Bharat Biotech

दो से 18 साल तक के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंज़ूरी देने की सिफ़ारिश

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने दो साल से 18 साल तक के बच्चों एवं किशोरों में इस्तेमाल के लिए कोविड-19 रोधी टीके कोवैक्सीन के दूसरे-तीसरे चरण का परीक्षण पूरा कर लिया है. कंपनी ने इसके सत्यापन तथा आपातकालीन उपयोग की मंज़ूरी के लिए इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को आंकड़े सौंप दिए थे.

ब्रिटेन ने यात्रा नियमों में कोविशील्ड को मंज़ूरी दी, पर अब भी भारतीयों को क्वारंटीन में रहना होगा

इससे पहले भारत के विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला ने कोविशील्ड टीके के मुद्दे पर ब्रिटेन को चेताया था और कहा था कि भारत भी ब्रिटेन जैसा क़दम उठा सकता है. हालांकि नियमों में संशोधन के बाद भी भारतीयों को ब्रिटेन पहुंचने पर क्वारंटीन में रहना होगा क्योंकि यूके कोविन सर्टिफिकेट स्वीकार नहीं कर रहा है.

भारत अगले महीने से अतिरिक्त कोविड-19 टीके का निर्यात बहाल करेगा

देश के लोगों के टीकाकरण को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि अतिरिक्त टीकों का निर्यात अगली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में ‘वैक्सीन मैत्री’ कार्यक्रम के तहत और ‘कोवैक्स’ पहल के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए शुरू होगा.

ब्रिटेन ने भारत में लगे कोविशील्ड टीके को नहीं दी मान्यता, जयराम रमेश और थरूर ने कहा- ‘नस्लवाद’

ब्रिटेन के नए यात्रा नियमों के अनुसार, भारत में कोविशील्ड टीके की दोनों खुराक लिए व्यक्ति को ‘पूर्ण वैक्सीनेटेड’ नहीं माना जाएगा और उन्हें दस दिन क्वारंटीन में रहना होगा. जिन देशों को इस नियम से बाहर रखा गया है, उनमें ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, इज़रायल, सऊदी अरब, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया शामिल हैं, जहां एस्ट्राजेनेका वैक्सीन, जो भारत में कोविशील्ड के रूप में उपलब्ध है, उपयोग में है.

केंद्र इच्छुक लोगों को कोविशील्ड का दूसरा डोज़ चार सप्ताह बाद लेने की अनुमति दे: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि जब लोगों को टीका लेने या इससे इनकार करने का अधिकार है, तो कोई कारण नहीं है कि राज्य को यह रुख़ अपनाना चाहिए कि उन्हें मूल प्रोटोकॉल के संदर्भ में चार सप्ताह के बाद दूसरी खुराक लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ख़ासतौर से तब, जब वे टीके के लिए अपनी जेब से पैसे ख़र्च कर रहे हैं.

कोर्ट ने केंद्र से पूछा- कोविशील्ड खुराकों के बीच 84 दिन का अंतर उपलब्धता से जुड़ा या प्रभाव से

केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस पीबी सुरेश कुमार ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि यदि कोविशील्ड की दो खुराकों के बीच अंतराल का कारण टीके के प्रभावी होने से जुड़ा है, तो वे चिंतित हैं क्योंकि उन्हें दूसरी खुराक पहली खुराक दिए जाने के 4-6 सप्ताह के भीतर दे दी गई थी.

2020 में कोविड वैक्सीन के ट्रायल में शामिल कई लोगों को अब तक नहीं मिले टीकाकरण सर्टिफिकेट

टीकाकरण सर्टिफिकेट न मिलने के कारण ट्रायल में शामिल हुए लोगों को आवागमन समेत विभिन्न दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ट्रायल के दौरान उन्हें जो सर्टिफिकेट मिला था, उसे अक्सर ‘फ़र्ज़ी’ बता दिया जा रहा है.

