Bihar

बच्चे के शव को कंधे पर लादकर ले जाता पिता. (फोटो साभार: वीडियो ग्रैब/एएनआई)

बिहार: नहीं मिली सरकारी एम्बुलेंस, अस्पताल से बच्चे का शव कंधे पर लेकर गए पिता

मामला बिहार के नालंदा जिला का है. आठ वर्षीय बच्चे के पिता का आरोप है कि वह अपने मृत बच्चे को ले जाने के लिए एम्बुलेंस के लिए अस्पताल में चक्कर लगाते रहे लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराए जाने पर उन्हें मजबूरन अपने बेटे का शव कंधे पर लादकर घर ले जाना पड़ा.

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नीतीश सरकार ने चमकी बुखार पर शोध, जागरूकता, पुनर्वास के लिए कोई फंड नहीं मांगा

चमकी बुखार या एईएस से बिहार में अब तक क़रीब 150 बच्चों की मौत हो चुकी है. एईएस से निपटने के लिए बिहार सरकार की लापरवाही का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 2019-20 के तहत इस पर शोध, पीड़ितों का पुनर्वास और लोगों को जागरूक करने के लिए किसी फंड की मांग नहीं की.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

स्वास्थ्य के लिहाज़ से बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में हालात और बिगड़े: नीति आयोग

नीति आयोग द्वारा राज्यों का स्वास्थ्य सूचकांक जारी किया गया. इसमें बड़े राज्यों में बिहार सबसे निचले पायदान पर रहा जबकि केरल शीर्ष पर है.

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मीडिया बोल: मुज़फ़्फ़रपुर की मौतें, सत्ता की बेफ़िक्री और मीडिया का मिजाज़

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में चमकी बुखार से हो रही बच्चों की मौतों पर सरकार की बेफ़िक्री और मेनस्ट्रीम मीडिया की स्तरहीन पत्रकारिता पर जेएनयू के प्रोफेसर डॉ. विकास बाजपेयी और वरिष्ठ पत्रकार बिराज स्वैन से चर्चा कर रहें हैं वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश.

बिहार के हरिवंशपुर गांव में गिरफ्तार किए गए लोगों के रिश्तेदार. (फोटो साभार: एएनआई)

बिहार: चमकी बुखार से बच्चों की मौत के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करने वाले 39 लोगों पर केस दर्ज

बीते 18 जून को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मुज़फ्फ़रपुर दौरे पर जाने के दौरान हरिवंशपुर गांव के लोगों ने चमकी बुखार से बच्चों की मौत और पानी की कमी को लेकर सड़क का घेराव किया था, जिसके चलते पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. नामजदों में क़रीब आधे दर्जन वे लोग हैं जिनके बच्चों की मौत चमकी बुखार से हुई है.

Muzaffarpur: People take part in a candle light march to protest against the death of children due to Acute Encephalitis Syndrome (AES), in Muzaffarpur, Sunday, June 23, 2019. (PTI Photo) (PTI6_23_2019_000113B)

चमकी बुखार: अगर नीतीश सरकार ने समय रहते तैयारी की होती, तो बच्चों की जानें बच सकती थीं

ग्राउंड रिपोर्ट: मुज़फ़्फ़रपुर और आस-पास के जिलों में चमकी बुखार का प्रकोप अप्रैल से शुरू होता है और जून के महीने तक मानसून आने तक बना रहता है. इस लिहाज़ से लोगों को जागरूक करने के लिए और अन्य आवश्यक तैयारियां जनवरी माह से शुरू हो जानी चाहिए थीं लेकिन गांवों में जाने पर जागरूकता अभियान के कोई चिह्न दिखाई नहीं देते.

एईएस बीमारी से अब तक करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है.

चमकी बुखार से प्रभावित करीब 75 फीसदी परिवार गरीबी रेखा के नीचे हैं: रिपोर्ट

बिहार सरकार द्वारा कराए गए सर्वे में ये जानकारी सामने आई है. राज्य में एईएस या चमकी बुखार से अब तक 130 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है.

फोटो: पीटीआई

इंसेफलाइटिस से बच्चों की मौत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, बिहार सरकार को नोटिस जारी किया

कोर्ट ने कहा कि राज्य और केंद्र दोनों सात दिन के भीतर हलफनामा दाखिल कर बताएं कि उन्होंने इंसेफलाइटिस से हो रहे बच्चों की मौत को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं.

Muzaffarpur: Children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) being treated at a hospital in Muzaffarpur, Saturday, June 15, 2019. Four more children died Friday in Bihar's Muzaffarpur district reeling under an outbreak of brain fever, taking the toll to 57 this month (PTI Photo)(PTI6_15_2019_000045B)

क्यों 25 साल बाद भी हमें नहीं पता कि बच्चों को चमकी बुखार से कैसे बचाया जाए?

