Bhopal Memorial Hospital and Research Centre

गैस पीड़ितों के लिए बना सबसे बड़ा अस्पताल भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर. (फोटो: दीपक गोस्वामी)

भोपाल गैस पीड़ितों के लिए बने अस्पताल के 15 में से 14 डॉक्टरों ने दिया इस्तीफ़ा

भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से इस्तीफ़ा देने वाले डॉक्टर प्रमोशन नही मिलने से नाराज़ हैं. अस्पताल की निदेशक ने कहा कि डॉक्टरों की मांग पर ग़ौर किया जा रहा है.

उचित मुआवज़े की मांग को लेकर भोपाल गैस कांड के पीड़ित मुहिम चला रहे हैं कि जो मुआवज़ा देने का आश्वासन शपथ पत्र देगा वही हमारा वोट लेगा.

भोपाल गैस कांड और उसके लाखों पीड़ित मध्य प्रदेश में चुनावी मुद्दा क्यों नहीं हैं?

ग्राउंड रिपोर्ट: भोपाल में यूनियन कार्बाइड का कचरा भूजल के रास्ते शहर की ज़मीन में ज़हर घोल रहा है. लाखों लोगों की ज़िंदगी दांव पर लगी है लेकिन प्रदेश की राजनीति में मुख्य मुक़ाबले में रहने वाले दोनों दल- भाजपा और कांग्रेस ने गैस पीड़ितों को लेकर चुप्पी साध रखी है.

(फाइल फोटो: पीटीआई)

भोपाल गैस त्रासदी: 3 दशक बाद भी शहर के भूजल में मौजूद है रासायनिक ज़हर

यूनियन कार्बाइड को औपचारिक रूप से तो ख़त्म मान लिया गया, लेकिन जो ज़हर इस कारखाने ने भोपाल की ज़मीन में बोया, वो अब इस शहर की अगली नस्ल को अपनी चपेट में ले रहा है.

गैस पीड़ितों के लिए बना सबसे बड़ा अस्पताल भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर. (फोटो: दीपक गोस्वामी)

भोपाल गैस त्रासदी: गैस पीड़ितों के सबसे बड़े अस्पताल में डॉक्टर काम क्यों नहीं करना चाहते?

भोपाल के तमाम गैस राहत अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी सालों से बनी हुई है.

भोपाल गैस त्रासदी की याद में बना स्मारक.

भोपाल गैस त्रासदी: हर सुबह सामने खड़ा यूनियन कार्बाइड उनके ज़ख़्मों को हरा कर देता है

त्रासदी के तीन दशक से ज़्यादा बीत जाने के बाद भी यूनियन कार्बाइड में दफ़न ज़हरीले कचरे के निष्पादन के लिए न तो केंद्र सरकार और न ही मध्य प्रदेश सरकार ने कोई नीति बनाई है.