कोविड-19ः भारत में जॉनसन एंड जॉनसन के एक खुराक वाले टीके को आपात इस्तेमाल की मंज़ूरी

अमेरिकी दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन का टीका भारत में कोविड-19 के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने वाली पांचवीं वैक्सीन है. कंपनी ने अपने टीके के आपात इस्तेमाल अधिकार के लिए छह अगस्त को आवेदन दिया था और भारत के औषधि महानियंत्रक ने उसी दिन उसे मंज़ूरी दे दी.

केंद्र के टीका समिति के प्रमुख ने कहा, अच्छी गुणवत्ता न होने के चलते हुई कोवैक्सीन की कमी

टीकाकरण सलाहकार समिति के प्रमुख एनके अरोड़ा ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में कोवैक्सीन का उत्पादन कई गुना बढ़ेगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैक्सीन की जो खेप अच्छी गुणवत्ता की नहीं थी, उसे टीकाकरण के लिए नहीं भेजा गया था.

भ्रष्टाचार के आरोप के बाद भारत बायोटेक ने ब्राज़ील की कंपनियों के साथ क़रार रद्द किया

भारत बायोटेक ने ब्राज़ील के बाज़ार में कोवैक्सीन की बिक्री के लिए दवा निर्माता कंपनी प्रेसीसा मेडिकामेंटॉस और एनविक्सिया फार्मेस्यूटिकल्स लिमिटेड के साथ 20 नवंबर, 2020 को समझौता किया था. इसे लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद वहां के प्रशासन ने जांच शुरू की है.

कोविड टीकाकरण में आई 60 फीसदी की कमी, कई राज्यों ने कहा- नहीं बचीं खुराक

साल के अंत तक सभी भारतीय वयस्कों को पूरी तरह से कोविड टीका लगाने की केंद्र की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए हर दिन कम से कम अस्सी लाख खुराक दी जानी है. हालांकि, खुराक की कमी के कारण कई राज्यों को टीकाकरण केंद्रों को बंद करना पड़ा है.

कोवैक्सीन भ्रष्टाचार: कोर्ट ने ब्राज़ील के राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ जांच की मंज़ूरी दी

ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के ख़िलाफ़ भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके ‘कोवैक्सीन’ संबंधी एक सौदे में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कथित रूप से कार्रवाई नहीं करने का आरोप है. ब्राज़ील के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को देशभर में बोल्सोनारो के ख़िलाफ़ महाभियोग चलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं.

भारत में आपात उपयोग के लिए सिप्ला को मॉडर्ना के कोविड टीके की मंज़ूरी मिली

अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना का टीका भारत में कोविड-19 के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने वाली चौथी वैक्सीन है. सिप्ला ने भारतीय औषधि नियामक से अमेरिकी फार्मा कंपनी की ओर से कोविड वैक्सीन के वितरण की वैश्विक पहल कोवैक्स के तहत इन टीकों के आयात और विपणन का अधिकार देने का अनुरोध किया था.

हाईकोर्ट ने केंद्र से पूछा- कौवैक्सीन की वैश्विक मान्यता सुनिश्चित करने के लिए क्या क़दम उठाए

भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोवैक्सीन को भारत में तीन जनवरी 2021 को मंज़ूरी दी गई थी, जिसके बाद यह देश की दो सबसे प्रमुख वैक्सीन में से एक बन गई थी. लेकिन कुछ ख़बरें आई थीं कि जिन भारतीयों ने कोवैक्सीन की खुराक ली हैं, उन्हें विदेश यात्रा करने में परेशानी आ रही है, क्योंकि इस टीके को वैश्विक स्तर पर मान्यता नहीं मिली है.

कोवैक्सीन में बछड़े के सीरम के बारे में सोशल मीडिया पर तथ्य तोड़-मरोड़ कर पेश किए गए: केंद्र

कांग्रेस नेता गौरव पांधी ने एक आरटीआई के जवाब में मिले दस्तावेज़ को साझा करते हुए कोवैक्सीन में गाय के बछड़े के सीरम का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया था. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि नवजात बछड़े के सीरम का इस्तेमाल केवल वेरो कोशिकाएं तैयार करने और उनके विकास के लिए ही किया जाता है. वैक्सीन के अंतिम रूप में बछड़े का सीरम बिल्कुल नहीं होता.