Bombay Highcourt

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णनवीस. (फोटो: पीटीआई)

झूठे चुनावी हलफनामा मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने देवेंद्र फड़णवीस की याचिका खारिज की

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस पर 2014 के चुनावी हलफनामे में कथित रूप से अपने खिलाफ लंबित दो आपराधिक मामलों की जानकारी नहीं देने का आरोप है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 2019 में फड़णवीस के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया था.

Mumbai: Dalit groups protesting at Thane railway station during the Maharashtra Bandh on Wednesday following clashes between two groups in Bhima Koregaon near Pune, in Mumbai. PTI Photo(PTI1_3_2018_000115B)

भीमा-कोरेगांव: एनसीपी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाने की मांग की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लिखे पत्र में एनसीपी नेता और विधायक धनंजय मुंडे ने दावा किया कि राज्य की पिछली देवेंद्र फड़णवीस सरकार ने सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत भीमा-कोरेगांव घटनाक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ ‘झूठे’ मामले दर्ज किए थे.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस. (फोटो: पीटीआई)

झूठे चुनावी हलफ़नामे पर फड़णवीस को मिली क्लीनचिट सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की, चलेगा मुक़दमा

शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस को उनके ख़िलाफ़ आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए और राजनीति छोड़ देनी चाहिए.

बॉम्बे हाई कोर्ट (फोटो : पीटीआई)

भीमा कोरेगांव: बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोंसाल्विस से पूछा, ‘आपने घर पर ‘वार एंड पीस’ किताब क्यों रखी थी?’

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एल्गार परिषद-भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी वर्णन गोंसाल्विस और अन्य की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ‘वार एंड पीस’ जैसी किताबें राज्य के खिलाफ सामग्री की ओर इशारा करते हैं. ‘वार एंड पीस’ रूस के प्रसिद्ध लेखक लियो टॉल्सटॉय का उपन्यास है.

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दूसरी शादी से पैदा हुआ बच्चा अनुकंपा नियुक्ति का हक़दार: कर्नाटक उच्च न्यायालय

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बेंगलुरु विकास प्राधिकरण के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसके तहत एक व्यक्ति की अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति इसलिए ख़ारिज कर दी गई थी क्योंकि आवेदक मृतक कर्मचारी की दूसरी शादी से पैदा हुआ था.

गोविंद पानसरे (फोटो: पीटीआई)

गोविंद पानसरे हत्या मामले की जांच से कोर्ट नाराज़, कहा- सरकार हंसी की पात्र बन गई है

बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र जैसे प्रगतिशील राज्य को अपने विचारकों और तर्कवादियों पर गर्व महसूस करना चाहिए.

वकील और सामाजिक कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज. (फोटो: द वायर)

माओवादियों से संबंध के आरोप में गिरफ़्तार वकील सुधा भारद्वाज को मिला हार्वर्ड से सम्मान

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ़्तारी के सात महीने बाद सुधा भारद्वाज को हार्वर्ड लॉ स्कूल की एक पोर्ट्रेट एक्ज़िबिट में जगह मिली है. कॉलेज द्वारा यह सम्मान दुनिया भर से क़ानून के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को दिया जाता है.

सुप्रीम कोर्ट (फोटो: पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने 16 साल से जेल में बंद छह लोगों को 10 साल बाद ठहराया बेगुनाह

सुप्रीम कोर्ट ने एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या और महिला एवं उसकी बेटी से बलात्कार के मामले में अपने दस साल पुराने फैसले को पलटा. कोर्ट ने कहा कि जेल में बंद लोग घुमंतू समुदाय से थे और उनको गलत तरीफे से फंसाया गया था.

माओवादियों से संबंध और प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश के आरोप में गिरफ्तार किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर धावले, सुरेंद्र गाडलिंग, शोमा सेन महेश राउत और रोना विल्सन (बाएं से दाएं)

भीमा-कोरेगांव हिंसा: सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की चार्जशीट में देरी को स्वीकारा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को चार्जशीट दायर करने के लिए अतिरिक्त समय देने से इनकार किया था. शीर्ष अदालत ने उसे ख़ारिज कर दिया और कहा कि अब जब चार्जशीट दायर हो चुकी है, तो मामले में गिरफ़्तार पांच कार्यकर्ता नियमित ज़मानत की मांग कर सकते हैं.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

भीमा-कोरेगांवः सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की गिरफ्तारी पर रोक 22 फरवरी तक बढ़ी

एल्गार परिषद/भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में बॉम्बे उच्च न्यायालय ने तेलतुम्बड़े को 14 और 18 फरवरी को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने का आदेश दिया.

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अपूर्वानंद की मास्टरक्लास: क्यों आनंद तेलतुम्बड़े की आज़ादी ज़रूरी है

आज की मास्टर क्लास में अपूर्वानंद सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की संभावित गिरफ़्तारी पर चर्चा कर रहे हैं.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

भीमा-कोरेगांवः सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की गिरफ्तारी पर 12 फरवरी तक रोक

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने आनंद तेलतुम्बड़े की अग्रिम ज़मानत संबंधी याचिका पर सुनवाई 11 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

अदालत ने आनंद तेलतुम्बड़े की गिरफ़्तारी को ग़ैरक़ानूनी कहा, रिहा करने का आदेश

पुणे पुलिस ने भीमा-कोरेगांव हिंसा और माओवादियों से कथित संबंधों के आरोप में सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम सुरक्षा के बावजूद शनिवार को आनंद तेलतुम्बड़े को गिरफ्तार कर लिया था.

आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: फेसबुक)

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गिरफ़्तारी से सुरक्षा मिलने पर भी आनंद तेलतुम्बड़े गिरफ़्तार

भीमा-कोरेगांव हिंसा में कथित भूमिका और माओवादियों से कथित संबंधों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीते 14 जनवरी को दलित शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की गिरफ़्तारी से अंतरिम सुरक्षा की अवधि चार सप्ताह और बढ़ा दी थी.

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े. (फोटो साभार: ट्विटर)

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े की अग्रिम ज़मानत याचिका पुणे की अदालत ने ख़ारिज की

सामाजिक कार्यकर्ता आनंद तेलतुम्बड़े को एल्गार परिषद/भीमा-कोरेगांव हिंसा में कथित भूमिका और माओवादियों से कथित संबंधों के मामले में आरोपी बनाया गया है.