Bharat Ratna

बाबा राम देव और मदर टेरेसा (फोटो: पीटीआई और रॉयटर्स)

रामदेव ने कहा, ‘मदर टेरेसा ईसाई थीं, इसलिए उन्हें भारत रत्न दिया गया’

रामदेव ने भारत रत्न सम्मान में किसी भी हिंदू संत को शामिल नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक भगवाधारी सन्यासी को भी शीर्ष सम्मान से नवाज़ा जाना चाहिए.

नानाजी देशमुख, प्रणब मुखर्जी, भूपेन हज़ारिका. (फोटो साभार: पीटीआई/विकिपीडिया)

प्रणब मुखर्जी, संघ विचारक नानाजी देशमुख, संगीतकार भूपेन हज़ारिका को भारत रत्न

संघ विचारक नानाजी देशमुख और संगीतकार भूपेन हज़ारिका को मरणोपरांत यह सम्मान दिया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई.

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (फोटो: पीटीआई)

पार्टी ने अलका लांबा से इस्तीफा नहीं मांगा है, न ही कोई इस्तीफ़ा हुआ है: मनीष सिसोदिया

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को मिले ‘भारत रत्न’ वापस लेने की मांग वाला एक प्रस्ताव कथित तौर पर दिल्ली विधानसभा में पारित होने के बाद आम आदमी पार्टी में विवाद शुरू हो गया है.

भारतीय बल्लेबाज़ विराट कोहली. (फोटो: रॉयटर्स)

अगर दूसरे देशों के क्रिकेटर पसंद हैं तो आपको भारत में नहीं रहना चाहिए: विराट कोहली

सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने लिखा कि उन्हें भारतीयों से ज़्यादा अंग्रेज़ और आॅस्ट्रेलियाई ​क्रिकेट खिलाड़ी पसंद हैं और विराट कोहली एक ओवररेटेड बल्लेबाज़ हैं.

Bismillah Khan Pinerest

उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ान: भारतीय संगीत का संत कबीर

पुण्यतिथि विशेष: उस्ताद ऐसे बनारसी थे जो गंगा में वज़ू करके नमाज़ पढ़ते थे और सरस्वती को याद कर शहनाई की तान छेड़ते थे. इस्लाम में संगीत के हराम होने के सवाल पर हंसकर कहते थे, ‘क्या हुआ इस्लाम में संगीत की मनाही है, क़ुरान की शुरुआत तो ‘बिस्मिल्लाह’ से ही होती है.’

Major Dhyanchand

हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को भारत रत्न देने से क्यों कतरा रही हैं सरकारें?

सचिन तेंदुलकर को महज़ 24 घंटे के अंदर भारत रत्न देने का फैसला लेने वाली सरकारें चार बार सिफारिश के बावजूद मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने का मन अब तक नहीं बना पाई हैं.

Kamarajar The King Maker - Very Rare Photo Collection Part III (13)

‘वो नेता जो मानता था जिसे हिंदी और अंग्रेज़ी न आती हो, उसे इस देश का पीएम नहीं बनना चाहिए’

जन्मदिन विशेष: स्वतंत्रता सेनानी, गांधीवादी, तीन बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष रहे के. कामराज को स्वतंत्र भारत की राजनीति का पहला ‘किंगमेकर’ माना जाता है.