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भारत में किसान आंदोलन पर चर्चा करते ब्रिटिश सांसद. (फोटो: ट्विटर/@TanDhesi)

ब्रिटिश सांसदों ने किसान आंदोलन- शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार संबंधी चर्चा की, भारत ने नाराज़गी जताई

भारत में तीन कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे किसान आंदोलन के बीच ब्रिटिश सांसदों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और प्रेस की आज़ादी को लेकर एक लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली ‘ई-याचिका’ पर चर्चा की. भारत ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि इस ‘एकतरफा चर्चा में झूठे दावे’ किए गए.

बोरिस जॉनसन. (फोटो: रॉयटर्स)

ब्रिटेन में सामने आया कोरोना वायरस का नया स्वरूप अधिक घातक: बोरिस जॉनसन

ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि पिछले वर्ष के अंत में ब्रिटेन में सामने आए कोरोना वायरस के नए स्वरूप के बारे में जो शुरुआती साक्ष्य मिले हैं, उनसे पता चला है कि वायरस का यह स्वरूप कहीं अधिक घातक हो सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि देश में लगाए जा रहे दो तरह के टीके वायरस के सभी स्वरूपों के लिहाज़ से प्रभावी हैं.

Indian Army's Arjun MK-I tanks (MBTs) are driven for display during the Republic Day parade in New Delhi January 26, 2014. India celebrated its 65th Republic Day on Sunday. REUTERS/Adnan Abidi (INDIA - Tags: MILITARY ANNIVERSARY POLITICS)

क़रीब पांच दशक में पहली बार गणतंत्र दिवस पर कोई विदेशी शासनाध्यक्ष मुख्य अतिथि नहीं होगा

भारत ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया था. जॉनसन ने इस आमंत्रण को बड़े सम्मान की बात कहकर स्वीकार किया था, हालांकि कोविड-19 के नए स्वरूप के फैलने के कारण बीते पांच जनवरी को उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी थी.

बोरिस जॉनसन. (फोटो: रॉयटर्स)

कोरोना संकट के कारण ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने भारत में गणतंत्र दिवस का दौरा रद्द किया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के लिए मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था. कोरोना वायरस के नए स्वरूप का संक्रमण तेज़ी से फैलने के बाद ब्रिटेन में नए सिरे लॉकडाउन की घोषणा की गई है.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन. (फोटो: रॉयटर्स )

ब्रिटेन: कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के चलते राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा

कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के चलते ब्रिटेन में यह महामारी और भी ख़तरनाक रूप ले चुकी है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने मार्च 2020 में लगाए लॉकडाउन की तरह ही संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है, जिसमें फरवरी माह के मध्य तक स्कूल और कारोबार बंद रहेंगे.

(फोटो: पीटीआई)

ब्रिटेन से लौटे 14 और लोग वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित, कुल मामले बढ़कर 20 हुए

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ब्रिटेन से भारत लौटे कुल 20 लोग सार्स-सीओवी-2 के नए स्वरूप से संक्रमित पाए गए हैं. नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि भारत- ब्रिटेन के बीच विमान सेवाएं सात जनवरी तक स्थगित रहेंगी, जिसके बाद कड़े नियमों के तहत इनका संचालन किया जाएगा.

Hyderabad: Airport staff waits for the arrival of US nationals to board a special relief flight, on their way to their country, at Rajiv Gandhi International Airport in Hyderabad, Tuesday, April 7, 2020. These passengers were stranded at various places due to the coronavirus lockdown. (PTI Photo) (PTI07-04-2020_000191B)

ब्रिटेन से भारत लौटे छह लोगों में कोरोना वायरस का नया स्वरूप पाया गया

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि राज्य सरकारों ने इन सभी लोगों को चिह्नित स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में क्वारंटीन कर दिया है और उनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटीन किया गया है.

London buses pass a public health information message as new restrictions come into force Photograph: Toby Melville/Reuters

ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया प्रकार मिला, भारत समेत कई देशों ने उड़ानों पर लगाई रोक

ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए प्रकार का पता चलने के बाद सोमवार को श्रेणी-4 के सख्त लॉकडाउन को लागू कर सभी अनावश्यक यात्राओं और कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. भारत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार सतर्क है और घबराने की ज़रूरत नहीं है.

