Bharat Band

नोएडा प्राधिकरण के ख़िलाफ़ किसानों का प्रदर्शन 28 दिनों से जारी, हज़ार से अधिक लोगों पर केस दर्ज

ज़मीनों का बढ़ी हुई दर से मुआवज़ा देने, आबादी की समस्याओं का निस्तारण संबंधी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नोएडा के 81 गांवों के किसान प्राधिकरण के ख़िलाफ़ पिछले 28 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार को प्रदर्शन के बाद 1,000 से अधिक लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है. किसानों का कहना है कि इस सुनियोजित शहर (नोएडा) के विकास के लिए अपनी ज़मीन देने वाले किसानों को काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

किसान आंदोलन: भारत बंद को मिला-जुला असर, टिकैत ने कहा- आंदोलन सफ़ल रहा

तीन विवादित कृषि क़ानूनों के विरोध में दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने इस प्रदर्शन के 10 महीने पूरे होने और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के इन क़ानूनों पर मुहर लगाने के एक साल पूरा होने के मौके पर ‘भारत बंद’ का आयोजन किया था.

व्यापार संगठनों द्वारा जीएसटी की समीक्षा को लेकर बुलाए गए भारत बंद का मिला-जुला असर

खुदरा कारोबारियों के संगठन कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की ओर से कहा गया कि एक मार्च से जीएसटी संबंधित मुद्दों को लेकर विभिन्न राज्यों में मुख्यमंत्रियों को लक्ष्य कर एक आक्रामक अभियान शुरू किया जाएगा. ट्रांसपोर्टरों ने भी इस बंद का समर्थन करते हुए पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.

‘हमें नए कृषि क़ानून की ज़रूरत नहीं, पहले बुंदेलखंड पैकेज से बनीं मंडियों को शुरू कराए सरकार’

ग्राउंड रिपोर्ट: यूपी में बुंदेलखंड के सात ज़िलों में किसानों को कृषि बाज़ार मुहैया करवाने के उद्देश्य से 625.33 करोड़ रुपये ख़र्च कर ज़िला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर कुल 138 मंडियां बनाई गई थीं. पर आज अधिकतर मंडियों में कोई ख़रीद-बिक्री नहीं होती, परिसरों में जंग लगे ताले लटक रहे हैं और स्थानीय किसान परेशान हैं.

भूमि अधिग्रहण बिल के बाद कृषि क़ानून प्रधानमंत्री की दूसरी हार का कारण बनेंगे: हन्नान मोल्ला

तीन कृषि क़ानूनों को लेकर आंदोलनरत किसानों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अब तक हुई आठ दौर की वार्ता में भी गतिरोध ख़त्म नहीं होने को अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की की व्यक्तिगत असफलता बताया है.

कृषि क़ानूनों के विरोध में एनडीए से अलग हुई राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि तीनों कृषि क़ानून किसान-विरोधी हैं और देश के अन्नदाताओं के सम्मान में उनकी पार्टी ने एनडीए से अलग होने का निर्णय लिया है.

जिस मंडी टैक्स की मंत्री और भाजपा नेता आलोचना कर रहे, उसे वित्त मंत्रालय ने ज़रूरी बताया था

विशेष रिपोर्ट: द वायर द्वारा प्राप्त किए गए आधिकारिक दस्तावेज़ों से पता चलता है कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मंडियों में लगने वाले इस तरह के टैक्स को सही ठहराया था और केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने इसका समर्थन भी किया था. मंत्रालय ने कहा था कि मंडियों में मिलने वाली सेवाओं के लिए ये राशि वसूली जाती है.

मोदी सरकार में स्वामीनाथन आयोग की 201 में से सिर्फ़ 25 सिफ़ारिशों को ही लागू किया गया

विशेष रिपोर्टः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में किसानों की हालत सुधारने के लिए गठित स्वामीनाथन आयोग की सभी सिफ़ारिशें लागू करने का श्रेय एक बार फ़िर अपनी सरकार को दिया है. हालांकि द वायर द्वारा प्राप्त दस्तावेज़ों से पता चलता है कि मोदी सरकार में सिर्फ़ 25 सिफ़ारिशें ही लागू की गई है, जबकि यूपीए सरकार में 175 सिफ़ारिशें लागू की गई थीं.

किसान आंदोलन में शामिल किसान संगठन को मिले विदेशी चंदे की बैंक ने मांगी जानकारी

भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरीकलां का कहना है कि सरकार आंदोलनकारी किसानों को डराने का प्रयास कर रही है. यह संगठन कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन करने वाले सबसे बड़े कृषि संगठनों में से एक है.

मीडिया बोल: किसानों की सिलसिलेवार मौतें और सत्ता के साथ खड़ा मीडिया

वीडियो: देश के अधिकांश समाचार चैनल आज़ाद भारत के एक बड़े किसान सत्याग्रह से लोगों का ध्यान हटाने या उसके प्रति लोगों को कन्फ्यूज़ करने में जुटे दिख रहे हैं. सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में इस पर गंभीर विमर्श करने की बजाय सत्र को ही रद्द कर रही है. इस मुद्दे पर उर्मिलेश की दों वरिष्ठ पत्रकारों बिराज स्वैन और गौरव लाहिरी से बातचीत.

पंजाब: आयकर छापों के विरोध में आढ़तियों ने अनिश्चितकाल तक मंडी बंद की, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

बीते चार सप्ताह से चल रहे किसान आंदोलन के बीच 19 दिसंबर को आयकर विभाग ने पटियाला में आढ़तियों के यहां छापेमारी की थी. आढ़तियों का आरोप है कि यह छापेमारी राजनीति से प्रेरित है क्योंकि कई आढ़ती किसान आंदोलन को खुले तौर पर समर्थन दे रहे हैं.

किसानों ने एक दिन की ‘क्रमिक’ भूख हड़ताल की, 25-27 दिसंबर को हरियाणा में टोल वसूली रोकेंगे

केंद्र के तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में हज़ारों की संख्या में किसान बीते 27 नवंबर से दिल्ली की विभिन्न ​सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्र की मोदी सरकार के साथ उनकी कई दौर की बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकाला है.

किसान संगठन ने लिखा प्रधानमंत्री मोदी को पत्र, कहा- प्रदर्शन किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आया है, जहां उन्होंने विपक्ष पर किसानों को तीन कृषि क़ानूनों को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया था. संगठन ने कहा है कि प्रधानमंत्री का उन पर हमलावर होना दिखाता है कि उन्हें किसानों से कोई सहानुभूति नहीं है.

किसान आंदोलन: टिकरी बॉर्डर पर साफ-सफाई की समस्या से जूझते प्रदर्शनकारी

केंद्र के विवादित कृषि क़ानूनों के विरोध में किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर दो हफ़्तों से अधिक समय से डटे हुए हैं. प्रदर्शनस्थलों पर वे कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं, इनमें से एक साफ-सफाई है. टिकरी बॉर्डर पर इस समस्या और इससे निपटने के उपायों पर वहां मौजूद डॉक्टरों से बातचीत.

किसान आंदोलन: एनडीए सहयोगी हनुमान बेनीवाल का तीन संसदीय समितियों से इस्तीफ़ा

एनडीए के सहयोगी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि 26 दिसंबर को वह दो लाख किसानों के साथ दिल्ली की ओर कूच करेंगे और एनडीए में बने रहने के बारे में भी फैसला उसी दिन होगा.