वर्ष 1995 में बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में यह एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम का पहला मामला सामने आने के बाद 25 साल गुज़र गए, इसके बाद भी इस बीमारी के सही कारणों और निदान का पता नहीं चल पाया है.

बिहार के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पीछे पड़े कंकाल. (फोटो साभार: एएनआई)

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर में अस्पताल के पीछे मिले मानव कंकाल

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर स्थित जिस अस्पताल के पीछे मानव कंकाल मिले हैं, वहां एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से अभी तक 108 बच्चों की मौत हो चुकी है. बिहार में चमकी बुखार से अभी तक करीब 139 बच्चों की मौत हो चुकी है.

Muzaffarpur: A view of an over-crowded ward with children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) as they undergo treatment at a hospital, in Muzaffarpur, Monday, June 17, 2019. The death toll rose to 100 in Muzaffarpur and the adjoining districts in Bihar. (PTI Photo) (PTI6_17_2019_000139B)

बिहार: एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से अब त​क 136 की मौत, 16 जिलों में फैला

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर ज़िले में सबसे अधिक अब तक 117 की मौत हुई है. इसके अलावा भागलपुर, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सीतामढ़ी और समस्तीपुर से मौतों के मामले सामने आए हैं.

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बिहार में बच्चों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

वीडियो: बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से 100 से ज़्यादा बच्चों की मौत पर चर्चा कर रही हैं आरफ़ा ख़ानम शेरवानी.

Muzaffarpur: Children showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) undergoing treatment at Sri Krishna Medical College and Hospital (SKMCH), in Muzaffarpur, Monday, June 17, 2019. (PTI Photo)(PTI6_17_2019_000049B)

बिहार: इंसेफलाइटिस से मरने वाले बच्चों की संख्या 115 हुई, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और अश्विनी कुमार चौबे और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उनके ख़िलाफ़ मुज़फ़्फ़रपुर की एक अदालत में शिकायत दर्ज कराई गई है.

Muzaffarpur: A woman carrying a child showing symptoms of Acute Encephalitis Syndrome (AES) arrives at Shri Krishna Medical College and hospital for treatment, in Muzaffarpur, Sunday, June 16, 2019. With one more death of a child on Sunday morning, the death toll in the district rose to 83 this month. (PTI Photo) (PTI6_16_2019_000043B)

साल दर साल काल के गाल में समाते बच्चे और गाल बजाते नेता

सोमवार को मुज़फ़्फ़रपुर दौरे पर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कई योजनाओं की घोषणा की, तो उन्हें 2014 में की गई घोषणाओं के बारे में ध्यान दिलाया गया, जिस पर वह असहज हो गए. दरअसल वे पांच साल पूर्व की गई अपनी ही घोषणाएं फिर से दोहरा रहे थे जो अब तक या तो अमल में ही नहीं आ सकी हैं या आधी-अधूरी हैं.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar attends the foundation stone laying ceremony of 'Multipurpose Prakash Kendra and Udyan' at the campus of Guru Ka Bagh in Patna, Sunday, Sept 9, 2018. (PTI Photo)(PTI9_9_2018_000102B)

मुज़फ़्फ़रपुर में बच्चों की मौत के बाद जायजा लेने गए सीएम नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी

इंसेफलाइटिस की चपेट में आकर बच्चों की मौत के मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के ख़िलाफ़ परिवाद दायर. बिहार में अब तक तकरीबन 120 बच्चों की मौत इंसेफलाइटिस से हो चुकी है.

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क्या है चमकी बुखार, जिसने बिहार में ली सैकड़ों बच्चों की जान

एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम या दिमागी बुख़ार का दायरा बहुत विस्तृत है, जिसमें अनेक संक्रमण शामिल होते हैं और यह बच्चों को प्रभावित करता है. बिहार में पिछले 20 दिनों में इसके 350 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें क़रीब 120 बच्चों की मौत हो चुकी है.

(फोटो: पीटीआई)

बिहार में बच्चों की मौत पर मानवाधिकार आयोग का स्वास्थ्य मंत्रालय, बिहार सरकार को नोटिस

आयोग ने इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए जापानी इंसेफलाइटिस वायरस, एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को लागू करने की स्थिति पर भी रिपोर्ट मांगी है.

एईएस बीमारी से अब तक करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है.

बिहार में ‘अज्ञात बुखार’ से करीब 120 बच्चों की मौत, कटघरे में स्वास्थ्य व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, साल 2014 में इस बीमारी के कारण 86 बच्चों की मौत हुई थी. जबकि 2015 में 11, साल 2016 में चार, साल 2017 में चार और साल 2018 में 11 बच्चों की मौत हुई थी.