भारत में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में लंदन में प्रदर्शन करते लोग. (फोटो: ट्विटर)

किसान आंदोलन: भारत के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ लंदन में प्रदर्शन, कई गिरफ़्तार

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया. यह विरोध प्रदर्शन विभिन्न दलों के 36 ब्रिटिश सांसदों के एक समूह द्वारा ब्रिटेन के विदेश मंत्री को पत्र लिखने बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह इस बारे में अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर को अवगत कराएं.

New Delhi: Farmers at Singhu border during their ongoing protest march Delhi Chalo against Centres new farm laws, in New Delhi, Sunday, Nov. 29, 2020. (PTI Photo/Atul Yadav)(PTI29-11-2020 000032B)

किसान आंदोलन: यूएन प्रमुख और ब्रिटिश सांसदों ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार

केंद्र सरकार के तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में बीते 26 नवंबर से किसानों का प्रदर्शन जारी है. भारत ने किसान प्रदर्शनों के बारे में दुनियाभर के नेताओं और वैश्विक संस्थाओं की टिप्पणियों को ‘भ्रामक’ और ‘गैर जरूरी’ बताया है और कहा है कि यह एक लोकतांत्रिक देश के आंतरिक मामलों से जुड़ा विषय है.

(फोटो: रॉयटर्स)

ब्रिटेन फाइज़र-बायोएनटेक कंपनी के कोविड-19 टीके को मंज़ूरी देने वाला पहला देश बना

अमेरिकी दवा कंपनी फाइज़र और जर्मन कंपनी बायोएनटेक ने साथ मिलकर कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ फाइज़र-बायोएनटेक टीके को विकसित किया है. वायरस की रोकथाम में इसके 95 फीसदी तक कारगर होने का दावा किया गया है. अगले सप्ताह से समूचे ब्रिटेन में टीका उपलब्ध कराया जाएगा.

लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब. (फोटो: रॉयटर्स)

बेरूत विस्फोट के बाद जनता के ग़ुस्से का सामना कर रही लेबनान सरकार ने इस्तीफ़ा दिया

चार अगस्त को लेबनान की राजधानी बेरूत के एक बंदरगाह पर भयानक विस्फोट हुआ था. इसमें कम से कम 160 लोगों की मौत हुई, जबकि 6,000 से अधिक लोग घायल हो गए थे. साथ ही देश का मुख्य बंदरगाह और शहर का बड़ा हिस्सा बर्बाद हो गया. विस्फोट के बाद लेबनान में पिछले दो दिनों से सरकार विरोधी प्रदर्शन हो रहे थे.

जिम्मी लाय. (फोटो: रॉयटर्स)

हांगकांग: मीडिया उद्यमी जिम्मी लाय चीन के नए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत गिरफ़्तार

लोकप्रिय टेबलॉयड ‘एप्पल डेली’ के मालिक जिम्मी लाय हांगकांग में लोकतंत्र के समर्थन में आवाज़ उठाने वाली प्रमुख हस्ती हैं और लगातार चीन के निरंकुश शासन की आलोचना करते रहे हैं.

लेबनान की राजधानी बेरूत में विस्फोट (फोटोः पीटीआई)

लेबनानः राजधानी बेरूत में भीषण विस्फोट में लगभग 100 लोगों की मौत, चार हज़ार से अधिक घायल

विस्फोट लेबनान की राजधानी बेरूत में एक बंदरगाह में हुआ. ऐसा माना जा रहा है कि बंदरगाह के एक वेयरहाउस में बीते छह साल से रखे अमोनियम नाइट्रेट में धमाका होने से यह घटना हुई. देश में दो सप्ताह के लिए आपातकाल लागू किया गया.

(फोटो: रॉयटर्स)

जातिगत भेदभाव को लेकर कब ख़त्म होगा भारतीयों का दोहरापन

भारतीयों के मन में व्याप्त दोहरापन यही है कि वह ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर होने वाली ज़्यादतियों से उद्वेलित दिखते हैं, पर अपने यहां के संस्थानों में आए दिन दलित-आदिवासी या अल्पसंख्यक छात्रों के साथ होने वाली ज़्यादतियों को सहजबोध का हिस्सा मानकर चलते हैं.