New Delhi: A woman sells the Indian national flag on a roadside ahead of Republic Day, in New Delhi on Wednesday. (PTI Photo by Ravi Choudhary)(PTI1_24_2018_000293B)

स्वतंत्रता के सात दशक बाद मिली भीख मांगकर भूख मिटाने की ‘आज़ादी’ का ज़िम्मेदार कौन?

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी में भीख मांगने को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है. अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए सरकार से पूछा था कि ऐसे देश में भीख मांगना अपराध कैसे हो सकता है जहां सरकार भोजन या नौकरियां प्रदान करने में असमर्थ है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (साभार: theindiansociety.org)

भीख मांगना अपराध नहीं क्योंकि सरकार ने लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाईं नहीं: अदालत

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि लोग इसलिए भीख नहीं मांगते कि ऐसा करना उनकी इच्छा है, बल्कि इसलिए मांगते हैं क्योंकि ये उनकी ज़रूरत है. भीख मांगना जीने के लिए उनका अंतिम उपाय है, उनके पास जीवित रहने का कोई अन्य साधन नहीं है.

A girl begs for alms in rain at a street in Mumbai. (Photo: Reuters)

सरकार खाना और नौकरी नहीं दे सकती तो भीख मांगना अपराध कैसे: दिल्ली हाईकोर्ट

भीख मांगने को अपराध की श्रेणी से बाहर किए जाने की से जुड़ीं जनहित याचिकाओं की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की पीठ ने की टिप्पणी.