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय. (फोटो साभार: फेसबुक)

मुज़फ़्फ़रपुर: बच्चों की मौतों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री पूछते नजर आए कितने विकेट गिरे

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में बीते रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे भी मौजूद थे. इसी दिन भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट वर्ल्ड कप का मैच था.

रूपेश कुमार सिंह. (फोटो साभार: फेसबुक)

बिहार: क्या पुलिस ने फ़र्ज़ी मामला बनाकर पत्रकार रूपेश को गिरफ़्तार किया?

बीते ​छह जून को बिहार की गया पुलिस ने तीन नक्सलियों को जिलेटिन स्टिक और इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर के साथ गिरफ़्तार करने का दावा किया था.

Summer Heat Wave Reuters

बिहार: लू की वजह से 78 लोगों की मौत, गया ज़िले में धारा 144 लागू

भीषण गर्मी को देखते हुए बिहार के सभी ज़िलों में सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों आगामी 22 जून तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं.

बिहार के गया जिले में स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में लू की चपेट में आने वालों का इलाज चल रहा है. (फोटो साभार: एएनआई)

बिहार: पिछले 24 घंटे में लू लगने से 48 लोगों की मौत, 100 से अधिक अस्पताल में भर्ती

पिछले 24 घंटे में बिहार के औरंगाबाद जिले में 27, गया में 17 और नवादा में चार लोगों की मौत लू लगने से हुई है. वहीं, औरंगाबाद जिले के विभिन्न अस्पतालों में 40 से अधिक लोगों का इलाज चल रहा है.

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बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर में दिमागी बुखार सहित अज्ञात बीमारी से अब तक 84 बच्चों की मौत

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रत्येक मृतक के परिजन को चार-चार लाख रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा की है.

Bihar Muzaffarpur Photo Umesh Featured

बिहार: बीते पंद्रह दिनों में हुई तक़रीबन 60 बच्चों की मौत का ज़िम्मेदार कौन?

ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार के मुज़फ्फरपुर में अब तक ‘अज्ञात बुखार’ के चलते करीब 60 बच्चों की मौत हो चुकी है और सैंकड़ों बच्चे इससे पीड़ित हैं.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

बिहार: मस्तिष्क ज्वर सहित अज्ञात बीमारी से अब तक 26 बच्चों की मौत

बिहार के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि मस्तिष्क ज्वर के प्रदेश में कुल 48 मामले प्रकाश में आए हैं. इसमें कुल 11 बच्चों की मौत होने की बात प्रकाश में आई है जिनमें से 10 हाइपोग्लाइसिमिया (रक्त में शर्करा की कमी) के मामले शामिल हैं.

Forbesganj: Prime Minister Narendra Modi and Bihar Chief Minister and Janta Dal United President Nitish Kumar during an election rally at Araria lok sabha constituency, in Forbesganj, Saturday, April 20, 2019. (PTI Photo) (PTI4_20_2019_000016B)

क्या नीतीश कुमार फिर एनडीए से अलग होने की तैयारी कर रहे हैं?

उचित प्रतिनिधित्व न मिलने के कारण नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने से जदयू के इनकार और बिहार राज्य कैबिनेट विस्तार में किसी भाजपा नेता को जगह न देने के सियासी घटनाक्रम को दोनों पार्टियों के बीच बढ़ती खटास के तौर पर देखा जा रहा है.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar addresses the annual day function of Magadh Mahila College in Patna, Friday, January 25, 2019. (PTI Photo) (PTI1_25_2019_000070B)

‘सांकेतिक प्रतिनिधित्व’ मिलने से नाराज़ जदयू मोदी मंत्रिमंडल में नहीं हुई शामिल

जदयू के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मोदी मंत्रिमंडल में सांकेतिक रूप से शामिल होने के न्योते को लेकर उनकी पार्टी ने सहमति नहीं दी. उन्होंने कहा कि कोई नाराज़गी नहीं है. हम सब राजग के साथ हैं और रहेंगे.

Begusarai

बिहार: बेगूसराय में नाम पूछकर मुस्लिम युवक को मारी गोली, कहा- पाकिस्तान चले जाओ

बेगूसराय के पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार ने कहा कि युवक ने नामजद एफआईआर दर्ज कराई है. हम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रहे हैं.

गिरिराज सिंह और कन्हैया कुमार. (फोटो: पीटीआई)

बेगूसराय सीट से हारे कन्हैया कुमार, गिरिराज सिंह 4 लाख से अधिक मतों से जीते

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: गिरिराज सिंह को बेगूसराय में डाले गए कुल 12.17 लाख मतों में से 6.88 लाख वोट मिले, वहीं जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे कन्हैया कुमार को कुल 2.68 लाख वोट मिले. 1.97 लाख वोटों के साथ राजद नेता और महागठबंधन उम्मीदवार तनवीर हसन तीसरे स्थान पर रहे.

राहुल गांधी और स्मृति ईरानी. (फोटो: पीटीआई)

अमेठी में राहुल गांधी ने हार स्वीकारी, स्मृति ईरानी को दी बधाई

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: कांग्रेस की परंपरागत सीटों में से एक अमेठी में भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से 35 हज़ार वोट से आगे चल रही हैं.

Kolkata: BJP supporters show victory sign as they celecbrate their party's lead in the Lok Sabha elections, at BJP office, in Kolkata, Thursday, May 23, 2019. (PTI Photo/Ashok Bhaumik) (PTI5_23_2019_000073B)

उत्तर प्रदेश: लोकसभा की 80 में से 58 सीटों पर भाजपा आगे, 20 पर महागठबंधन को बढ़त

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: 2014 में उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 73 सीटें भाजपा और उसके सहयोगी दलों को मिली थींं.

Ravi Shankar Prasad Shatrughan Sinha PTI Twitter

पटना साहिब सीट: भाजपा के रविशंकर प्रसाद 2.72 लाख वोटों से आगे, शत्रुघ्न सिन्हा पिछड़े

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: बिहार की राजधानी की पटना साहिब सीट पर कांग्रेस के शत्रुघ्न सिन्हा और भाजपा के रविशंकर प्रसाद के बीच सीधा मुक़ाबला है. लंबे समय तक भाजपा में रहे सिन्हा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल में हुए थे.

वैभव गहलोत. (फोटो साभार: फेसबुक)

राजस्थान: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत से दो लाख वोटों से पीछे

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: राजस्थान के जोधपुर में 2014 के लोकसभा चुनाव में गजेंद्र सिंह शेखावत ने 4.10 लाख वोट से जीत हासिल की थी. हालांकि, चार माह पहले हुए विधानसभा चुनाव में जोधपुर संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभा सीट में से कांग्रेस ने 6 पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा के खाते में महज दो सीट ही आ पाई थी.

मध्य प्रदेश में मतगणना केंद्र पर एक साथ बैठे दिग्विजय सिंह और प्रज्ञा ठाकुर. (फोटो साभार: एएनआई)

मध्य प्रदेश: भोपाल सीट से प्रज्ञा ठाकुर 3,23,000 वोटों से आगे

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: प्रज्ञा ठाकुर के निर्णायक बढ़त लेने के बाद दिग्विजय सिंह ने अपनी हार स्वीकार कर ली. उन्होंने कहा कि मैं जनादेश को स्वीकार करता हूं.

Amritsar: A kitemaker displays customised kites made ahead of the Lok Sabha elections results 2019, in Amritsar, Wednesday, May 22, 2019. (PTI Photo) (PTI5_22_2019_000072B)

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: रुझानों में एनडीए को बहुमत के आसार, 100 सीटों के पार जाएगी यूपीए

प्रमुख उम्मीदवारों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से आगे चल रहे हैं जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केरल के वायनाड सीट से आगे चल रहे हैं. हालांकि राहुल गांधी अपनी पारंपरिक सीट अमेठी से पीछे चल रहे हैं जहां उनका मुकाबला केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से है.

सीपीआई नेता फागो तांती

क्या राजनीतिक कारणों से हुई सीपीआई नेता फागो तांती की हत्या?

सीपीआई नेता फागो तांती ने बेगूसराय से सीपीआई प्रत्याशी कन्हैया कुमार का प्रचार भी किया था. सीपीआई नेता और पूर्व विधायक अवधेश राय ने हत्या के पीछे भाजपा का हाथ होने की आशंका ज़ाहिर की है, हालांकि भाजपा ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

Chennai: Workers carry boxes containing Electronic Voting Machines (EVM) and Voter Verified Paper Audit Trail machines (VVPATs) at a distribution centre, ahead of the second phase of the 2019 Lok Sabha elections, at Nandhanam Arts College in Chennai, Wednesday, April 17, 2019. (PTI Photo/R Senthil Kumar)(PTI4_17_2019_000108B)

यूपी-बिहार में कई जगहों पर ईवीएम की संदिग्ध आवाजाही पर उठे सवाल, चुनाव आयोग ने ख़ारिज किया आरोप

उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर, चंदौली, डुमरियागंज, मऊ के साथ बिहार के सारण और महाराजगंज में ईवीएम की संदिग्ध आवाजाही का आरोप लगाया गया है. चुनाव आयोग ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि सभी मामलों को सुलझा लिया गया है.